. धोवड़ा में नरेगा मजदूरों की हाजिरी 3 दिन से ठप, मजदूरी डूबने की सता रही चिंता हिंडोली (बूंदी)। ग्राम पंचायत धोवडा में चल रहे नरेगा कार्य में मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वन सिंचाई परियोजना की मुख्य नहर पर करीब 60 मजदूर काम पर लगे हुए हैं, लेकिन पिछले 3 दिनों से उनकी ऑनलाइन हाजिरी अपलोड नहीं हो रही है। मजदूरों ने बताया कि वे रोज सुबह 9 बजे काम पर आ जाते हैं और शाम 5 बजे तक मौके पर ही बैठे रहते हैं। मेट और अधिकारियों को सूचना दी जाती है, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है कि "ट्राई कर रहे हैं, हो जाएगा।" तीन दिन बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। मौके पर मौजूद मजदूरों ने कहा कि जब हाजिरी ही नहीं चढ़ेगी तो काम कैसे करें और मजदूरी का भुगतान कैसे होगा। मजदूरों को डर है कि हाजिरी नहीं चढ़ने से उनकी 3 दिन की मजदूरी डूब जाएगी। मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तकनीकी समस्या को तुरंत ठीक किया जाए और उनकी हाजिरी मैन्युअल रूप से या किसी अन्य माध्यम से दर्ज की जाए, ताकि उन्हें समय पर उनका हक का पैसा मिल सके। मजदूरों का कहना है कि वे गरीब परिवारों से हैं और दिहाड़ी पर ही घर चलता है। अगर मजदूरी नहीं मिली तो परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी।
. धोवड़ा में नरेगा मजदूरों की हाजिरी 3 दिन से ठप, मजदूरी डूबने की सता रही चिंता हिंडोली (बूंदी)। ग्राम पंचायत धोवडा में चल रहे नरेगा कार्य में मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वन सिंचाई परियोजना की मुख्य नहर पर करीब 60 मजदूर काम पर लगे हुए हैं, लेकिन पिछले 3 दिनों से उनकी ऑनलाइन हाजिरी अपलोड नहीं हो रही है। मजदूरों ने बताया कि वे रोज सुबह 9 बजे काम पर आ जाते हैं और शाम 5 बजे तक मौके पर ही बैठे रहते हैं। मेट और अधिकारियों को सूचना दी जाती है, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है कि "ट्राई कर रहे हैं, हो जाएगा।" तीन दिन बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। मौके पर मौजूद मजदूरों ने कहा कि जब हाजिरी ही नहीं चढ़ेगी तो काम कैसे करें और मजदूरी का भुगतान कैसे होगा। मजदूरों को डर है कि हाजिरी नहीं चढ़ने से उनकी 3 दिन की मजदूरी डूब जाएगी। मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तकनीकी समस्या को तुरंत ठीक किया जाए और उनकी हाजिरी मैन्युअल रूप से या किसी अन्य माध्यम से दर्ज की जाए, ताकि उन्हें समय पर उनका हक का पैसा मिल सके। मजदूरों का कहना है कि वे गरीब परिवारों से हैं और दिहाड़ी पर ही घर चलता है। अगर मजदूरी नहीं मिली तो परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी।
- . धोवड़ा में नरेगा मजदूरों की हाजिरी 3 दिन से ठप, मजदूरी डूबने की सता रही चिंता हिंडोली (बूंदी)। ग्राम पंचायत धोवडा में चल रहे नरेगा कार्य में मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वन सिंचाई परियोजना की मुख्य नहर पर करीब 60 मजदूर काम पर लगे हुए हैं, लेकिन पिछले 3 दिनों से उनकी ऑनलाइन हाजिरी अपलोड नहीं हो रही है। मजदूरों ने बताया कि वे रोज सुबह 9 बजे काम पर आ जाते हैं और शाम 5 बजे तक मौके पर ही बैठे रहते हैं। मेट और अधिकारियों को सूचना दी जाती है, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है कि "ट्राई कर रहे हैं, हो जाएगा।" तीन दिन बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। मौके पर मौजूद मजदूरों ने कहा कि जब हाजिरी ही नहीं चढ़ेगी तो काम कैसे करें और मजदूरी का भुगतान कैसे होगा। मजदूरों को डर है कि हाजिरी नहीं चढ़ने से उनकी 3 दिन की मजदूरी डूब जाएगी। मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तकनीकी समस्या को तुरंत ठीक किया जाए और उनकी हाजिरी मैन्युअल रूप से या किसी अन्य माध्यम से दर्ज की जाए, ताकि उन्हें समय पर उनका हक का पैसा मिल सके। मजदूरों का कहना है कि वे गरीब परिवारों से हैं और दिहाड़ी पर ही घर चलता है। अगर मजदूरी नहीं मिली तो परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ जाएगी।1
