Shuru
Apke Nagar Ki App…
रांची के मांडर में खोखड़ी खाने को लेकर एक व्यक्ति असमंजस में पड़ गया, जिसके बाद उसने सुरक्षा के लिहाज से इसे फेंक देना ही बेहतर समझा। व्यक्ति का कहना है कि आज उसे बहुत सारी खोखड़ी मिली थी, लेकिन उसने उसे खाया नहीं। इस खोखड़ी को न खाने के पीछे का कारण लोगों के बीच की विरोधाभासी राय है। व्यक्ति के अनुसार, कुछ लोगों का कहना है कि इसे खाया जा सकता है, जबकि कुछ अन्य लोग इसे जहर बता रहे हैं। इसी भ्रम और डर के चलते आखिरकार उसने खोखड़ी को फेंक दिया। अब व्यक्ति ने लोगों से यह स्पष्ट करने के लिए सवाल पूछा है कि क्या खोखड़ी को सचमुच खाया जाना चाहिए या नहीं, ताकि इस बात की सही जानकारी मिल सके कि यह खाने योग्य है या नहीं।
Nirmal Kispotta
रांची के मांडर में खोखड़ी खाने को लेकर एक व्यक्ति असमंजस में पड़ गया, जिसके बाद उसने सुरक्षा के लिहाज से इसे फेंक देना ही बेहतर समझा। व्यक्ति का कहना है कि आज उसे बहुत सारी खोखड़ी मिली थी, लेकिन उसने उसे खाया नहीं। इस खोखड़ी को न खाने के पीछे का कारण लोगों के बीच की विरोधाभासी राय है। व्यक्ति के अनुसार, कुछ लोगों का कहना है कि इसे खाया जा सकता है, जबकि कुछ अन्य लोग इसे जहर बता रहे हैं। इसी भ्रम और डर के चलते आखिरकार उसने खोखड़ी को फेंक दिया। अब व्यक्ति ने लोगों से यह स्पष्ट करने के लिए सवाल पूछा है कि क्या खोखड़ी को सचमुच खाया जाना चाहिए या नहीं, ताकि इस बात की सही जानकारी मिल सके कि यह खाने योग्य है या नहीं।
More news from झारखंड and nearby areas
- रांची के मांडर में खोखड़ी खाने को लेकर एक व्यक्ति असमंजस में पड़ गया, जिसके बाद उसने सुरक्षा के लिहाज से इसे फेंक देना ही बेहतर समझा। व्यक्ति का कहना है कि आज उसे बहुत सारी खोखड़ी मिली थी, लेकिन उसने उसे खाया नहीं। इस खोखड़ी को न खाने के पीछे का कारण लोगों के बीच की विरोधाभासी राय है। व्यक्ति के अनुसार, कुछ लोगों का कहना है कि इसे खाया जा सकता है, जबकि कुछ अन्य लोग इसे जहर बता रहे हैं। इसी भ्रम और डर के चलते आखिरकार उसने खोखड़ी को फेंक दिया। अब व्यक्ति ने लोगों से यह स्पष्ट करने के लिए सवाल पूछा है कि क्या खोखड़ी को सचमुच खाया जाना चाहिए या नहीं, ताकि इस बात की सही जानकारी मिल सके कि यह खाने योग्य है या नहीं।4
- हजारीबाग के चौपारण में लगातार चौथी बार भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकली है। इस दौरान पूरा चौपारण भगवान की भक्ति के माहौल में डूबा नजर आया।1
- रांची के बुढ़मू में साहू शिव समाज द्वारा बुढ़मू श्मशान घाट में व्यापक वृक्षारोपण कर इसके हरित वातावरण को संवर्धित किया गया। यह कार्यक्रम तेली समाज के अध्यक्ष जय साहू और साहू शिव समूह के अध्यक्ष रामनाथ साहू के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर विक्की, तीर्थनाथ, भुनेश्वर, यदूमल, प्रदीप, राजेश और रिंकू साहू ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। श्मशान घाट के सौंदर्य और पर्यावरण में हुए इस सुधार की वहां उपस्थित नागरिकों ने जमकर प्रशंसा की। इस मौके पर आयोजकों ने संदेश दिया कि पेड़ लगाने से हवा साफ होगी, मिट्टी का कटाव रुकेगा और सामुदायिक जागरूकता बढ़ेगी। इसके साथ ही, समाज ने भविष्य में भी और अधिक पौधरोपण अभियानों को आयोजित करने की घोषणा की है।1
- झारखंड की राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र में विश्व सर्प दिवस के अवसर पर एक विशाल नाग निकलने से स्थानीय लोगों में हलचल मच गई। नाग दिखने की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल को दी गई, जिसके बाद पुलिस और वन विभाग के समन्वय से सर्पमित्र नारायण प्रामाणिक तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बेहद सुरक्षित तरीके से इस विशाल नाग का रेस्क्यू किया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। रांची क्लब टीवी द्वारा प्रसारित इस जानकारी का मुख्य उद्देश्य जनता के बीच सूचना और जागरूकता फैलाना है। इसमें लोगों से विशेष अपील की गई है कि सांप दिखने पर उसे किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाने की कोशिश बिल्कुल न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम से संपर्क कर उन्हें इसकी सूचना दें।1
- रांची में आयोजित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा-2026 में आस्था का भव्य सैलाब उमड़ पड़ा। इस पावन अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सम्मिलित होकर महाप्रभु जगन्नाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्य की खुशहाली की कामना की। इस महोत्सव के दौरान भक्ति और श्रद्धा के माहौल में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्वयं भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींची। इस दौरान पूरा धुर्वा क्षेत्र श्रद्धालुओं के 'जय-जय जगन्नाथ' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के इस भारी उत्साह के बीच मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जगन्नाथ मंदिर तक एक भव्य तोरणद्वार का निर्माण कराया जाएगा। हजारों श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी के साथ रांची में आयोजित हुआ यह रथयात्रा महोत्सव श्रद्धा, संस्कृति और आस्था का एक भव्य संगम बन गया।1
- 16 जुलाई 2026 को शाम 5:30 बजे बशरतपुर क्षेत्र में जगन्नाथ जी महाराज की शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। इस शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और जगन्नाथ जी की यात्रा में शामिल हुए। बशरतपुर में आयोजित इस यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं ने जगन्नाथ जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद तथा प्रसाद प्राप्त किया।4
- रांची के नामकुम में बेजुबान जानवरों की रक्षा करने का एक अनोखा जज्बा देखने को मिल रहा है। यहाँ खतरों से खेलना कोई शौक नहीं, बल्कि इन बेजुबानों की जान बचाना ही एकमात्र जुनून बन चुका है।1
- झारखंड के रांची जिले अंतर्गत बुढ़मू प्रखंड की मुरूपीरी पंचायत के उसकू गांव में बुधवार दोपहर भारी बारिश के साथ हुए वज्रपात की चपेट में आने से रीमा देवी (पति विश्वनाथ यादव) की दो दुधारू गायों और एक बछिया की मौत हो गई। इस घटना के तुरंत बाद पशुपालन विभाग के चिकित्सक को फोन कर मामले की जानकारी दी गई, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर तीनों मृत मवेशियों को मिट्टी में दफन कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय मुखिया सीता देवी और भाजपा नेता तारकेश्वर भारती ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।1