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लोहरदगा जिले के बिसरार प्रखंड के हेसाग पंचायत की हकीकत
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लोहरदगा जिले के बिसरार प्रखंड के हेसाग पंचायत की हकीकत
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- खान एवं खनिज विधायक 2026 के विरोध में झामुमो ने लातेहार जिला के सभी प्रखंडों में किया प्रदर्शन ,शनिवार की सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक। जिस दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारी ने अपने संबोधन में सीधे इस बिल का विरोध करते हुए रद्द करने की मांग किया और संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी को मांग पत्र सोपा ।झारखंड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के अनुसार यह बिल खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्यों के लिए एक अभिशाप जैसा है ।और राज्यों के अधिकार को केंद्रित करने का एक बड़ा प्रयास है। लातेहार जिला के सभी प्रखंडों में हुए विरोध पर प्रदर्शन का नेतृत्व संबंधित प्रखंड के प्रखंड अध्यक्षों ने किया।1
- केंद्र सरकार द्वारा पारित खान व खनिज संशोधन के विरुद्ध में झामुमो का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम अंचल अधिकारी को सौंपा 6 सूत्री मांग पत्र। सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में शनिवार को झामुमो प्रखंड कमिटी सिसई के द्वारा केंद्र सरकार द्वारा पारित खान व खनिज संशोधन के विरुद्ध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन में प्रखंड के सभी पंचायत से हाथ में झामुमो का झंडा लेकर भारी संख्या में झामुमो के कार्यकर्ता पहुंचे थे। जो केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। धरना प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि प्रकाश उरांव, शशि साहु, विजय लक्ष्मी कुमारी, प्रखंड अध्यक्ष दुर्गेश्वर तिर्की, सलमान अली, मकीन अंसारी, जाकिर अली, उमर फारूक अंसारी, राजा अंसारी, शशि साहु, दिलीप साहु, विकास महली, सहाबीर उरांव, सहित भारी संख्या में झामुमो के कार्यकर्ता उपस्थित थे।1
- खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में गुमला में झामुमो का जोरदार धरना! गुमला में खान एवं खनिज संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इसमें गुमला विधायक भूषण तिर्की समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। झामुमो ने विधेयक को ‘काला कानून’ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि इससे झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।1
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- सनराइज पब्लिक स्कूल में हाउसवार कबड्डी प्रतियोगिता, राफेल और मिराज हाउस विजयी1
- MMDR संशोधन के विरोध में गारू में झामुमो ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन । MMDR संशोधन के विरोध में गारू में झामुमो ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन जोहार झारखण्ड/ गारू संवाददाता जल-जंगल-जमीन व खनिज अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग, संशोधन के प्रावधानों पर जताई आपत्ति जोहार झारखण्ड/गारू संवाददाता गारू। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) गारू प्रखंड कमेटी की ओर से विरोध दर्ज कराया गया। शनिवार को झामुमो नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए झारखंड के संवैधानिक अधिकारों तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल, जमीन एवं खनिज संसाधनों की रक्षा की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड की पहचान उसकी मिट्टी, जंगल, पहाड़, नदियों और खनिज संपदा से जुड़ी हुई है। आदिवासी एवं मूलवासी समाज के लिए प्राकृतिक संसाधन केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति, पहचान और अस्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में खनिज संसाधनों से संबंधित किसी भी कानून या नीति में राज्य के हितों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। राज्य के संवैधानिक अधिकारों पर जताई चिंता झामुमो की ओर से राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में MMDR संशोधन से जुड़े प्रावधानों को लेकर राज्य के अधिकारों पर चिंता व्यक्त की गई है। पत्र में कहा गया है कि खनिज अधिकारों, खनिज-युक्त भूमि तथा उनसे संबंधित कराधान के विषय राज्य के संवैधानिक एवं संघीय अधिकारों से जुड़े हुए हैं। इसलिए इस मामले में संवैधानिक प्रावधानों और राज्यों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन में 25 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Mineral Area Development Authority बनाम Steel Authority of India Ltd. मामले में दिए गए निर्णय का भी उल्लेख किया गया है। झामुमो ने राष्ट्रपति से इस पूरे विषय के संवैधानिक, संघीय, वित्तीय, सामाजिक एवं पर्यावरणीय पहलुओं पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा की मांग पत्र में कहा गया है कि झारखंड के आदिवासी-मूलवासी समाज, विस्थापित परिवारों एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों को खनिज नीति और विकास प्रक्रिया में उचित स्थान मिलना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों से स्थानीय जनता, युवाओं और राज्य के विकास को अधिक लाभ मिलने की भी मांग की गई है। झामुमो ने कहा कि जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा झारखंड के लोगों के जीवन और पहचान से जुड़ी है। इसलिए इन संसाधनों से जुड़े किसी भी निर्णय में स्थानीय समुदायों के हितों और राज्य के संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण जरूरी है। राष्ट्रपति से आवश्यक पहल की अपील ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि MMDR संशोधन से जुड़े विषयों पर संविधान के तहत उपलब्ध विकल्पों तथा राज्य के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक पहल की जाए। झामुमो गारू प्रखंड की ओर से कहा गया कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाता रहेगा। ज्ञापन पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मो. तौकीर मियां सहित पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर हैं। पत्र में “हेमंत सोरेन जिंदाबाद” एवं “शिबू सोरेन जिंदाबाद” के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा की विचारधारा और राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया है।2
- मोदी सरकार का खान खनिज विधेयक बिल 2026 झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है: प्रदीप गंझू झामुमो प्रखंड अध्यक्ष बालूमाथ। खान खनिज विधेयक 2026 के विरोध में एवं रद्द करने की मांग को लेकर बालूमाथ प्रखंड कार्यालय के समक्ष झामुमो कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने किया विरोध प्रदर्शन। मौके पर उपस्थित प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप गंजू ने कहा कि मोदी सरकार का यह बिल झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बिल को रद्द करना होगा।1
- MMDR बिल के विरोध में झामुमो का एकदिवसीय धरना, केंद्र सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप1
- कर्रा प्रखंड मुख्यालय में एमएमडीआर संशोधन के विरोध में झामुमो का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। कर्रा प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन सम्पन्न हुआ। धरना प्रदर्शन के दौरान झामुमो कार्यकताओं द्वारा माननीय राष्ट्रपति के नाम सीओ कर्रा को ज्ञापन सौंपा गया। धरना प्रदर्शन में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया एवं खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा मुख्य रुप से उपस्थित थे। धरना प्रदर्शन के दौरान केन्द्र सरकार एम एम डी आर काला कानून वापस लो, वापस लो, केन्द्र सरकार कि तानाशाही नही चलेंगी नहीं चलेंगी, खान,खनिज,संपदा हमारा है, हमारा है। बिरसा मुंडा जिन्दाबाद, सिद्धू- कान्हो जिन्दाबाद, शिबू सोरेन जिन्दाबाद, हेमंत सोरेन जिन्दाबाद के नारे लगाए गये। तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार झारखंड के आदिवासी मूलवासी को आगे बढ़ाते हुए नहीं देखना चाहती है भाजपा की सरकार अमीरों व पूंजी पंक्तियों कि सरकार है झारखंड के खनिज संपदा पर झारखंड वासियों का अधिकार है झारखंड से एक बोरी भी कोयला बाहर नहीं जाने देंगे। केन्द्र सरकार अपना काला क़ानून वापस ले नहीं तो इट्ट से इट्ट बाजा देंगे। खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा ने कहा कि भाजपा सरकार हमलोग को लूटना चाहती है हमारे राज्य के खनिज संपदा को राज्य सरकार के आदेश के बिना लूटने का काम कर रहीं हैं केंद्र सरकार झारखंड की अवुबा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को को बंद करना चाहतीं हैं। हम सभी को एकजुट होकर केन्द्र सरकार के विरुद्ध आन्दोलन करना होगा। सभा को केंद्रीय सदस्य मकसूद अंसारी, जिला प्रवक्ता तौकीर आलम, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष शेख फिरोज, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष राहुल केशरी, प्रखंड सचिव बिनोद उरांव, किसान मोर्चा जिला सचिव महादेव मुंडा, क्रीड़ा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष उपेंद्र पाहन, विरेन्द्र सिंह, विनोद उरांव, क्षति हेमरोम, पौलूस होरो, मार्शल होरो, राजेश मुंडा, लाल मुंडा, लक्की खान, बिरसा होरो, सोशन होरो, दुर्गा लकड़ा, सतन देवी, रौसलया केरकेट्टा, जोसेफ आईन्द समेत अन्य कार्यकर्ता ने भी खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के विरोध में सभा बारी-बारी से संबोधित किया। कार्यक्रम में सैकड़ों महिला पुरुष मौजूद रहे।1