मथुरा के थाना जमुनापार क्षेत्र स्थित धनगर फिलिंग स्टेशन पर रविवार रात एक हैरतअंगेज घटना सामने आई, जहाँ एक काले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली थार के चालक और उसमें सवार युवक डीजल भरवाने के बाद बिना भुगतान किए ही वाहन लेकर फरार हो गए। यह पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब पौने 10 बजे हुई, जब एक काले रंग की थार, जिसमें कई युवक सवार थे, फिलिंग स्टेशन पर पहुँची। उन्होंने सामान्य ग्राहकों की तरह ही वाहन में पूरा डीजल भरने को कहा। पेट्रोल पंप के सेल्समैन ने उनके कहने पर थार की टंकी पूरी तरह भर दी। जैसे ही कर्मचारी ने टंकी का ढक्कन बंद किया और भुगतान लेने के लिए आगे बढ़ा, चालक ने अचानक वाहन दौड़ा दिया और कुछ ही सेकंड में थार पेट्रोल पंप से बाहर निकलकर ओझल हो गई। इस अचानक हुई घटना से पेट्रोल पंप कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद पंप प्रबंधन ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज की जाँच की और पूरी वारदात को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड पाया। पेट्रोल पंप संचालक ने मामले की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी और सीओ सदर को भी घटना से अवगत कराया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जाँच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, थार और उसमें सवार युवकों की पहचान करने के लिए आसपास के मार्गों और चौराहों पर लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उनकी पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मथुरा के थाना जमुनापार क्षेत्र स्थित धनगर फिलिंग स्टेशन पर रविवार रात एक हैरतअंगेज घटना सामने आई, जहाँ एक काले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली थार के चालक और उसमें सवार युवक डीजल भरवाने के बाद बिना भुगतान किए ही वाहन लेकर फरार हो गए। यह पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब पौने 10 बजे हुई, जब एक काले रंग की थार, जिसमें कई युवक सवार थे, फिलिंग स्टेशन पर पहुँची। उन्होंने सामान्य ग्राहकों की तरह ही वाहन में पूरा डीजल भरने को कहा। पेट्रोल पंप के सेल्समैन ने उनके कहने पर थार की टंकी पूरी तरह भर दी। जैसे ही कर्मचारी ने टंकी का ढक्कन बंद किया और भुगतान लेने के लिए आगे बढ़ा, चालक ने अचानक वाहन दौड़ा दिया और कुछ ही सेकंड में थार पेट्रोल पंप से बाहर निकलकर ओझल हो गई। इस अचानक हुई घटना से पेट्रोल पंप कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद पंप प्रबंधन ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज की जाँच की और पूरी वारदात को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड पाया। पेट्रोल पंप संचालक ने मामले की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी और सीओ सदर को भी घटना से अवगत कराया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जाँच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, थार और उसमें सवार युवकों की पहचान करने के लिए आसपास के मार्गों और चौराहों पर लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उनकी पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
- ग्राम कमई, तहसील गोवर्धन, जनपद मथुरा में स्थित शमशान घाट और पूजनीय सती मां के पवित्र स्थल की स्थिति अत्यंत चिंताजनक और दयनीय बनी हुई है। यहां गंदगी का अंबार लगा है, और कई स्थानों पर टीनशेड लगाकर अवैध कब्जे किए गए हैं, जहाँ भैंसें बांधी जा रही हैं तथा कृषि यंत्र खड़े किए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शमशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, विशेषकर लाश जलाने के लिए कोई उचित टीनशेड या सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। इस कारण बारिश, धूप और खराब मौसम में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे धार्मिक और सार्वजनिक स्थल की गरिमा भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य दर्शाए गए हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्य दिखाई नहीं देता। उनका कहना है कि यदि इन कार्यों के नाम पर सरकारी धन खर्च हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि शमशान घाट एवं सती मां स्थल से अवैध कब्जे तत्काल हटाए जाएं, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, कराए गए कार्यों की भौतिक जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाए और शमशान घाट पर शीघ्र आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं।1
- मथुरा के थाना जमुनापार क्षेत्र स्थित धनगर फिलिंग स्टेशन पर रविवार रात एक हैरतअंगेज घटना सामने आई, जहाँ एक काले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली थार के चालक और उसमें सवार युवक डीजल भरवाने के बाद बिना भुगतान किए ही वाहन लेकर फरार हो गए। यह पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब पौने 10 बजे हुई, जब एक काले रंग की थार, जिसमें कई युवक सवार थे, फिलिंग स्टेशन पर पहुँची। उन्होंने सामान्य ग्राहकों की तरह ही वाहन में पूरा डीजल भरने को कहा। पेट्रोल पंप के सेल्समैन ने उनके कहने पर थार की टंकी पूरी तरह भर दी। जैसे ही कर्मचारी ने टंकी का ढक्कन बंद किया और भुगतान लेने के लिए आगे बढ़ा, चालक ने अचानक वाहन दौड़ा दिया और कुछ ही सेकंड में थार पेट्रोल पंप से बाहर निकलकर ओझल हो गई। इस अचानक हुई घटना से पेट्रोल पंप कर्मचारियों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद पंप प्रबंधन ने तुरंत सीसीटीवी फुटेज की जाँच की और पूरी वारदात को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड पाया। पेट्रोल पंप संचालक ने मामले की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी और सीओ सदर को भी घटना से अवगत कराया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जाँच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, थार और उसमें सवार युवकों की पहचान करने के लिए आसपास के मार्गों और चौराहों पर लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उनकी पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- अधिक मास की ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के 18वें दिन बुधवार को डीग-गोवर्धन मार्ग पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरण कांबले गोपीनाथ ने स्वर्गीय भामाशाह समाजसेवी शिवचरण थानेदार की स्मृति में स्थापित एक वाटर कूलर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर भामाशाह समाजसेवी एवं पूर्व वाइस चेयरमैन प्रदीप शर्मा सहित अन्य लोगों ने एसपी का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। एसपी गोपीनाथ ने स्वर्गीय थानेदार शिव चरन लाल दुबे की स्मृति में स्थापित वाटर कूलर का फीता काटकर लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया। इस दौरान एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने अधिक मास ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा को आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए समाजसेवियों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे 'पुण्य का कार्य' बताया। कार्यक्रम में ऋषभ दुबे, ऋतिक दुबे, दाऊजी खंडेलवाल, बद्री खंडेलवाल, प्रेम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार, गौरव बिन्नू श्याम सहित अनेक समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने परिक्रमा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराया।4
- पाली के मारवाड़ जंक्शन उपखंड मुख्यालय पर मारवाड़ जंक्शन ब्लॉक कांग्रेस के तत्वावधान में केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई पेट्रोल-डीजल की कीमतों को वापस लेने और रीट परीक्षा पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन पूर्व विधायक खुशवीर सिंह के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित कर दिया गया। इस दौरान मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के अनेक गाँवों से सैकड़ों की तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आम जनता को महंगाई से राहत देने और बढ़ी हुई पेट्रोल, डीजल व गैस की कीमतें वापस लेने की पुरजोर मांग की।2
- मथुरा के छाता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बुखरारी गांव में ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। वर्तमान में तीन वर्ष में एक बार आने वाले अधिक मास (मल मास/पुरुषोत्तम मास) के कारण ब्रजमंडल में परिक्रमार्थियों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिनकी सुविधा के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच यह निस्वार्थ सेवा निभाई है। यह भंडारा बुखरारी और उसके आसपास के क्षेत्रों जैसे शेषसाई से बरका, बुखरारी, धानोता और शेरनगर मार्ग से गुजरने वाले ब्रज चौरासी कोस के परिक्रमार्थियों के लिए आयोजित किया गया है। समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से इस विशाल भंडारे का सफल संचालन किया जा रहा है, जो जाति-धर्म से ऊपर उठकर की जाने वाली सच्ची सेवा का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु इस परिक्रमा मार्ग का निर्माण भाजपा नेता और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य आर पी सिंह के प्रयासों से पूरा कराया गया था। इस पुनीत कार्य की व्यवस्था में स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध जन सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिनमें श्री अमरसिंह जी (पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख छाता), बृजराज सिंह (प्रत्याशी जिला पंचायत सदस्य वार्ड नंबर नौ), विनोद (पूर्व प्रधान), पूरन (पूर्व प्रधान), धर्मराज मास्टर, हरीशचंद्र मास्टर, कारी प्रधान, टिंकू, प्रमोद, पवन ठाकुर, मोहरपाल, तेजपाल, विजयपाल, रामवीर, हरीशचंद्र, बसंता, फतेहसिंह, दुलीप पंडित, श्याम सिंह, और अन्य महिला-पुरुषों ने अपनी सहभागिता दी है। भयंकर लू और तपिश के बावजूद, भक्तों का आस्था में दृढ़ विश्वास देखने लायक है, जहाँ तपती गर्मी पर उनकी आस्था भारी पड़ती दिख रही है, जिसके चलते ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा में जनसैलाब उमड़ रहा है।4
- मथुरा के जैत मथुरा चौक स्थित मोहल्ला मेडिकल पार्क में सड़क की हालत अत्यंत खराब हो गई है। बताया जा रहा है कि इस खस्ताहाल सड़क के लिए प्रधान और दलाल मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।1
- स्थानीय निवासियों को शाम के समय यमुना नदी के किनारे विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। एक चेतावनी के अनुसार, शाम होते ही यमुना किनारे कोई भी अप्रत्याशित घटना घटित हो सकती है, जिसके मद्देनजर सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1
- मथुरा जनपद की गोवर्धन तहसील के ग्राम कमई में अमृत सरोवर योजना के कार्यान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने योजना में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अमृत सरोवर के नाम पर सरकारी धन तो खर्च दिखाया गया है, लेकिन धरातल पर अपेक्षित कार्य बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे रहा है, और कुछ ग्रामीणों ने तो केवल सूचना बोर्ड लगाने का ही आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है कि यदि योजना के लिए धनराशि स्वीकृत और व्यय की गई है, तो उसके अनुरूप कार्यस्थल पर स्पष्ट रूप से क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जनहित होता है और जनता के धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। इस मामले में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि अमृत सरोवर योजना से संबंधित सभी अभिलेखों, भुगतान विवरण, माप पुस्तिका (एमबी), तकनीकी स्वीकृतियों और किए गए कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए। इसके साथ ही, कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन करने और स्वीकृत धनराशि एवं खर्च का सार्वजनिक विवरण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने या कार्य न होने की स्थिति में दोषी अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।1