बेतिया में राजस्व कर्मचारियों का धरना: ग्रेड पे वृद्धि और सुविधाओं की मांग जोर पकड़ रही है। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के आह्वान पर बेतिया जिला मुख्यालय में बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पश्चिम चंपारण जिले के सभी राजस्व कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी लंबित मांगों एवं समस्याओं को उठाया। कर्मचारियों ने विशेष रूप से वर्तमान ग्रेड पे 1900 (लेवल-2) को बढ़ाकर 2800 (लेवल-5) किए जाने, स्नातक योग्यता वाले कर्मचारियों को ग्रेड पे 4200 दिए जाने और नवनियुक्त कर्मचारियों का गृह जिले में शीघ्र स्थानांतरण करने की मांग की। साथ ही, कार्य के लिए आवश्यक संसाधन, लैपटॉप, मोबाइल, इंटरनेट, प्रिंटर, कागज-कलम, टेबल-कुर्सी और भ्रमण की सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की भी आवश्यकता बताई। धरना-प्रदर्शन में कर्मचारियों ने अवकाश और निर्धारित समय से अधिक कार्य, कई हल्का और पंचायतों का प्रभार मिलने के कारण बढ़े कार्यभार, और अत्यधिक दबाव के चलते शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ने की समस्या भी उजागर की। उनका कहना था कि संसाधनों की कमी और अत्यधिक दबाव के कारण पारिवारिक जिम्मेदारियों का पालन भी कठिन हो रहा है। अंत में, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने जिला प्रशासन से अपील की कि इन सभी लंबित मांगों और समस्याओं की जानकारी विभागीय स्तर तक पहुंचाई जाए ताकि शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बेतिया में राजस्व कर्मचारियों का धरना: ग्रेड पे वृद्धि और सुविधाओं की मांग जोर पकड़ रही है। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के आह्वान पर बेतिया जिला मुख्यालय में बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पश्चिम चंपारण जिले के सभी राजस्व कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी लंबित मांगों एवं समस्याओं को उठाया। कर्मचारियों ने विशेष रूप से वर्तमान ग्रेड पे 1900 (लेवल-2) को बढ़ाकर 2800 (लेवल-5) किए जाने, स्नातक योग्यता वाले कर्मचारियों को ग्रेड पे 4200 दिए जाने और नवनियुक्त कर्मचारियों का गृह जिले में शीघ्र स्थानांतरण करने की मांग की। साथ ही, कार्य के लिए आवश्यक संसाधन, लैपटॉप, मोबाइल, इंटरनेट, प्रिंटर, कागज-कलम, टेबल-कुर्सी और भ्रमण की सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की भी आवश्यकता बताई। धरना-प्रदर्शन में कर्मचारियों ने अवकाश और निर्धारित समय से अधिक कार्य, कई हल्का और पंचायतों का प्रभार मिलने के कारण बढ़े कार्यभार, और अत्यधिक दबाव के चलते शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ने की समस्या भी उजागर की। उनका कहना था कि संसाधनों की कमी और अत्यधिक दबाव के कारण पारिवारिक जिम्मेदारियों का पालन भी कठिन हो रहा है। अंत में, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने जिला प्रशासन से अपील की कि इन सभी लंबित मांगों और समस्याओं की जानकारी विभागीय स्तर तक पहुंचाई जाए ताकि शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
- बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, सेमरा रेफरल अस्पताल में हंगामा या1
- नगर के ऐतिहासिक "शहीद स्मारक" के सौंदर्यीकरण और संरक्षण कार्य के नगर निगम की 14.61 लाख की योजना पूरी होने पर महापौर ने किया निरीक्षण, आज की युवा पीढ़ी से की अपने अमर स्वाधीनता सेनानी पूर्वजों के इतिहास को जानने के साथ नगर के यागदार स्मारक पर आदर पूर्वक पहुंच कर किया देखने की अपील बेतिया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि चंपारण के स्वाधीनता संग्राम से जुड़ी अमूल्य विरासत को सहेजने की दिशा में पश्चिम Ijचंपारण जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक "शहीद स्मारक" के सौंदर्यीकरण और संरक्षण कार्य को नगर निगम बोर्ड की योजना के अनुसार 14.61 लाख की योजना पूरी होने पर पूरी कर ली गई है। महापौर श्रीमती सिकारिया दल-बल के साथ स्थल का निरीक्षण के क्रम में उन्होंने कार्य की गुणवत्ता,संरचना की मजबूती और सौंदर्यात्मक पक्षों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण उपरांत महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में स्थित सभी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित, सुसज्जित और संरक्षित रखना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक केवल एक संरचना नहीं, बल्कि देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पूर्वजों की स्मृति का प्रतीक है, जिसका सम्मान और संरक्षण हम सभी का दायित्व है। महापौर ने जानकारी दी कि शहीद स्मारक को पूज्य स्थल के रूप में सुरक्षित रखने के उद्देश्य से अब इसकी घेराबंदी कर दी गई है, ताकि स्मारक परिसर में चप्पल-जूते पहनकर प्रवेश न हो सके। इसके साथ ही स्मारक परिसर में ग्रेनाइट का प्रयोग कर आकर्षक साज-सज्जा, सुंदर छतरी का निर्माण तथा उच्च स्तरीय प्रकाश व्यवस्था की गई है। इस संपूर्ण योजना पर कुल 14.61 लाख रुपये की लागत आई है। महापौर श्रीमती सिकारिया ने नगरवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे एक बार अवश्य शहीद स्मारक आएं, इसके ऐतिहासिक महत्व को जानें और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी में देशभक्ति और ऐतिहासिक चेतना को मजबूती मिलेगी।1
