तरना ओवरब्रिज पर भीषण सड़क हादसा, हाईमास्ट पोल से टकराकर पलटी कार, युवक की मौत वाराणसी। शिवपुर थाना क्षेत्र के तरना ओवरब्रिज पर सोमवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। हादसा रात करीब 10:45 बजे उस समय हुआ, जब बाबतपुर की ओर से वाराणसी आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर हाईमास्ट लाइट के पोल से टकराने के बाद पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। कार में फंसे युवक को गंभीर हालत में बाहर निकालकर दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नवीन कुमार सिंह (35 वर्ष), निवासी लक्ष्मणपुर (उचवा लॉज) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के बाद मृतक के मोबाइल पर उसकी मां का फोन आया, जिसके जरिए परिजनों को हादसे की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को दिल्ली नंबर की कार से दो बीयर की बोतलें भी मिली हैं। ऐसे में हादसे के पीछे तेज रफ्तार या नशे में वाहन चलाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शिवपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
तरना ओवरब्रिज पर भीषण सड़क हादसा, हाईमास्ट पोल से टकराकर पलटी कार, युवक की मौत वाराणसी। शिवपुर थाना क्षेत्र के तरना ओवरब्रिज पर सोमवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। हादसा रात करीब 10:45 बजे उस समय हुआ, जब बाबतपुर की ओर से वाराणसी आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर हाईमास्ट लाइट के पोल से टकराने के बाद पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। कार में फंसे युवक को गंभीर हालत में बाहर निकालकर दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नवीन कुमार सिंह (35 वर्ष), निवासी लक्ष्मणपुर (उचवा लॉज) के रूप
में हुई है। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के बाद मृतक के मोबाइल पर उसकी मां का फोन आया, जिसके जरिए परिजनों को हादसे की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को दिल्ली नंबर की कार से दो बीयर की बोतलें भी मिली हैं। ऐसे में हादसे के पीछे तेज रफ्तार या नशे में वाहन चलाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शिवपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
- नई बाइक और बकरा एक साथ चोरी, सुबह उठे तो उड़े होश पिंडरा (वाराणसी)। फूलपुर थाना क्षेत्र के जमापुर गांव में चोरों ने एक ही रात में घर के बाहर खड़ी नई मोटरसाइकिल और बंधा हुआ बकरा चोरी कर लिया। सुबह नींद खुलने पर पीड़ित को घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद उसने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई। जमापुर निवासी विक्की पटेल ने फूलपुर थाने में दी गई तहरीर में बताया कि 27 जुलाई की रात करीब 3:30 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर से हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और एक बकरा चोरी कर लिया। सुबह उठने पर घर के बाहर खड़ी बाइक और बंधा हुआ बकरा दोनों गायब मिले। पीड़ित के अनुसार उसने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बाइक और बकरे का कोई पता नहीं चल सका। बताया कि मोटरसाइकिल अभी 1 जुलाई 2026 को ही खरीदी गई थी। चोरी गई बाइक का नंबर UP65 GE 1127 बताया गया है। घटना की सूचना फूलपुर थाना पुलिस को दे दी गई है। थानाध्यक्ष फुलपुर इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।2