- राहत की खबर किसानों की चेतावनी के बाद हरकत में आया सीएडी विभाग, टेल की नहरों पर पहुंचे अधिकारी राहत की खबर किसानों की चेतावनी के बाद हरकत में आया सीएडी विभाग, टेल की नहरों पर पहुंचे अधिकारी . 10 नवंबर से अंतिम छोर तक प्राथमिकता से पानी पहुंचाने का लिखित आश्वासन, 20 नवंबर तक जारी रहेगा जल प्रवाह बूंदी जिले के देईखेड़ा क्षेत्र से गुजर रही चम्बल की नहरों के टेल क्षेत्र में नहरी पानी नहीं पहुंचने से परेशान किसानों के आंदोलन की चेतावनी आखिरकार रंग लाई। किसानों के आक्रोश और प्रदर्शन के बाद सीएडी विभाग के अधिकारी हरकत में आए और शुक्रवार को टेल क्षेत्र की नहरों का निरीक्षण कर पानी की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद देईखेड़ा में किसान प्रतिनिधियों एवं नहरी समितियों के अध्यक्षों के साथ बैठक कर 10 नवंबर से टेल क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर जल प्रवाह शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। गौरतलब है कि गुरुवार को क्षेत्र के किसानों ने देईखेड़ा पुलिस थाने पर प्रदर्शन कर संभागीय आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा था। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि टेल क्षेत्र तक नहरी पानी नहीं पहुंचा तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार को विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष सुर एवं सहायक अभियंता ने नहरों का निरीक्षण किया। दोपहर बाद देईखेड़ा में हुई बैठक में करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद विभाग ने लिखित सहमति दी कि 10 नवंबर से कापरेन ब्रांच की टेल क्षेत्र की नहर में 1440 चेन पर 80 सेंटीमीटर गेज के साथ प्राथमिकता से जल प्रवाह शुरू किया जाएगा। वहीं 12 नवंबर से गेज बढ़ाकर एक मीटर किया जाएगा तथा 20 नवंबर तक लगातार जल प्रवाह जारी रखा जाएगा। इस आश्वासन से टेल क्षेत्र के किसानों को रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई के लिए राहत मिलने की उम्मीद जगी है। बैठक में नहर अध्यक्ष लखन मीणा, धनपाल मीणा, प्रह्लाद मीणा, दिनेश व्यास, ओम जुंडवाल, छगन सिंह, नीरज मीणा, कमलेश मीणा सहित कई किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- दीपावली से पहले वेतन और बोनस की मांग: कोटा के एमबीएस अस्पताल में ठेका श्रमिकों का कार्य बहिष्कार, व्यवस्थाएं ठप कोटा। शहर के सबसे बड़े महाराव भीमसिंह (एमबीएस) अस्पताल में शनिवार सुबह ठेका श्रमिकों ने दीपावली से ठीक पहले वेतन भुगतान न होने के विरोध में अचानक कार्य बहिष्कार कर दिया। सुबह 9 बजे से काम बंद कर श्रमिक अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए। दो गुटों ने अलग-अलग किया प्रदर्शन, जमकर हुई नारेबाजी ठेका श्रमिक संघ के दो गुटों ने अस्पताल परिसर में अलग-अलग स्थानों पर मोर्चा संभाला। एक गुट ने नई बिल्डिंग के बाहर और दूसरे गुट ने पुरानी बिल्डिंग के प्रवेश द्वार पर धरना दिया। इस दौरान श्रमिकों ने ठेकेदार के खिलाफ रोष जताते हुए "ठेकेदार चोर है" के नारे लगाए। श्रमिकों की साफ मांग है कि त्योहार से पहले उन्हें बकाया वेतन और दीपावली का बोनस तुरंत दिया जाए। पर्ची से लेकर जांच काउंटर तक प्रभावित, मरीज बेहाल श्रमिकों के अचानक काम बंद करने से अस्पताल की दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ा। पर्ची काउंटर और दवा वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें लग गईं। ब्लड जांच, एक्स-रे और अन्य लैब संबंधित कार्य बुरी तरह प्रभावित रहे। ओपीडी व वार्डों में व्यवस्था गड़बड़ाने से दूर-दराज से आए मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल अधीक्षक का रुख मामले पर एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर. के. सिंह ने बताया कि नियमानुसार ठेका श्रमिकों को हर महीने की 5 से 10 तारीख के बीच वेतन भुगतान किया जाता है। चूंकि इस बार श्रमिकों ने दीपावली पर्व को देखते हुए तय तारीख से पहले भुगतान की मांग की थी, इसलिए इस संबंध में संबंधित ठेका फर्म को निर्देश दिए गए हैं ताकि व्यवस्था जल्द सुचारू हो सके।1
