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*मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां। पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां मनिकवार विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां मनिकवार पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।

1 hr ago
user_Krishna kushwaha
Krishna kushwaha
Photographer रायपुर - करचुलियां, रीवा, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

*मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां। पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। *मेंटेनेंस के

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नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां मनिकवार विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां मनिकवार पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।

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  • *सड़कों के निर्माण में देरी पर कमिश्नर सख्त, बाधाएं दूर कर समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश* *रीवा-सीधी फोरलेन की सभी बाधाएं दूर कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश, वन अनुमति से अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* रीवा। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने शनिवार को लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक लेकर संभाग में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित मार्गों की प्रगति, लंबाई, लागत, अनुबंध राशि, अनुबंध दिनांक तथा अब तक हुए व्यय की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, योजना मद एवं विशेष मजबूतीकरण मद से कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने नवीन सड़क निर्माण के लिए लगाए गए टेंडरों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने सड़क निर्माण में बाधक बन रहे भू-अर्जन एवं मुआवजे से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि,रीवा-मनकहरी-मझियार-फरहद मार्ग, रीवा-गड्डी मार्ग तथा रघुराजगढ़ से करियाझर मार्ग में भू-अर्जन की कार्यवाही प्रगतिरत है। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को भू-अर्जन से जुड़े प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब न होने देने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत निर्माणाधीन नागौद बाईपास मार्ग तथा चितरंगी-सिंगरौली मार्ग की समीक्षा करते हुए दोनों कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाए जा रहे रीवा-सीधी फोरलेन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने निर्माण कार्य में आ रही सभी बाधाओं को दूर कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। *वन अनुमति के कारण अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* बैठक में एमपीआरडीसी द्वारा निर्माणाधीन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मार्गों के निर्माण में वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण अनावश्यक विलंब हो रहा है।इस पर कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने ऐसे सभी मार्गों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक नहीं है, वहां निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कर पोर्टल पर कार्य पूर्ण होने की स्थिति अपलोड की जाए। कमिश्नर ने सभी निर्माण विभागों को सड़क परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और भूमि अधिग्रहण, वन अनुमति सहित अन्य बाधाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल सहित लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    *सड़कों के निर्माण में देरी पर कमिश्नर सख्त, बाधाएं दूर कर समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश* 

*रीवा-सीधी फोरलेन की सभी बाधाएं दूर कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश, वन अनुमति से अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* 

रीवा। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने शनिवार को लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक लेकर संभाग में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित मार्गों की प्रगति, लंबाई, लागत, अनुबंध राशि, अनुबंध दिनांक तथा अब तक हुए व्यय की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, योजना मद एवं विशेष मजबूतीकरण मद से कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने नवीन सड़क निर्माण के लिए लगाए गए टेंडरों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने सड़क निर्माण में बाधक बन रहे भू-अर्जन एवं मुआवजे से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि,रीवा-मनकहरी-मझियार-फरहद मार्ग, रीवा-गड्डी मार्ग तथा रघुराजगढ़ से करियाझर मार्ग में भू-अर्जन की कार्यवाही प्रगतिरत है। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को भू-अर्जन से जुड़े प्रकरणों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब न होने देने के निर्देश दिए।

कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत निर्माणाधीन नागौद बाईपास मार्ग तथा चितरंगी-सिंगरौली मार्ग की समीक्षा करते हुए दोनों कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाए जा रहे रीवा-सीधी फोरलेन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने निर्माण कार्य में आ रही सभी बाधाओं को दूर कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

*वन अनुमति के कारण अटके पीएम जनमन मार्गों की मांगी रिपोर्ट* 
बैठक में एमपीआरडीसी द्वारा निर्माणाधीन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मार्गों के निर्माण में वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण अनावश्यक विलंब हो रहा है।इस पर कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने ऐसे सभी मार्गों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रधानमंत्री जनमन मार्गों के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक नहीं है, वहां निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कर पोर्टल पर कार्य पूर्ण होने की स्थिति अपलोड की जाए। कमिश्नर ने सभी निर्माण विभागों को सड़क परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और भूमि अधिग्रहण, वन अनुमति सहित अन्य बाधाओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल सहित लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • रीवा ब्रेकिंग। स्लग: मोहनिया टनल में जानलेवा स्टंट, वीडियो वायरल। रीवा की मोहनिया टनल से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक युवक कथित तौर पर चलती बाइक पर खतरनाक स्टंट करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि टनल जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह का स्टंट न सिर्फ स्टंट करने वाले के लिए, बल्कि वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। अब सवाल यह है कि आखिर प्रतिबंधित और संवेदनशील सड़क मार्ग पर इस तरह के खतरनाक स्टंट को अंजाम देने वालों पर कार्रवाई कब होगी? वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति की पहचान और कार्रवाई करती है या नहीं, इस पर सभी की नजर है।
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    रीवा ब्रेकिंग।

