इंदौर में छात्रों की गूँज कार्यक्रम में राहुल गाँधी के पहुँचते ही भीड़ बेकाबू , पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में झड़प.... इंदौर- लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दरमियान शुक्रवार को एयरपोर्ट रोड और बापट चौराहे पर भारी हंगामा देखने को मिला, राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़ा रुख अपनाना पड़ा, काफिले को घेरने का प्रयास, सुरक्षा में चूक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राहुल गांधी का काफिला जैसे ही एयरपोर्ट से बाहर निकलकर होटल की तरफ बढ़ा, रास्ते में हजारों की संख्या में मौजूद उत्साही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करने के लिए गाड़ी को घेर लिया कुछ कार्यकर्ताओं ने काफिले को जबरन रोकने का प्रयास किया, जिसे राहुल गांधी की सुरक्षा में एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है, पुलिस से भिड़े कांग्रेसी अध्यक्ष और लगाए बदसलूकी का आरोप भीड़ को हटाने और वीवीआईपी रूट को क्लियर कराने के लिए जब पुलिस ने मोर्चा संभाला तो कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी नेताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, राहुल गांधी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) के.बी. बायजू के साथ भी पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी किए जाने की खबर है, गौरतलब है कि राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर इंदौर में पिछले दो दिनों से सियासी पारा चढ़ा हुआ था, इंदौर पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए 31 कड़ी शर्तें रखी थीं, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की जांच करने वाले 'वर्मा आयोग' की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि प्रशासन जानबूझकर कोचिंग सेंटरों और छात्रों को धमका रहा है ताकि वे राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल न हो सकें। इस प्रशासनिक तनातनी का असर सड़क पर भी देखने को मिला, जहाँ कार्यकर्ताओं का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था में आई बाधा की जांच कर रही है।
इंदौर में छात्रों की गूँज कार्यक्रम में राहुल गाँधी के पहुँचते ही भीड़ बेकाबू , पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में झड़प.... इंदौर- लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दरमियान शुक्रवार को एयरपोर्ट रोड और बापट चौराहे पर भारी हंगामा देखने को मिला, राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़ा रुख अपनाना पड़ा, काफिले को घेरने का प्रयास, सुरक्षा में चूक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राहुल गांधी का काफिला जैसे ही एयरपोर्ट से बाहर निकलकर होटल की तरफ बढ़ा, रास्ते में हजारों की संख्या में मौजूद उत्साही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करने के लिए गाड़ी को घेर लिया कुछ कार्यकर्ताओं ने काफिले को जबरन रोकने का प्रयास किया, जिसे राहुल गांधी की सुरक्षा में एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है, पुलिस से भिड़े कांग्रेसी अध्यक्ष और लगाए बदसलूकी का आरोप भीड़ को हटाने और वीवीआईपी रूट को क्लियर कराने के लिए जब पुलिस ने मोर्चा संभाला तो कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी नेताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, राहुल गांधी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) के.बी. बायजू के साथ भी पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी किए जाने की खबर है, गौरतलब है कि राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर इंदौर में पिछले दो दिनों से सियासी पारा चढ़ा हुआ था, इंदौर पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए 31 कड़ी शर्तें रखी थीं, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की जांच करने वाले 'वर्मा आयोग' की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि प्रशासन जानबूझकर कोचिंग सेंटरों और छात्रों को धमका रहा है ताकि वे राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल न हो सकें। इस प्रशासनिक तनातनी का असर सड़क पर भी देखने को मिला, जहाँ कार्यकर्ताओं का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था में आई बाधा की जांच कर रही है।
