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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की WR-II टीम ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई में NDPS एक्ट के मामले में घोषित भगोड़े अनुराग कुमार उर्फ राहुल (23) को गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर द्वारका मोड़ से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को कोर्ट ने मार्च 2026 में घोषित किया था। वहीं दूसरी कार्रवाई में पटना के कुख्यात गैंगस्टर और घोषित भगोड़े छोटू उर्फ प्रिंस को रांची, झारखंड से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी दिल्ली के स्पेशल सेल थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में वर्ष 2018 से फरार चल रहा था।
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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की WR-II टीम ने भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई में NDPS एक्ट के मामले में घोषित भगोड़े अनुराग कुमार उर्फ राहुल (23) को गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर द्वारका मोड़ से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को कोर्ट ने मार्च 2026 में घोषित किया था। वहीं दूसरी कार्रवाई में पटना के कुख्यात गैंगस्टर और घोषित भगोड़े छोटू उर्फ प्रिंस को रांची, झारखंड से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी दिल्ली के स्पेशल सेल थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में वर्ष 2018 से फरार चल रहा था।
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- सरिता विहार, अली गांव वार्ड नंबर 186 ओखला विधानसभा, दिल्ली दिल्ली के सरिता विहार इलाके के अली गांव में मकानों पर कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी का माहौल है। लोगों का आरोप है कि जिन घरों में वे पिछले 40 से 50 वर्षों से रह रहे हैं, अब उन्हीं मकानों को खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं और जल्द कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चार से पांच पीढ़ियां इसी जगह रहते हुए गुजर गईं। इसी जमीन पर परिवार बसे, बच्चे बड़े हुए, शादियां हुईं और लोगों ने अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर अपने आशियाने तैयार किए। लेकिन अब कार्रवाई की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर उनके मकान हटाए जाते हैं तो उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं बचेगा। लोगों का एक बड़ा सवाल यह भी है कि अगर यह जमीन उस समय उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में आती थी और उस दौरान यहां रहने वाले लोगों से दिल्ली के नाम पर वोट लिया जाता था, तो अब इतने वर्षों बाद उनके मकानों और जमीन को लेकर सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं? यह स्थानीय लोगों का सवाल है, जिसका जवाब संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से अपेक्षित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें मकान खाली करने के लिए बेहद कम समय दिया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले उनके दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए और प्रभावित परिवारों की बात सुननी चाहिए। महिलाओं में भी अपने घर को लेकर गहरी चिंता दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि उन्होंने घर बनाने में अपनी पूरी जिंदगी की पूंजी लगा दी। अगर मकान टूटता है तो परिवार सड़क पर आने की स्थिति में पहुंच सकता है। कुछ महिलाएं भावुक होकर अपने घर बचाने की गुहार लगाती नजर आईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से अपील है कि लोगों की बात सुनी जाए और किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों की स्थिति, दस्तावेजों और पुनर्वास की संभावनाओं पर स्पष्ट जानकारी दी जाए। स्थानीय लोगों का कहना है— “हमारी चार-पांच पीढ़ियां यहां रह चुकी हैं। हमारे बच्चे यहीं बड़े हुए हैं। हमने अपनी जिंदगी की पूरी कमाई इन घरों में लगा दी है। अब अगर घर टूट गया तो हम कहां जाएंगे?” फिलहाल अली गांव में लोगों के बीच अपने आशियाने को लेकर डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग प्रशासन से न्याय, सुनवाई और उचित समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन स्थानीय लोगों की शिकायतों और दस्तावेजों की जांच के बाद क्या कदम उठाता है।1
- फरीदाबाद मैराथन के लिए किए गए ख़ास इंतजाम रास्ते को सुंदर और साफ सुथरा रखें1
- एक झपट्टा… महिला सड़क पर गिरी… बाइक से भागे 3 आरोपी, CCTV ने पहुंचाया पुलिस तक1
- आज मुंद्रा पोर्ट के पास होटल से निकलने से पहले अचानक मन में इच्छा हुई कि किसी शिप पर घूमने का अवसर मिले। मैंने अपने मित्र एवं कस्टम अधिकारी विवेक जी से अपनी इच्छा साझा की। उन्होंने तुरंत अनुमति लेकर स्वयं होटल से हमें रिसीव किया और शिप पर घुमाने ले गए। उनका यह आत्मीय व्यवहार और मित्रता दिल को छू गई। 🙏 मेरे साथ मेरे मित्र, एडवोकेट बागी जी (इलाहाबाद हाई कोर्ट), एडवोकेट अरविंद पांडेय जी एवं अमजद भाई भी साथ रहे। हमने अपने मित्र अधिवक्ताओं से कहा कि मित्र अधिकारी विवेक जी का सम्मान किया जाना चाहिए। सभी ने मिलकर उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। विवेक जी ने भी स्नेहपूर्वक मेरे लिए और चार मित्रों के लिए प्रसिद्ध पेड़ा मिठाई भेंट की। इसके लिए उनका हृदय से धन्यवाद। 🙏 अमेरिका से आए विशालकाय शिप पर घूमने का अवसर मेरे लिए और मेरे मित्रों के लिए बेहद खास और यादगार रहा। शिप की भव्यता देखकर मन प्रसन्न हो गया—अंदर लिफ्ट, कमरे और आराम की लगभग हर सुविधा मौजूद थी। जिस विशाल शिप को हम अब तक सिर्फ टीवी पर देखा करते थे, आज उसी पर घूमने और उसे करीब से देखने का अवसर मिला। सचमुच, आज का दिन जीवन की खूबसूरत यादों में शामिल हो गया। ❤️🚢 मित्रता, सम्मान और आत्मीयता से भरा यह अनुभव हमेशा याद रहेगा। 🙏1
- शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर नेशनल अकाली दल ने उठाई क्रांतिकारियों को उचित राष्ट्रीय सम्मान देने की मांग नई दिल्ली। शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की जयंती के अवसर पर नेशनल अकाली दल की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने की। इस अवसर पर शहीद भगत सिंह जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई तथा देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात क्रांतिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया गया। इस अवसर पर परमजीत सिंह पम्मा ने केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मांग की कि भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय सम्मान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन महान बलिदानियों को अब तक औपचारिक रूप से “शहीद” का दर्जा दिए जाने की मांग उठती रही है, उनके योगदान और ऐतिहासिक भूमिका पर सरकार द्वारा उचित विचार किया जाना चाहिए। पम्मा ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव अमर रहेगा। इनके अलावा चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, बटुकेश्वर दत्त, जतिन दास, भगवती चरण वोहरा, खुदीराम बोस, सूर्य सेन, शहीद उधम सिंह और रास बिहारी बोस सहित अनेक क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित किया। पम्मा ने कहा कि स्वतंत्रता केवल किसी एक दिन या तारीख का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे असंख्य ज्ञात-अज्ञात वीरों का संघर्ष, त्याग और बलिदान जुड़ा हुआ है। इन महान क्रांतिकारियों के जीवन और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि युवा पीढ़ी देश के स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक इतिहास और बलिदान की भावना को समझ सके। परमजीत सिंह पम्मा ने कहा, “जिन वीरों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, उनके सम्मान, स्मृति और योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना पूरे राष्ट्र की जिम्मेदारी है। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।” पम्मा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि स्वतंत्रता संग्राम में अपना जीवन बलिदान करने वाले क्रांतिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का व्यापक स्तर पर सम्मान किया जाए तथा उनके नाम, संघर्ष और बलिदान को राष्ट्रीय इतिहास में उचित स्थान दिया जाए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने “इंकलाब जिंदाबाद” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी तथा देश के सभी अमर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर दीपक, मित्तल, सुनील पुरी, वरिंदर आर्य, कुलदीप सिंह, बलविंदर सिंह सरना, तृण सोनी, भाई सुलेमान सहित नेशनल अकाली दल के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे और शहीद भगत सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- श्री धार्मिक लीला कमेटी द्वारा भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न श्री धार्मिक लीला कमेटी द्वारा भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न1
- राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान रूस ने भारत के Su-30MKI बेड़े के लिए इज़देलिये 177S इंजन की पेशकश दोहराई है। सुपर सुखोई अपग्रेड प्लान में इंजन अब चर्चा के केंद्र में है। राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान रूस ने भारत के Su-30MKI बेड़े के लिए इज़देलिये 177S इंजन की पेशकश दोहराई है। सुपर सुखोई अपग्रेड प्लान में इंजन अब चर्चा के केंद्र में है। Su-30MKI फिलहाल AL-31FP इंजन चलाता है, जो 123 kN आफ्टरबर्नर और 76 kN ड्राई थ्रस्ट देता है। हाल ही में HAL ने इसकी कुल तकनीकी आयु 2,000 से बढ़ाकर 2,500 उड़ान घंटे कर दी है। 177S इंजन 142 kN आफ्टरबर्नर और 88 kN ड्राई थ्रस्ट दे सकता है — यानी करीब 16% ज्यादा आफ्टरबर्नर थ्रस्ट। साथ में 6,000 घंटे की सेवा आयु और कम ईंधन खपत भी।1
- अली विस्तार में फिर चला बुलडोजर, मकान टूटने से लोगों में आक्रोश दिल्ली के सरिता विहार इलाके के अली विस्तार में एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। अली विस्तार में फिर चला बुलडोजर, मकान टूटने से लोगों में आक्रोश दिल्ली के सरिता विहार इलाके के अली विस्तार में एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके पास जमीन से जुड़े खसरा नंबर समेत कई दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद उनके मकानों पर कार्रवाई की गई और मकानों को तोड़ दिया गया। लोगों का कहना है कि ये मकान झुग्गी-झोपड़ी नहीं थे, बल्कि कई मकान तीन से चार मंजिल तक बने हुए थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने अपनी पूरी जमा पूंजी इन मकानों को बनाने में लगा दी थी। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि जिस जमीन पर उनके मकान बने थे, उस जमीन को लेकर उनका मामला अदालत में विचाराधीन है। इसके बावजूद कार्रवाई किए जाने से लोगों में रोष है। लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि जब उनके पास जमीन से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं और मामला अदालत में चल रहा है, तो कार्रवाई किस आधार पर की गई। फिलहाल स्थानीय लोग अपने मकानों के टूटने के बाद प्रशासन से कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने और मामले में उचित समाधान की मांग कर रहे हैं।1