- नरेश मीणा की गिरफ्तारी को लेकर बारां पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश, देर रात तक एक दर्जन टीमें जुटीं तलाश में नरेश मीणा की गिरफ्तारी को लेकर बारां पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश, देर रात तक एक दर्जन टीमें जुटीं तलाश में1
- विकल्प की मासिक काव्य गोष्ठी में कविता सुनाते रामकरण प्रभाती विकल्प जन सांस्कृतिक मंच की तरफ से 31 अक्टूबर 2026 शनिवार को कोटा के छावनी स्थित महात्मा गांधी लाइब्रेरी में मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में अपनी रचना सुनाते भाई रामकरण प्रभाती साहब1
- मिट्टी के दीपक अभियान 12 वर्षों से लुहार बस्ती के बच्चों के संग मनाई दीपावली-समाजसेवी डा. दुर्गा शंकर सैनी कोटा। दीपावली के पावन पर्व पर समाजसेवी डॉ. दुर्गा शंकर सैनी ने धनतेरस के अवसर पर सुभाष नगर सेकंड स्थित लुहार बस्ती के बच्चों के साथ खुशियों वाली दीपावली मनाई। हरिकृष्ण बिरला( छोटा भाई साहब) के जन्मदिन पर बच्चों को मिठाइयां, चॉकलेट, मिट्टी के दीपक और आतिशबाजी वितरित की गई। बच्चों को अनार, फुलझड़ी और जमीन चक्कर देकर त्योहार की खुशियों में शामिल किया गया। समाजसेवी एवं प्रदेश महासचिव चिकित्सक संघ डॉ. दुर्गा शंकर सैनी ने बताया कि आदरणीय हरिकृष्ण बिरला के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प के तहत यह आयोजन किया गया। वे पिछले 12 वर्षों से जरूरतमंद बच्चों के साथ दीपावली मनाते आ रहे हैं। उनका उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों तक त्योहार की खुशियां पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि कुंभकारों द्वारा तैयार किए गए तीन रंगों के मिट्टी के दीपक वितरण का अभियान भी लगातार जारी है। इसके तहत प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रबुद्धजनों और विभिन्न समाजों के लोगों को दीपक भेंट किए गए। इसी क्रम में आज शाम 6 बजे शहीद स्मारक पर शहीदों को तीन रंगों के दीपक समर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। समाजसेवी प्रदेश महासचिव अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघडॉ दुर्गा शंकर सैनी भवानी शंकर सैनी, कैप्टन बी एल सुमन,नरेंद्र नागर,मुकेश मालव,गौरव तंवर,महावीर अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।1
- कोटा विकास प्राधिकरण ने आज हाईटेक सत्यम शिवम सुंदरम योजना का लांचिंग किया। कोटा विकास प्राधिकरण के केमपस में योजना का लॉन्चिंग किया। आयुक्त वचनेश अग्रवाल सचिव मुकेश चौधरी और सभी अधिकारियों ने तथा एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों ने और पत्रकारों ने इस योजना का भागीदार वन कर। योजना का धनतेरस के पावन पर्व पर आज आगाज किया।1
- दीपावली पर पुराने दोस्तों से मिलने निकले मंत्री मदन दिलावर, संकरी गली में कार छोड़ स्कूटी पर हुए सवार कोटा: दीपावली के पावन अवसर पर राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का एक बेहद सादगी भरा और दिलचस्प अंदाज देखने को मिला। त्योहार की खुशियां बांटने और अपने पुराने दिनों को याद करने के लिए मंत्री दिलावर अपने पुराने मित्रों से मिलने पहुंचे। जब वह अपने एक मित्र के घर जा रहे थे, तो रास्ता बेहद संकरा होने के कारण उनकी बड़ी सरकारी गाड़ी आगे नहीं जा सकी। ऐसे में बिना किसी झिझक या वीआईपी प्रोटोकॉल की परवाह किए, मंत्री जी ने अपनी कार वहीं छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पास ही खड़ी एक स्कूटी की सवारी की और पीछे बैठकर तंग गलियों से होते हुए सीधे अपने दोस्त के घर जा पहुंचे। दोस्त के घर पहुंचकर मंत्री दिलावर ने गले मिलकर दीपावली की शुभकामनाएं दीं और पुरानी यादें ताजा कीं। मंत्री का यह जमीन से जुड़ा और सादगी भरा अंदाज देखकर स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर उनके इस दोपहिया सफर की तस्वीरें और वीडियो खूब चर्चा बटोर रहे हैं।1