बिहार में नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता को लेकर लोगों में तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। इसी कड़ी में, डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के अधूरे मिशन को पूरा करने और नशा मुक्त समाज बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आगे आने की तैयारी दिखाई है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शिक्षा, समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प ले रहे हैं। एक कार्यक्रम के दौरान, वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बाबासाहेब का सपना एक शिक्षित, संगठित और समान अवसर वाला समाज स्थापित करना था। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक बुराइयों, नशाखोरी और भेदभाव के खिलाफ जागरूकता फैलाने का अभियान लगातार चलाया जाएगा। लोगों ने दृढ़ संकल्प लिया है कि वे बाबासाहेब के बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेंगे, ताकि उनके अधूरे मिशन को पूरा किया जा सके और एक नशा मुक्त समाज का निर्माण हो।
बिहार में नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता को लेकर लोगों में तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। इसी कड़ी में, डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के अधूरे मिशन को पूरा करने और नशा मुक्त समाज बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आगे आने की तैयारी दिखाई है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शिक्षा, समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प ले रहे हैं। एक कार्यक्रम के दौरान, वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बाबासाहेब का सपना एक शिक्षित, संगठित और समान अवसर वाला समाज स्थापित करना था। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक बुराइयों, नशाखोरी और भेदभाव के खिलाफ जागरूकता फैलाने का अभियान लगातार चलाया जाएगा। लोगों ने दृढ़ संकल्प लिया है कि वे बाबासाहेब के बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेंगे, ताकि उनके अधूरे मिशन को पूरा किया जा सके और एक नशा मुक्त समाज का निर्माण हो।
- एक बार फिर दो योद्धा युद्ध के मैदान में आमने-सामने आ गए हैं, जिससे मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। इस दौरान उनकी शक्ति, पराक्रम, बल और कौशल एक दूसरे से टकरा रहे हैं, जो युद्ध की भीषणता को दर्शा रहा है।1
- बिहार में नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता को लेकर लोगों में तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। इसी कड़ी में, डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के अधूरे मिशन को पूरा करने और नशा मुक्त समाज बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आगे आने की तैयारी दिखाई है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शिक्षा, समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प ले रहे हैं। एक कार्यक्रम के दौरान, वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बाबासाहेब का सपना एक शिक्षित, संगठित और समान अवसर वाला समाज स्थापित करना था। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक बुराइयों, नशाखोरी और भेदभाव के खिलाफ जागरूकता फैलाने का अभियान लगातार चलाया जाएगा। लोगों ने दृढ़ संकल्प लिया है कि वे बाबासाहेब के बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेंगे, ताकि उनके अधूरे मिशन को पूरा किया जा सके और एक नशा मुक्त समाज का निर्माण हो।1
- Post by Dharamveerkumar1
- भारत ने 700 मेगावाट क्षमता वाले स्टीम जनरेटर का सफलतापूर्वक निर्माण करके ऊर्जा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस सफलता के साथ, भारत ने अत्याधुनिक हेवी फोर्जिंग तकनीक के माध्यम से उच्च स्तरीय ऊर्जा उपकरण निर्माण में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है; यह तकनीक दुनिया के चुनिंदा देशों के पास ही मौजूद है। यह उपलब्धि स्वदेशी तकनीक को मजबूती प्रदान करती है, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देती है और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को नई गति देती हुई वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बढ़ा रही है। अब भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसका निर्माता बन रहा है।1
- बिहार में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें कई लोगों की जिंदगियां छिन गईं। इस घटना से 'इधर भी मौत, उधर भी मौत' जैसा माहौल बन गया है, जो हादसे की गंभीरता को दर्शाता है।1
- सीजेपी द्वारा केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच, राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा बहुत पहले ही दे देना चाहिए था।1
- नालंदा जिले के रहुई प्रखंड अंतर्गत भागन बिगहा में आयोजित धानुक समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक में बिहार धानुक एकता संघ का गठन किया गया। इस बैठक में सर्वसम्मति से अरविंद धानुक को नालंदा जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस दौरान समाज को एकजुट करने, शिक्षा को बढ़ावा देने और संगठन को जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। संघ ने अपने अन्य पदाधिकारियों की भी घोषणा की और समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।1
- यह संदेश भगवान हनुमान की स्तुति और महिमा का बखान करता है, जिसमें उन्हें ज्ञान और गुणों का सागर बताया गया है। इसमें कहा गया है कि तीनों लोकों में उनकी कीर्ति और यश का प्रकाश फैला हुआ है, और इसी श्रद्धा के साथ उनकी जय-जयकार की जा रही है।1