- इंदौर में छात्रों की गूँज कार्यक्रम में राहुल गाँधी के पहुँचते ही भीड़ बेकाबू , पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में झड़प.... इंदौर- लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दरमियान शुक्रवार को एयरपोर्ट रोड और बापट चौराहे पर भारी हंगामा देखने को मिला, राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़ा रुख अपनाना पड़ा, काफिले को घेरने का प्रयास, सुरक्षा में चूक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राहुल गांधी का काफिला जैसे ही एयरपोर्ट से बाहर निकलकर होटल की तरफ बढ़ा, रास्ते में हजारों की संख्या में मौजूद उत्साही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करने के लिए गाड़ी को घेर लिया कुछ कार्यकर्ताओं ने काफिले को जबरन रोकने का प्रयास किया, जिसे राहुल गांधी की सुरक्षा में एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है, पुलिस से भिड़े कांग्रेसी अध्यक्ष और लगाए बदसलूकी का आरोप भीड़ को हटाने और वीवीआईपी रूट को क्लियर कराने के लिए जब पुलिस ने मोर्चा संभाला तो कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी नेताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, राहुल गांधी के मुख्य सुरक्षा अधिकारी (CSO) के.बी. बायजू के साथ भी पुलिसकर्मियों द्वारा बदसलूकी किए जाने की खबर है, गौरतलब है कि राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर इंदौर में पिछले दो दिनों से सियासी पारा चढ़ा हुआ था, इंदौर पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति के लिए 31 कड़ी शर्तें रखी थीं, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की जांच करने वाले 'वर्मा आयोग' की रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि प्रशासन जानबूझकर कोचिंग सेंटरों और छात्रों को धमका रहा है ताकि वे राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल न हो सकें। इस प्रशासनिक तनातनी का असर सड़क पर भी देखने को मिला, जहाँ कार्यकर्ताओं का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था में आई बाधा की जांच कर रही है।1
- प्रयागराज में ब्राह्मण समाज का सड़क पर हंगामा! चौकी प्रभारी पर अभद्र टिप्पणी का आरोप | ACP मौके पर पहुंचे प्रयागराज में ब्राह्मण समाज का सड़क पर हंगामा! चौकी प्रभारी पर अभद्र टिप्पणी का आरोप | ACP मौके पर पहुंचे1
- दधिकांदो मेला में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एसीपी ने किया भ्रमण प्रयागराज: सलोरी दधिकांदो मेले में देर रात पुलिस की पैनी नजर रही,पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। ड्रोन कैमरों से निगरानी के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के आवश्यक निर्देश दिए गए।2
- पुलिस कमिश्नर पीयूष मोडिया के आदेश पर ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने का प्रयास निरंतर जारी* प्रयागराज पुलिस कमिश्नर पीयूष मोडिॅया के आदेश पर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में कोतवाली के इंचार्ज सुधीर कुमार सिंह ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं पुलिस के वाहनों से लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि अपनी दुकान सड़क और नालियों तक ना लाएं चार पहिया वाहन व दो पहिया गाड़ियां सड़क पर न खड़ी करें। ई रिक्शा चालकों की भी लगाम टाइट की गई है उन्हें बताया गया है कि किस तरह से ई रिक्शा चलाया जाए जिससे ट्रैफिक जाम ना हो लगातार कोतवाली क्षेत्र की एसीपी निकिता श्रीवास्तव ,कोतवाली इंचार्ज सुधीर कुमार सिंह समस्त थाना चौकी की पुलिस पैदल गश्त करके ट्रैफिक व्यवस्था को सुचार रूप देने का प्रयास कर रही है कुछ हद तक ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ है पहले चौराहे पर आधा आधा घंटा जाम रहता था अब उससे निजात मिल गई है आगे भीड़ वाले पर्व दशहरा और दिवाली आने वाला है लेकिन यह देखने की बात है कब तक पुलिस प्रशासन इस व्यवस्था को कायम रख सकती है और कितने समय तक यह आने वाला समय ही बताएगा। शगुन2
- प्रयागराज। नैनी स्टेशन रोड पर भारी वाहनों का बढ़ा दबाव जाम और हादसे का खतरा राष्ट्रीय राजमार्ग छोड़ शॉर्टकट के लिए भारी ट्रकों और डंपरों से स्थानीय लोग परेशान प्रयागराज। नैनी स्टेशन रोड पर इन दिनों भारी वाहनों की आवाजाही से हादसे की संभावना बनी हुई है। इस वजह से स्थानीय लोगों और दुकानदारों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, भारी वाहन के चालक राष्ट्रीय राजमार्ग का इस्तेमाल करने के बजाय शॉर्टकट के लिए नैनी स्टेशन रोड से गुजर रहे हैं। ट्रकों और डंपरों की आवाजाही के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं सड़क की दशा भी खराब हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नैनी स्टेशन रोड पर चलते बड़े वाहन कई बार सड़क पर फंस जाते हैं। इससे घंटों जाम लग जाता है और राहगीरों व छोटे वाहनों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। दुकानदारों का कारोबार प्रभावित भारी वाहनों के दुकानों के सामने खड़े होने और लगातार आवाजाही से स्थानीय दुकानदार भी परेशान हैं। उनका कहना है कि जाम और भारी वाहनों के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। स्कूली बच्चों और राहगीरों को हादसे