स्लग: मोहनिया टनल में जानलेवा स्टंट, वीडियो वायरल।

रीवा की मोहनिया टनल से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक युवक कथित तौर पर चलती बाइक पर खतरनाक स्टंट करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि टनल जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह का स्टंट न सिर्फ स्टंट करने वाले के लिए, बल्कि वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। अब सवाल यह है कि आखिर प्रतिबंधित और संवेदनशील सड़क मार्ग पर इस तरह के खतरनाक स्टंट को अंजाम देने वालों पर कार्रवाई कब होगी? वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति की पहचान और कार्रवाई करती है या नहीं, इस पर सभी की नजर है।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई फरियादी जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों की शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। समाधान दिवस में एसीपी डॉ. अरुण पाराशर राजस्व विभाग की टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का समाधान भी किया गया, जबकि अन्य फरियादियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतों को लेकर एसीपी डॉ. अरुण पाराशर ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान तहसील के राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से तहसील परिसर में काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।
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    फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी
फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी
फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई फरियादी जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों की शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।
समाधान दिवस में एसीपी डॉ. अरुण पाराशर राजस्व विभाग की टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का समाधान भी किया गया, जबकि अन्य फरियादियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतों को लेकर एसीपी डॉ. अरुण पाराशर ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
समाधान दिवस के दौरान तहसील के राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से तहसील परिसर में काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।
    user_Khabar Jagat 24 News
    Khabar Jagat 24 News
    Media house India•
    17 hrs ago
  • “मैं भी उस पुलिस वाले को मारूंगा!” 🚨 जमतरा घाट हादसे पर बवाल पुलिस पर पिटाई के बाद युवक के डूबने का आरोप 5 थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा गांव में भारी आक्रोश, शव रोककर प्रदर्शन जबलपुर | पत्रकार पंडित विकास मैं भी उस पुलिस वाले को मारूंगा पांच थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा जमतरा घाट हादसाः पुलिस पर पिटाई के बाद युवक के डूबने का आरोप 20/04/2026 पं विकास पाठक, जन जागरण संदेश जबलपुर मो.9340686955 जबलपुर जिले के बरेला थाना अंतर्गत ग्राम जमतरा स्थित नर्मदा नदी के खिरहनी घाट पर आज एक बड़ा हादसा सामने आया, जिसे लेकर गांव में भारी आक्रोश है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके युवक को कथित रूप से इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वह जान बचाने के लिए नदी की ओर भागा और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर जमकर नारेबाजी की और शव को ले जाने से रोक दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई। वहीं प्रशासन की ओर से एसडीएम अभिषेक ठाकुर ने बताया कि नर्मदा नदी से निकलने वाली अवैध रेत के निरीक्षण के दौरान दो-तीन संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए रोका गया था, लेकिन वे डर के कारण भाग गए। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कार्यप्रणाली और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग तेज हो गई है।
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    “मैं भी उस पुलिस वाले को मारूंगा!”
🚨 जमतरा घाट हादसे पर बवाल
पुलिस पर पिटाई के बाद युवक के डूबने का आरोप
5 थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
गांव में भारी आक्रोश, शव रोककर प्रदर्शन
जबलपुर | पत्रकार पंडित विकास
मैं भी उस पुलिस वाले को मारूंगा
पांच थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
जमतरा घाट हादसाः पुलिस पर पिटाई के बाद युवक के डूबने का आरोप 20/04/2026
पं विकास पाठक, जन जागरण संदेश जबलपुर मो.9340686955
जबलपुर जिले के बरेला थाना अंतर्गत ग्राम जमतरा स्थित नर्मदा नदी के खिरहनी घाट पर आज एक बड़ा हादसा सामने आया, जिसे लेकर गांव में भारी आक्रोश है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके युवक को कथित रूप से इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वह जान बचाने के लिए नदी की ओर भागा और डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर जमकर नारेबाजी की और शव को ले जाने से रोक दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
वहीं प्रशासन की ओर से एसडीएम अभिषेक ठाकुर ने बताया कि नर्मदा नदी से निकलने वाली अवैध रेत के निरीक्षण के दौरान दो-तीन संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए रोका गया था, लेकिन वे डर के कारण भाग गए। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कार्यप्रणाली और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग तेज हो गई है।
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • जिला पंचायत मऊगंज जनपद पंचायत मऊगंज गांव मऊगंज ंंंंंंंं
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    जिला पंचायत मऊगंज जनपद पंचायत मऊगंज गांव मऊगंज ंंंंंंंं
    user_Rajesh Saket
    Rajesh Saket
    मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने गौशाला का किया स्थलीय निरीक्षण* जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह द्वारा नगर पंचायत मऊ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मैदाना स्थित गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में कुल 175 गोवंश संरक्षित पाए गए। जिलाधिकारी ने गौशाला में गोवंश के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए भूसा घर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि गोवंश को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए तथा स्वच्छ पेयजल की निरंतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गौशाला संरक्षक द्वारा बताया गया कि हरे चारे की उपलब्धता के लिए किसान से एग्रीमेंट कर चारे की बुवाई कराई गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भूसा घर में पर्याप्त मात्रा में भूसा का भंडारण सुनिश्चित रखा जाए, ताकि गोवंश के लिए चारे की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने बड़े एवं छोटे गोवंश को अलग-अलग रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान गौशाला की क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल का भी संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने आवश्यक स्थानों पर फेंसिंग कराए जाने के निर्देश दिए, जिससे गोवंश सुरक्षित रह सकें। जिलाधिकारी ने गौशाला में संधारित किए जाने वाले रजिस्टरों के संबंध में जानकारी ली। गौशाला संरक्षक द्वारा बताया गया कि बाढ़ के कारण रजिस्टर कार्यालय में सुरक्षित रखे गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अपर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रकरण से अवगत कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा गोवंश को गुड़, चना एवं हरी घास खिलाई गई। जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखने तथा गोवंश के संरक्षण एवं देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
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    *जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने गौशाला का किया स्थलीय निरीक्षण*
जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह द्वारा नगर पंचायत मऊ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मैदाना स्थित गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में कुल 175 गोवंश संरक्षित पाए गए।
जिलाधिकारी ने गौशाला में गोवंश के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए भूसा घर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि गोवंश को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए तथा स्वच्छ पेयजल की निरंतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गौशाला संरक्षक द्वारा बताया गया कि हरे चारे की उपलब्धता के लिए किसान से एग्रीमेंट कर चारे की बुवाई कराई गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भूसा घर में पर्याप्त मात्रा में भूसा का भंडारण सुनिश्चित रखा जाए, ताकि गोवंश के लिए चारे की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने बड़े एवं छोटे गोवंश को अलग-अलग रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान गौशाला की क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल का भी संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने आवश्यक स्थानों पर फेंसिंग कराए जाने के निर्देश दिए, जिससे गोवंश सुरक्षित रह सकें।
जिलाधिकारी ने गौशाला में संधारित किए जाने वाले रजिस्टरों के संबंध में जानकारी ली। गौशाला संरक्षक द्वारा बताया गया कि बाढ़ के कारण रजिस्टर कार्यालय में सुरक्षित रखे गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अपर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रकरण से अवगत कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा गोवंश को गुड़, चना एवं हरी घास खिलाई गई। जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखने तथा गोवंश के संरक्षण एवं देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
    user_छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    Reporter मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    26 min ago
  • Rewa पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा की। Rewa पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा की।
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    Rewa पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा की।
Rewa पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा की।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • *चित्रकूट में पत्थर पर उगाये जाएंगे पौधे* यह ऐतिहासिक कारनामा यहां निर्माणाधीन सीसी रोड के ठेकेदार और इंजीनियर करने जा रहे है। सीसी रोड के बीच में प्रीकास्ट डिवाइडर के बीच में मिट्टी डालकर पौधे लगाना प्रावधानित है। लेकिन इसमें भी मिट्टी के पैसे बचाने की चिंदी चोरी की जा रही। इसमें तोड़ी गई सड़क का मलबा जिसमें काफी पत्थर डामर आदि है को डिवाइडर के बीच डाल दिया गया है। इसके अलावा प्री कास्ट डिवाइडर जो रखे गए हैं वो अच्छे से जोड़ और मिला कर नहीं रखे गए, जिससे काफी खराब दिख रहे। धर्म नगरी में आने वाले लाखों पर्यटकों को ऐसी सौगात की तैयारी है। ठीक वैसी जैसी सतना स्मार्ट सिटी में सांप की तरह बलखाता घटिया डिवाइडर बनाकर खेल कर लिया गया।
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    *चित्रकूट में पत्थर पर उगाये जाएंगे पौधे* यह ऐतिहासिक कारनामा यहां निर्माणाधीन सीसी रोड के ठेकेदार और इंजीनियर करने जा रहे है। सीसी रोड के बीच में प्रीकास्ट डिवाइडर के बीच में मिट्टी डालकर पौधे लगाना प्रावधानित है। लेकिन इसमें भी मिट्टी के पैसे बचाने की चिंदी चोरी की जा रही। इसमें तोड़ी गई सड़क का मलबा जिसमें काफी पत्थर डामर आदि है को डिवाइडर के बीच डाल दिया गया है। इसके अलावा प्री कास्ट डिवाइडर जो रखे गए हैं वो अच्छे से जोड़ और मिला कर नहीं रखे गए, जिससे काफी खराब दिख रहे। धर्म नगरी में आने वाले लाखों पर्यटकों को ऐसी सौगात की तैयारी है। ठीक वैसी जैसी सतना स्मार्ट सिटी में सांप की तरह बलखाता घटिया डिवाइडर बनाकर खेल कर लिया गया।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • रीवा ब्रेकिंग। जन विश्वास अभियान में 124 आवेदन, 103 का निराकरण। जन विश्वास अभियान के शिविर में उमड़ा जनसैलाब, ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं। बरहुला सीगौटोला में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से 124 आवेदन पहुंचे, जिनमें 103 का निराकरण किया गया, जबकि 21 आवेदन अस्वीकृत दर्ज किए गए। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत ग्राम पंचायत भवन बरहुला सीगौटोला में शिविर लगाया गया। इसमें बरहुला सीगौटोला सहित भिटौहा, रामगढ़वा और जोन्हा पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। राजस्व विभाग के 62 में 54 आवेदन निपटाए गए, जबकि पंचायत विभाग के 55 में 45 मामलों का निराकरण हुआ। विद्युत विभाग की चार शिकायतों में सिर्फ एक का समाधान हुआ, जबकि तीन मामले लंबित रहे। पीएचई, महिला एवं बाल विकास और वन विभाग से संबंधित शिकायतों का भी निराकरण दर्ज किया गया। हालांकि वन विभाग का कोई प्रतिनिधि शिविर में मौजूद नहीं रहा। एसडीएम माइकल तुर्की समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। अब बड़ा सवाल यह है कि 21 अस्वीकृत और लंबित मामलों के पीछे वजह क्या रही और उनका अगला समाधान क्या होगा? जन विश्वास अभियान में आंकड़े समाधान की तस्वीर जरूर दिखा रहे हैं, लेकिन जमीनी संतुष्टि की असली परीक्षा लंबित मामलों के निपटारे से होगी।
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    रीवा ब्रेकिंग।

