नेशनल हाईवे पर अतिक्रमण का 'किला': ईंटों के ढेर और बेतरतीब खड़े वाहनों ने थामी रफ्तार, कानपुर नगर (ब्यूरो): उत्तर प्रदेश के राजमार्गों पर अवैध अतिक्रमण और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाना अब आम बात हो गई है। ताज़ा मामला एक व्यस्त नेशनल हाईवे का है, जहाँ सड़क के दोनों ओर ईंटों के ऊंचे-ऊंचे ढेर लगाकर उसे 'ईंट मंडी' में तब्दील कर दिया गया है, इस लापरवाही के कारण न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो रही है, बल्कि यह कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, सड़क पर ही मंडी, राहगीर परेशान वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि हाईवे की पटरियों और मुख्य मार्ग के एक बड़े हिस्से पर ईंटों के अवैध भंडारण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बीच सड़क पर खड़ी होकर अनलोडिंग कर रही हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों को निकलने के लिए जगह नहीं मिल रही है। दोपहिया वाहन और भारी ट्रक आपस में फंस जाते हैं, संकरी हो चुकी सड़क पर एक ओर ईंटों की दीवार है तो दूसरी ओर बड़े ट्रकों का आवागमन इसके बीच से गुजरने वाले बाइक सवारों की जान जोखिम में है। वीडियो में एक ट्रक ड्राइवर अपनी नाराजगी जताते हुए कहता है कि इन ईंट माफियाओं ने हाईवे को जैसे अपने "बाप की बपौती" समझ रखा है, राहगीरों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है, बढ़ रही है दुर्घटनाओं की आशंका हाइवे पर इस तरह का अतिक्रमण रात के समय और भी घातक हो जाता है। बिना किसी रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड के सड़क पर पड़े ईंटों के ढेर काल का ग्रास बन सकते हैं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह ईंटें अक्सर अवैध रूप से बिना पर्याप्त कागजी कार्यवाही के यहाँ डंप की जाती हैं। मुख्य बिंदु: अतिक्रमण: हाईवे की मुख्य सड़क तक फैली ईंटों की दीवारें, जाम की स्थिति: ईंट अनलोड करते ट्रैक्टरों के कारण घंटों लग रहा जाम, प्रशासनिक सुस्ती: अवैध डंपिंग जोन बनने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं, स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तुरंत इस अतिक्रमण को हटाए और दोषियों पर सख्त जुर्माना लगाए ताकि हाईवे पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके..??
नेशनल हाईवे पर अतिक्रमण का 'किला': ईंटों के ढेर और बेतरतीब खड़े वाहनों ने थामी रफ्तार, कानपुर नगर (ब्यूरो): उत्तर प्रदेश के राजमार्गों पर अवैध अतिक्रमण और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाना अब आम बात हो गई है। ताज़ा मामला एक व्यस्त नेशनल हाईवे का है, जहाँ सड़क के दोनों ओर ईंटों के ऊंचे-ऊंचे ढेर लगाकर उसे 'ईंट मंडी' में तब्दील कर दिया गया है, इस लापरवाही के कारण न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो रही है, बल्कि यह कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, सड़क पर ही मंडी, राहगीर परेशान वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि हाईवे की पटरियों और मुख्य मार्ग के एक बड़े हिस्से पर ईंटों के अवैध भंडारण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बीच सड़क पर खड़ी होकर अनलोडिंग कर रही हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों को निकलने के लिए जगह नहीं मिल रही है। दोपहिया वाहन और भारी ट्रक आपस में फंस जाते हैं, संकरी हो चुकी सड़क पर एक ओर ईंटों की दीवार है तो दूसरी ओर बड़े ट्रकों का आवागमन इसके बीच से गुजरने वाले बाइक सवारों की जान जोखिम में है। वीडियो में एक ट्रक ड्राइवर अपनी नाराजगी जताते हुए कहता है कि इन ईंट माफियाओं ने हाईवे को जैसे अपने "बाप की बपौती" समझ रखा है, राहगीरों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है, बढ़ रही है दुर्घटनाओं की आशंका हाइवे पर इस तरह का अतिक्रमण रात के समय और भी घातक हो जाता है। बिना किसी रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड के सड़क पर पड़े ईंटों के ढेर काल का ग्रास बन सकते हैं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह ईंटें अक्सर अवैध रूप से बिना पर्याप्त कागजी कार्यवाही के यहाँ डंप की जाती हैं। मुख्य बिंदु: अतिक्रमण: हाईवे की मुख्य सड़क तक फैली ईंटों की दीवारें, जाम की स्थिति: ईंट अनलोड करते ट्रैक्टरों के कारण घंटों लग रहा जाम, प्रशासनिक सुस्ती: अवैध डंपिंग जोन बनने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं, स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तुरंत इस अतिक्रमण को हटाए और दोषियों पर सख्त जुर्माना लगाए ताकि हाईवे पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके..??
