चित्तौड़गढ़ में 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के अंतर्गत बस्सी थाना पुलिस ने डीएसटी बाड़मेर के सहयोग से एनडीपीएस एक्ट के 6 वर्ष पुराने एक प्रकरण में वांछित 15 हजार रुपये के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ओमप्रकाश पुत्र नारायणराम जाट निवासी खारा, थाना रामसर, जिला बाड़मेर के रूप में हुई है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज उदयपुर द्वारा चलाए जा रहे इस 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत यह कार्रवाई की गई। एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन तथा डीएसपी ग्रामीण दिनेश सुखवाल के सुपरविजन में थानाधिकारी बस्सी चम्पाराम मय जाप्ते ने सतत आसूचना संकलन के बाद संयुक्त कार्रवाई करते हुए रविवार को आरोपी ओमप्रकाश को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया। चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
चित्तौड़गढ़ में 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के अंतर्गत बस्सी थाना पुलिस ने डीएसटी बाड़मेर के सहयोग से एनडीपीएस एक्ट के 6 वर्ष पुराने एक प्रकरण में वांछित 15 हजार रुपये के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ओमप्रकाश पुत्र नारायणराम जाट निवासी खारा, थाना रामसर, जिला बाड़मेर के रूप में हुई है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज उदयपुर द्वारा चलाए जा रहे इस 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत यह कार्रवाई की गई। एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन तथा डीएसपी ग्रामीण दिनेश सुखवाल के सुपरविजन में थानाधिकारी बस्सी चम्पाराम मय जाप्ते ने सतत आसूचना संकलन के बाद संयुक्त कार्रवाई करते हुए रविवार को आरोपी ओमप्रकाश को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया। चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
- चित्तौड़गढ़ की मंगलवाड़ थाना पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। एक कार्रवाई में पुलिस ने 19 ग्राम अवैध MDMA पाउडर के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार कर एक मोटरसाइकिल जब्त की, वहीं दूसरी कार्रवाई में वाहनों की संरचना में अवैध परिवर्तन और अनाधिकृत लेखन पाए जाने पर 9 मोटरसाइकिलों को जब्त किया गया। यह जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ धर्मेंद्र सिंह ने दी, जिन्होंने बताया कि यह कार्रवाई एएसपी मुकुल शर्मा आरपीएस के निर्देशन और डीएसपी बड़ीसादड़ी के सुपरविजन में की गई। पहली कार्रवाई 22 जून को हुई, जब मंगलवाड़ पुलिस ने चित्तौड़गढ़-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर छापरी गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल आती दिखी, जिसके चालक ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे रोककर नियमानुसार तलाशी ली, जिसमें आरोपी रामचंद्र पिता नारायणलाल गाडरी निवासी भगीमों का खेड़ा, थाना भीण्डर, जिला उदयपुर, और शंभूलाल पिता गंगाराम गुर्जर निवासी नेगड़िया, थाना मंगलवाड़, जिला चित्तौड़गढ़ के कब्जे से 19 ग्राम अवैध मिथाइलीनडाइऑक्सी मेथाम्फेटामाइन (MDMA) बरामद हुई। अवैध मादक पदार्थ के परिवहन में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी कार्रवाई में, यातायात एवं सड़क सुरक्षा अभियान के तहत वाहनों की जांच की गई। इस दौरान जिन वाहनों की संरचना में अवैध परिवर्तन, अनाधिकृत शब्द, चिन्ह या लेखन पाए गए, ऐसी 09 मोटरसाइकिलों को धारा 38 पुलिस एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया।1
- फादर्स डे के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में पूर्व नायब तहसीलदार बंशीलाल सोनी को सम्मानित किया गया। इसी के साथ, गोविंद सोनी को उनके श्रवण कुमार सुपुत्र होने के लिए विशेष 'श्रवण कुमार सुपुत्र सम्मान' से नवाजा गया।1
