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Bete ne bujurg pita ko berahami se mara biral video u p ke banda jile ka hai

12 hrs ago
user_Mr Zakir Husain
Mr Zakir Husain
गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
12 hrs ago

Bete ne bujurg pita ko berahami se mara biral video u p ke banda jile ka hai

More news from Pashchim Champaran and nearby areas
  • 26 सितंबर को बेतिया समाहरणालय पर ईख उत्पादकों का विशाल धरना नौतन। बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ की नौतन अंचल कमिटी की विस्तारित बैठक श्यामपुर कोतराहा पंचायत में जिला अध्यक्ष लालबाबू यादव के आवास पर हुई। बैठक में अखिल भारतीय गन्ना किसान महासंघ के राष्ट्रीय वित्त सचिव प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर अब संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को सासामुसा चीनी मिल को कबाड़ी के हाथों बेचे जाने के विरोध में सासामुसा स्टेशन चौक पर सभा होगी। साथ ही 26 सितंबर को सुबह 11 बजे बेतिया समाहरणालय पर पश्चिम चंपारण के ईख उत्पादक किसान विशाल धरना देंगे। धरने के माध्यम से गन्ने का समर्थन मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल करने, चीनी मिलों की घटतौली पर रोक लगाने, सभी किस्म के गन्ने का समान चालान जारी करने तथा इथेनॉल, बिजली व अन्य बायो-प्रोडक्ट से होने वाले लाभ में किसानों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी। बैठक की अध्यक्षता मुखिया अंबिका यादव ने की।
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    26 सितंबर को बेतिया समाहरणालय पर ईख उत्पादकों का विशाल धरना

नौतन। बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ की नौतन अंचल कमिटी की विस्तारित बैठक श्यामपुर कोतराहा पंचायत में जिला अध्यक्ष लालबाबू यादव के आवास पर हुई। बैठक में अखिल भारतीय गन्ना किसान महासंघ के राष्ट्रीय वित्त सचिव प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर अब संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को सासामुसा चीनी मिल को कबाड़ी के हाथों बेचे जाने के विरोध में सासामुसा स्टेशन चौक पर सभा होगी। साथ ही 26 सितंबर को सुबह 11 बजे बेतिया समाहरणालय पर पश्चिम चंपारण के ईख उत्पादक किसान विशाल धरना देंगे। धरने के माध्यम से गन्ने का समर्थन मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल करने, चीनी मिलों की घटतौली पर रोक लगाने, सभी किस्म के गन्ने का समान चालान जारी करने तथा इथेनॉल, बिजली व अन्य बायो-प्रोडक्ट से होने वाले लाभ में किसानों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी। बैठक की अध्यक्षता मुखिया अंबिका यादव ने की।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    Bettiah, Pashchim Champaran•
    5 hrs ago
  • RPF Constable Accused of Hitting Passenger After Hiding His Phone: Security or Misconduct? A troubling incident inside a train has raised questions over passenger treatment and the conduct of railway security personnel. The passenger reportedly left his mobile phone charging and stepped away for a short while, after which an RPF constable allegedly hid the phone, reportedly saying it was to "teach him a lesson." #RPF #RailwaySecurity #IndianRailways #PassengerRights #RailwayNews
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    RPF Constable Accused of Hitting Passenger After Hiding His Phone: Security or Misconduct?

A troubling incident inside a train has raised questions over passenger treatment and the conduct of railway security personnel. The passenger reportedly left his mobile phone charging and stepped away for a short while, after which an RPF constable allegedly hid the phone, reportedly saying it was to "teach him a lesson."

#RPF #RailwaySecurity #IndianRailways #PassengerRights #RailwayNews
    user_Desi Dispatch News
    Desi Dispatch News
    Commercial property estate agent तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कश्मीर नहीं, बिहार में लहलहा रहे सेब के बागान, 45 डिग्री की गर्मी में भी फलन, किसानों की आमदनी डबल पश्चिम चंपारण. जिस सेब की खेती को अब तक कश्मीर और हिमाचल जैसे ठंडे पहाड़ी इलाकों का समझा जाता था, वह अब बिहार जैसे गर्म प्रदेश की पहचान बन चुकी है.बड़ी बात यह है कि जिले के दर्जनों किसानों ने सीमित संसाधनों के बावजूद भी इसकी बागवानी बड़ी खूबसूरती से की है, जिससे उन्हें शानदार फलन की प्राप्ति भी हुई है. बताते चलें कि ज़िले में इसकी शुरुआत मझौलिया प्रखंड निवासी रविकांत पांडे ने वर्ष 2019 में ही की थी.रविकांत एक कृषि विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने गर्म प्रदेश में होने वाले सेव की HRMN 99 किस्म को सबसे पहले सफलता पूर्वक उपजाया था. बकौल रविकांत, HRMN के अलावे सेव की अन्ना, ट्रॉपिकल स्वीट, डोर्सेट गोल्डन और ग्रैनी स्मिथ जैसी किस्मों को भी बिहार सहित कुछ अन्य गर्म राज्यों में उपजाया जा सकता है. सेब के पौधे तैयार करने में M7 और M9 रूटस्टॉक का इस्तेमाल किया जाता है. रूटस्टॉक के ऊपर इच्छित सेब की प्रजाति की ग्राफ्टिंग यानी कलम बांधी जाती है. इसके लिए अन्ना, ट्रॉपिकल स्वीट, डोर्सेट गोल्डन और ग्रैनी स्मिथ जैसी किस्मों का इस्तेमाल किया जा रहा है.पौधे की ग्राफ्टिंग के बाद उचित समय और तापमान में उसकी देखभाल की जाती है. ध्यान रहे कि ग्राफ्टिंग वाले स्थान के ऊपर निकलने वाली शाखाओं को विकसित किया जाता है, जबकि रूटस्टॉक के नीचे से निकलने वाली अनावश्यक शाखाओं को हटा दिया जाता है. सेब के पेड़ में विकसित होने वाली फलदार छोटी शाखाएं ही आगे चलकर फल देने का आधार बनती हैं. इन्हीं शाखाओं पर फूल आते हैं और बाद में सेब के फल विकसित होते हैं. मजे की बात है कि HRMN को सिर्फ खेत में ही नहीं, बल्कि सीमित मिट्टी वाले कंटेनर में भी लगाया जा सकता है.बड़ी बात यह है कि रवीकांत ने इन्हीं कैरेट और गमलों में सेब की सफल उपज करके दिखाई है. बताते चलें कि सेब के पौधों के लिए करीब 8 फीट प्लांट-टू-प्लांट और 10 फीट लाइन-टू-लाइन दूरी रखने पर एक एकड़ में 500 से अधिक पौधे लगाए जा सकते हैं। कुछ किस्में शुरुआती वर्षों में ही फल देना शुरू कर देती हैं, लेकिन कुछ को एक वर्ष से भी अधिक समय लगता है. मैदानी इलाकों में गर्मी पहाड़ी क्षेत्रों की तुलना में पहले आने के कारण यहां सेब का विकास और फल तैयार होने का समय भी पहले हो सकता है। उनका दावा है कि बिहार में तैयार होने वाला सेब कश्मीर के पारंपरिक सीजन से करीब डेढ़ से दो महीने पहले बाजार में आने की संभावना रखता है। रवीकांत पांडेय ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पौधे तैयार करना नहीं, बल्कि किसानों को सेब की खेती की पूरी तकनीक समझाना भी है। इसमें पौधारोपण, प्रूनिंग यानी छंटाई, पोषण प्रबंधन, फलदार शाखाओं की देखभाल और उत्पादन बढ़ाने की तकनीक शामिल है। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में सेब के पौधों की कीमत करीब 1200 रुपये तक थी, लेकिन अब अपने उत्पादन के कारण अपेक्षाकृत कम कीमत पर पौधे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इच्छुक किसान स्क्रीन पर जारी संपर्क नंबर के माध्यम से पौधों के लिए संपर्क कर सकते हैं।
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    कश्मीर नहीं, बिहार में लहलहा रहे सेब के बागान, 45 डिग्री की गर्मी में भी फलन, किसानों की आमदनी डबल
पश्चिम चंपारण. जिस सेब की खेती को अब तक कश्मीर और हिमाचल जैसे ठंडे पहाड़ी इलाकों का समझा जाता था, वह अब बिहार जैसे गर्म प्रदेश की पहचान बन चुकी है.बड़ी बात यह है कि जिले के दर्जनों किसानों ने सीमित संसाधनों के बावजूद भी इसकी बागवानी बड़ी खूबसूरती से की है, जिससे उन्हें शानदार फलन की प्राप्ति भी हुई है.
बताते चलें कि ज़िले में इसकी शुरुआत मझौलिया प्रखंड निवासी रविकांत पांडे ने वर्ष 2019 में ही की थी.रविकांत एक  कृषि विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने गर्म प्रदेश में होने वाले सेव की HRMN 99 किस्म को सबसे पहले सफलता पूर्वक उपजाया था.
बकौल रविकांत, HRMN के अलावे सेव की अन्ना, ट्रॉपिकल स्वीट, डोर्सेट गोल्डन और ग्रैनी स्मिथ जैसी किस्मों को भी बिहार सहित कुछ अन्य गर्म राज्यों में उपजाया जा सकता है.
सेब के पौधे तैयार करने में M7 और M9 रूटस्टॉक का इस्तेमाल किया जाता है. रूटस्टॉक के ऊपर इच्छित सेब की प्रजाति की ग्राफ्टिंग यानी कलम बांधी जाती है. इसके लिए अन्ना, ट्रॉपिकल स्वीट, डोर्सेट गोल्डन और ग्रैनी स्मिथ जैसी किस्मों का इस्तेमाल किया जा रहा है.पौधे की ग्राफ्टिंग के बाद उचित समय और तापमान में उसकी देखभाल की जाती है. 
ध्यान रहे कि ग्राफ्टिंग वाले स्थान के ऊपर निकलने वाली शाखाओं को विकसित किया जाता है, जबकि रूटस्टॉक के नीचे से निकलने वाली अनावश्यक शाखाओं को हटा दिया जाता है. सेब के पेड़ में विकसित होने वाली फलदार छोटी शाखाएं ही आगे चलकर फल देने का आधार बनती हैं. इन्हीं शाखाओं पर फूल आते हैं और बाद में सेब के फल विकसित होते हैं.
