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शासकीय काम से पहुंचे बिजली कर्मचारी और बेटे पर भीड़ का हमला, वीडियो वायरल छतरपुर/बारीगढ़। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर क्षेत्र अंतर्गत बारीगढ़ में शासकीय कार्य से पहुंचे बिजली कंपनी के एक कर्मचारी और उनके बेटे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग लाठी-डंडों से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बिजली कंपनी के कर्मचारी शासकीय कार्य के सिलसिले में बारीगढ़ पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि करीब 5 से 10 लोगों ने कर्मचारी को घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बताया गया है कि कर्मचारी के साथ मारपीट होते देखकर उनका बेटा उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचा। आरोप है कि हमलावरों ने बेटे को भी नहीं बख्शा और उसके साथ भी मारपीट की। वीडियो वायरल, कानून व्यवस्था पर सवाल घटना का व शासकीय काम से पहुंचे बिजली कर्मचारी और बेटे पर भीड़ का हमला, वीडियो वायरल छतरपुर/बारीगढ़। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर क्षेत्र अंतर्गत बारीगढ़ में शासकीय कार्य से पहुंचे बिजली कंपनी के एक कर्मचारी और उनके बेटे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग लाठी-डंडों से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बिजली कंपनी के कर्मचारी शासकीय कार्य के सिलसिले में बारीगढ़ पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि करीब 5 से 10 लोगों ने कर्मचारी को घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बताया गया है कि कर्मचारी के साथ मारपीट होते देखकर उनका बेटा उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचा। आरोप है कि हमलावरों ने बेटे को भी नहीं बख्शा और उसके साथ भी मारपीट की। वीडियो वायरल, कानून व्यवस्था पर सवाल घटना का व

1 hr ago
user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

शासकीय काम से पहुंचे बिजली कर्मचारी और बेटे पर भीड़ का हमला, वीडियो वायरल छतरपुर/बारीगढ़। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर क्षेत्र अंतर्गत बारीगढ़ में शासकीय कार्य से पहुंचे बिजली कंपनी के एक कर्मचारी और उनके बेटे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग लाठी-डंडों से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बिजली कंपनी के कर्मचारी शासकीय कार्य के सिलसिले में बारीगढ़ पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि करीब 5 से 10 लोगों ने कर्मचारी को घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बताया गया है कि कर्मचारी के साथ मारपीट होते देखकर उनका बेटा उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचा। आरोप है कि हमलावरों ने बेटे को भी नहीं बख्शा और उसके साथ भी मारपीट की। वीडियो वायरल, कानून व्यवस्था पर सवाल घटना का व शासकीय काम से पहुंचे बिजली कर्मचारी और बेटे पर भीड़ का हमला, वीडियो वायरल छतरपुर/बारीगढ़। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर क्षेत्र अंतर्गत बारीगढ़ में शासकीय कार्य से पहुंचे बिजली कंपनी के एक कर्मचारी और उनके बेटे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग लाठी-डंडों से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बिजली कंपनी के कर्मचारी शासकीय कार्य के सिलसिले में बारीगढ़ पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि करीब 5 से 10 लोगों ने कर्मचारी को घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बताया गया है कि कर्मचारी के साथ मारपीट होते देखकर उनका बेटा उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचा। आरोप है कि हमलावरों ने बेटे को भी नहीं बख्शा और उसके साथ भी मारपीट की। वीडियो वायरल, कानून व्यवस्था पर सवाल घटना का व

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *सड़कों के निर्माण में देरी पर कमिश्नर सख्त, बाधाएं दूर कर समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश* *रीवा-सीधी फोरलेन की सभी बाधाएं दूर कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश, वन अनुमति से अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* रीवा। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने शनिवार को लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक लेकर संभाग में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित मार्गों की प्रगति, लंबाई, लागत, अनुबंध राशि, अनुबंध दिनांक तथा अब तक हुए व्यय की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, योजना मद एवं विशेष मजबूतीकरण मद से कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने नवीन सड़क निर्माण के लिए लगाए गए टेंडरों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने सड़क निर्माण में बाधक बन रहे भू-अर्जन एवं मुआवजे से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि,रीवा-मनकहरी-मझियार-फरहद मार्ग, रीवा-गड्डी मार्ग तथा रघुराजगढ़ से करियाझर मार्ग में भू-अर्जन की कार्यवाही प्रगतिरत है। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को भू-अर्जन से जुड़े प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब न होने देने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत निर्माणाधीन नागौद बाईपास मार्ग तथा चितरंगी-सिंगरौली मार्ग की समीक्षा करते हुए दोनों कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाए जा रहे रीवा-सीधी फोरलेन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने निर्माण कार्य में आ रही सभी बाधाओं को दूर कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। *वन अनुमति के कारण अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* बैठक में एमपीआरडीसी द्वारा निर्माणाधीन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मार्गों के निर्माण में वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण अनावश्यक विलंब हो रहा है।इस पर कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने ऐसे सभी मार्गों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक नहीं है, वहां निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कर पोर्टल पर कार्य पूर्ण होने की स्थिति अपलोड की जाए। कमिश्नर ने सभी निर्माण विभागों को सड़क परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और भूमि अधिग्रहण, वन अनुमति सहित अन्य बाधाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल सहित लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    *सड़कों के निर्माण में देरी पर कमिश्नर सख्त, बाधाएं दूर कर समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश* 

*रीवा-सीधी फोरलेन की सभी बाधाएं दूर कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश, वन अनुमति से अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* 

रीवा। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने शनिवार को लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक लेकर संभाग में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित मार्गों की प्रगति, लंबाई, लागत, अनुबंध राशि, अनुबंध दिनांक तथा अब तक हुए व्यय की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, योजना मद एवं विशेष मजबूतीकरण मद से कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने नवीन सड़क निर्माण के लिए लगाए गए टेंडरों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने सड़क निर्माण में बाधक बन रहे भू-अर्जन एवं मुआवजे से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि,रीवा-मनकहरी-मझियार-फरहद मार्ग, रीवा-गड्डी मार्ग तथा रघुराजगढ़ से करियाझर मार्ग में भू-अर्जन की कार्यवाही प्रगतिरत है। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को भू-अर्जन से जुड़े प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब न होने देने के निर्देश दिए।

कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत निर्माणाधीन नागौद बाईपास मार्ग तथा चितरंगी-सिंगरौली मार्ग की समीक्षा करते हुए दोनों कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाए जा रहे रीवा-सीधी फोरलेन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने निर्माण कार्य में आ रही सभी बाधाओं को दूर कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

*वन अनुमति के कारण अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* 
बैठक में एमपीआरडीसी द्वारा निर्माणाधीन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मार्गों के निर्माण में वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण अनावश्यक विलंब हो रहा है।इस पर कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने ऐसे सभी मार्गों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक नहीं है, वहां निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कर पोर्टल पर कार्य पूर्ण होने की स्थिति अपलोड की जाए। कमिश्नर ने सभी निर्माण विभागों को सड़क परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और भूमि अधिग्रहण, वन अनुमति सहित अन्य बाधाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल सहित लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • खरीदी केंद्र को लेकर के हुई चर्चा किसानों के किसी केंद्र में क्या होता है खरीदी केंद्र को लेकर के हुई चर्चा किसानों के किसी केंद्र में क्या होता है मैहर जिले के समाचार केदो में किसानों के साथ क्या बुरा बर्ताव होता है इसकी चर्चा
    1
    खरीदी केंद्र को लेकर के हुई चर्चा किसानों के किसी केंद्र में क्या होता है
खरीदी केंद्र को लेकर के हुई चर्चा किसानों के किसी केंद्र में क्या होता है
मैहर जिले के समाचार केदो में किसानों के साथ क्या बुरा बर्ताव होता है इसकी चर्चा
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां। पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां मनिकवार विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां मनिकवार पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।
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    *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*

*ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप*

मनगवां। पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं।
अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।
*मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां  मनिकवार विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*
*ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप*
मनगवां मनिकवार पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं।
अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।
    user_Krishna kushwaha
    Krishna kushwaha
    Photographer रायपुर - करचुलियां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *💥 इंदौर में हुए छात्रों की गूंज कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी हुए सम्मिलित भारी मात्रा में लाखों छात्र छात्र छात्राओं ने सम्मिलित होकर वर्तमान में हो रहे पेपर लीक एवं अन्य मुद्दों पर हुए भ्रष्टाचार पर भरी हुंकार प्रदेश और देश की सरकार से युवाओं का उठा विश्वास जेन जी युवाओं देश की आवाज राहुल गांधी 👆🏻💥* *💥 इंदौर में हुए छात्रों की गूंज कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी हुए सम्मिलित भारी मात्रा में लाखों छात्र छात्र छात्राओं ने सम्मिलित होकर वर्तमान में हो रहे पेपर लीक एवं अन्य मुद्दों पर हुए भ्रष्टाचार पर भरी हुंकार प्रदेश और देश की सरकार से युवाओं का उठा विश्वास जेन जी युवाओं देश की आवाज राहुल गांधी 👆🏻💥*
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    *💥 इंदौर में हुए छात्रों की गूंज कार्यक्रम में  कांग्रेस नेता राहुल गांधी हुए सम्मिलित भारी मात्रा में  लाखों छात्र छात्र छात्राओं ने सम्मिलित होकर वर्तमान में हो रहे पेपर लीक एवं अन्य मुद्दों पर हुए भ्रष्टाचार पर भरी हुंकार प्रदेश और देश की सरकार से युवाओं का उठा विश्वास जेन जी युवाओं देश की आवाज राहुल गांधी 👆🏻💥*
*💥 इंदौर में हुए छात्रों की गूंज कार्यक्रम में  कांग्रेस नेता राहुल गांधी हुए सम्मिलित भारी मात्रा में  लाखों छात्र छात्र छात्राओं ने सम्मिलित होकर वर्तमान में हो रहे पेपर लीक एवं अन्य मुद्दों पर हुए भ्रष्टाचार पर भरी हुंकार प्रदेश और देश की सरकार से युवाओं का उठा विश्वास जेन जी युवाओं देश की आवाज राहुल गांधी 👆🏻💥*
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    9 hrs ago
  • खबर अमरपाटन/ ग्राम बिगौडी आदिवासी हत्याकांड की चिनगारी कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची बिश्वहिन्दू षरिषद बजरंग दल ने जिला कलेक्टर कार्यालय मैहर के सामने किया प्रदर्शन अमरपाटन के बिगौडी हत्याकांड की चिनगारी जिला कलेक्टर कार्यालय मैहर तक पहुंची बिश्वहिन्दू षरिषद बजरंग जिला मैहर ने कलेक्टर कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन मुर्दा बाद के लगाए नारे
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    खबर अमरपाटन/ ग्राम बिगौडी आदिवासी हत्याकांड की चिनगारी कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची बिश्वहिन्दू षरिषद बजरंग दल ने जिला कलेक्टर कार्यालय मैहर के सामने किया प्रदर्शन 
अमरपाटन के बिगौडी हत्याकांड की चिनगारी जिला कलेक्टर कार्यालय मैहर तक पहुंची बिश्वहिन्दू षरिषद बजरंग जिला मैहर ने कलेक्टर कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन मुर्दा बाद के लगाए नारे
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *चित्रकूट में पत्थर पर उगाये जाएंगे पौधे* यह ऐतिहासिक कारनामा यहां निर्माणाधीन सीसी रोड के ठेकेदार और इंजीनियर करने जा रहे है। सीसी रोड के बीच में प्रीकास्ट डिवाइडर के बीच में मिट्टी डालकर पौधे लगाना प्रावधानित है। लेकिन इसमें भी मिट्टी के पैसे बचाने की चिंदी चोरी की जा रही। इसमें तोड़ी गई सड़क का मलबा जिसमें काफी पत्थर डामर आदि है को डिवाइडर के बीच डाल दिया गया है। इसके अलावा प्री कास्ट डिवाइडर जो रखे गए हैं वो अच्छे से जोड़ और मिला कर नहीं रखे गए, जिससे काफी खराब दिख रहे। धर्म नगरी में आने वाले लाखों पर्यटकों को ऐसी सौगात की तैयारी है। ठीक वैसी जैसी सतना स्मार्ट सिटी में सांप की तरह बलखाता घटिया डिवाइडर बनाकर खेल कर लिया गया।
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    *चित्रकूट में पत्थर पर उगाये जाएंगे पौधे* यह ऐतिहासिक कारनामा यहां निर्माणाधीन सीसी रोड के ठेकेदार और इंजीनियर करने जा रहे है। सीसी रोड के बीच में प्रीकास्ट डिवाइडर के बीच में मिट्टी डालकर पौधे लगाना प्रावधानित है। लेकिन इसमें भी मिट्टी के पैसे बचाने की चिंदी चोरी की जा रही। इसमें तोड़ी गई सड़क का मलबा जिसमें काफी पत्थर डामर आदि है को डिवाइडर के बीच डाल दिया गया है। इसके अलावा प्री कास्ट डिवाइडर जो रखे गए हैं वो अच्छे से जोड़ और मिला कर नहीं रखे गए, जिससे काफी खराब दिख रहे। धर्म नगरी में आने वाले लाखों पर्यटकों को ऐसी सौगात की तैयारी है। ठीक वैसी जैसी सतना स्मार्ट सिटी में सांप की तरह बलखाता घटिया डिवाइडर बनाकर खेल कर लिया गया।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • वीडियो 👆 _________ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री और रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में सर्किट हाउस राजनिवास में सेवा संकल्प अभियान के संबंध में आयोजित बैठक। सेवा संकल्प अभियान को लेकर बैठक, प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने की तैयारियों की समीक्षा रीवा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री एवं रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में शनिवार को सर्किट हाउस राजनिवास में सेवा संकल्प अभियान के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान के तहत जिले में किए जाने वाले विभिन्न जनसेवा एवं जनकल्याणकारी कार्यों की तैयारियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों से अभियान की रूपरेखा, गतिविधियों और क्रियान्वयन को लेकर जानकारी ली गई। प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी से प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में अभियान से जुड़े विभिन्न विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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    वीडियो 👆
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री और रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में सर्किट हाउस राजनिवास में सेवा संकल्प अभियान के संबंध में आयोजित बैठक।
सेवा संकल्प अभियान को लेकर बैठक, प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने की तैयारियों की समीक्षा
रीवा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री एवं रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में शनिवार को सर्किट हाउस राजनिवास में सेवा संकल्प अभियान के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अभियान के तहत जिले में किए जाने वाले विभिन्न जनसेवा एवं जनकल्याणकारी कार्यों की तैयारियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों से अभियान की रूपरेखा, गतिविधियों और क्रियान्वयन को लेकर जानकारी ली गई।
प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी से प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में अभियान से जुड़े विभिन्न विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • Rewa पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा की। Rewa पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा की।
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    Rewa पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा की।
Rewa पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा की।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • कबीरपुर में सनसनीखेज हत्याकांड: पति ने पत्नी और तीन मासूम बच्चों को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट दमोह कबीरपुर में सनसनीखेज हत्याकांड: पति ने पत्नी और तीन मासूम बच्चों को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट सुबह करीब 4:30 बजे वारदात से मचा हड़कंप, आरोपी पति द्वारका पटेल पुलिस हिरासत में; छह माह पहले भी हुआ था दंपती के बीच विवाद मगरोन। मगरोन थाना क्षेत्र के ग्राम कबीरपुर में शनिवार की सुबह एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की सनसनीखेज वारदात से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिसमें चारों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पति द्वारका पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान खेमा पटेल (27), बेटी उर्मिला पटेल (7), बेटे उमेश पटेल (4) और एक वर्षीय बेटे राजा पटेल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वारदात शनिवार तड़के करीब 4 से 4:30 बजे के बीच हुई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। लंबे समय से चल रहा था पति-पत्नी के बीच विवाद प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के बीच करीब एक साल से विवाद चल रहा था। करीब छह माह पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मृतका खेमा बाई ने मगरोन थाने में पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अब पूर्व में दर्ज शिकायत और पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग कबीरपुर पहुंचे थे और दोनों को समझाने का प्रयास किया था। बाद में परिवार के लोग वहां से लौट गए। पुलिस के अनुसार इसके बाद रात में परिवार घर में सो गया और तड़के यह दर्दनाक वारदात हो गई। वारदात के बाद गांव में मातम घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद पूरे कबीरपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम द्वारा भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर वारदात के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों को लेकर अभी जांच जारी है। पूर्व में दर्ज शिकायत, शुक्रवार को हुआ विवाद और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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    कबीरपुर में सनसनीखेज हत्याकांड: पति ने पत्नी और तीन मासूम बच्चों को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट
दमोह 
कबीरपुर में सनसनीखेज हत्याकांड: पति ने पत्नी और तीन मासूम बच्चों को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट
सुबह करीब 4:30 बजे वारदात से मचा हड़कंप, आरोपी पति द्वारका पटेल पुलिस हिरासत में; छह माह पहले भी हुआ था दंपती के बीच विवाद
मगरोन। मगरोन थाना क्षेत्र के ग्राम कबीरपुर में शनिवार की सुबह एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की सनसनीखेज वारदात से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिसमें चारों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पति द्वारका पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान खेमा पटेल (27), बेटी उर्मिला पटेल (7), बेटे उमेश पटेल (4) और एक वर्षीय बेटे राजा पटेल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वारदात शनिवार तड़के करीब 4 से 4:30 बजे के बीच हुई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की।
लंबे समय से चल रहा था पति-पत्नी के बीच विवाद
प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के बीच करीब एक साल से विवाद चल रहा था। करीब छह माह पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मृतका खेमा बाई ने मगरोन थाने में पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अब पूर्व में दर्ज शिकायत और पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग कबीरपुर पहुंचे थे और दोनों को समझाने का प्रयास किया था। बाद में परिवार के लोग वहां से लौट गए। पुलिस के अनुसार इसके बाद रात में परिवार घर में सो गया और तड़के यह दर्दनाक वारदात हो गई।
वारदात के बाद गांव में मातम
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद पूरे कबीरपुर गांव में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम द्वारा भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर वारदात के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों को लेकर अभी जांच जारी है। पूर्व में दर्ज शिकायत, शुक्रवार को हुआ विवाद और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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