- नौतन/ प्रखंड क्षेत्र के डबरिया पंचायत अंतर्गत परसौनी तिवारी टोला गांव में मां लक्ष्मी नारायण एवं भगवान शंकर जी के मंदिर निर्माण कार्य के पूर्ण होने पर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बुधवार को भव्य कलश यात्रा का निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में 501 कुंवारी कन्याओं एवं महिलाओं ने भाग लिया और पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर परसौनी तिवारी टोला गांव से खुटही बारियारपुर स्थित पवित्र जलाशय तक पहुंची। जहां पारंम्परिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ पवित्र कलश में जल भरा गया। तत्पश्चात यात्रा पुनः मंदिर परिसर में लौटकर कलश की विधिवत स्थापना की गई। पूरे मार्ग में “जय माता दी” एवं हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान एवं भक्तिमय बना रहा इस अवसर पर मंदिर के भूमि दाता दिनानाथ तिवारी एवं गोदावरी तिवारी ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे, जिससे पूरे गांव में उत्साह का माहौल कायम रहा। ग्रामीणों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा एवं पूजा-अर्चना को लेकर कई दिनों तक धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया गया। भूमि दाता दिनानाथ तिवारी ने बताया कि उनकी पत्नी गोदावरी तिवारी की तबीयत काफी खराब हो गई थी उन्होंने मां लक्ष्मी नारायण एवं भगवान शंकर का स्मरण किया, जिसके बाद उनकी पत्नी स्वस्थ हो गईं। उसी आस्था और विश्वास से श्रद्धापूर्वक उन्होंने मंदिर निर्माण का संकल्प लिया, जो आज पूर्ण हो गया। उसी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली गई है।।3
- लखनऊ #बेकिंग गाजीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दबंगों के हौसले बुलंद करीब आधा दर्जन से अधिक दबंगों ने इंदिरा नगर आम्रपाली के पास कि मारपीट दबंगों ने किया युवक कि जमकर पिटाई दबंगो ने युवक को बेल्ट और डंटो से पिटा..! @Uppolice @lkopolice @LkoCp @LoJcp @dgpup @igrangealld @digrangelkw1
- Post by Dhananjay Kumar Yadav1
- तेजस्वी को नीतीश जी,, विधान सभा में शादी का बात पर लिए चुटकी,,1
- बिहार विधानसभा के सदन में आज पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच), बेतिया की बदहाल और चिंताजनक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए। सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा गया कि जीएमसीएच अस्पताल केवल पश्चिम चंपारण ही नहीं, बल्कि पूर्वी चंपारण, गोपालगंज जिले और पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले हजारों मरीजों के लिए सबसे बड़ा और प्रमुख इलाज केंद्र है, लेकिन इसके बावजूद यहां इलाज के नाम पर अव्यवस्था, असुरक्षा और अमानवीय व्यवहार का माहौल बना हुआ है। सदन में यह तथ्य सामने रखा गया कि जीएमसीएच बेतिया में जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों द्वारा मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ मारपीट की घटनाएं अब अपवाद नहीं, बल्कि लगातार होने वाली घटनाएं बन चुकी हैं। बीते मात्र तीन महीनों के भीतर ऐसी पांच गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें से हाल की दो घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर अस्पताल की कार्यशैली और प्रशासनिक नियंत्रण की पोल खोल चुके हैं। इसके बावजूद एक मामले में नगर थाना कांड संख्या 46/26 दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी भी दोषी डॉक्टर के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता और संरक्षण की ओर इशारा करता है। विधानसभा में यह भी जोर देकर कहा गया कि जीएमसीएच अस्पताल से जुड़ी अव्यवस्थाओं, विवादों और गंभीर आरोपों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इलाज की बदहाली, मरीजों से दुर्व्यवहार, सुरक्षा व्यवस्था की कमी और प्रशासनिक नियंत्रण का अभाव अब जीएमसीएच की पहचान बनता जा रहा है, जो एक मेडिकल कॉलेज और रेफरल अस्पताल के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति है। सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई गई कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री स्वयं पश्चिम चंपारण जिले के प्रभारी मंत्री हैं, इसके बावजूद जीएमसीएच बेतिया की स्थिति में आज तक कोई ठोस, स्थायी और प्रभावी सुधार देखने को नहीं मिला है। विधानसभा में सवाल उठाया गया कि जब प्रभारी मंत्री के जिले के सबसे बड़े अस्पताल का यह हाल है, तो राज्य के अन्य अस्पतालों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सदन के माध्यम से सरकार से स्पष्ट, सख्त और बिना किसी लाग-लपेट के मांग की गई कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ मारपीट करने वाले दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध अविलंब कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए, दोषियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और जीएमसीएच अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच कराकर त्वरित और प्रभावी सुधार सुनिश्चित किया जाए। ताकि इलाज के लिए अस्पताल आने वाला आम नागरिक भय नहीं, बल्कि भरोसा महसूस कर सके और उसे सुरक्षित, सम्मानजनक तथा मानवीय उपचार मिल सके।1
- चार सूत्री मांगों को लेकर भूमि सुधार कर्मचारी संघ का एकदिवसीय धरना1
- चनपटिया विधानसभा के विधायक अभिषेक रंजन ने विधानसभा सदन में पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय स्थित जीएमसीएच अस्पताल की गंभीर बदहाली का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल केवल पश्चिम चंपारण ही नहीं, बल्कि पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले हजारों मरीजों का प्रमुख इलाज केंद्र है। इसके बावजूद यहां मरीजों और उनके परिजनों के साथ लगातार मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। विधायक ने सदन में मांग करते हुए कहा कि दोषी डॉक्टरों एवं संबंधित कर्मियों पर अविलंब सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में तत्काल सुधार कर मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। विधायक ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस संबंध में विधायक ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा कर जानकारी दी।1