- कानपुर नगर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने कानपुर में बैंक कर्मी और एक परिवार के बीच कथित जातिगत विवाद को लेकर बहस छेड़ दी है, वीडियो में एक महिला बैंक कर्मी अपनी जाति का हवाला देते हुए एक व्यक्ति से बहस करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, इस प्रकरण में अब दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग स्पष्टीकरण वीडियो सामने आए हैं। एक ओर जहाँ बैंक कर्मी ने खुद के साथ अभद्रता का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार की महिला ने अपमान और धमकी दिए जाने की बात कही है। बैंक कर्मी का पक्ष: “मेरे साथ हुई अभद्रता” वायरल वीडियो में दिख रही महिला बैंक कर्मी, जिन्होंने खुद को ठाकुर बताया है, ने सोशल मीडिया पर जारी अपने स्पष्टीकरण में कहा कि वीडियो 6 जनवरी का है और इसका किसी बैंक ग्राहक से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, यह विवाद बैंक में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के पति के साथ हुआ था बैंक कर्मी का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने बैंक परिसर में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धमकी दी, उन्होंने कहा कि उनसे उनकी जाति पूछी गई और अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिसके बाद उन्होंने आवेश में आकर अपनी जाति का उल्लेख किया, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सार्वजनिक पद पर रहते हुए शब्दों के चयन में सावधानी बरतनी चाहिए थी। दूसरे पक्ष का आरोप: “हमें धमकाया और अपमानित किया गया” वहीं, दूसरे पक्ष की महिला ऋचा त्रिपाठी मिश्रा ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बैंक कर्मी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, ऋचा का कहना है कि उनके परिवार के साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें शारीरिक नुकसान की धमकी दी गई। ऋचा ने कहा कि वह कानपुर की निवासी हैं और उनका परिवार अपमानित महसूस कर रहा है, उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार की ओर से कोई भ्रामक वीडियो वायरल नहीं किया गया और वे केवल न्याय की मांग कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटी राय दोनों पक्षों के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, कुछ लोग बैंक कर्मी के बयान को जातिगत अहंकार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे कार्यस्थल पर उत्पीड़न का मामला बता रहे हैं। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण में बैंक प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई सामने नहीं आई है, लेकिन विवाद लगातार गरमाता जा रहा है।1
- वाराणसी के एक होटल में संदिग्ध परिस्थियों में भाई-बहन की मौत.दोनों हैदराबाद से आकर कैंट क्षेत्र के होटल में ठहरे थे. कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस मामले की जाँच कर रही है.1
- बिल्हौर गौशाला में गंभीर हालात राढा गांव की गौशाला में मृत गोवंश खुले में पड़े मिले सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुत्ते मृत पशुओं को नोचते दिखे। चारा और पानी की कमी से गोवंश लगातार मर रहे हैं। बीमार पशुओं के इलाज के लिए कोई पशु चिकित्सक नहीं पहुंचता। खंड विकास अधिकारी नेमचंद्र और पंचायत सचिव कभी निरीक्षण नहीं करते। प्रशासनिक निगरानी की पूरी विफलता सामने आई है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग। सवाल उठ रहे हैं: क्या यही है गोवंश की सुरक्षा और प्रशासन की जिम्मेदारी?1
- Post by Manoj Kumar1
- कानपुर के पनकी में एक महिला बैंक कर्मी की अभद्रता का वीडियो वायरल हुआ, जो काफी सुर्खियों में रहा लेकिन अब वीडियो में दिख रही बैंक कर्मी ने अपना पक्ष रखते हुए ये वीडियो शेयर किया है. उन्होंने बताया कि उनकी कहासुनी जिससे हुई वो कोई ग्राहक नहीं बल्कि उनकी साथी कर्मचारी ही थीं, लेकिन साथी कर्मचारी के रिश्तेदार ने पहले उनसे बद्तमीजी की थी, जिसके बाद वो उनसे भिड़ गईं!1
- Post by Ramanand Rajpoot1
- थाना रायपुरवा अंतर्गत का मामला कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश कानपुर रायपुरवा जमीन विवाद पर लक्ष्मीपुरवा निवासी स्वेता शाक्य ने पड़ोसियों पर खुद व अपनी मां को घर से खींचकर मारपीट करने और धमकी देने का आरोप,पीड़िता ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई न होने की बात कही। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है1
- कानपुर नगर, शहर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है, कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी शिवम मिश्रा के वकील ने पुलिसिया दावों को सिरे से खारिज करते हुए मामले को नया रंग देने की कोशिश की है। जहाँ पुलिस और चश्मदीदों का कहना है कि स्टीयरिंग पर शिवम था, वहीं बचाव पक्ष ने अब 'ड्राइवर थ्योरी' पेश कर दी है, क्या है वकील का नया दावा..? शिवम मिश्रा के वकील धर्मेंद्र सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि जिस वक्त हादसा हुआ, कार शिवम नहीं बल्कि उनका ड्राइवर मोहन लाल चला रहा था। वकील के अनुसार: अचानक बिगड़ी तबीयत: शिवम मिश्रा बगल की सीट पर बैठे थे और उन्हें अचानक चक्कर आ गया। टेंपो ने मारी टक्कर: वकील का दावा है कि गलती कार की नहीं थी, बल्कि एक टेंपो ने लैंबॉर्गिनी को टक्कर मारी, जिसके बाद कार अनियंत्रित होकर बाइक से जा टकराई। शीशा तोड़कर निकाला बाहर: हादसे के बाद कार के दरवाजे ऑटोमैटिक लॉक हो गए थे, जिसके बाद शीशा तोड़कर ड्राइवर और शिवम को बाहर निकाला गया। दिल्ली में चल रहा इलाज: शिवम की हालत गंभीर बताते हुए वकील ने कहा कि वह फिलहाल दिल्ली में अपने पारिवारिक डॉक्टर से इलाज करवा रहे हैं। एक्टिंग या हकीकत? पुलिस के पास पुख्ता सबूत वकील के इन दावों पर पुलिस प्रशासन और जानकारों ने सवाल खड़े किए हैं। पुलिस कमिश्नर के पुराने बयानों और मौके पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से शिवम मिश्रा ही कार चलाते नजर आ रहे हैं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी कहानी सिर्फ सजा से बचने के लिए रची गई एक "पटकथा" मात्र है। वीडियो फुटेज में शिवम को जिस तरह बाहर निकाला गया, उसे लोग अब 'जबरदस्त एक्टिंग' करार दे रहे हैं, मुख्य सवाल जो अब भी बरकरार हैं: अगर ड्राइवर गाड़ी चला रहा था, तो वह मौके से गायब कैसे हो गया..? वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज में शिवम मिश्रा ड्राइविंग सीट पर क्यों दिख रहे हैं, क्या 'मेडिकल इमरजेंसी' का बहाना केवल गिरफ्तारी से बचने के लिए बनाया गया है, संपादकीय टिप्पणी: लग्जरी कारों की रफ़्तार जब कानून को ठेंगा दिखाने लगे, तो न्याय की उम्मीद सबूतों पर टिक जाती है। देखना होगा कि कोर्ट वकील की इस नई 'ड्राइवर वाली दलील' को कितनी गंभीरता से लेता है...??1
- कानपुर में लेम्बोर्गिनी कार हादसे के मामले में आरोपी शिवम के पिता, तम्बाकू कारोबारी के के मिश्रा, ग्वालटोली थाने पहुंचे के के मिश्रा ने कहा कि कार उनका बेटा नहीं चला रहा था और पुलिस शिवम को फंसाने का प्रयास कर रही है हादसे के बाद शिवम की हालत गंभीर होने के कारण उसे दिल्ली में भर्ती कराया गया है।1