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Bapulal Ahari
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (आरएसी एवं एसडीआरएफ), श्री रूपेन्द्र सिंह ने बांसवाड़ा जिले की पुलिस व्यवस्थाओं का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कंट्रोल रूम, कमांड सेंटर और विभिन्न शाखाओं के कार्यों की व्यापक समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर जोशी (आईपीएस) ने इस मौके पर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, साइबर अपराधों की रोकथाम, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा संबंधी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। एडीजी रूपेन्द्र सिंह ने लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे, साइबर अपराधों पर प्रभावी लगाम, महिला एवं बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने, हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और नवीन आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष बल दिया। निरीक्षण कार्यक्रम के तहत, टीपीडी भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया, जहाँ यातायात जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक नुक्कड़ नाटक का मंचन भी हुआ। इसके अतिरिक्त, एडीजी रूपेन्द्र सिंह ने अधिकारियों, सीएलजी, यूथ सीएलजी और शांति समिति के सदस्यों के साथ संवाद स्थापित कर जनसुरक्षा एवं अपराध नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए रणनीतियों पर विस्तृत मंथन किया।2
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के नौगामा में अंतरमना परम पूज्य मुनि श्री प्रसन्न सागर जी महाराज का संघ सहित भव्य मंगल प्रवेश हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया, जिससे पूरा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया। इस दौरान भगवान आदिनाथ एवं नेमिनाथ का अभिषेक, धर्मसभा, मंगल प्रवचन और विभिन्न भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह विशेष रिपोर्ट आवाज टीवी 3 इंडिया न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत की गई है, जिसे बांसवाड़ा नौगामा से सुरेश गांधी ने साझा किया है।1
- पोस्टर ने राजस्थान रॉयल्स (RR) की गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ हार पर गहरी निराशा व्यक्त की है, यह सुझाव देते हुए कि RR ने जीत का एक स्पष्ट अवसर गंवा दिया। उनके अनुसार, यदि शुभमन गिल, साईं सुदर्शन और 'बटर' तीनों के विकेट 4 से 5 ओवर के भीतर गिर जाते, तो RR यह मैच जीत जाता। हार के अन्य काल्पनिक कारणों में यह भी शामिल है कि यदि आर्चर 3 विकेट निकाल देते, या 'पूजां' और 'बीरजेश' में से कोई भी 2 विकेट लेता, तो जीत पक्की थी। पोस्टर का कहना है कि RR ने अपनी मेहनत पानी में मिला ली और यदि टीम थोड़ा और 'सेवन' करती तथा '6:00' खेलती, तो जीत सकती थी, लेकिन वे ऐसा भी नहीं कर पाए। पोस्टर का मानना है कि यदि RR ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) को हरा दिया होता, तो ट्रॉफी उसके नाम हो जाती, लेकिन टीम GT से हार गई। इस हार के बाद मुख्य प्रश्न यही है कि RR की जीत हो सकती थी, तो आखिर किस वजह से RR हार गया?1
- अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक आस्था का विशेष वातावरण बना हुआ है। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने विभिन्न नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। स्नान के पश्चात, इन महिलाओं ने घाटों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु तथा पुरुषोत्तम प्रभु की आराधना करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना की। सनातन धर्म में अधिक मास को विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी मान्यता के तहत सुबह से ही महिलाओं के समूह धार्मिक स्थलों और घाटों पर पहुँचने लगे। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद दीप, पुष्प, अक्षत और तुलसी अर्पित कर भगवान का पूजन किया, वहीं कई स्थानों पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भी हिस्सा लिया और धार्मिक कथाओं का श्रवण किया। पारंपरिक वेशभूषा में घाटों पर पहुँची महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि पुरुषोत्तम मास में स्नान, दान, जप और भगवान विष्णु की आराधना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। क्षेत्र के नदी-तालाबों के घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। पुरुषोत्तम मास के दौरान ऐसे धार्मिक आयोजन और पूजन-अर्चनाएँ प्रतिदिन जारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।4
- धम्बोला कस्बेवासियों को शनिवार सुबह मई माह की भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। 30 मई को सुबह करीब 6 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में काले घने बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने उमस भरी गर्मी से काफी सुकून महसूस किया। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था, लेकिन इस बदली हुई सुबह ने लोगों के चेहरों पर खुशी ला दी। बारिश के कारण सड़कों और गलियों में पानी बहने लगा, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं और रिमझिम फुहारों ने मौसम को और भी सुहावना बना दिया। सुबह की सैर पर निकले लोगों ने इस बारिश का खूब आनंद लिया, वहीं किसानों ने भी इसे आगामी खरीफ सीजन के लिए एक शुभ संकेत माना। बच्चों ने भी बारिश में भीगकर मौसम का भरपूर लुत्फ उठाया। अचानक हुई इस बारिश से पेड़-पौधों को नई ताजगी मिली और पूरे वातावरण में हरियाली का एहसास बढ़ गया। मौसम में आए इस बदलाव से पूरे धम्बोला कस्बे में गर्मी से राहत का माहौल रहा। लोगों ने कहा कि मई की तपती दोपहरों के बीच सुबह हुई यह बारिश किसी राहत भरे उपहार से कम नहीं थी। बारिश के बाद धम्बोला का मौसम पूरी तरह खुशनुमा हो गया और लोगों ने चैन की सांस ली।4
