फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई फरियादी जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों की शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। समाधान दिवस में एसीपी डॉ. अरुण पाराशर राजस्व विभाग की टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का समाधान भी किया गया, जबकि अन्य फरियादियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतों को लेकर एसीपी डॉ. अरुण पाराशर ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान तहसील के राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से तहसील परिसर में काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।
फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई फरियादी जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों की शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। समाधान दिवस में एसीपी डॉ. अरुण पाराशर राजस्व विभाग की टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का समाधान भी किया गया, जबकि अन्य फरियादियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतों को लेकर एसीपी डॉ. अरुण पाराशर ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान तहसील के राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से तहसील परिसर में काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।
- चाकघाट ख़बर : पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित रमाकांत तिवारी जी को श्रद्धांजली देने पहुंचे बड़े - बड़े नेता, बड़ी संख्या में जनता भी पहुंची देने श्रद्धांजली1
- विद्युत विभाग की लापरवाही शान्तिपुरम में काटे गए हरे पेड़ की डाले नाले में फेंकी नाला जाम होने का खतरा *विद्युत विभाग की लापरवाही शान्तिपुरम में काटे गए हरे पेड़ की डाले नाले में फेंकी नाला जाम होने का खतरा* प्रयागराज। नगर निगम प्रयागराज क्षेत्र के फाफामऊ स्थित शांतिपुरम में विद्युत विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। शांतिपुरम फाफामऊ स्थित होम्योपैथिक कॉलेज के सामने बने नगर निगम के मुख्य बड़े नाले में विद्युत विभाग की टीम द्वारा 18 सितंबर को दोपहर लगभग 2 बजे हरे पेड़ों की बड़ी-बड़ी टहनियां और डालियां काटकर सीधे नाले में बहा दी गईं। इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों में भारी रोष है। टीवीसी (TVC) सदस्य रवि शंकर द्विवेदी और प्रयागराज आजाद स्ट्रीट वेंडर यूनियन के प्रतिनिधियों ने इस मामले में महापौर एवं नगर आयुक्त से शिकायत दर्ज कराई है। व्यापारी नेता अजय सोनी और स्थानीय निवासियों ने शिकायती पत्र सौंपते हुए बताया कि नाले में भारी मात्रा में पेड़ों की डालियां फेंक दिए जाने से जलभराव और नाला पूरी तरह जाम होने की स्थिति बन गई है। यदि इसे जल्द से जल्द साफ नहीं कराया गया, तो आसपास के रिहायशी इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो जाएगी। लापरवाही बरतने वाले विद्युत विभाग के दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाए। इस शिकायत पत्र के साथ घटना की वीडियो व फोटो भी नगर निगम अधिकारियों को साक्ष्य के तौर पर संलग्न कर सौंपी गई है।1
- *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां। पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। *मेंटेनेंस के नाम पर लाखों करोड़ों का खेल? मनगवां मनिकवार विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल, निजी युवकों से बिना सुरक्षा उपकरण कराए जा रहे सुधार कार्य के आरोप* मनगवां मनिकवार पूर्वी विद्युत वितरण केंद्र मनगवां की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली लाइनों के मेंटेनेंस के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आता। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने तथा बार-बार फाल्ट होने की शिकायतें सामने आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों और लाइनमैनों की जिम्मेदारी होने के बावजूद कई स्थानों पर नियमित मेंटेनेंस कार्य नहीं किया जाता। आरोप है कि ठेकेदारों को मेंटेनेंस का कार्य मिलने के बाद भी कार्य की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक काम की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल हैं। ग्रामीणों ने मेंटेनेंस मद में खर्च होने वाली राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। सबसे गंभीर आरोप निजी युवकों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण बिजली सुधार कार्य कराने को लेकर हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर निजी युवकों को मामूली पारिश्रमिक देकर ट्रांसफार्मर तथा विद्युत लाइनों पर चढ़ाकर काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल है, बल्कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि फाल्ट की सूचना देने के बाद भी कई बार तत्काल सुधार नहीं होता। वहीं, कुछ लोगों द्वारा लाइन सुधार के लिए पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। बताया जा रहा है कि मनगवां क्षेत्र के लगभग 50 गांवों में यदि विद्युत लाइनों और मेंटेनेंस कार्य का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो कई स्थानों पर जर्जर तार, झूलते 11 केवी तार और अन्य खतरनाक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा अधिकारी नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता, किसान और उनके परिवार भुगतते हैं। अब सवाल यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है? क्या विभाग कभी गांव-गांव जाकर विद्युत लाइनों का भौतिक सत्यापन करेगा? ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, मेंटेनेंस कार्यों के ऑडिट और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।2
- इंदौर में छात्रों की गूँज कार्यक्रम में राहुल गाँधी के पहुँचते ही भीड़ बेकाबू , पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में झड़प.... इंदौर- लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दरमियान शुक्रवार को एयरपोर्ट रोड और बापट चौराहे पर भारी हंगामा देखने को मिला, राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़ा रुख अपनाना पड़ा, काफिले को घेरने का प्रयास, सुरक्षा में चूक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राहुल गांधी का काफिला जैसे ही एयरपोर्ट से बाहर निकलकर होटल की तरफ बढ़ा, रास्ते में हजारों की संख्या में मौजूद उत्साही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करने के लिए गाड़ी को घेर लिया कुछ कार्यकर्ताओं ने काफिले को जबरन रोकने का प्रयास किया, जिसे राहुल गांधी की सुरक्षा में एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है, पुलिस से भिड़े कांग्रेसी अध्यक्ष और लगाए बदसलूकी का आरोप भीड़ को हटाने और वीवीआईपी रूट को क्लियर कराने के लिए जब पुलिस ने मोर्चा संभाला तो कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी नेताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, राहुल गांधी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) के.बी. बायजू के साथ भी पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी किए जाने की खबर है, गौरतलब है कि राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर इंदौर में पिछले दो दिनों से सियासी पारा चढ़ा हुआ था, इंदौर पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए 31 कड़ी शर्तें रखी थीं, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की जांच करने वाले 'वर्मा आयोग' की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि प्रशासन जानबूझकर कोचिंग सेंटरों और छात्रों को धमका रहा है ताकि वे राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल न हो सकें। इस प्रशासनिक तनातनी का असर सड़क पर भी देखने को मिला, जहाँ कार्यकर्ताओं का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था में आई बाधा की जांच कर रही है।1
- जिला पंचायत मऊगंज जनपद पंचायत मऊगंज गांव मऊगंज ंंंंंंंं1
- सैयद सरावां तेरहमील मोड़ शादी का झांसा देकर रुपये लेने के आरोप में दो गिरफ्तार कौशांबी। संदीपनघाट पुलिस ने शादी का झांसा देकर रुपये लेने के मामले में दो वांछित आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक विवेक कुमार पासी निवासी फरीदपुर सुलेम थाना चरवा और कल्लू उर्फ शियानंद निवासी उजिहिनी आइमा गोदाम थाना संदीपनघाट को सैयद सरावां तेरहमील मोड़ के पास से पकड़ा गया।1
- भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिकों का हित प्रदेश से लेकर माल गोदाम आध्यक्ष तक को दिया भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के माल गोदाम के अध्यक्षों को सख्त निर्देश देते हुए कहा अगर आप लोग रजिस्टर हुआ माल गोदाम की सूची नहीं दोगे तो जो मेरे पास है वह मैं सबमिट कर दूंगा उसके भागीदारी आप लोग होंगे वह जिम्मेदार आप लोग होंगे1
- फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर तहसील में समाधान दिवस में उमड़ी भीड़, जमीन और रास्ते से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादी फूलपुर, प्रयागराज। फूलपुर तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सुबह से ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई फरियादी जमीन और रास्ते से जुड़े विवादों की शिकायत लेकर समाधान दिवस में पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। समाधान दिवस में एसीपी डॉ. अरुण पाराशर राजस्व विभाग की टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का समाधान भी किया गया, जबकि अन्य फरियादियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। जमीन पर कब्जे से संबंधित शिकायतों को लेकर एसीपी डॉ. अरुण पाराशर ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान तहसील के राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से तहसील परिसर में काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।1