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छत्तीसगढ़ कवर्धा में अजब-गजब खबर का खुलासा चुहे, दिमक और कीड़े खा गए सात करोड़ का धान? रिपोर्टर शिव नाथ बघेल लोकेशन, रायपुर छत्तीसगढ़ दिनांक,09/01/2026* रायपुर,छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से सनसनी खेज खबर का खुलासा हुआ है जहां चुहे, दिमक और कीड़े ने खा गए सात करोड़ का धान? यह बात सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी लेकिन यह हकीकत है और यह हम नहीं यहाँ के विपणन विभाग के अधिकारी कह रहे है। क्योंकि संग्रहण केंद्र में रखे 26 हजार किवंटल गायब हो गया है। *गौरतलब है कि यह पूरा मामला कवर्धा जिले का है* जहाँ वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य अर किसानों से जो धान खरीदी की गई थी उसमें से 7 लाख 99 हजार किवंटल धान जिले के दो संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा और बघर्रा में रखा गया था। उठाव के बाद ज़ब संग्रहण केंद्रों में मिलान हुआ तो दोनों केंद्रों से 26 हजार किवंटल धान कमी पाई गई जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रूपये आँकी जा रही है। इस गड़बड़ी को लेकर संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा के प्रभारी के विरुद्ध उच्च स्तरीय शिकायत भी हुआ है, जहाँ 22 हजार किवंटल धान की कमी पाई गई है, वही यहाँ के प्रभारी के विरुद्ध यह भी आरोप है प्रभारी द्वारा लगभग 5 करोड़ रूपये का हेराफेरी की गई है। जो आरोप लगे है उस पर साफ तौर से लिखा गया है, संग्रहण प्रभारी द्वारा उपार्जन केंद्र के प्रभारी के साथ मिलकर धान का फर्जी आवक जावक बताया गया है, डेनेज़ खरीदी की फर्जी बिल, मजदूरों का फर्जी हाजिरी और संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरा में बार बार छेड़खानी कर सुनियोजित ढंग से गड़बड़ी की गई है। *वही इस पुरे मामले को लेकर* जिला विपणन अधिकारी *अभिषेक मिश्रा* ने सफाई देते हुए कहा संग्रहण प्रभारी प्रितेश पांडेय को हटा दिया गया है, जो कमी आई है वह मौसम की वजह और चुहे, दीमक व कीड़े द्वारा खाने से हुई है। पुरे प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों में हमारे जिले की स्थिति काफी अच्छी है, बांकी जगहों पर काफी खराब स्थिति है। *इस पुरे मामले के शिकायत* जाँच कर रहे सहायक जिला खाद्य अधिकारी मदन साहू ने कहा संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा के प्रभारी के विरुद्ध विभिन्न बिंदुओं पर शिकायत प्राप्त हुआ जिसकी जाँच के लिए टीम गठित है, प्रारंभिक जाँच में शिकायत सही पाया गया है,अंतिम निष्कर्ष आने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।

1 day ago
user_Shivnath bagheL
Shivnath bagheL
Journalist सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
1 day ago

छत्तीसगढ़ कवर्धा में अजब-गजब खबर का खुलासा चुहे, दिमक और कीड़े खा गए सात करोड़ का धान? रिपोर्टर शिव नाथ बघेल लोकेशन, रायपुर छत्तीसगढ़ दिनांक,09/01/2026* रायपुर,छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से सनसनी खेज खबर का खुलासा हुआ है जहां चुहे, दिमक और कीड़े ने खा गए सात करोड़ का धान? यह बात सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी लेकिन यह हकीकत है और यह हम नहीं यहाँ के विपणन विभाग के अधिकारी कह रहे है। क्योंकि संग्रहण केंद्र में रखे 26 हजार किवंटल गायब हो गया है। *गौरतलब है कि यह पूरा मामला कवर्धा जिले का है* जहाँ वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य अर किसानों से जो धान खरीदी की गई थी उसमें से 7 लाख 99 हजार किवंटल धान जिले के दो संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा और बघर्रा में

रखा गया था। उठाव के बाद ज़ब संग्रहण केंद्रों में मिलान हुआ तो दोनों केंद्रों से 26 हजार किवंटल धान कमी पाई गई जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रूपये आँकी जा रही है। इस गड़बड़ी को लेकर संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा के प्रभारी के विरुद्ध उच्च स्तरीय शिकायत भी हुआ है, जहाँ 22 हजार किवंटल धान की कमी पाई गई है, वही यहाँ के प्रभारी के विरुद्ध यह भी आरोप है प्रभारी द्वारा लगभग 5 करोड़ रूपये का हेराफेरी की गई है। जो आरोप लगे है उस पर साफ तौर से लिखा गया है, संग्रहण प्रभारी द्वारा उपार्जन केंद्र के प्रभारी के साथ मिलकर धान का फर्जी आवक जावक बताया गया है, डेनेज़ खरीदी की फर्जी बिल, मजदूरों का फर्जी हाजिरी और संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी

कैमरा में बार बार छेड़खानी कर सुनियोजित ढंग से गड़बड़ी की गई है। *वही इस पुरे मामले को लेकर* जिला विपणन अधिकारी *अभिषेक मिश्रा* ने सफाई देते हुए कहा संग्रहण प्रभारी प्रितेश पांडेय को हटा दिया गया है, जो कमी आई है वह मौसम की वजह और चुहे, दीमक व कीड़े द्वारा खाने से हुई है। पुरे प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों में हमारे जिले की स्थिति काफी अच्छी है, बांकी जगहों पर काफी खराब स्थिति है। *इस पुरे मामले के शिकायत* जाँच कर रहे सहायक जिला खाद्य अधिकारी मदन साहू ने कहा संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा के प्रभारी के विरुद्ध विभिन्न बिंदुओं पर शिकायत प्राप्त हुआ जिसकी जाँच के लिए टीम गठित है, प्रारंभिक जाँच में शिकायत सही पाया गया है,अंतिम निष्कर्ष आने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।

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  • Post by Shivnath bagheL
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    Post by Shivnath bagheL
    user_Shivnath bagheL
    Shivnath bagheL
    Journalist सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • सुरेश आयाम जिला पंचायत सदस्य सूरजपुर राजू सिंह BDC जबरदस्त सुरेश भईया के द्वारा किसानों के हक की लड़ाई में धान मंडी टुकुडाड समिति प्रतापपुर
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    सुरेश आयाम जिला पंचायत सदस्य सूरजपुर राजू सिंह BDC जबरदस्त सुरेश भईया के द्वारा किसानों के हक की लड़ाई में धान मंडी टुकुडाड समिति प्रतापपुर
    user_Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
    Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
    Journalist पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • चिरमिरी पुलिस ने 20 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ युवक को पकड़ा
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    चिरमिरी पुलिस ने 20 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ युवक को पकड़ा
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    Journalist चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • धोखे से ‘गोद’ लिया या ममता का सौदा ? मैनपाट के मजदूर दंपति ने पड़ोसी व कोलकाता के अग्रवाल परिवार पर लगाया बच्चा छीनने का आरोप, सरगुजा एसपी से शिकायत… ₹100 के स्टांप पर दस्तखत कराकर 2 माह के मासूम को ले जाने का दावा; 1 लाख रुपये के लेनदेन की भी चर्चा सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र के जामढ़ोढ़ी निवासी एक मजदूर दंपत्ति ने पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपकर अपने दो माह के मासूम बच्चे को साज़िश के तहत ‘गायब’ करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उनकी गरीबी और अशिक्षा का लाभ उठाकर पड़ोसी और कोलकाता के एक दंपत्ति ने मिलकर उनके बच्चे को उनसे दूर कर दिया है। हालांकि, सच्चाई क्या है यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। शिकायत के अनुसार: भविष्य का झांसा देकर विश्वास में लिया प्रार्थी विजय कुमार और उनकी पत्नी बसंती मरावी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का भरण-पोषण करते हैं। उनके पड़ोसी दालू ने उन्हें विश्वास दिलाया कि कोलकाता निवासी गौतम कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी श्वेता दीवान बहुत संपन्न परिवार से हैं। प्रार्थी का आरोप है कि पड़ोसी ने उन्हें लालच दिया कि यदि वे अपने सबसे छोटे बच्चे ‘अयांश’ को उक्त दंपत्ति को सौंप देते हैं, तो वे उसका पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करेंगे। बच्चे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में माता-पिता इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गए। न्यायालय परिसर में गोदनामे का खेल शिकायती पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने पीड़ित दंपत्ति को अम्बिकापुर जिला न्यायालय परिसर बुलाया। यहाँ स्टाम्प वेंडर से 100 रुपए का स्टाम्प प्राप्त कर एक दस्तावेज तैयार कराया गया। पीड़ितों का आरोप है कि नोटरी के समक्ष उन पर विधि विरुद्ध तरीके से दबाव डाला गया और उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान ले लिए गए। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान जच्चा-बच्चा कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिए। 1 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप और मानव तस्करी की आशंका पीड़िता बसंती मरावी ने आवेदन में दावा किया है कि आरोपी गौतम कुमार अग्रवाल और श्वेता दीवान ने इस कथित समझौते के एवज में पड़ोसी दालू को 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का भुगतान किया है। प्रार्थी ने इसे मानव तस्करी से जोड़ते हुए आशंका जताई है कि उनके बच्चे को कहीं और विक्रय कर दिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अब उन्हें बच्चे से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। मामले में राउरकेला निवासी एक महिला पुष्पा अग्रवाल की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी हकीकत कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गोद लेने की प्रक्रिया केवल ‘कारा’ (CARA) के नियमों के तहत ही मान्य होती है, स्टाम्प पेपर पर ऐसा कोई भी समझौता विधिक रूप से शून्य है। फिलहाल, यह पूरा मामला केवल पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए ₹100 के स्टांप पर हुए कथित गोदनामा पर आधारित है। सच्चाई की पुष्टि के लिए पुलिस को आरोपियों का पक्ष और दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच करनी होगी। पीड़ित परिवार ने तत्काल FIR दर्ज करने और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है। स्टाम्प पर बच्चा गोद लेना या देना ‘सफेद झूठ’ और दंडनीय अपराध ​ इस मामले में ₹100 के स्टाम्प पर जिस ‘गोदनामा’ की बात सामने आई है, कानूनन उसकी कोई मान्यता नहीं है। देश में बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया बेहद सख्त है: ​CARA ही एकमात्र रास्ता: भारत में बच्चा गोद लेने के लिए ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (CARA) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और अदालती आदेश अनिवार्य है। ​जेजे एक्ट का उल्लंघन: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), 2015 के अनुसार, बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चे का हस्तांतरण करना ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) की श्रेणी में आ सकता है। इसमें दोषी को कड़ी जेल और जुर्माने का प्रावधान है। ​नोटरी की सीमा: कोई भी नोटरी या स्टाम्प वेंडर बच्चा गोद लेने का दस्तावेज प्रमाणित करने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा किया गया है, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आती है। ​क्यों है यह अवैध?: बच्चे कोई वस्तु नहीं हैं जिनका सौदा स्टाम्प पेपर पर किया जा सके। बिना जिला बाल संरक्षण इकाई और सीडब्ल्यूसी (CWC) की जांच के किसी को भी बच्चा सौंपना बच्चे के जीवन को खतरे में डालना माना जाता है।
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    धोखे से ‘गोद’ लिया या ममता का सौदा ? मैनपाट के मजदूर दंपति ने पड़ोसी व कोलकाता के अग्रवाल परिवार पर लगाया बच्चा छीनने का आरोप, सरगुजा एसपी से शिकायत…
₹100 के स्टांप पर दस्तखत कराकर 2 माह के मासूम को ले जाने का दावा; 1 लाख रुपये के लेनदेन की भी चर्चा
सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र के जामढ़ोढ़ी निवासी एक मजदूर दंपत्ति ने पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपकर अपने दो माह के मासूम बच्चे को साज़िश के तहत ‘गायब’ करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उनकी गरीबी और अशिक्षा का लाभ उठाकर पड़ोसी और कोलकाता के एक दंपत्ति ने मिलकर उनके बच्चे को उनसे दूर कर दिया है। हालांकि, सच्चाई क्या है यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
शिकायत के अनुसार: भविष्य का झांसा देकर विश्वास में लिया
प्रार्थी विजय कुमार और उनकी पत्नी बसंती मरावी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का भरण-पोषण करते हैं। उनके पड़ोसी दालू ने उन्हें विश्वास दिलाया कि कोलकाता निवासी गौतम कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी श्वेता दीवान बहुत संपन्न परिवार से हैं। प्रार्थी का आरोप है कि पड़ोसी ने उन्हें लालच दिया कि यदि वे अपने सबसे छोटे बच्चे ‘अयांश’ को उक्त दंपत्ति को सौंप देते हैं, तो वे उसका पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करेंगे। बच्चे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में माता-पिता इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गए।
न्यायालय परिसर में गोदनामे का खेल
शिकायती पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने पीड़ित दंपत्ति को अम्बिकापुर जिला न्यायालय परिसर बुलाया। यहाँ स्टाम्प वेंडर से 100 रुपए का स्टाम्प प्राप्त कर एक दस्तावेज तैयार कराया गया। पीड़ितों का आरोप है कि नोटरी के समक्ष उन पर विधि विरुद्ध तरीके से दबाव डाला गया और उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान ले लिए गए। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान जच्चा-बच्चा कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिए।
1 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप और मानव तस्करी की आशंका
पीड़िता बसंती मरावी ने आवेदन में दावा किया है कि आरोपी गौतम कुमार अग्रवाल और श्वेता दीवान ने इस कथित समझौते के एवज में पड़ोसी दालू को 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का भुगतान किया है। प्रार्थी ने इसे मानव तस्करी से जोड़ते हुए आशंका जताई है कि उनके बच्चे को कहीं और विक्रय कर दिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अब उन्हें बच्चे से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। मामले में राउरकेला निवासी एक महिला पुष्पा अग्रवाल की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी हकीकत
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गोद लेने की प्रक्रिया केवल ‘कारा’ (CARA) के नियमों के तहत ही मान्य होती है, स्टाम्प पेपर पर ऐसा कोई भी समझौता विधिक रूप से शून्य है। फिलहाल, यह पूरा मामला केवल पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए ₹100 के स्टांप पर हुए कथित गोदनामा पर आधारित है। सच्चाई की पुष्टि के लिए पुलिस को आरोपियों का पक्ष और दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच करनी होगी। पीड़ित परिवार ने तत्काल FIR दर्ज करने और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है।
स्टाम्प पर बच्चा गोद लेना या देना ‘सफेद झूठ’ और दंडनीय अपराध
​ इस मामले में ₹100 के स्टाम्प पर जिस ‘गोदनामा’ की बात सामने आई है, कानूनन उसकी कोई मान्यता नहीं है। देश में बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया बेहद सख्त है:
​CARA ही एकमात्र रास्ता: भारत में बच्चा गोद लेने के लिए ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (CARA) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और अदालती आदेश अनिवार्य है।
​जेजे एक्ट का उल्लंघन: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), 2015 के अनुसार, बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चे का हस्तांतरण करना ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) की श्रेणी में आ सकता है। इसमें दोषी को कड़ी जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
​नोटरी की सीमा: कोई भी नोटरी या स्टाम्प वेंडर बच्चा गोद लेने का दस्तावेज प्रमाणित करने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा किया गया है, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आती है।
​क्यों है यह अवैध?: बच्चे कोई वस्तु नहीं हैं जिनका सौदा स्टाम्प पेपर पर किया जा सके। बिना जिला बाल संरक्षण इकाई और सीडब्ल्यूसी (CWC) की जांच के किसी को भी बच्चा सौंपना बच्चे के जीवन को खतरे में डालना माना जाता है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • Post by Prayas kaiwart
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    Post by Prayas kaiwart
    user_Prayas kaiwart
    Prayas kaiwart
    स्वदेश न्यूज चैनल म.प्र./छ.ग. मरवाही, गौरेला पेंड्रा मरवाही, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे शिक्षक समाज को झकझोर कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बसकेपी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक 9 महीने की गर्भवती महिला शिक्षिका ने स्कूल के प्राचार्य पर गाली-गलौज और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है, वहीं पीड़िता ने थाने में भी मामला दर्ज कराया है।
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    शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे शिक्षक समाज को झकझोर कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के बसकेपी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक 9 महीने की गर्भवती महिला शिक्षिका ने स्कूल के प्राचार्य पर गाली-गलौज और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है, वहीं पीड़िता ने थाने में भी मामला दर्ज कराया है।
    user_Rachna devi
    Rachna devi
    Balrampur, Chhattisgarh•
    18 hrs ago
  • जिले की चार विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अनमैपड मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है। इनकी 2003 की सूची मे मैपिंग नहीं हुई है । इन मतदाताओं के माता-पिता या दादा-दादी का नाम ही नहीं था। प्रारंभिक प्रकाशन में बचे मतदाताओं के हिसाब से जिले में विभिन्न वोटर्स को नोटिस जारी किया गया है। अब इन मतदाताओं को मान्य 11 में से कोई भी एक दस्तावेज देना होगा। तहसीलों में एआरओ सुनवाई भी कर रहे हैं। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर नाम मतदाता सूची से कटने का डर है। एसआईआर की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर को हो चुका है।
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    जिले की चार विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत अनमैपड मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है। इनकी 2003 की सूची मे मैपिंग नहीं हुई है । इन मतदाताओं के माता-पिता या दादा-दादी का नाम ही नहीं था।
प्रारंभिक प्रकाशन में बचे मतदाताओं के हिसाब से जिले में विभिन्न वोटर्स को नोटिस जारी किया गया है। अब इन मतदाताओं को मान्य 11 में से कोई भी एक दस्तावेज देना होगा। तहसीलों में एआरओ सुनवाई भी कर रहे हैं। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर नाम मतदाता सूची से कटने का डर है। एसआईआर की प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर को हो चुका है।
    user_KARTALA TIMES
    KARTALA TIMES
    Advertising agency कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • क्षेत्र की महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों के साथ सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने किया विधायक कार्यालय में बैठक ,, महिला समूहों को सशक्त बनाने के लिए कई विषयों पर की चर्चा,, आज सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने विधायक कार्यालय में विधानसभा क्षेत्र के महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों के साथ बैठक किया ,, और सभी समूहों के द्वारा किए जा रहे कार्यों के विषय में जानकारी लेते हुए उसके बारे मे विस्तार से चर्चा की ,, वहीं विधायक जी ने महिला समूहों के द्वारा बनाए जाने वाले सामग्रियों के क्वाल्टी , मात्रा,मार्केटिंग के विषय में जानकारी लिया ,, वहीं उन्होंने सभी से चर्चा करते हुए कहा कि आप के। समूहों द्वारा आय अर्जन हेतु किए जा रहे कार्यों को विस्तार देना अत्यंत आवश्यक है यदि आपके सामनों को लोगो के बीच पहुंचना है तो उसकी ब्रांडिग आवश्यक है जिससे उसकी खपत की मात्रा बढ़े और महिला समूहों के आय में भी वृद्धि हो,, हम अपने क्षेत्र की माता बहनों को आत्म निर्भर बनाना चाहते हैं, जिसके लिए हम योजना बना रहे हैं और इसी विषय को लेकर
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    क्षेत्र की महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों के साथ सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने किया विधायक कार्यालय में बैठक ,,
महिला समूहों को सशक्त बनाने के लिए कई विषयों पर की चर्चा,,
आज सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने 
विधायक कार्यालय में विधानसभा क्षेत्र के महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों के साथ बैठक किया ,,
और सभी समूहों के द्वारा किए जा रहे कार्यों के विषय में जानकारी लेते हुए उसके
बारे मे विस्तार से चर्चा की ,,
वहीं विधायक जी ने महिला समूहों के द्वारा बनाए जाने वाले सामग्रियों के क्वाल्टी , मात्रा,मार्केटिंग के विषय में जानकारी लिया ,,
वहीं उन्होंने सभी से चर्चा करते हुए कहा कि आप के। समूहों द्वारा आय अर्जन हेतु किए जा रहे कार्यों को विस्तार देना अत्यंत आवश्यक है यदि आपके सामनों को लोगो के बीच पहुंचना है तो उसकी ब्रांडिग आवश्यक है 
जिससे उसकी खपत की मात्रा बढ़े और महिला समूहों के आय में भी वृद्धि हो,,
हम अपने क्षेत्र की माता बहनों को आत्म निर्भर बनाना चाहते हैं,
जिसके लिए हम योजना बना रहे हैं 
और इसी विषय को लेकर
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
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