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झारखंड में मनाया जाने वाला भगता परब एक ऐसा पर्व है जो मात्र दिल दहला देने वाला नहीं, बल्कि रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव प्रदान करता है। यह पर्व आस्था, साहस और परंपरा का एक अद्भुत संगम है, जो इसकी अनूठी पहचान है।
Yuva team jharkhand
झारखंड में मनाया जाने वाला भगता परब एक ऐसा पर्व है जो मात्र दिल दहला देने वाला नहीं, बल्कि रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव प्रदान करता है। यह पर्व आस्था, साहस और परंपरा का एक अद्भुत संगम है, जो इसकी अनूठी पहचान है।
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- मंगुरा गांव में काष्ठ कला प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया है। यह पहल विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई है।1
- हजारीबाग स्थित सेंटर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स ने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विष्णुगढ़ प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया। इन नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को नशामुक्ति और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं के प्रति जागरूक किया गया, जिसमें नशे के दुष्प्रभावों और अंधविश्वास से होने वाले नुकसान पर विस्तार से बताया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शाया कि नशे की लत न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि परिवार और समाज को भी नुकसान पहुँचाती है, साथ ही लोगों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाने की अपील की। नाटकों में डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा के कारण महिलाओं पर होने वाले अत्याचार, हिंसा और सामाजिक भेदभाव को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह संदेश दिया गया कि शिक्षा, जागरूकता और वैज्ञानिक सोच के माध्यम से ही ऐसी सामाजिक बुराइयों को खत्म किया जा सकता है। कार्यक्रम में दीपक, शशिकांत, भीम, अनित, शिवानी, नंदनी, अरुण, मनोज पुरी, अमित कुशवाहा, अनिल, कृष्णा और अन्य कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों तक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश पहुँचाया। उनके जीवंत अभिनय को ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने खूब सराहा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने इन आयोजनों में भाग लिया और ऐसे नुक्कड़ नाटकों को समाज में जागरूकता फैलाने तथा सकारात्मक बदलाव लाने का एक प्रभावी माध्यम बताया। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि कला समाज को जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने भविष्य में भी जनहित और सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई। सेंटर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स, हजारीबाग कला और संस्कृति के क्षेत्र में लगातार अपनी पहचान बना रहा है, जहाँ नाटक, संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए सामाजिक जागरूकता फैलाई जाती है और युवाओं की प्रतिभा को भी मंच प्रदान किया जाता है।1
- गोड्डा जिले के महगामा विधानसभा में झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने माननीय मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह के पैतृक आवास पर चार दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया है। यह विरोध प्रदर्शन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज से शुरू हुआ और इसका पहला दिन था।1
- झारखंड के इटखोरी डैम में गौ माता का सर मिलने से लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। इस घटना के बाद, मामले में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को जेल भेज दिया गया है।1
- झारखंड राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने हजारीबाग जिले में लगातार हो रहे हादसों को लेकर अपनी गंभीरता व्यक्त की है। रांची से मिली रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने इन घटनाओं पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया दी है।1
- ग्रामीणों ने विकास के नाम पर पैदा हो रही समस्याओं के प्रति अपनी पीड़ा व्यक्त की है। उनके अनुसार, धूल, प्रदूषण और टूटी सड़कें उनकी दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई हैं, जिससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन गंभीर चुनौतियों के बावजूद, कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बाद भी इन समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ग्रामीण संबंधित अधिकारियों से इस पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं, साथ ही यह सवाल भी उठा रहे हैं कि उनकी आवाज़ को कब सुना जाएगा।1
- हजारीबाग जिले के कोर्रा थाना क्षेत्र में एक अज्ञात युवती का शव बरामद किया गया है। स्थानीय पुलिस को आशंका है कि युवती की हत्या की गई है।1
- दिल दहला देने वाला.... हजारीबाग में फिर से 12 साल की लड़की के साथ बलात्कार हुआ दिल दहला देने वाला.... हजारीबाग में फिर से 12 साल की लड़की के साथ बलात्कार हुआ1
- बीआईटी मेसरा ने सत्र 2026-27 से झारखंड के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा समाप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को बड़ा झटका लगा है। इस फैसले के बाद अब संस्थान की सभी सीटों पर दाखिला केवल ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर ही होगा। इस निर्णय के विरोध में मेसरा भाजपा युवा मंडल ने संस्थान के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिक्षा मंत्री शुदिव्य कुमार का पुतला दहन किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर जिला पुलिस भी तैनात थी। संस्थान के अनुसार, यह फैसला बीआईटी मेसरा और झारखंड सरकार के बीच दो वर्ष पूर्व समाप्त हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के नवीनीकरण को लेकर कोई ठोस पहल न होने के कारण लिया गया है। समझौते के नवीनीकरण के अभाव में, संस्थान ने होम स्टेट कोटा व्यवस्था को समाप्त कर सभी सीटों को ऑल इंडिया मेरिट के तहत भरने का निर्णय लिया है, जिससे झारखंड के विद्यार्थियों को मिलने वाला 50 प्रतिशत आरक्षण लाभ समाप्त हो जाएगा। प्रदर्शन के दौरान, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने राज्य सरकार पर छात्रों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जिला ग्रामीण अध्यक्ष नागेंद्र कुमार और प्रदेश एससी मोर्चा मंत्री कमलेश राम ने भी सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर झारखंडी छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाजपा पश्चिमी जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज, जिला मंत्री संजीत सिंह, प्रदेश एससी मोर्चा मंत्री कमलेश राम, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रंजन ठाकुर, विक्रांत तिवारी, मंडल अध्यक्ष महानंद महतो, युवा मोर्चा अध्यक्ष शिवलाल महतो, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजा महतो, राहुल चौबे, नवीन अभिषेक, माधव सिंह और भजन जी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। बीआईटी मेसरा के इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और संस्थान के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या इस समस्या का कोई समाधान निकल पाता है।1