*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में रिकॉर्ड धान खरीदी* *5.58 लाख क्विंटल धान की ऐतिहासिक खरीदी, 1323.83 करोड़ रुपये से मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था* *एमसीबी/09 जनवरी 2026/* मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी और किसानों को किए गए भुगतान की अभूतपूर्व सफलता ने छत्तीसगढ़ शासन की किसान-हितैषी, पारदर्शी और प्रभावी नीतियों की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत की है। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित इस पूरी प्रक्रिया ने न केवल किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिलता, बल्कि जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती भी प्रदान की है। जिले में कुल 10,544 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया। इस दौरान 5.58 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई, जो जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। धान खरीदी के एवज में किसानों के बैंक खातों में कुल 1323.83 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा हुआ और ग्रामीण अंचलों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली। *समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा* प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की नीति जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। इस नीति ने किसानों को बाजार की अनिश्चितता और बिचौलियों के शोषण से मुक्त कर उन्हें आर्थिक सुरक्षा का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान-केन्द्रित सोच के अनुरूप धान खरीदी की संपूर्ण व्यवस्था डिजिटल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित रही। किसानों के पंजीयन से लेकर तौल, रिकॉर्ड संधारण और भुगतान तक हर चरण में तकनीक का प्रभावी उपयोग किया गया। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से किसानों को निर्धारित तिथि और समय उपलब्ध कराया गया, जिससे उपार्जन केंद्रों में भीड़ और अनावश्यक प्रतीक्षा की स्थिति नहीं बनी। जिले में कुल 11,742 बार धान खरीदी की प्रक्रिया संपन्न हुई, जो इस तंत्र की सुचारूता और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है। किसानों ने बड़ी संख्या में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर शासन की व्यवस्था पर अपना पूर्ण विश्वास प्रकट किया। *1323.83 करोड़ रुपये का भुगतान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार* धान खरीदी के पश्चात किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से किया गया। जिले में हुआ 1323.83 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि इससे पूरे जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया संबल मिला। इस बड़ी धनराशि के प्रवाह से ग्रामीण बाजारों में रौनक बढ़ी, कृषि उपकरण, खाद-बीज, उपभोक्ता वस्तुओं तथा अन्य व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई। समय पर भुगतान से किसान परिवारों को कर्ज के दबाव से राहत मिली और आगामी फसल की तैयारी के लिए आवश्यक पूंजी भी सुनिश्चित हुई। *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मजबूत हुई कृषि और ग्रामीण आजीविका* धान खरीदी और भुगतान की यह ऐतिहासिक प्रक्रिया केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट मार्गदर्शन, मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और किसान-हितैषी निर्णयों ने जिले के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। जिले में 10,544 किसानों की भागीदारी, 11,742 बार की खरीदी, 5.58 लाख क्विंटल से अधिक धान का संकलन और 1323.83 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान यह प्रमाणित करता है कि शासन की योजनाएँ कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हुई हैं। धान खरीदी से परिवहन, भंडारण, मिलिंग और गोदाम प्रबंधन जैसे सहायक क्षेत्रों में भी गतिविधियाँ बढ़ीं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई। किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और उनके बीच यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि राज्य सरकार उनकी मेहनत और जरूरतों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। समग्र रूप से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी ने कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है। समयबद्ध भुगतान, पारदर्शी तंत्र और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिए गए किसान-हितैषी निर्णय आने वाले वर्षों में भी प्रदेश की कृषि प्रगति के मजबूत आधार सिद्ध होंगे।