- समाज को यौन अपराधों से जुड़ी अपनी सोच पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, क्योंकि यह एक आम धारणा है कि यौन अपराधों का पीड़ित केवल महिला ही हो सकती है। हालांकि, सच्चाई यह है कि पुरुष भी यौन हिंसा, शोषण और दुष्कर्म का शिकार हो सकते हैं, और यह ज़रूरी है कि समाज इस मानसिकता को बदले, क्योंकि 'पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं' (#MenCanBeVictimsToo)। पीड़ित की पीड़ा का कोई लिंग नहीं होता; पुरुष भी उतना ही दर्द, अपमान और मानसिक आघात महसूस करते हैं जितना कोई महिला। सबसे दुखद पहलू यह है कि पुरुष पीड़ितों का अक्सर मज़ाक उड़ाया जाता है, उनकी आपबीती पर विश्वास नहीं किया जाता, या उन्हें चुप करा दिया जाता है। इस भेदभावपूर्ण और रूढ़िवादी मानसिकता को बदलने की सख्त ज़रूरत है। अतः, यदि किसी युवक के साथ यौन अपराध होता है, तो उसे भी उतनी ही गंभीरता से लेना अनिवार्य है। न्याय का आधार पीड़ित का लिंग नहीं, बल्कि उसके साथ किया गया अपराध होना चाहिए। अपराध हमेशा अपराध ही रहता है, चाहे पीड़ित महिला हो या पुरुष, और सभी के लिए न्याय सुनिश्चित होना चाहिए, क्योंकि 'पीड़ित का कोई लिंग नहीं होता' और हर किसी के लिए न्याय मिलना चाहिए (#JusticeForAll)।1
- चित्तौड़गढ़ में स्थित सांवलियाजी मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं में भारी रोष है। दर्शनार्थियों को मंदिर तक पहुँचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि मंदिर का रास्ता बंद है। लोगों का कहना है कि इस स्थिति के कारण उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं, जिससे वे बेहद नाराज़ और परेशान हैं।1
- सुखपुरा में नालियों के पानी के कारण स्थानीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।1
- हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक स्टेडियम की खाली सीटें दिखाई दे रही हैं। यह वीडियो खेल समाचारों से संबंधित है और दर्शकों से इस पर अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है। लोगों को इसी प्रकार की और खेल खबरें जानने तथा प्लेटफॉर्म से जुड़े रहने के लिए सब्सक्राइब करने का निमंत्रण दिया गया है।1
- अफीम किसान संघ राजस्थान–मध्यप्रदेश के तत्वावधान में 21 जून 2026, रविवार को डूंगला तहसील क्षेत्र के अफीम किसान मुखियाओं की बैठक एलवा माता मंदिर, डूंगला में आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में अफीम किसानों ने डोडा चूरा नष्टीकरण आदेश, पिछले वर्षों के डोडा चूरा की मांग और पट्टे रोकने की धमकियों का कड़ा विरोध जताया। किसानों ने सरकार से उनके हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की, जबकि कपासन से आए प्रतिनिधिमंडल का किसानों ने उपरणा पहनाकर स्वागत किया। अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने किसानों को संबोधित करते हुए आगामी आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि अफीम किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 23 जून 2026 को सुबह 10 बजे डूंगला से एक विशाल अफीम किसान जागृति रैली निकाली जाएगी। यह रैली डूंगला से शुरू होकर बड़ी सादड़ी, कानोड़, बिल्डर, वल्लभनगर, मावली, भोपाल सागर, कपासन, राशमी, भदेसर, निम्बाहेड़ा, बेगूं, गंगरार और भीलवाड़ा जैसे विभिन्न स्थानों से होते हुए 26 जून की सुबह चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर किसान अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद वहीं पर महापड़ाव शुरू किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह महापड़ाव तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी 10 सूत्रीय मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती। अफीम किसान संघ ने रैली और महापड़ाव में अधिक से अधिक किसानों, जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों, व्यापारियों और आमजन से सहयोग एवं समर्थन की अपील की है। संघ के अनुसार, रैली के दौरान विभिन्न स्थानों पर किसानों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा और महापड़ाव में अलग-अलग तहसीलों के किसान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शामिल होकर आंदोलन को मजबूत करेंगे।1
- कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले थाने के भीतर यदि एक युवक भी सुरक्षित नहीं है, तो यह अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है। ऐसी घटनाओं के आरोप सामने आने से स्वाभाविक रूप से यह प्रश्न उठता है कि थाने में आने वाली महिलाओं की सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जाएगी। जब न्याय और सुरक्षा प्रदान करने वाली संस्थाओं पर ही सवाल उठने लगते हैं, तो जनता का उन पर से भरोसा कमजोर होने लगता है। इसी के मद्देनजर, इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच की तत्काल आवश्यकता है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। जनता को यह विश्वास दिलाना अनिवार्य है कि थाना न्याय और सुरक्षा का केंद्र है, न कि भय और असुरक्षा का।1