- सड़क गड्ढे में तब्दील आए दिन दूर्घटना का संकेत देखे शुरू एप पर जनपद जौनपुर तहसील केराकत के अंतर्गत सिहौली चौराहा पर, सड़क गड्ढे में तब्दील आए दिन दूर्घटना का संकेत। आप लोगो को बतादे कि सिहौली चौराहा थानागद्दी मार्ग सड़क गड्ढे में, तब्दील आए दिन दूर्घटना का संकेत। आप लोगो को बताते चले कि जिलाधिकारी जौनपुर सैमुअल पाल समीक्षा अधीकारी के साथ समीक्षा बैठक कर के निर्देश दिए थे। बरसात के पहले सब गड्ढे को पाट दिया जाए। किन्तु अभी तक सड़क गड्ढे में, तब्दील हैं।3
- जौनपुर टोल प्लाजा के वीआईपी गेट से धड़ल्ले से गुज़र रहें ओवरलोड ट्रक ब्रेकिंग न्यूज जौनपुर वीआईपी गेट से धड़ल्ले से गुजर रहे ओवरलोड ट्रक टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के हौज गांव स्थित जौनपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड ट्रकों को वीआईपी लेन से लगातार निकाला जा रहा है जिससे राजस्व को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा पर स्थापित धर्मकांटा (वजन मापने की व्यवस्था) होने के बावजूद कई ओवरलोड वाहनों का वजन नहीं कराया जाता। आरोप है कि ऐसे ट्रकों को सीधे वीआईपी गेट से निकाल दिया जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह और शाम के समय इस तरह के वाहनों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नियमों के अनुसार सभी भारी वाहनों की जांच और वजन किया जाए तो ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है लेकिन कथित अनियमितताओं के चलते सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का आरोप है कि सम्बन्धित विभागों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा टोल प्लाजा पर नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग किया है।1
- गंगा के किनारे अदलपुरा में सदियों पुराना शीतला माता मंदिर, बीमारियां भी मांगती हैं आशीर्वाद आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट मिर्ज़ापुर, चुनार। गंगा की शीतल लहरों के किनारे, चुनार से लगभग 10 किमी दूर अदलपुरा गांव में एक ऐसी शक्ति विराजमान है जहां दर्द भी दवा मांगने आता है, और आंसू भी आशीर्वाद बनकर लौटते है। बड़ी शीतला माता मंदिर एक ऐसा पावन धाम, जिसकी स्थापना की तारीख इतिहास के पन्नों में नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की श्रद्धा में दर्ज है। अनादि काल से चली आ रही आस्था कहते हैं ये मंदिर सदियों पुराना है। विद्वान इसे मध्यकाल से भी पहले का मानते हैं। लोक मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा स्वयंभू रूप में प्रकट हुई थी। उसी दिन से पूजा शुरू हुई और धीरे-धीरे ये आस्था का महातीर्थ बन गया। इस धाम की सबसे अनोखी विशेषता यहां निषाद/मल्लाह समुदाय के लोग पीढ़ियों से माता की सेवा करते आ रहे हैं। गंगा पुत्रों के हाथों से हुई पूजा में एक अलग ही अपनापन और पवित्रता है। जहां बीमारी भी माथा टेकती है शीतला माता को संतानों की रक्षक कहा जाता है। मान्यता है कि चेचक, खसरा और फोड़े- फुंसी जैसी बीमारियों में माता बासी भोग से तुरंत कृपा करती हैं। इसीलिए यहां गर्म भोग वर्जित है। भक्त माता को पूड़ी-हलवा, लापसी और बाटी-चोखा का शीतल प्रसाद चढ़ाते हैं। मन्नत पूरी होने पर लोग गंगा किनारे भंडारा करते हैं और नीम के पेड़ पर मौली बांधकर आभार जताते हैं। दर्शन का समय और खास दिन समय प्रातः 06:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक आरती: सुबह-शाम की विशेष आरती मन को असीम शांति देती है।