जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढाना के गांव जोला में एक गरीब विकलांग व्यक्ति की भूमि पर तालाब खोदे जाने के विरोध में उसके परिजनों, ग्रामीणों और भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने तहसील बुढाना में धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तालाब, कब्रिस्तान और सड़क निर्माण के बहाने पीड़ित परिवार के साथ अन्याय किया जा रहा है। धरने की सूचना मिलते ही तहसीलदार, मजिस्ट्रेट, अमीन, लेखपाल और अन्य राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भूमि की नाप-जोख कर स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार ने बताया कि भूमि की पैमाइश की कार्रवाई जारी है और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को दोबारा नपाई की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि जब तक गरीब परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढाना के गांव जोला में एक गरीब विकलांग व्यक्ति की भूमि पर तालाब खोदे जाने के विरोध में उसके परिजनों, ग्रामीणों और भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने तहसील बुढाना में धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तालाब, कब्रिस्तान और सड़क निर्माण के बहाने पीड़ित परिवार के साथ अन्याय किया जा रहा है। धरने की सूचना मिलते ही तहसीलदार, मजिस्ट्रेट, अमीन, लेखपाल और अन्य राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भूमि
की नाप-जोख कर स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार ने बताया कि भूमि की पैमाइश की कार्रवाई जारी है और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को दोबारा नपाई की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि जब तक गरीब परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
- डिजिटल मीडिया क्रिएटर और लेखक कुलदीप कुमार बाबरा ने ‘लाल मंदिर ज्वालापुर’ नाम से एक नया सोशल मीडिया डिजिटल मीडिया चैनल शुरू किया है। इस चैनल के माध्यम से वे हरिद्वार के बाल मंदिर ज्वालापुर और उसके आसपास के स्थानों के बारे में जानकारी देंगे। कुलदीप कुमार बाबरा ने सभी दर्शकों का उनके इस नए चैनल पर स्वागत किया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की बुढ़ाना तहसील में एक भूमि विवाद को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित परिवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने अपना समर्थन दिया है। यूनियन के जिलाध्यक्ष सुधीर पवार ने धरना स्थल पर पहुंचकर भूख हड़तालियों को पानी पिलाकर और भोजन कराकर अपना समर्थन व्यक्त किया। इस दौरान यूनियन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।2
- 17 जून 2026 को ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी की संध्याकाल आरती और श्रृंगार दर्शन का आयोजन किया गया। इन मनमोहक दर्शनों को 'जय श्री महाकाल' और 'ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः' के जयघोष के साथ साझा किया गया, जो भक्तों के लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक है।1
- मुजफ्फरनगर जनपद के बघरा ब्लॉक स्थित काजीखेड़ा गांव निवासी किसान नरेंद्र ने अपने खेत के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन के तारों का विरोध किया है। किसान का कहना है कि ये तार उनके खेत में लगे पेड़ों की शाखाओं के बहुत करीब आ गए हैं और कई जगहों पर पेड़ों की शाखाएं सीधे तारों को छू रही हैं। किसान ने आशंका जताई है कि इस स्थिति के कारण कभी भी शॉर्ट सर्किट, आग लगने, विद्युत दुर्घटना या जान-माल का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, इन तारों के कारण उन्हें खेती-बाड़ी के कार्यों में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।3
- मुजफ्फरनगर की गलियों में गड्ढे और नालियों की खराब स्थिति एक बड़ी समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों को इस वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।1
- थाना झिंझाना पुलिस ने अपने थाना क्षेत्र के अंतर्गत ऊन बाईपास पर हुए अवैध हथियार से फायरिंग, जानलेवा हमला, गाली-गलौच और धमकी देने के मामले में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन अभियुक्तों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को भी बरामद किया है।1
- उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों को निजी कंपनी को ठेके पर दिए जाने के प्रस्ताव के विरोध में मुजफ्फरनगर सदर तहसील स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पर दस्तावेज लेखक, स्टाम्प वेंडर और मुंशी वर्ग की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस हड़ताल के कारण रजिस्ट्री से संबंधित सभी कार्य प्रभावित हुए और आम जनता को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडरों ने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालयों के कार्यों का निजीकरण उनके रोजगार पर संकट पैदा कर देगा। उन्होंने सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह कदम हजारों परिवारों की आजीविका को प्रभावित करेगा। हड़तालियों ने रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और शेरो-शायरी के माध्यम से अपना रोष व्यक्त किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार निजीकरण संबंधी प्रस्ताव को वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह विरोध प्रदर्शन पूरे प्रदेश में एकजुट होकर किया जा रहा है। हड़ताल के चलते रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह ठप रहा और कार्यालय पहुंचे लोगों को अपने कार्यों के लिए इंतजार करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बातचीत के जरिए इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।1
- जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढाना के गांव जोला में एक गरीब विकलांग व्यक्ति की भूमि पर तालाब खोदे जाने के विरोध में उसके परिजनों, ग्रामीणों और भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने तहसील बुढाना में धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तालाब, कब्रिस्तान और सड़क निर्माण के बहाने पीड़ित परिवार के साथ अन्याय किया जा रहा है। धरने की सूचना मिलते ही तहसीलदार, मजिस्ट्रेट, अमीन, लेखपाल और अन्य राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भूमि की नाप-जोख कर स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार ने बताया कि भूमि की पैमाइश की कार्रवाई जारी है और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को दोबारा नपाई की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि जब तक गरीब परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।2