का डर स्थानीय निवासियों ने बताया कि सड़क पर भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और पैदल चलने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। भारी वाहनों के दबाव से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो रही है। धूल और प्रदूषण से भी परेशानी ट्रकों और डंपरों के लगातार गुजरने से सड़क पर धूल उड़ती रहती है। इससे दुकानों में रखा सामान खराब होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी धूल और प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदार अनु केसरवानी, डॉ. मोनू केसरवानी, रवि केसरवानी, लखन लाल केसरवानी, प्रदीप गुप्ता, दादा कोको गुप्ता तथा स्थानीय निवासी इशरत भाई, तारीक भाई और बबलू केसरवानी ने प्रशासन से मांग की है कि नैनी स्टेशन रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों को दोबारा राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर डायवर्ट किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को जाम, धूल-प्रदूषण और हादसे के खतरे से राहत मिल सके।1
- आयुष इंटर्न ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन आयुष इंटर्न ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन प्रयागराज। सिविल लाइंस वार्ड नंबर 26 स्थित सुभाष चौराहे पर शनिवार को आयुष छात्र-छात्राओं और इंटर्न ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने वन स्टाइपेंड नेशनल वन की मांग उठाते हुए समान स्टाइपेंड दिए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में लगे पोस्टर में वर्तमान ₹7,500 के स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹25,000 किए जाने की मांग प्रमुखता से दिखाई गई। छात्रों का कहना है कि आयुष इंटर्न भी स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, ऐसे में उन्हें अन्य इंटर्न के समान स्टाइपेंड और सम्मान मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने “समान काम, समान सम्मान, समान स्टाइपेंड” जैसे संदेशों के जरिए अपनी मांग को प्रमुखता से उठाया। पोस्टर पर आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी से जुड़े इंटर्न का उल्लेख भी किया गया। छात्रों ने सरकार से मांग की कि उनकी समस्या पर गंभीरता से विचार करते हुए स्टाइपेंड में बढ़ोतरी कर ₹25 हजार किए जाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं। प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों को लेकर छात्र-छात्राओं में नाराजगी भी देखने को मिली।3
- #कौशाम्बी : शादी कराने के नाम पर ठगी का आरोप, पुलिस ने दो आरोपियों को भेजा जेल... पूरी खबर पढ़ने के लिए चैनल को फेसबुक यूट्यूब इंस्टाग्राम पर फॉलो करें...1
- प्रयागराज के फूलपुर तहसील परिसर में सम्पूर्ण समाधान दिवस में भारी संख्या में फरियादी अपनी अपनी समस्याएं लेकर पहुँचे.... प्रयागराज जनपद की फूलपुर तहसील परिसर में आज दिनांक 19 सितंबर 2026 शनिवार को आयोजित 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' में अपनी समस्याओं के निवारण के लिए फरियादियों और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही तहसील कार्यालय और परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं थी, दूर-दराज के गांवों से आए लाचार बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों की भारी भीड़ अपनी बारी के इंतजार में लगी रहीं। अवैध कब्जों और पैमाइश की सर्वाधिक शिकायतें समाधान दिवस में आए अधिकांश मामलों में जमीनी रंजिश, रास्तों के विवाद, पैमाइश और दबंगों द्वारा जमीन पर अवैध कब्जे की गंभीर शिकायतें शामिल थीं। पीड़ितों ने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती रखते हुए न्याय की गुहार लगाई। इसके अलावा बिजली कटौती, राशन वितरण जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कुछ अन्य समस्याएं भी दर्ज की गईं। अधिकारियों ने दिखाई सख्ती, दिए कड़े निर्देश मौके पर पहुंचे सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) डॉ. अरुण पाराशर और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त टीम ने एक-एक कर जनता की समस्याओं को सुना, जमीनी विवाद और अवैध कब्जों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसीपी ने मातहतों को सख्त हिदायत दी, उन्होंने कहा कि पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करे और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, फाइलों को लटकाने पर मिलेगी सजा मंच से अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समाधान दिवस महज एक औपचारिकता नहीं है, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए गए कि प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पायी गई या मामलों को बेवजह लटकाया गया, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी1