कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड: कोर्ट में नया मोड़, वकील का दावा— ‘शिवम नहीं, ड्राइवर चला रहा था कार’ कानपुर नगर, शहर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है, कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी शिवम मिश्रा के वकील ने पुलिसिया दावों को सिरे से खारिज करते हुए मामले को नया रंग देने की कोशिश की है। जहाँ पुलिस और चश्मदीदों का कहना है कि स्टीयरिंग पर शिवम था, वहीं बचाव पक्ष ने अब 'ड्राइवर थ्योरी' पेश कर दी है, क्या है वकील का नया दावा..? शिवम मिश्रा के वकील धर्मेंद्र सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि जिस वक्त हादसा हुआ, कार शिवम नहीं बल्कि उनका ड्राइवर मोहन लाल चला रहा था। वकील के अनुसार: अचानक बिगड़ी तबीयत: शिवम मिश्रा बगल की सीट पर बैठे थे और उन्हें अचानक चक्कर आ गया। टेंपो ने मारी टक्कर: वकील का दावा है कि गलती कार की नहीं थी, बल्कि एक टेंपो ने लैंबॉर्गिनी को टक्कर मारी, जिसके बाद कार अनियंत्रित होकर बाइक से जा टकराई। शीशा तोड़कर निकाला बाहर: हादसे के बाद कार के दरवाजे ऑटोमैटिक लॉक हो गए थे, जिसके बाद शीशा तोड़कर ड्राइवर और शिवम को बाहर निकाला गया। दिल्ली में चल रहा इलाज: शिवम की हालत गंभीर बताते हुए वकील ने कहा कि वह फिलहाल दिल्ली में अपने पारिवारिक डॉक्टर से इलाज करवा रहे हैं। एक्टिंग या हकीकत? पुलिस के पास पुख्ता सबूत वकील के इन दावों पर पुलिस प्रशासन और जानकारों ने सवाल खड़े किए हैं। पुलिस कमिश्नर के पुराने बयानों और मौके पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से शिवम मिश्रा ही कार चलाते नजर आ रहे हैं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी कहानी सिर्फ सजा से बचने के लिए रची गई एक "पटकथा" मात्र है। वीडियो फुटेज में शिवम को जिस तरह बाहर निकाला गया, उसे लोग अब 'जबरदस्त एक्टिंग' करार दे रहे हैं, मुख्य सवाल जो अब भी बरकरार हैं: अगर ड्राइवर गाड़ी चला रहा था, तो वह मौके से गायब कैसे हो गया..? वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज में शिवम मिश्रा ड्राइविंग सीट पर क्यों दिख रहे हैं, क्या 'मेडिकल इमरजेंसी' का बहाना केवल गिरफ्तारी से बचने के लिए बनाया गया है, संपादकीय टिप्पणी: लग्जरी कारों की रफ़्तार जब कानून को ठेंगा दिखाने लगे, तो न्याय की उम्मीद सबूतों पर टिक जाती है। देखना होगा कि कोर्ट वकील की इस नई 'ड्राइवर वाली दलील' को कितनी गंभीरता से लेता है...??
कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड: कोर्ट में नया मोड़, वकील का दावा— ‘शिवम नहीं, ड्राइवर चला रहा था कार’ कानपुर नगर, शहर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है, कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी शिवम मिश्रा के वकील ने पुलिसिया दावों को सिरे से खारिज करते हुए मामले को नया रंग देने की कोशिश की है। जहाँ पुलिस और चश्मदीदों का कहना है कि स्टीयरिंग पर शिवम था, वहीं बचाव पक्ष ने अब 'ड्राइवर थ्योरी' पेश कर दी है, क्या है वकील का नया दावा..? शिवम मिश्रा के वकील धर्मेंद्र सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि जिस वक्त हादसा हुआ, कार शिवम नहीं बल्कि उनका ड्राइवर मोहन लाल चला रहा था। वकील के अनुसार: अचानक बिगड़ी तबीयत: शिवम मिश्रा बगल की सीट पर बैठे थे और उन्हें अचानक चक्कर आ गया। टेंपो ने मारी टक्कर: वकील का दावा है कि गलती कार की नहीं थी, बल्कि एक टेंपो ने लैंबॉर्गिनी को टक्कर मारी, जिसके बाद कार अनियंत्रित होकर बाइक से जा टकराई। शीशा तोड़कर निकाला बाहर: हादसे के बाद कार के दरवाजे ऑटोमैटिक लॉक हो गए थे, जिसके बाद शीशा तोड़कर ड्राइवर और शिवम को बाहर निकाला गया। दिल्ली में चल रहा इलाज: शिवम की हालत गंभीर बताते हुए वकील ने कहा कि वह फिलहाल दिल्ली में अपने पारिवारिक डॉक्टर से इलाज करवा रहे हैं। एक्टिंग या हकीकत? पुलिस के पास पुख्ता सबूत वकील के इन दावों पर पुलिस प्रशासन और जानकारों ने सवाल खड़े किए हैं। पुलिस कमिश्नर के पुराने बयानों और मौके पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से शिवम मिश्रा ही कार चलाते नजर आ रहे हैं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी कहानी सिर्फ सजा से बचने के लिए रची गई एक "पटकथा" मात्र है। वीडियो फुटेज में शिवम को जिस तरह बाहर निकाला गया, उसे लोग अब 'जबरदस्त एक्टिंग' करार दे रहे हैं, मुख्य सवाल जो अब भी बरकरार हैं: अगर ड्राइवर गाड़ी चला रहा था, तो वह मौके से गायब कैसे हो गया..? वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज में शिवम मिश्रा ड्राइविंग सीट पर क्यों दिख रहे हैं, क्या 'मेडिकल इमरजेंसी' का बहाना केवल गिरफ्तारी से बचने के लिए बनाया गया है, संपादकीय टिप्पणी: लग्जरी कारों की रफ़्तार जब कानून को ठेंगा दिखाने लगे, तो न्याय की उम्मीद सबूतों पर टिक जाती है। देखना होगा कि कोर्ट वकील की इस नई 'ड्राइवर वाली दलील' को कितनी गंभीरता से लेता है...??
- बैंक शाखा: यह घटना कानपुर के पनकी सेक्टर-2 स्थित एचडीएफसी (HDFC) बैंक की है। पनकी (Panki) थाना क्षेत्र के अंतर्गत का मामला कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश कानपुर की एक महिला बैंक कर्मचारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में आस्था सिंह एक व्यक्ति से बहस करती हुई नज़र आ रही हैं। इस विवाद के दौरान वह कह रही हैं कि “मैं ठाकुर हूं।” अब इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आ गया है। जिस व्यक्ति (ऋषि मिश्रा) से आस्था बहस कर रही थीं, उनकी पत्नी ऋतु त्रिपाठी ने अपना पक्ष सोशल मीडिया पर रखा है1
- बैंक कर्मी आस्था सिंह ने खुद को मैं ठाकुर हूँ कहने पर जताया गर्व। आस्था के मुताबिक सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा जो कि 6 जनवरी का है वह वीडियो ग्राहक का नहीं बल्कि सहकर्मी के पति के साथ हुए विवाद का है। #viral #bank #publicshuru #publicnews #viralkhaber #viralpost #anoopnishadpatrakar1
- कानपुर नगर (ब्यूरो): उत्तर प्रदेश के राजमार्गों पर अवैध अतिक्रमण और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाना अब आम बात हो गई है। ताज़ा मामला एक व्यस्त नेशनल हाईवे का है, जहाँ सड़क के दोनों ओर ईंटों के ऊंचे-ऊंचे ढेर लगाकर उसे 'ईंट मंडी' में तब्दील कर दिया गया है, इस लापरवाही के कारण न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो रही है, बल्कि यह कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, सड़क पर ही मंडी, राहगीर परेशान वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि हाईवे की पटरियों और मुख्य मार्ग के एक बड़े हिस्से पर ईंटों के अवैध भंडारण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बीच सड़क पर खड़ी होकर अनलोडिंग कर रही हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों को निकलने के लिए जगह नहीं मिल रही है। दोपहिया वाहन और भारी ट्रक आपस में फंस जाते हैं, संकरी हो चुकी सड़क पर एक ओर ईंटों की दीवार है तो दूसरी ओर बड़े ट्रकों का आवागमन इसके बीच से गुजरने वाले बाइक सवारों की जान जोखिम में है। वीडियो में एक ट्रक ड्राइवर अपनी नाराजगी जताते हुए कहता है कि इन ईंट माफियाओं ने हाईवे को जैसे अपने "बाप की बपौती" समझ रखा है, राहगीरों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है, बढ़ रही है दुर्घटनाओं की आशंका हाइवे पर इस तरह का अतिक्रमण रात के समय और भी घातक हो जाता है। बिना किसी रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड के सड़क पर पड़े ईंटों के ढेर काल का ग्रास बन सकते हैं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह ईंटें अक्सर अवैध रूप से बिना पर्याप्त कागजी कार्यवाही के यहाँ डंप की जाती हैं। मुख्य बिंदु: अतिक्रमण: हाईवे की मुख्य सड़क तक फैली ईंटों की दीवारें, जाम की स्थिति: ईंट अनलोड करते ट्रैक्टरों के कारण घंटों लग रहा जाम, प्रशासनिक सुस्ती: अवैध डंपिंग जोन बनने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं, स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तुरंत इस अतिक्रमण को हटाए और दोषियों पर सख्त जुर्माना लगाए ताकि हाईवे पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके..??1
- कानपुर देहात मे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का वीडियो हुआ जोरदार वायरल तस्वीरों में देखिए किस तरह से किया गया है ध्वज का अपमान मामला मंगलपुर थाना क्षेत्र के गंगदासपुर गांव का1
- कानपुर पारिवारिक विवाद में व्यक्ति हाइटेंशन लाइन पर चढ़ा व्यक्ति का लोगों ने वीडियो बनाकर किया वायरल पुलिस व्यक्ति को उतारने का कर रही है प्रयास शिवराजपुर थाना क्षेत्र के बिरैचा मऊ का मामला1
- कानपुर व्यूरो रिपोर्ट पाइल्स रोग विशेषज्ञ डॉक्टर डी कुमार एक बार अवश्य मिले बवासीर हाइड्रोसील एक इंजेक्शन में सेवा का मौका अवश्य दें ।1
- जय हिंद जय भारत आप देख रहे हैं वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ एवं समृद्धि भारत समाचार पत्र संवाददाता दिनकर जी की रिपोर्ट जैसा कि कल दिनांक 9 फरवरी दिन सोमवार समय 11:17 पर आपके कानपुर नगर थाना चकेरी रामादेवी पर यातायात की व्यवस्था बहुत ही खराब यातायात विभाग से निवेदन करना चाहूंगा कि जो क्षेत्र की जनता ने और राहगीर ने जो वीडियो प्रकाशित किया उनकी समस्या का समाधान किया जाए1
- थाना ग्वालटोली अंतर्गत का मामला कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया है तथा मीडिया के समक्ष भी अपना पक्ष रखा है। पुलिस विवेचना में यह तथ्य स्पष्ट रूप से प्रकाश में आया है कि दुर्घटना के समय वाहन शिवम मिश्रा ही चला रहा था। उक्त तथ्यों के आधार पर प्रकरण में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। उनके पिता द्वारा बताया गया है कि शिवम मिश्रा दिल्ली के किसी अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस द्वारा विधिक अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बाइट- पुलिस उपायुक्त सेन्ट्रल श्री अतुल कुमार श्रीवास्तव।1