मंगलवार: आस्था का मेला लगता है। वाराणसी मिर्जापुर से हजारों श्रद्धालु आते हैं नवरात्रिः चैत्र और अश्विन नवरात्रि में 9 दिन मंदिर 24 घंटे खुला रहता है। पूरा घाट लाखों दीपों से जगमगाता है शांति से दर्शन के लिए बुधवार से शुक्रवार, सुबह 6 से 8 बजे के बीच जाएं। कैसे पहुंचे, वाराणसी कैंट से मात्र 28 किमी, 50 मिनट मार्ग लहरतारा, DLW,SH-74 अदलपुरा रास्ते में विंध्याचल की तरह सजा बाजार मिलता है, जहां से चुनरी, नारियल और कलावा ले सकते हैं। यहां दवा नहीं, दुआ काम करती है। यहां प्रसाद नहीं, ममता मिलती है। एक बार दिल से लिखिए "जय शीतला माता" माता सभी की झोली भरती है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ वाराणसी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉक्टर सतीश कुमार कसेरा अपने ग्रुरु जगतगुरु शंकराचार्य ब्रह्मालीनं स्वामी स्वरूपानंदसरस्वती जी का पूजन अर्चन करते हुए तत्पश्चा वर्तमान पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वर आनंद जी का स्मरण पूजन आदि कियानाम जप करते हुए श्री क कसेरा ने इस अवसर पर संदेश देते हुए कहा कि गुरु की कृपा के बिना कुछ नहीं हो सकता सभी को चाहिए अगर हिंदू धर्म में है सनातन धर्म में है तो जनेऊ धारण करने के साथ-साथ वह गुरमुख गुरु मंत्र अवश्य लें जिससे उनके काम स्वत ही बनने लगेंगे और किसी प्रकार का तंत्र मंत्र क्रिया आदि सफल नहीं होगा4
- गंगा की गोद में बसी है एक ऐसी मां जिसके दरबार में बीमारी भी हार मान लेती है अदलपुरा बड़ी शीतला माता धाम आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट मिर्ज़ापुर,चुनार।गंगा की शीतल लहरों के किनारे,चुनार से लगभग 10 किमी दूर अदलपुरा गांव में एक ऐसी शक्ति विराजमान है जहां दर्द भी दवा मांगने आता है,और आंसू भी आशीर्वाद बनकर लौटते है।बड़ी शीतला माता मंदिर एक ऐसा पावन धाम,जिसकी स्थापना की तारीख इतिहास के पन्नों में नहीं,बल्कि करोड़ों भक्तों की श्रद्धा में दर्ज है।अनादि काल से चली आ रही आस्था कहते हैं ये मंदिर सदियों पुराना है।विद्वान इसे मध्यकाल से भी पहले का मानते हैं।लोक मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा स्वयंभू रूप में प्रकट हुई थी। उसी दिन से पूजा शुरू हुई और धीरे-धीरे ये आस्था का महातीर्थ बन गया।इस धाम की सबसे अनोखी विशेषता यहां निषाद/मल्लाह समुदाय के लोग पीढ़ियों से माता की सेवा करते आ रहे हैं।गंगा पुत्रों के हाथों से हुई पूजा में एक अलग ही अपनापन और पवित्रता है।जहां बीमारी भी माथा टेकती है शीतला माता को संतानों की रक्षक कहा जाता है।मान्यता है कि चेचक,खसरा और फोड़े-फुंसी जैसी बीमारियों में माता बासी भोग से तुरंत कृपा करती हैं।इसीलिए यहां गर्म भोग वर्जित है।भक्त माता को पूड़ी-हलवा,लापसी और बाटी-चोखा का शीतल प्रसाद चढ़ाते हैं।मन्नत पूरी होने पर लोग गंगा किनारे भंडारा करते हैं और नीम के पेड़ पर मौली बांधकर आभार जताते हैं।दर्शन का समय और खास दिन समय प्रातः06:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक आरती:सुबह-शाम की विशेष आरती मन को असीम शांति देती है मंगलवार:आस्था का मेला लगता है वाराणसी मिर्जापुर से हजारों श्रद्धालु आते हैं नवरात्रि:चैत्र और अश्विन नवरात्रि में 9 दिन मंदिर 24 घंटे खुला रहता है। पूरा घाट लाखों दीपों से जगमगाता है शांति से दर्शन के लिए बुधवार से शुक्रवार, सुबह 6 से 8 बजे के बीच जाएं।कैसे पहुंचे,वाराणसी कैंट से मात्र 28 किमी,50 मिनट मार्ग लहरतारा,DLW,SH-74अदलपुरा रास्ते में विंध्याचल की तरह सजा बाजार मिलता है,जहां से चुनरी,नारियल और कलावा ले सकते हैं।यहां दवा नहीं,दुआ काम करती है।यहां प्रसाद नहीं,ममता मिलती है।एक बार दिल से लिखिए "जय शीतला माता"माता सभी की झोली भरती है1
- आशा लाइब्रेरी की दो और छात्राओं का पुणे के स्कूल ऑफ प्रोग्रामिंग में चयन, ₹4 लाख की स्कॉलरशिप मिली1
- *अगर कोई कानून लाना ही है तो लोकसभा-राज्यसभा में जो सांसद इधर से उधर हो रहे हैं, उनकी रोक पर कोई कानून ला दीजिए। क्योंकि इससे लोकतंत्र की क्षति होती है।* डिंपल यादव, सपा सांसद।1