भावुक माहौल में कलेक्टर श्री मृणाल मीना को दी गई विदाई, अधिकारियों ने सराहा दो वर्षों का कार्यकाल भावुक माहौल में कलेक्टर श्री मृणाल मीना को दी गई विदाई, अधिकारियों ने सराहा दो वर्षों का कार्यकाल राज्य शासन द्वारा बालाघाट कलेक्टर श्री मृणाल मीना का स्थानांतरण छतरपुर जिले के कलेक्टर पद पर किए जाने के बाद गुरुवार 30 जुलाई को जिला मुख्यालय में उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। आयोजित विदाई समारोह में प्रशासन, पुलिस, वन एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री मीना के नेतृत्व, कार्यशैली और जिले के विकास में उनके योगदान की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में बालाघाट रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे एवं श्री डी.पी. बर्मन, वन मंडलाधिकारी श्री नित्यानंदम एल एवं श्री रेशम सिंह धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री मायाराम कोल, श्री विजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री भार्गव एवं श्री निहित उपाध्याय, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक तिवारी, एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता, श्री कार्तिकेय जायसवाल, श्री श्रीश प्यासी, श्री आदित्य नारायण तिवारी, श्री गोपाल सोनी, श्री कमल सिंहसार, सभी तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार ने कहा कि श्री मृणाल मीना ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों वाले बालाघाट जिले में लगभग दो वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं देते हुए जिले को नई पहचान दिलाई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री मीना छतरपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में भी अपनी कार्यकुशलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन ने कहा कि श्री मीना का बालाघाट से जाना जिले के लिए निश्चित रूप से क्षति है, लेकिन छतरपुर जिले के लिए यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करना श्री मीना की विशेषता रही है और वे नई जिम्मेदारियों का भी उसी दक्षता से निर्वहन करेंगे। पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि श्री मृणाल मीना के कार्यकाल में बालाघाट ने नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में सुरक्षा बलों के साथ-साथ कलेक्टर श्री मीना की दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने वाली सोच का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए। विदाई समारोह में भावुक होते हुए कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने कहा कि उन्हें बालाघाट में एक समर्पित और सक्षम अधिकारियों की टीम के साथ कार्य करने का अवसर मिला, जिसके कारण जिला अनेक शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश में अग्रणी रहा। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, हालांकि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर अभी और ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने मीडिया के सहयोग की भी सराहना की तथा अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक कार्यों के दौरान यदि कभी सख्ती बरती गई हो तो उसे केवल कार्य के हित में समझें, क्योंकि उनके मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना या दुराग्रह नहीं रहा। बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता एवं वारासिवनी एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल ने कहा कि श्री मीना ने सदैव अधिकारियों पर विश्वास जताया, उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर दिया तथा गलतियों से सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में कार्य करना उनके प्रशासनिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव रहा। समारोह के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कलेक्टर श्री मृणाल मीना को स्मृति-चिन्ह एवं शुभकामनाएं भेंट कर उनके सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विदाई के दौरान भावुक वातावरण रहा और उपस्थित अधिकारियों ने उनके साथ बिताए अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
भावुक माहौल में कलेक्टर श्री मृणाल मीना को दी गई विदाई, अधिकारियों ने सराहा दो वर्षों का कार्यकाल भावुक माहौल में कलेक्टर श्री मृणाल मीना को दी गई विदाई, अधिकारियों ने सराहा दो वर्षों का कार्यकाल राज्य शासन द्वारा बालाघाट कलेक्टर श्री मृणाल मीना का स्थानांतरण छतरपुर जिले के कलेक्टर पद पर किए जाने के बाद गुरुवार 30 जुलाई को जिला मुख्यालय में उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। आयोजित विदाई समारोह में प्रशासन, पुलिस, वन एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री मीना के नेतृत्व, कार्यशैली और जिले के विकास में उनके योगदान की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में बालाघाट रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे एवं श्री डी.पी. बर्मन, वन मंडलाधिकारी श्री नित्यानंदम एल एवं श्री रेशम सिंह धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री मायाराम कोल, श्री विजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री भार्गव एवं श्री निहित उपाध्याय, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक तिवारी, एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता, श्री कार्तिकेय जायसवाल, श्री श्रीश प्यासी, श्री आदित्य नारायण तिवारी, श्री गोपाल सोनी, श्री कमल सिंहसार, सभी तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार ने कहा कि श्री मृणाल मीना ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों वाले बालाघाट जिले में लगभग दो वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं देते हुए जिले को नई पहचान दिलाई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री मीना छतरपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में भी अपनी कार्यकुशलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन ने कहा कि श्री मीना का बालाघाट से जाना जिले के लिए निश्चित रूप से क्षति है, लेकिन छतरपुर जिले के लिए यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करना श्री मीना की विशेषता रही है और वे नई जिम्मेदारियों का भी उसी दक्षता से निर्वहन करेंगे। पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि श्री मृणाल मीना के कार्यकाल में बालाघाट ने नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में सुरक्षा बलों के साथ-साथ कलेक्टर श्री मीना की दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने वाली सोच का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए। विदाई समारोह में भावुक होते हुए कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने कहा कि उन्हें बालाघाट में एक समर्पित और सक्षम अधिकारियों की टीम के साथ कार्य करने का अवसर मिला, जिसके कारण जिला अनेक शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश में अग्रणी रहा। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, हालांकि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर अभी और ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने मीडिया के सहयोग की भी सराहना की तथा अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक कार्यों के दौरान यदि कभी सख्ती बरती गई हो तो उसे केवल कार्य के हित में समझें, क्योंकि उनके मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना या दुराग्रह नहीं रहा। बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता एवं वारासिवनी एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल ने कहा कि श्री मीना ने सदैव अधिकारियों पर विश्वास जताया, उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर दिया तथा गलतियों से सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में कार्य करना उनके प्रशासनिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव रहा। समारोह के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कलेक्टर श्री मृणाल मीना को स्मृति-चिन्ह एवं शुभकामनाएं भेंट कर उनके सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विदाई के दौरान भावुक वातावरण रहा और उपस्थित अधिकारियों ने उनके साथ बिताए अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
