अफीम किसान संघ राजस्थान–मध्यप्रदेश के तत्वावधान में 21 जून 2026, रविवार को डूंगला तहसील क्षेत्र के अफीम किसान मुखियाओं की बैठक एलवा माता मंदिर, डूंगला में आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में अफीम किसानों ने डोडा चूरा नष्टीकरण आदेश, पिछले वर्षों के डोडा चूरा की मांग और पट्टे रोकने की धमकियों का कड़ा विरोध जताया। किसानों ने सरकार से उनके हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की, जबकि कपासन से आए प्रतिनिधिमंडल का किसानों ने उपरणा पहनाकर स्वागत किया। अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने किसानों को संबोधित करते हुए आगामी आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि अफीम किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 23 जून 2026 को सुबह 10 बजे डूंगला से एक विशाल अफीम किसान जागृति रैली निकाली जाएगी। यह रैली डूंगला से शुरू होकर बड़ी सादड़ी, कानोड़, बिल्डर, वल्लभनगर, मावली, भोपाल सागर, कपासन, राशमी, भदेसर, निम्बाहेड़ा, बेगूं, गंगरार और भीलवाड़ा जैसे विभिन्न स्थानों से होते हुए 26 जून की सुबह चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर किसान अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद वहीं पर महापड़ाव शुरू किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह महापड़ाव तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी 10 सूत्रीय मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती। अफीम किसान संघ ने रैली और महापड़ाव में अधिक से अधिक किसानों, जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों, व्यापारियों और आमजन से सहयोग एवं समर्थन की अपील की है। संघ के अनुसार, रैली के दौरान विभिन्न स्थानों पर किसानों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा और महापड़ाव में अलग-अलग तहसीलों के किसान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शामिल होकर आंदोलन को मजबूत करेंगे।
अफीम किसान संघ राजस्थान–मध्यप्रदेश के तत्वावधान में 21 जून 2026, रविवार को डूंगला तहसील क्षेत्र के अफीम किसान मुखियाओं की बैठक एलवा माता मंदिर, डूंगला में आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में अफीम किसानों ने डोडा चूरा नष्टीकरण आदेश, पिछले वर्षों के डोडा चूरा की मांग और पट्टे रोकने की धमकियों का कड़ा विरोध जताया। किसानों ने सरकार से उनके हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की, जबकि कपासन से आए प्रतिनिधिमंडल का किसानों ने उपरणा पहनाकर स्वागत किया। अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने किसानों को संबोधित करते हुए आगामी आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि अफीम किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 23 जून 2026 को सुबह 10 बजे डूंगला से एक विशाल अफीम किसान जागृति रैली निकाली जाएगी। यह रैली डूंगला से शुरू होकर बड़ी सादड़ी, कानोड़, बिल्डर, वल्लभनगर, मावली, भोपाल सागर, कपासन, राशमी, भदेसर, निम्बाहेड़ा, बेगूं, गंगरार और भीलवाड़ा जैसे विभिन्न स्थानों से होते हुए 26 जून की सुबह चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर किसान अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद वहीं पर महापड़ाव शुरू किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह महापड़ाव तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी 10 सूत्रीय मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती। अफीम किसान संघ ने रैली और महापड़ाव में अधिक से अधिक किसानों, जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों, व्यापारियों और आमजन से सहयोग एवं समर्थन की अपील की है। संघ के अनुसार, रैली के दौरान विभिन्न स्थानों पर किसानों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा और महापड़ाव में अलग-अलग तहसीलों के किसान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शामिल होकर आंदोलन को मजबूत करेंगे।
- यशस्वी जायसवाल की शानदार पारी के प्रदर्शन को लेकर दर्शकों से उनकी राय पूछी गई है। साथ ही, यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या भारत मैच में जीत हासिल कर पाएगा।1
- अफीम किसान संघ राजस्थान–मध्यप्रदेश के तत्वावधान में 21 जून 2026, रविवार को डूंगला तहसील क्षेत्र के अफीम किसान मुखियाओं की बैठक एलवा माता मंदिर, डूंगला में आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में अफीम किसानों ने डोडा चूरा नष्टीकरण आदेश, पिछले वर्षों के डोडा चूरा की मांग और पट्टे रोकने की धमकियों का कड़ा विरोध जताया। किसानों ने सरकार से उनके हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की, जबकि कपासन से आए प्रतिनिधिमंडल का किसानों ने उपरणा पहनाकर स्वागत किया। अफीम किसान संघ के अध्यक्ष दुर्गेश जोशी ने किसानों को संबोधित करते हुए आगामी आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने घोषणा की कि अफीम किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 23 जून 2026 को सुबह 10 बजे डूंगला से एक विशाल अफीम किसान जागृति रैली निकाली जाएगी। यह रैली डूंगला से शुरू होकर बड़ी सादड़ी, कानोड़, बिल्डर, वल्लभनगर, मावली, भोपाल सागर, कपासन, राशमी, भदेसर, निम्बाहेड़ा, बेगूं, गंगरार और भीलवाड़ा जैसे विभिन्न स्थानों से होते हुए 26 जून की सुबह चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर किसान अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद वहीं पर महापड़ाव शुरू किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह महापड़ाव तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी 10 सूत्रीय मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती। अफीम किसान संघ ने रैली और महापड़ाव में अधिक से अधिक किसानों, जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों, व्यापारियों और आमजन से सहयोग एवं समर्थन की अपील की है। संघ के अनुसार, रैली के दौरान विभिन्न स्थानों पर किसानों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा और महापड़ाव में अलग-अलग तहसीलों के किसान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शामिल होकर आंदोलन को मजबूत करेंगे।1
- दहेज मृत्यु के एक मामले को झूठा पाए जाने के बाद एक नया और गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है। मामले की जाँच के दौरान जब्त किए गए करोड़ों रुपये के जेवर आखिर कहाँ गए? इस सवाल के जवाब में अधिकारियों द्वारा “बंदर ले गए” कहने से जनता में भारी रोष और अविश्वास का माहौल है। इस हैरान कर देने वाले जवाब के बाद अब जनता पूछ रही है कि आखिर इतना शातिर कौन निकला—बंदर, या कोई और? करोड़ों की कीमत के जेवरों के गायब होने और ऐसा बेतुका जवाब मिलने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आम लोग मांग कर रहे हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह भी रेखांकित किया गया है कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।1
- चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने जिले की जनता से एक बड़ी अपील की है। उन्होंने सभी नागरिकों से यह महत्वपूर्ण संदेश हर व्यक्ति तक पहुँचाने का आग्रह किया है।1
- भदेसर क्षेत्र के पीपलवास गांव और आसपास के इलाकों में किसानों ने बुधवार को हुई प्री-मानसून की तेज बारिश के बाद खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर दी है। बुधवार देर रात से सुबह तक हुई इस बारिश से उत्साहित होकर, कई किसानों ने शुक्रवार से ही जोखिम उठाते हुए बुवाई का कार्य प्रारंभ किया, जबकि कुछ अन्य गांवों में शनिवार से यह कार्य शुरू हुआ। पीपलवास निवासी प्रकाश सोलंकी के अनुसार, बारिश के बाद भूमि बुवाई के लिए उपयुक्त हो गई है। किसानों का मानना है कि यदि अगले 10-15 दिनों तक बारिश न भी हो, तो भी मिट्टी में मौजूद वर्तमान नमी अंकुरण के लिए पर्याप्त रहेगी। पीपलवास पंचायत के आसपास के किसान अच्छी बारिश की उम्मीद में यह जोखिम भरा फैसला ले रहे हैं। इसके विपरीत, मौसम पूर्वानुमान मंच और कृषि विशेषज्ञ किसानों को बुवाई में जल्दबाजी न करने की सलाह दे रहे हैं। उनका तर्क है कि प्री-मानसून बारिश पर बड़े पैमाने पर बुवाई करना जोखिमपूर्ण हो सकता है, क्योंकि आगे पर्याप्त वर्षा न होने की स्थिति में फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।1
- बेगूं में एक खेत में बारिश के बीच भी एक किसान को फवारे से पानी देते हुए देखा गया है।1
- चित्तौड़गढ़ के जिला एवं सत्र न्यायालय में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर न्यायालय परिवार के न्यायिक अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं और न्यायिक कार्मिकों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिसके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश मानसिंह चुण्ड़ावत ने की। इस योगाभ्यास कार्यक्रम में योगगुरु राकेश सुखवाल ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योग विधाओं का अभ्यास करवाया। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी मिलती है। योग को केवल एक व्यायाम न मानकर, उन्होंने इसे जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने की एक प्रभावी पद्धति बताया। कार्यक्रम के दौरान, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसे विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान का अभ्यास किया। सभी प्रतिभागियों ने इन योग क्रियाओं के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय के अधीनस्थ सभी न्यायिक अधिकारी, पैनल अधिवक्ता और न्यायिक कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन योग के महत्व और नियमित अभ्यास के संदेश के साथ हुआ।1
- चित्तौड़गढ़ में नेहरू पार्क अंडरब्रिज के पास हुए एक हादसे में गंगरार निवासी दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद एसपी धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस की त्वरित कार्रवाई का असर देखने को मिला, जहाँ 112 टीम हादसे की सूचना मिलने के 10 मिनट के भीतर ही मौके पर पहुँच गई। पुलिस की इस तेज प्रतिक्रिया के लिए हैलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ के संपादक ने धन्यवाद व्यक्त किया है।1