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नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर ज्वलंत जनसमस्याओं और अपनी नीतिगत विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने, भरमाने और बरगलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। तेजस्वी यादव के अनुसार, इन मुद्दों से आखिरकार जनता को कुछ भी हासिल नहीं होगा।
Abhay Kumar Press
नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर ज्वलंत जनसमस्याओं और अपनी नीतिगत विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने, भरमाने और बरगलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। तेजस्वी यादव के अनुसार, इन मुद्दों से आखिरकार जनता को कुछ भी हासिल नहीं होगा।
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- खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत के वार्ड संख्या-दो में वर्षों से सड़क न होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार शाम करीब पांच बजे स्थानीय ग्रामीण सुबोध यादव ने बताया कि पिछले दस वर्षों से इस वार्ड में सड़क का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी बताया कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जहाँ कीचड़ और जलजमाव के कारण लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इस कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को विशेष रूप से परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि हर बार सड़क निर्माण का आश्वासन तो देते हैं, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसी के चलते, ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र सड़क निर्माण कराकर आवागमन की इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।1
- नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर ज्वलंत जनसमस्याओं और अपनी नीतिगत विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने, भरमाने और बरगलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। तेजस्वी यादव के अनुसार, इन मुद्दों से आखिरकार जनता को कुछ भी हासिल नहीं होगा।1
- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) ने मुंगेर जिले के युवाओं की किस्मत को बदल दिया है, जिसके परिणामस्वरूप वहां रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। इस योजना के सकारात्मक प्रभाव के चलते मुंगेर के युवा अब उद्यमी बन गए हैं, जिससे क्षेत्र की तस्वीर में बदलाव आया है।1
- यह संघर्षभरी कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है, जहाँ एक व्यक्ति के पैर नहीं होने के बावजूद उनके हौसलों की उड़ान थमी नहीं है। वे ई-रिक्शा चलाकर कड़ी मेहनत और आत्मसम्मान के साथ अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि ज़िंदगी में चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न हों, यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।1
- आजकल सोशल मीडिया विज्ञापनों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर सामान बेचा जा रहा है, जिसमें अक्सर लोगों को मूर्ख बनाकर उन्हें लूटा जाता है। ऐसे ही एक उदाहरण में, सोशल मीडिया के माध्यम से आसानी से मंगवाई जा सकने वाली घड़ियों के बारे में चेतावनी दी गई है। विक्रेताओं द्वारा यह दावा किया जाता है कि इन घड़ियों का रंग नहीं उतरेगा। हालांकि, अनुभव से पता चलता है कि यदि इन घड़ियों को लगातार चार-पांच दिन पहना जाए, तो इनका रंग उतरना तो आम बात है ही, बल्कि इनमें जंक भी लगना शुरू हो जाता है। अतः, उपभोक्ताओं को इस तरह का सामान खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।1
- सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद में 5 करोड़ 93 लाख 70 हजार रुपये की लागत से 60 हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना को "घोटाले की मिसाल" बताया जा रहा है। आरोप है कि डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी एक भी लाइट नहीं जली है, फिर भी कार्यपालक पदाधिकारी कंपनी पर मेहरबान बने हुए हैं। इसे विकास के नाम पर सरकारी राशि की "लूट की छूट" करार दिया जा रहा है और योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने 25 मार्च 2025 को इस योजना का कार्य आदेश जारी किया था। टेंडर की शर्तों के मुताबिक, एजेंसी को 30 दिनों के भीतर काम पूरा करना था, अन्यथा वर्क ऑर्डर रद्द हो जाना चाहिए था। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बाद भी नगर क्षेत्र में एक भी हाई मास्ट लाइट पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है। कई जगहों पर हाई मास्ट के खंभे जमीन पर पड़े हैं, तो कुछ जगहों पर खंभे तो खड़े हैं लेकिन उनमें लाइटें नहीं लगी हैं। आरोप है कि एजेंसी को अग्रिम रूप से 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी कर दिया गया, जिसके बाद उसने काम अधूरा छोड़ दिया। इसके बावजूद अब तक एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय ग्रामीण सुरेंद्र यादव सहित कई लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। इस मामले पर, सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राम विलास दास ने अब एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।1
- भागलपुर को ‘स्मार्ट सिटी’ बताया जाता है, लेकिन यहाँ की एक वीडियो में एक ऐसी स्थिति दिखाई गई है जहाँ नाले भर गए हैं। इस वजह से नाले का पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे शहर की इस पहचान पर सवाल खड़े होते हैं।1
- गोगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत हरपुर गांव के पास एक बाइक सवार युवक को स्थानीय चार-पांच युवकों ने हथियार सटाकर पीटा और उनकी बाइक व नगदी छीन ली। इस वारदात में घायल हुए युवक की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के शिरनिया निवासी दिलीप मिश्रा के 22 वर्षीय पुत्र हर्ष कुमार के रूप में हुई है। हर्ष कुमार के अनुसार, वे जमालपुर बाजार जा रहे थे जब हरपुर गांव के पास इन युवकों ने उन्हें रोककर पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान ही उनसे नगदी और कई अन्य सामान छीन लिए गए। परिजनों को सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे और घायल हर्ष कुमार को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया है। गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया है कि पीड़ित पक्ष से लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।1