- भावुक माहौल में कलेक्टर श्री मृणाल मीना को दी गई विदाई, अधिकारियों ने सराहा दो वर्षों का कार्यकाल भावुक माहौल में कलेक्टर श्री मृणाल मीना को दी गई विदाई, अधिकारियों ने सराहा दो वर्षों का कार्यकाल राज्य शासन द्वारा बालाघाट कलेक्टर श्री मृणाल मीना का स्थानांतरण छतरपुर जिले के कलेक्टर पद पर किए जाने के बाद गुरुवार 30 जुलाई को जिला मुख्यालय में उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। आयोजित विदाई समारोह में प्रशासन, पुलिस, वन एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री मीना के नेतृत्व, कार्यशैली और जिले के विकास में उनके योगदान की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में बालाघाट रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जी.एस. धुर्वे एवं श्री डी.पी. बर्मन, वन मंडलाधिकारी श्री नित्यानंदम एल एवं श्री रेशम सिंह धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, श्री मायाराम कोल, श्री विजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री भार्गव एवं श्री निहित उपाध्याय, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक तिवारी, एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता, श्री कार्तिकेय जायसवाल, श्री श्रीश प्यासी, श्री आदित्य नारायण तिवारी, श्री गोपाल सोनी, श्री कमल सिंहसार, सभी तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार ने कहा कि श्री मृणाल मीना ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों वाले बालाघाट जिले में लगभग दो वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं देते हुए जिले को नई पहचान दिलाई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री मीना छतरपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में भी अपनी कार्यकुशलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन ने कहा कि श्री मीना का बालाघाट से जाना जिले के लिए निश्चित रूप से क्षति है, लेकिन छतरपुर जिले के लिए यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करना श्री मीना की विशेषता रही है और वे नई जिम्मेदारियों का भी उसी दक्षता से निर्वहन करेंगे। पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि श्री मृणाल मीना के कार्यकाल में बालाघाट ने नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में सुरक्षा बलों के साथ-साथ कलेक्टर श्री मीना की दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने वाली सोच का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए। विदाई समारोह में भावुक होते हुए कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने कहा कि उन्हें बालाघाट में एक समर्पित और सक्षम अधिकारियों की टीम के साथ कार्य करने का अवसर मिला, जिसके कारण जिला अनेक शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश में अग्रणी रहा। उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, हालांकि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर अभी और ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने मीडिया के सहयोग की भी सराहना की तथा अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक कार्यों के दौरान यदि कभी सख्ती बरती गई हो तो उसे केवल कार्य के हित में समझें, क्योंकि उनके मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना या दुराग्रह नहीं रहा। बैहर एसडीएम श्री अर्पित गुप्ता एवं वारासिवनी एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल ने कहा कि श्री मीना ने सदैव अधिकारियों पर विश्वास जताया, उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर दिया तथा गलतियों से सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में कार्य करना उनके प्रशासनिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव रहा। समारोह के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कलेक्टर श्री मृणाल मीना को स्मृति-चिन्ह एवं शुभकामनाएं भेंट कर उनके सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विदाई के दौरान भावुक वातावरण रहा और उपस्थित अधिकारियों ने उनके साथ बिताए अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- बफर क्षेत्र में बाघ के हमले से महिला की मौत, परिजनों को तत्काल मिली सहायता राशि बालाघाट । कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में रविवार रात बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। घटना परिक्षेत्र खापा (बफर) की बीट कुमादेही अंतर्गत ग्राम पर्रापुर (स्कूल टोला), थाना बैहर, तहसील परसवाड़ा की है। कान्हा टाइगर रिजर्व मलाजखंड अनुभाग के एसडीओ श्री सुनील कुमार पंद्रे ने बताया कि ग्राम पर्रापुर निवासी श्रीमती सुगनी बाई (45 वर्ष), पति श्री बुधराम पर रात्रि के समय एक बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया तथा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई। शासन के प्रावधानों के तहत मृतका के परिजनों को तत्काल अग्रिम सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है। शेष अनुग्रह सहायता राशि भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नियमानुसार प्रदान की जाएगी। घटना के बाद कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्र और आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं और ग्रामीणों को वन्यजीवों की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए जागरूक कर रही हैं। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें तथा वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। यदि कहीं भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम वन अधिकारी या वन विभाग को दें।4
- 10वीं से 16वीं शताब्दी की प्रतिमाएं क्षरण की कगार पर, संग्रहालय टीम ने तिरोड़ी और चाकाहेटी का किया निरीक्षण1
- बफर क्षेत्र में बाघ के हमले से महिला की मौत, परिजनों को तत्काल मिली सहायता राशि बफर क्षेत्र में बाघ के हमले से महिला की मौत, परिजनों को तत्काल मिली सहायता राशि कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में रविवार रात बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। एसडीओ श्री सुनील कुमार पंद्रे ने बताया कि ग्राम पर्रापुर निवासी श्रीमती सुगनी बाई (45 वर्ष), पति बुधराम पर रात्रि के समय एक बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। शासन के प्रावधानों के तहत मृतका के परिजनों को तत्काल अग्रिम सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है। शेष अनुग्रह सहायता राशि भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नियमानुसार प्रदान की जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया तथा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई।1