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- श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण समाज पथोक चोखला कार्यकारिणी सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को बाहुबली कॉलोनी स्थित समाज छात्रावास में सम्पन्न हुई। इस बैठक में आगामी 21 एवं 22 जून को उदयपुर में प्रस्तावित भव्य भूमि पूजन समारोह और राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय संयोजक भूपेन्द्र पण्डया ने समाजजनों से बड़ी संख्या में अधिवेशन में शामिल होने का आह्वान किया और समाज की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान पर प्रकाश डाला। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अशोक ठाकुर ने इस आयोजन को समाज की एकजुटता और भविष्य के लिए एक मजबूत नींव बताया। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल पण्डया, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रविन्द्र उपाध्याय, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद पानेरी और संभागीय सचिव महेश जोशी ने समाज के उत्थान और एकता को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान एकलिंगनाथ के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि चौखला की सभी 11 इकाइयों के प्रत्येक परिवार तक अधिवेशन का निमंत्रण व्यक्तिगत रूप से पहुँचाया जाएगा, साथ ही 'पीले चावल' देकर पारंपरिक आमंत्रण भी दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रो राजेश जोशी, भगवतीशंकर ठाकुर, भुवनेश पंड्या, डॉ हितेन्द्र त्रिवेदी, किशोर पंड्या, भावेश पंड्या, आशा उपाध्याय, छाया पुरोहित और वंदना त्रिवेदी सहित कई समाजजनों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन आशीष शुक्ला ने किया, जबकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरेन्द्रनाथ ठाकुर ने आभार व्यक्त किया। बैठक के दौरान छात्रावास अधीक्षक मोहनलाल पण्डया को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में ठिकरिया निवासी नारायणलाल भट्ट ने समाज भवन निर्माण के लिए एक कक्ष हेतु 5.55 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की, जिस पर समाजजनों ने उनका अभिनंदन किया।1
- अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर क्षेत्र में एक विशेष धार्मिक आस्था का वातावरण देखने को मिल रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं ने विभिन्न नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। स्नान के बाद, महिलाओं ने घाटों पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान विष्णु एवं पुरुषोत्तम प्रभु की आराधना करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगल कामना की। सनातन धर्म में अधिक मास को विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी मान्यता के चलते सुबह से ही महिलाओं के समूह धार्मिक स्थलों और घाटों पर पहुँचने लगे। श्रद्धालुओं ने स्नान कर दीप, पुष्प, अक्षत और तुलसी अर्पित करते हुए भगवान का पूजन किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया और धार्मिक कथाओं का श्रवण किया। पारंपरिक वेशभूषा में घाटों पर पहुँची महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर पुण्य प्राप्त किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि पुरुषोत्तम मास में स्नान, दान, जप और भगवान विष्णु की आराधना से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन में सुख-शांति का वास होता है। क्षेत्र के नदी-तालाबों के घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, और धार्मिक अनुष्ठानों तथा भक्ति भाव से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। पुरुषोत्तम मास के दौरान ऐसे धार्मिक आयोजन और पूजन-अर्चनाएँ प्रतिदिन जारी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।4
- सीमलवाड़ा में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) की झोथरी ब्लॉक इकाई ने शुक्रवार को विभिन्न जनसमस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय सदस्य पोपट खोखरिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, पार्टी पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 'वनवासी' शब्द के उपयोग का कड़ा विरोध करते हुए उनका पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके उपरांत, पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। उन्होंने नरेगा योजना में आ रही परेशानियों, मेट कारीगरों की समस्याओं और अन्य लंबित स्वीकृतियों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया। वहीं, देश में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कहा गया कि महंगाई से आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में बनी लगातार बिजली समस्या और विद्युत विभाग की लापरवाही के आरोप लगाते हुए सहायक अभियंता (विद्युत विभाग) को भी ज्ञापन दिया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने बार-बार बिजली कटौती और तकनीकी खामियों से ग्रामीण उपभोक्ताओं के परेशान होने का मुद्दा उठाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सदस्य पोपट खोखरिया ने दोहराया कि भारत आदिवासी पार्टी हमेशा जनहित और आम लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए इसी तरह सक्रिय रहने का आह्वान भी किया। इस प्रदर्शन में पोपट खोखरिया के साथ लालकृष्ण सरपोटा, बापूलाल डामोर, नरेंद्र रोत, अरविंद रोत, राजेश मनात, मुकेश आमलिया, बसंत डामोर, गोतम रोत, विनोद परमार, बसंत रोत, गोविंद रंगोत, चंदू लाल खराड़ी, ईश्वर भगोरा और योगेश रोत जैसे कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1