गाजियाबाद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या प्रताप की ईद के दिन कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब सूर्या ने बकरा हलाल होते देखने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उस पर हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForSurya तेजी से ट्रेंड करने लगा, और लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों की पहचान मुस्लिम युवकों के रूप में बताई गई है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है और जब तक दोष सिद्ध नहीं हो जाता, सभी आरोपी कानून की नजर में आरोपी ही माने जाते हैं। कानूनी पहलुओं के अनुसार, यदि जांच में यह साबित होता है कि हमला जानबूझकर और हत्या करने की नीयत से किया गया था, तो आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। हत्या का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है।
गाजियाबाद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या प्रताप की ईद के दिन कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब सूर्या ने बकरा हलाल होते देखने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उस पर हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForSurya तेजी से ट्रेंड करने लगा, और लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों की पहचान मुस्लिम युवकों के रूप में बताई गई है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है और जब तक दोष सिद्ध नहीं हो जाता, सभी आरोपी कानून की नजर में आरोपी ही माने जाते हैं। कानूनी पहलुओं के अनुसार, यदि जांच में यह साबित होता है कि हमला जानबूझकर और हत्या करने की नीयत से किया गया था, तो आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। हत्या का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है।
- गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की चाकू से गोदकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद, जो 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश था और खोड़ा थाना क्षेत्र की मदरसे वाली गली का निवासी था, पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। पुलिस के अनुसार, थाना खोड़ा और थाना इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम आरोपी असद की तलाश में एक अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गौरतलब है कि सूर्या प्रताप चौहान की हत्या के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश था और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग लगातार उठ रही थी। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र में एक पुलिस मुठभेड़ में 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी को ढेर कर दिया गया है। आरोपी की पहचान असद, पुत्र नवाब, निवासी मदरसे वाली गली, थाना खोड़ा, गाजियाबाद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ थाना खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई। इस घटना के बाद लोगों ने MYogiAdityanath को धन्यवाद देते हुए उन पर भरोसा जताते रहने की बात कही है। इस संबंध में अधिक जानकारी पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन, श्री धवल जायसवाल द्वारा भी दी गई है।1
- “जय गौ माता की!” के उद्घोष के साथ सभी भाइयों से आग्रह किया गया है कि वे ध्यान दें कि बंगाल सरकार ने गौ माता के लिए क्या घोषणाएँ की हैं।1
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- गाजियाबाद के शालीमार गार्डन क्षेत्र में रात के समय कई ई-रिक्शा बिना हेडलाइट और पर्याप्त रोशनी के सड़कों पर दौड़ते दिखाई देते हैं। संवाददाता रेनू पुरी की रिपोर्ट के अनुसार, अंधेरे में चल रहे ये ई-रिक्शा यात्रियों, राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं, जो कभी भी किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया है कि बिना लाइट वाले ये ई-रिक्शा अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ जाता है। रात के समय सफर करने में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति प्रशासन पर सवाल उठाती है कि क्या वह किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान किया जाएगा।4
- गाजियाबाद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या प्रताप की ईद के दिन कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब सूर्या ने बकरा हलाल होते देखने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उस पर हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForSurya तेजी से ट्रेंड करने लगा, और लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों की पहचान मुस्लिम युवकों के रूप में बताई गई है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है और जब तक दोष सिद्ध नहीं हो जाता, सभी आरोपी कानून की नजर में आरोपी ही माने जाते हैं। कानूनी पहलुओं के अनुसार, यदि जांच में यह साबित होता है कि हमला जानबूझकर और हत्या करने की नीयत से किया गया था, तो आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। हत्या का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है।1
- उत्तर प्रदेश में एक रूह कंपाने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एकतरफा प्यार में हैवान बने एक रिश्तेदार ने डेढ़ साल के मासूम बच्चे की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी चाचा शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज़ था, और इसी प्रतिशोध में उसने टॉफी दिलाने के बहाने मासूम को अपने साथ ले गया। इसके बाद उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बच्चे को सड़क पर आठ बार पटका, जिससे उसकी मौत हो गई। यह दिल दहला देने वाली करतूत सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से कैद हो गई है। इस दरिन्दे को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद दबोचा, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।1