जन विश्वास अभियान में 124 आवेदन, 103 का निराकरण।

जन विश्वास अभियान के शिविर में उमड़ा जनसैलाब, ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं। बरहुला सीगौटोला में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से 124 आवेदन पहुंचे, जिनमें 103 का निराकरण किया गया, जबकि 21 आवेदन अस्वीकृत दर्ज किए गए। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत ग्राम पंचायत भवन बरहुला सीगौटोला में शिविर लगाया गया। इसमें बरहुला सीगौटोला सहित भिटौहा, रामगढ़वा और जोन्हा पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। राजस्व विभाग के 62 में 54 आवेदन निपटाए गए, जबकि पंचायत विभाग के 55 में 45 मामलों का निराकरण हुआ। विद्युत विभाग की चार शिकायतों में सिर्फ एक का समाधान हुआ, जबकि तीन मामले लंबित रहे। पीएचई, महिला एवं बाल विकास और वन विभाग से संबंधित शिकायतों का भी निराकरण दर्ज किया गया। हालांकि वन विभाग का कोई प्रतिनिधि शिविर में मौजूद नहीं रहा। एसडीएम माइकल तुर्की समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। अब बड़ा सवाल यह है कि 21 अस्वीकृत और लंबित मामलों के पीछे वजह क्या रही और उनका अगला समाधान क्या होगा? जन विश्वास अभियान में आंकड़े समाधान की तस्वीर जरूर दिखा रहे हैं, लेकिन जमीनी संतुष्टि की असली परीक्षा लंबित मामलों के निपटारे से होगी।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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