मजे की बात है कि HRMN को सिर्फ खेत में ही नहीं, बल्कि सीमित मिट्टी वाले कंटेनर में भी लगाया जा सकता है.बड़ी बात यह है कि रवीकांत ने इन्हीं कैरेट और गमलों में सेब की सफल उपज करके दिखाई है.
बताते चलें कि सेब के पौधों के लिए करीब 8 फीट प्लांट-टू-प्लांट और 10 फीट लाइन-टू-लाइन दूरी रखने पर एक एकड़ में 500 से अधिक पौधे लगाए जा सकते हैं। कुछ किस्में शुरुआती वर्षों में ही फल देना शुरू कर देती हैं, लेकिन कुछ को एक वर्ष से भी अधिक समय लगता है.
मैदानी इलाकों में गर्मी पहाड़ी क्षेत्रों की तुलना में पहले आने के कारण यहां सेब का विकास और फल तैयार होने का समय भी पहले हो सकता है। उनका दावा है कि बिहार में तैयार होने वाला सेब कश्मीर के पारंपरिक सीजन से करीब डेढ़ से दो महीने पहले बाजार में आने की संभावना रखता है।
रवीकांत पांडेय ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पौधे तैयार करना नहीं, बल्कि किसानों को सेब की खेती की पूरी तकनीक समझाना भी है। इसमें पौधारोपण, प्रूनिंग यानी छंटाई, पोषण प्रबंधन, फलदार शाखाओं की देखभाल और उत्पादन बढ़ाने की तकनीक शामिल है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में सेब के पौधों की कीमत करीब 1200 रुपये तक थी, लेकिन अब अपने उत्पादन के कारण अपेक्षाकृत कम कीमत पर पौधे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इच्छुक किसान स्क्रीन पर जारी संपर्क नंबर के माध्यम से पौधों के लिए संपर्क कर सकते हैं।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    10 hrs ago
  • 16 वीं बिहार राज्य स्तरीय सीनियर पुरुष एवं महिला वुशू प्रतियोगिता आयोजित किया गया। 20 September. जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 20.09.2026.
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    16 वीं बिहार राज्य स्तरीय सीनियर पुरुष एवं महिला वुशू प्रतियोगिता आयोजित किया गया।                          20 September. 
जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।  20.09.2026.
    user_Vivek Kumar
    Vivek Kumar
    Teacher बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • m p me petrol pamp chalko ka birodh
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    m p me petrol pamp chalko ka birodh
    user_Mr Zakir Husain
    Mr Zakir Husain
    गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    23 hrs ago
  • समेकित आजीविका परियोजना सम्मेलन-सह-कृषि मेला का आयोजन, ग्रामीण विकास पर जोर मझौलिया। राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अमवा मझार में एसएसवीएस (समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान), बेतिया के तत्वावधान में आयोजित समेकित आजीविका परियोजना सम्मेलन-सह-कृषि मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में कृषि और आजीविका के नए अवसरों पर चर्चा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को आधुनिक खेती, स्वरोजगार, आय बढ़ाने के उपाय तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी पहल ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कृषि मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीज, जैविक खेती और आजीविका से जुड़े विभिन्न मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें किसानों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक देखा। आयोजकों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ सतत और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।
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    समेकित आजीविका परियोजना सम्मेलन-सह-कृषि मेला का आयोजन, ग्रामीण विकास पर जोर
मझौलिया। राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अमवा मझार में एसएसवीएस (समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान), बेतिया के तत्वावधान में आयोजित समेकित आजीविका परियोजना सम्मेलन-सह-कृषि मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में कृषि और आजीविका के नए अवसरों पर चर्चा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को आधुनिक खेती, स्वरोजगार, आय बढ़ाने के उपाय तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी पहल ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कृषि मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीज, जैविक खेती और आजीविका से जुड़े विभिन्न मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें किसानों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक देखा। आयोजकों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ सतत और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    Bettiah, Pashchim Champaran•
    5 hrs ago
  • Vikas ki pol kholti ye taza khabar! Janta ke tax ke paise aur suraksha ke saath khilwaad kab tak? Dekhiye sarak ki kharab sthiti ka ye viral video. ​#TaazaKhabar #RoadInfrastructure #CorruptionExposed #BiharNews #DesiDispatch
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    Vikas ki pol kholti ye taza khabar! Janta ke tax ke paise aur suraksha ke saath khilwaad kab tak? Dekhiye sarak ki kharab sthiti ka ye viral video.

​#TaazaKhabar #RoadInfrastructure #CorruptionExposed #BiharNews #DesiDispatch
    user_Desi Dispatch News
    Desi Dispatch News
    Commercial property estate agent तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Bete ne bujurg pita ko berahami se mara biral video u p ke banda jile ka hai
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    Bete ne bujurg pita ko berahami se mara biral video u p ke banda jile ka hai
    user_Mr Zakir Husain
    Mr Zakir Husain
    गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    12 hrs ago
  • 10 लाख की मारपीट कर लूटपाट स्वर्णकार व्यवसाय संघ कटेया थाना आरोपी को ढूंढ रही है हरेंद्र वर्मा जमुना बाजार थाना कटेया जिला गोपालगंज बिहार 10 लाख की मारपीट लूटपाट सोनार व्यवसाय अब नहीं रहे सुरक्षित 200gm गोल्ड 1500kg चांदी लुटा
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    10 लाख की मारपीट कर लूटपाट स्वर्णकार व्यवसाय संघ कटेया थाना आरोपी को ढूंढ रही है
हरेंद्र वर्मा जमुना बाजार थाना कटेया जिला गोपालगंज बिहार 10 लाख की मारपीट लूटपाट सोनार व्यवसाय अब नहीं रहे सुरक्षित 200gm गोल्ड 1500kg चांदी लुटा
    user_Gk V
    Gk V
    Katiya, Gopalganj•
    10 hrs ago
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