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जिला पंचायत मऊगंज जनपद पंचायत मऊगंज गांव मऊगंज ंंंंंंंं
Rajesh Saket
जिला पंचायत मऊगंज जनपद पंचायत मऊगंज गांव मऊगंज ंंंंंंंं
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- जिला पंचायत मऊगंज जनपद पंचायत मऊगंज गांव मऊगंज ंंंंंंंं1
- *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां। पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां मनिकवार विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां मनिकवार पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।2
- बारा तहसील समाधान दिवस में उमड़े फरियादी, राजस्व मामलों की रही भरमार जमीन विवाद, पैमाइश, सीमांकन और कब्जे से जुड़ी शिकायतें पहुंचीं अधिकारियों के दरबार में यूनाइटेड भारत बारा मनोज कुमार बिन्द प्रयागराज। बारा तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने एक-एक कर फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। समाधान दिवस में राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही। जमीन विवाद, पैमाइश, सीमांकन, अवैध कब्जे, रास्ते और भूमि संबंधी अन्य मामलों को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। कई फरियादियों ने मौके पर जांच कराकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी बारा अर्पित कुमार, नायब तहसीलदार अनिल पाठक तथा सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्रा समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायतों का निष्पक्ष, नियमानुसार और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजस्व मामलों में मौके पर जाकर जांच करने तथा वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई करने पर जोर दिया। वहीं पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्रा ने सुना। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा। समाधान दिवस के दौरान तहसील प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी शिकायतों के निस्तारण को लेकर सक्रिय दिखाई दिए। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी-अपनी समस्याएं रखीं और शीघ्र समाधान की मांग की। अधिकारियों ने शिकायतों को दर्ज कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे बारा तहसील समाधान दिवस में उमड़े फरियादी, राजस्व मामलों की रही भरमार जमीन विवाद, पैमाइश, सीमांकन और कब्जे से जुड़ी शिकायतें पहुंचीं अधिकारियों के दरबार में यूनाइटेड भारत बारा मनोज कुमार बिन्द प्रयागराज। बारा तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने एक-एक कर फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। समाधान दिवस में राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही। जमीन विवाद, पैमाइश, सीमांकन, अवैध कब्जे, रास्ते और भूमि संबंधी अन्य मामलों को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। कई फरियादियों ने मौके पर जांच कराकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी बारा अर्पित कुमार, नायब तहसीलदार अनिल पाठक तथा सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्रा समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायतों का निष्पक्ष, नियमानुसार और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजस्व मामलों में मौके पर जाकर जांच करने तथा वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई करने पर जोर दिया। वहीं पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्रा ने सुना। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण कराया जाएगा। समाधान दिवस के दौरान तहसील प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी शिकायतों के निस्तारण को लेकर सक्रिय दिखाई दिए। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी-अपनी समस्याएं रखीं और शीघ्र समाधान की मांग की। अधिकारियों ने शिकायतों को दर्ज कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे1
- जसरा में ई-रिक्शा और बाइक में जोरदार भिड़ंत, बाइक सवार गंभीर रूप से घायल जसरा में ई-रिक्शा और बाइक में जोरदार भिड़ंत, बाइक सवार गंभीर रूप से घायल जसरा, प्रयागराज। यमुनानगर के जसरा ब्लॉक अंतर्गत माधवन गार्डन के पास ई-रिक्शा और बाइक में जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए SRN अस्पताल भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार बाइक सवार छीड़ी गांव का रहने वाला है। दोनों वाहनों में नंबर प्लेट नहीं थी और दोनों एक ही साइड से आ रहे थे। आशंका है कि ओवरटेक के चक्कर में यह हादसा हुआ। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है।1
- शहडोल में रफ्तार का कहर देखने को मिला है। बुढार रोड पर तेज रफ्तार इनोवा ने स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा Zee News मैं देखिए,,,,,, शहडोल में दर्दनाक हिट एंड रन, इनोवा ने स्कूटी को मारी टक्कर, महिला की मौत शहडोल में रफ्तार का कहर देखने को मिला है। बुढार रोड पर तेज रफ्तार इनोवा ने स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि महिला को कार काफी दूर तक घसीटती ले गई। मौके पर ही 45 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई।1
- चाकघाट ख़बर : पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित रमाकांत तिवारी जी को श्रद्धांजली देने पहुंचे बड़े - बड़े नेता, बड़ी संख्या में जनता भी पहुंची देने श्रद्धांजली1
- पुलिस कमिश्नर पीयूष मोडिया के आदेश पर ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने का प्रयास निरंतर जारी* प्रयागराज पुलिस कमिश्नर पीयूष मोडिॅया के आदेश पर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में कोतवाली के इंचार्ज सुधीर कुमार सिंह ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं पुलिस के वाहनों से लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि अपनी दुकान सड़क और नालियों तक ना लाएं चार पहिया वाहन व दो पहिया गाड़ियां सड़क पर न खड़ी करें। ई रिक्शा चालकों की भी लगाम टाइट की गई है उन्हें बताया गया है कि किस तरह से ई रिक्शा चलाया जाए जिससे ट्रैफिक जाम ना हो लगातार कोतवाली क्षेत्र की एसीपी निकिता श्रीवास्तव ,कोतवाली इंचार्ज सुधीर कुमार सिंह समस्त थाना चौकी की पुलिस पैदल गश्त करके ट्रैफिक व्यवस्था को सुचार रूप देने का प्रयास कर रही है कुछ हद तक ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ है पहले चौराहे पर आधा आधा घंटा जाम रहता था अब उससे निजात मिल गई है आगे भीड़ वाले पर्व दशहरा और दिवाली आने वाला है लेकिन यह देखने की बात है कब तक पुलिस प्रशासन इस व्यवस्था को कायम रख सकती है और कितने समय तक यह आने वाला समय ही बताएगा। शगुन2
- कबीरपुर में सनसनीखेज हत्याकांड: पति ने पत्नी और तीन मासूम बच्चों को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट दमोह कबीरपुर में सनसनीखेज हत्याकांड: पति ने पत्नी और तीन मासूम बच्चों को कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट सुबह करीब 4:30 बजे वारदात से मचा हड़कंप, आरोपी पति द्वारका पटेल पुलिस हिरासत में; छह माह पहले भी हुआ था दंपती के बीच विवाद मगरोन। मगरोन थाना क्षेत्र के ग्राम कबीरपुर में शनिवार की सुबह एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की सनसनीखेज वारदात से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिसमें चारों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पति द्वारका पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान खेमा पटेल (27), बेटी उर्मिला पटेल (7), बेटे उमेश पटेल (4) और एक वर्षीय बेटे राजा पटेल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वारदात शनिवार तड़के करीब 4 से 4:30 बजे के बीच हुई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। लंबे समय से चल रहा था पति-पत्नी के बीच विवाद प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के बीच करीब एक साल से विवाद चल रहा था। करीब छह माह पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मृतका खेमा बाई ने मगरोन थाने में पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अब पूर्व में दर्ज शिकायत और पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग कबीरपुर पहुंचे थे और दोनों को समझाने का प्रयास किया था। बाद में परिवार के लोग वहां से लौट गए। पुलिस के अनुसार इसके बाद रात में परिवार घर में सो गया और तड़के यह दर्दनाक वारदात हो गई। वारदात के बाद गांव में मातम घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद पूरे कबीरपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम द्वारा भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर वारदात के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों को लेकर अभी जांच जारी है। पूर्व में दर्ज शिकायत, शुक्रवार को हुआ विवाद और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।4