*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में रिकॉर्ड धान खरीदी* *5.58 लाख क्विंटल धान की ऐतिहासिक खरीदी, 1323.83 करोड़ रुपये से मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था* *एमसीबी/09 जनवरी 2026/* मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी और किसानों को किए गए भुगतान की अभूतपूर्व सफलता ने छत्तीसगढ़ शासन की किसान-हितैषी, पारदर्शी और प्रभावी नीतियों की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत की है। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित इस पूरी प्रक्रिया ने न केवल किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिलता, बल्कि जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती भी प्रदान की है। जिले में कुल 10,544 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया। इस दौरान 5.58 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई, जो जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। धान खरीदी के एवज में किसानों के बैंक खातों में कुल 1323.83 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा हुआ और ग्रामीण अंचलों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली। *समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा* प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की नीति जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। इस नीति ने किसानों को बाजार की अनिश्चितता और बिचौलियों के शोषण से मुक्त कर उन्हें आर्थिक सुरक्षा का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान-केन्द्रित सोच के अनुरूप धान खरीदी की संपूर्ण व्यवस्था डिजिटल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित रही। किसानों के पंजीयन से लेकर तौल, रिकॉर्ड संधारण और भुगतान तक हर चरण में तकनीक का प्रभावी उपयोग किया गया। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से किसानों को निर्धारित तिथि और समय उपलब्ध कराया गया, जिससे उपार्जन केंद्रों में भीड़ और अनावश्यक प्रतीक्षा की स्थिति नहीं बनी। जिले में कुल 11,742 बार धान खरीदी की प्रक्रिया संपन्न हुई, जो इस तंत्र की सुचारूता और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है। किसानों ने बड़ी संख्या में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर शासन की व्यवस्था पर अपना पूर्ण विश्वास प्रकट किया। *1323.83 करोड़ रुपये का भुगतान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार* धान खरीदी के पश्चात किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से किया गया। जिले में हुआ 1323.83 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि इससे पूरे जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया संबल मिला। इस बड़ी धनराशि के प्रवाह से ग्रामीण बाजारों में रौनक बढ़ी, कृषि उपकरण, खाद-बीज, उपभोक्ता वस्तुओं तथा अन्य व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई। समय पर भुगतान से किसान परिवारों को कर्ज के दबाव से राहत मिली और आगामी फसल की तैयारी के लिए आवश्यक पूंजी भी सुनिश्चित हुई। *मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मजबूत हुई कृषि और ग्रामीण आजीविका* धान खरीदी और भुगतान की यह ऐतिहासिक प्रक्रिया केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट मार्गदर्शन, मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और किसान-हितैषी निर्णयों ने जिले के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। जिले में 10,544 किसानों की भागीदारी, 11,742 बार की खरीदी, 5.58 लाख क्विंटल से अधिक धान का संकलन और 1323.83 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान यह प्रमाणित करता है कि शासन की योजनाएँ कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हुई हैं। धान खरीदी से परिवहन, भंडारण, मिलिंग और गोदाम प्रबंधन जैसे सहायक क्षेत्रों में भी गतिविधियाँ बढ़ीं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई। किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और उनके बीच यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि राज्य सरकार उनकी मेहनत और जरूरतों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। समग्र रूप से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी ने कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है। समयबद्ध भुगतान, पारदर्शी तंत्र और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिए गए किसान-हितैषी निर्णय आने वाले वर्षों में भी प्रदेश की कृषि प्रगति के मजबूत आधार सिद्ध होंगे।
- Mehtab Khanकोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश👏2 hrs ago
- छत्तीसगढ़ कवर्धा में अजब-गजब खबर का खुलासा चुहे, दिमक और कीड़े खा गए सात करोड़ का धान? रिपोर्टर शिव नाथ बघेल लोकेशन, रायपुर छत्तीसगढ़ दिनांक,09/01/2026* रायपुर,छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से सनसनी खेज खबर का खुलासा हुआ है जहां चुहे, दिमक और कीड़े ने खा गए सात करोड़ का धान? यह बात सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी लेकिन यह हकीकत है और यह हम नहीं यहाँ के विपणन विभाग के अधिकारी कह रहे है। क्योंकि संग्रहण केंद्र में रखे 26 हजार किवंटल गायब हो गया है। *गौरतलब है कि यह पूरा मामला कवर्धा जिले का है* जहाँ वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य अर किसानों से जो धान खरीदी की गई थी उसमें से 7 लाख 99 हजार किवंटल धान जिले के दो संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा और बघर्रा में रखा गया था। उठाव के बाद ज़ब संग्रहण केंद्रों में मिलान हुआ तो दोनों केंद्रों से 26 हजार किवंटल धान कमी पाई गई जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रूपये आँकी जा रही है। इस गड़बड़ी को लेकर संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा के प्रभारी के विरुद्ध उच्च स्तरीय शिकायत भी हुआ है, जहाँ 22 हजार किवंटल धान की कमी पाई गई है, वही यहाँ के प्रभारी के विरुद्ध यह भी आरोप है प्रभारी द्वारा लगभग 5 करोड़ रूपये का हेराफेरी की गई है। जो आरोप लगे है उस पर साफ तौर से लिखा गया है, संग्रहण प्रभारी द्वारा उपार्जन केंद्र के प्रभारी के साथ मिलकर धान का फर्जी आवक जावक बताया गया है, डेनेज़ खरीदी की फर्जी बिल, मजदूरों का फर्जी हाजिरी और संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरा में बार बार छेड़खानी कर सुनियोजित ढंग से गड़बड़ी की गई है। *वही इस पुरे मामले को लेकर* जिला विपणन अधिकारी *अभिषेक मिश्रा* ने सफाई देते हुए कहा संग्रहण प्रभारी प्रितेश पांडेय को हटा दिया गया है, जो कमी आई है वह मौसम की वजह और चुहे, दीमक व कीड़े द्वारा खाने से हुई है। पुरे प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों में हमारे जिले की स्थिति काफी अच्छी है, बांकी जगहों पर काफी खराब स्थिति है। *इस पुरे मामले के शिकायत* जाँच कर रहे सहायक जिला खाद्य अधिकारी मदन साहू ने कहा संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा के प्रभारी के विरुद्ध विभिन्न बिंदुओं पर शिकायत प्राप्त हुआ जिसकी जाँच के लिए टीम गठित है, प्रारंभिक जाँच में शिकायत सही पाया गया है,अंतिम निष्कर्ष आने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।3
- मलकानगिरी हिंसा: सरगुजा (छत्तीसगढ़) से पहुँची राहत टीम, पीड़ितों ने प्रशासनिक निष्क्रियता का लगाया आरोप मलकानगिरी (ओडिशा) | दिनांक: 30 दिसंबर 2025 ओडिशा के मलकानगिरी ज़िले में हुई हिंसक घटना की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ के सरगुजा से एक राहत टीम का गठन कर पीड़ितों की सहायता के लिए मलकानगिरी रवाना किया गया। राहत टीम में राजेश सरदार, सुरेश गाईन, ब्रिजेश घरामी, प्रभात गोलदार, दिलीप धर, पवित्र खराती, विश्वजीत मंडल , विजय व्यापारी , देवव्रत सरकार एवं निरंजन राय शामिल रहे।2
- मुझे पढ़ना है मुख्यमंत्री मोहन यादव से गुहार, स्थानीय नेताओं अधिकारियों की पोल खुली ।1
- कैमरे में कैद एक अनोखे वाकये ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। एक व्यक्ति सैलून में पहुंचा, नाई से हेयरकट कराने के बजाय खुद ही औज़ार उठाए और अपने बाल काट लिए। आसपास मौजूद लोग हैरान रह गए। हेयरकट पूरा करने के बाद उसने सैलून स्टाफ को औज़ार इस्तेमाल करने का पैसा चुकाया और बिना किसी बहस के चला गया। यह वीडियो लोगों को खूब हंसा रहा है। #ViralVideo #FunnyMoment #SalonLife #HairStyle #BarberShop #Unexpected #InternetReacts1
- धान के वजन में मिली गड़बड़ी, कलेक्टर के निर्देश पर प्रभारी पर गिरी गाज.. छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। इसी कड़ी में अंबिकापुर के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति गेरसा में बड़ी कार्रवाई की गई है। निरीक्षण में खुली पोल बीते 07 जनवरी को कलेक्टर अजीत वसंत ने गेरसा केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान विपणन संघ के नए बोरों में भरे धान के वजन में भारी अंतर पाया गया। मानक वजन के विपरीत एक बोरे में मात्र 35.600 किलोग्राम धान ही भरा मिला, जो निर्धारित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन था। तत्काल कार्रवाई और नई नियुक्ति फड़ प्रभारी की इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर ने उन्हें तत्काल पद से हटाने के निर्देश दिए। आदेश का पालन करते हुए समिति ने सुमित गुप्ता को धान खरीदी कार्य से पृथक कर दिया है। उनके स्थान पर समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर देव चरण सिंह को नया धान खरीदी प्रभारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर की चेतावनी1
- चकरभाठा में स्थित कृष्णा सोसाइटी क्लॉथ एवं गारमेंट्स कपड़े की दुकान ही क्यों है लाखों लोगों के पहले पसंद की कपड़े की दुकान देखिए इस खबर चकरभाटा मार्केट के पीछे स्थित कृष्णा सोसाइटी एवं गारमेंट्स दुकान के संचालक जय किशन जी से मिली जानकारी के अनुसार वैसे तो बिलासपुर जिले के बोदरी चकरभाठा मार्केट में कई कपड़ों की दुकान है लेकिन कृष्णा सोसाइटी नाम से केवल यह एक दुकान है यह कृष्णा सोसाइटी कपडे की दुकान क्षेत्र की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी विश्वसनीय कपड़े की दुकान है जहा कपड़े बहुत ही कम कीमत में उपलब्ध है कृष्णा सोसाइटी क्लॉथ एंड गारमेंट्स कपड़े की दुकान पहुंचने पर ग्राहकों को संतुष्टि का अनुभव होता है यह दुकान पिछले 44 वर्षों से चकरभाठा सहित आसपास के क्षेत्र व दुकानदारों के लिए बेहतर सेवा देते आ रही है चकरभाठा बिल्हा क्षेत्र की बात करें या बात करें छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों की जब भी शादी विवाह के कपड़े व अन्य अवसरों पर कपड़े लेने की बात आती है तो न जाने क्यों खुद ब खुद जुबा और मन पर कृष्णा सोसाइटी कपड़ा दुकान का नाम सबसे पहले चला आता है इस दुकान का नाम मन और जुबान पर सबसे पहले आने का मुख्य कारण यह चकरभाठा की सबसे बड़ी कपड़े की दुकान है जहां चिल्हर एवं होलसेल में शादी व्याह के कपड़े हमेशा मिलते हैं इस दुकान में ग्राहकों की भीड़ को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह दुकान क्यों लोकल छत्तीसगढ़या और सहरिया लोगों के लिए पहली पसंद की दुकान है क्योंकि यहां मिलने वाले कपड़े बहुत ही कम कीमत पर अलग-अलग वैरायटी में उपलब्ध है इस कपड़े की दुकान में 200 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है एवं इस दुकान में शादी विवाह के कपड़े लेने के लिए लोग रायगढ़ खरसिया शक्ति जांजगीर चांपा शिवरीनारायण मस्तूरी मल्हार बलौदा सीपत मुंगेली तखतपुर पेंड्रा गौरेला मरवाही बिलासपुर रत्नपुर कोरबा सकरी पथरिया सरगांव तखतपुर कोटा संबलपुर बलौदा बाजार चिरमिरी अंबिकापुर उदयपुर सूरजपुर यहां तक की रायपुर सहित नागपुर महाराष्ट्र मध्य प्रदेश से भी ग्राहक पहुंचते हैं आपको बताना चाहेंगे कि यह बिल्हा बोदरी क्षेत्र की एकमात्र ऐसी पहले कपड़े की दुकान है जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में ग्राहक पहुंचकर अपने मनपसंद कपड़े अपने बजट के हिसाब से खुशी-खुशी लेकर जाते हैं इस दुकान में शादी विवाह के कपड़े अक्सर होलसेल रेट में उपलब्ध रहते हैं शायद इसलिए ग्राहकों को इस दुकान की कपड़ों की कीमत और क्वालिटी पसंद आती है सबसे खास बात यह कि बिलासपुर शहर के भी ग्राहक बिलासपुर के कई कपड़ों की दुकानों को छोड़कर चकरभाठा में स्थित इस कृष्णा सोसाइटी कपड़े की दुकान में कपड़े लेने अक्सर पहुंचते रहते हैं इस कपड़े की दुकान में हर एक प्रकार के कपड़े कई वैरायटी में उपलब्ध है जहां ग्राहकों की सुविधा के लिए इस तीन मंजिला दुकान में कई काउंटर बनाए गए हैं यह दुकान चकरभाठा मार्केट से पीछे हटकर स्थित है उसके बाद भी चकरभाठा मार्केट में कपड़ा खरीदी करने आए ग्राहक इस दुकान का पता पूछते पूछते दुकान तक पहुंच ही जाते एवं इस दुकान के नाम और चालान को देखते हुए अब चकरभाठा मार्केट के कई कपड़ा व्यापारी भी अपने दुकानों के सामने सोसाइटी लिखकर बैठे हुए हैं जो कृष्णा सोसाइटी आने वाले ग्राहकों को भ्रमित कर अपने दुकान से खरीदी करवा लेते हैं यह कृष्णा सोसाइटी क्लॉथ एंड गारमेंट्स कपड़े की दुकान अब खुद में एक ब्रांड बन चुकी है जिसका नाम अब छत्तीसगढ़ के अनेक जिलों में भी चलने लगा है क्योंकि अन्य जिलों के लोग जो इस दुकान से एक बार खरीदी कर चुके है वे अन्य लोगों को भी इस दुकान का पता बता कर ग्राहकों को इस दुकान से खरीदी करने की सलाह देते हैं शायद इसलिए इस दुकान में अक्सर छत्तीसगढ़िया और शहरी दोनों प्रकार के ग्राहकों की खचाखच भीड़ मिलती है इस दुकान ने चकरभाठा में प्रसिद्धि के लिए जो कृतिमान स्थापित किया है उसका कोई जवाब नही इस कृष्णा सोसाइटी दुकान ने कई लोगों को रोजगार तो दिया है और अपनी प्रसिद्धि के कारण लोगों को अपनी और आकर्षित किया है जिसकी वजह से क्षेत्र के अन्य दुकानों में भी ग्राहक यहां से कपड़े खरीद कर खरीदी करने जाते हैं आपको बताना चाहेंगे कि कृष्णा सोसाइटी क्लास एंड गारमेंट्स की कोई अन्य शाखा और दुकान ना तो क्षेत्र में स्थित है और ना ही छत्तीसगढ़ के किसी जिले में इसलिए किसी के बहकावे में ना आए कपड़े खरीदी करना हो तो सीधे चकरभाठा मार्केट पहुंचे किसी से भी पूछने पर आपको दुकान का पता बता दिया जाएगा1
- *जिला गौरेला पेड्रा मरवाही के मलनिया डेम में बोटिंग सुविधा शुरू, पर्यटकों को मिली नए वर्ष 2026की बडी़ सौगात, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने किया शुभारंभ* *स्वदेश न्यूज MP/CG(सबसे पहले देश)* *visite:www.sawdesnews.com* *गौरेला पेंड्रा मरवाही* *संवाददाता -प्रयास कैवर्त* *खबरे एवं विज्ञापन हेतु संपर्क करे* *मो.न.📲9755324209* *आप देख सकते है* *videocon d2h - 4087* *dish tv-4079* *free dish-115* *jio tv*1
- good morning friends1
- सीधी जिले के अमिलिया मेंअनामिका पढ़ाई के लिए मदद मांगने जब वह मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं, तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। और वह चिल्ला चिल्ला कर रोने लगी डॉक्टर बनने का सपना और बंद दरवाज़े: बैगा बेटी अनामिका की गुहार, सरकार के दावों पर सवाल सीधी जिले के ग्राम डेवा की रहने वाली अनामिका बैगा, जो आदिवासी बैगा समुदाय से आती हैं, मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बनना चाहती हैं। लेकिन गरीबी और सरकारी अनदेखी उनके सपनों में बाधा बन रही है। अनामिका का आरोप है कि पढ़ाई के लिए मदद मांगने जब वह मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं, तो सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। उनके पिता मजदूरी करते हैं और मेडिकल पढ़ाई का खर्च उठाना परिवार के लिए असंभव है। अनामिका का कहना है कि बैगा प्रोजेक्ट के तहत शिक्षा सहायता का वादा किया गया, लेकिन विधायक, सांसद, कलेक्टर—सब जगह सिर्फ आश्वासन मिले, मदद नहीं। वहीं प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने सहयोग का आश्वासन दिया है, हालांकि मदद को लेकर कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है।2