बीआईटी मेसरा ने सत्र 2026-27 से झारखंड के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा समाप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को बड़ा झटका लगा है। इस फैसले के बाद अब संस्थान की सभी सीटों पर दाखिला केवल ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर ही होगा। इस निर्णय के विरोध में मेसरा भाजपा युवा मंडल ने संस्थान के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिक्षा मंत्री शुदिव्य कुमार का पुतला दहन किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर जिला पुलिस भी तैनात थी। संस्थान के अनुसार, यह फैसला बीआईटी मेसरा और झारखंड सरकार के बीच दो वर्ष पूर्व समाप्त हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के नवीनीकरण को लेकर कोई ठोस पहल न होने के कारण लिया गया है। समझौते के नवीनीकरण के अभाव में, संस्थान ने होम स्टेट कोटा व्यवस्था को समाप्त कर सभी सीटों को ऑल इंडिया मेरिट के तहत भरने का निर्णय लिया है, जिससे झारखंड के विद्यार्थियों को मिलने वाला 50 प्रतिशत आरक्षण लाभ समाप्त हो जाएगा। प्रदर्शन के दौरान, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने राज्य सरकार पर छात्रों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जिला ग्रामीण अध्यक्ष नागेंद्र कुमार और प्रदेश एससी मोर्चा मंत्री कमलेश राम ने भी सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर झारखंडी छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाजपा पश्चिमी जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज, जिला मंत्री संजीत सिंह, प्रदेश एससी मोर्चा मंत्री कमलेश राम, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रंजन ठाकुर, विक्रांत तिवारी, मंडल अध्यक्ष महानंद महतो, युवा मोर्चा अध्यक्ष शिवलाल महतो, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजा महतो, राहुल चौबे, नवीन अभिषेक, माधव सिंह और भजन जी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। बीआईटी मेसरा के इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और संस्थान के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या इस समस्या का कोई समाधान निकल पाता है।
बीआईटी मेसरा ने सत्र 2026-27 से झारखंड के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा समाप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को बड़ा झटका लगा है। इस फैसले के बाद अब संस्थान की सभी सीटों पर दाखिला केवल ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर ही होगा। इस निर्णय के विरोध में मेसरा भाजपा युवा मंडल ने संस्थान के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिक्षा मंत्री शुदिव्य कुमार का पुतला दहन किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर जिला पुलिस भी तैनात थी। संस्थान के अनुसार, यह फैसला बीआईटी मेसरा और झारखंड सरकार के बीच दो वर्ष पूर्व समाप्त हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के नवीनीकरण को लेकर कोई ठोस पहल न होने के कारण लिया गया है। समझौते के नवीनीकरण के अभाव में, संस्थान ने होम स्टेट कोटा व्यवस्था को समाप्त कर सभी सीटों को ऑल इंडिया मेरिट के तहत भरने का निर्णय लिया है, जिससे झारखंड के विद्यार्थियों को मिलने वाला 50 प्रतिशत आरक्षण लाभ समाप्त हो जाएगा। प्रदर्शन के दौरान, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने राज्य सरकार पर छात्रों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जिला ग्रामीण अध्यक्ष नागेंद्र कुमार और प्रदेश एससी मोर्चा मंत्री कमलेश राम ने भी सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर झारखंडी छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाजपा पश्चिमी जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज, जिला मंत्री संजीत सिंह, प्रदेश एससी मोर्चा मंत्री कमलेश राम, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रंजन ठाकुर, विक्रांत तिवारी, मंडल अध्यक्ष महानंद महतो, युवा मोर्चा अध्यक्ष शिवलाल महतो, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजा महतो, राहुल चौबे, नवीन अभिषेक, माधव सिंह और भजन जी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। बीआईटी मेसरा के इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और संस्थान के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या इस समस्या का कोई समाधान निकल पाता है।
- एक बंद पड़ा पेट्रोल पंप अब शिक्षा का केंद्र बन गया है। इस बंद पड़े पेट्रोल पंप में बच्चों को शिक्षा मिल रही है।1
- झारखंड में आदिवासी समाज से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें आदिवासी नेत्री निशा भगत द्वारा लगाए गए जाति प्रमाणपत्र संबंधी आरोपों पर जोशना कर्केट्टा ने अपनी बात खुलकर रखी है। जोशना कर्केट्टा ने अपने बचाव में दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों और कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है, साथ ही विवादित दस्तावेज़ से जुड़ी वास्तविक स्थिति और इस मामले में उठाए गए अपने कदमों को भी स्पष्ट किया है। इस जाति प्रमाणपत्र विवाद ने आदिवासी राजनीति में बयानबाजी को बढ़ा दिया है और यह झारखंड की मौजूदा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। यह पूरी प्रस्तुति केवल समाचार, जनहित और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से की गई है, जिसका लक्ष्य किसी व्यक्ति, संगठन या समुदाय की छवि को धूमिल करना नहीं है। दर्शकों से आग्रह है कि वे उपलब्ध तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर अपनी राय बनाएं।1
- झारखंड के बेड़ो में एक भव्य सांस्कृतिक महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एक 'डायमंड जुबली' समारोह का हिस्सा होगा, जिसमें शामिल होने के लिए चार राज्यों से लोग एकत्रित होंगे।1
- रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में रंगदारी मांगने और ठेले में आग लगाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त सुशांत यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह कार्रवाई ठेले में आग लगाने और रंगदारी की कोशिश से संबंधित शिकायत के आधार पर दर्ज मामले के तहत की गई। जानकारी के अनुसार, वादी उमेश केसरी ने 1 जून, 2026 को सुखदेवनगर थाने में दर्ज कराए गए कम्प्यूटरीकृत आवेदन में बताया कि 25 मई, 2026 को सुशांत यादव और विक्की यादव (दोनों पिता: उमेश यादव) ने नशे की हालत में उनके पहाड़ी मंदिर के पास स्थित ठेले से 2-3 हजार रुपये की रंगदारी मांगी थी। जब वादी ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और परिवार तथा जान-माल को नुकसान पहुँचाने की धमकी दी। इसके बाद, 27 मई, 2026 की रात लगभग 1-2 बजे के बीच किसी ने ठेले में पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे वादी को अनुमानित आर्थिक नुकसान लगभग ₹80,000-85,000 हुआ। ठेले पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच में यह पुष्टि हुई कि आग लगाने वाले सुशांत और विक्की ही थे। शिकायत के आधार पर सुखदेवनगर थाने में कांड संख्या 197/26 दर्ज किया गया और भारतीय न्याय संहिता (BNS0) की धारा 326(4)/324(4)/308(2)/351(2)/352/3(5) के तहत कार्रवाई की गई। त्वरित अनुसंधान के बाद, पुलिस ने 1 जून, 2026 को सुशांत यादव को गिरफ्तार किया और 2 जून, 2026 को उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। छापामारी और गिरफ्तारी में सह थाना प्रभारी श्री सुनील कुमार कुशवाहा, पु0अ0नि0 संतोष यादव, आ0-1818 मुन्ना लाल गुप्ता तथा अन्य सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस ने बताया है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और पूछताछ के लिए छानबीन जारी है, साथ ही सुखदेवनगर पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।1
- हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने आज पुराने समाहरणालय भवन परिसर का औचक निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि परिसर में कई भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि कुछ भवन जर्जर अवस्था में हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से इन भवनों की वर्तमान स्थिति और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने बताया कि जो भवन अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में हैं, उन्हें कार्यालय संचालन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जिले में कई ऐसे कार्यालय हैं जहाँ कमरों की कमी है, और ऐसे कार्यालयों को आवश्यकता के अनुसार पुराने समाहरणालय परिसर में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारू बनाना है।1
- आज रांची में रांची महानगर युवा कांग्रेस के आह्वान पर एक ज़बरदस्त और जनआक्रोश से भरा शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित किया गया। यह आंदोलन NEET सहित लगातार हो रहे पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और केंद्र की भाजपा सरकार की घोर विफलता के खिलाफ था। इस प्रदर्शन में खूंटी (झारखंड) युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने युवा कांग्रेस के प्रतिनिधि नेतृत्व मंडल के साथ सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जिसमें अनमोल धन, उस्मान ख़ान, संजीत नायक, साजिद आलम, विष्णु नायक, दशरथ मुंडा, बहा मुंडा, नवाज़ अंसारी, सुभास मुंडा, संदीप महतो, जय साहू, आयुष साहू, इमरान ख़ान, जैकी अहमद, सत्यदेव कंसारी और अरबाज़ ख़ान जैसे कई कार्यकर्ता शामिल थे। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने खुंटी जिले से रांची पहुंचकर इस प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जयपाल सिंह स्टेडियम से कचहरी चौक होते हुए राजभवन तक निकाले गए इस मार्च के दौरान युवाओं ने तख्तियाँ ले रखी थीं, जिन पर “SACK Pradhan”, “Paper Leak Ban Karo” और “Education System Bachao” जैसे नारे लिखे थे। ये नारे सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा सरकार की नाकामी को कटघरे में खड़ा कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफ़ा दें और NEET सहित अन्य परीक्षाओं में हुए पेपर लीक की नैतिक व प्रशासनिक ज़िम्मेदारी लें। युवाओं का कहना था कि जिनके कार्यकाल में परीक्षा प्रणाली एक मज़ाक बन गई हो, वे पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं रखते। इस पूरे मार्ग में “शिक्षा मंत्री इस्तीफ़ा दो”, “पेपर माफिया को संरक्षण देना बंद करो” और “जो सरकार बच्चों का भविष्य बर्बाद करे, उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं” जैसे नारे गूंजते रहे। इस अवसर पर, खूंटी युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने देश की शिक्षा व्यवस्था के चरमराने के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक होना कोई संयोग नहीं, बल्कि सरकार की नाकामी और लापरवाही का परिणाम है। आमिर हुसैन ने जोर देकर कहा कि जो सरकार बच्चों के सपनों, मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ करती है, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफ़ा देना चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार से इस घोटाले की पूरी ज़िम्मेदारी लेने की भी मांग की। युवा कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक पेपर लीक माफियाओं पर सख़्त कार्रवाई नहीं की जाती, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार नहीं किए जाते, और जिम्मेदार लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह संघर्ष सड़कों से लेकर संसद तक जारी रहेगा। आज का यह आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि देश का युवा अब चुप नहीं बैठेगा और अपने भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।1
- रांची प्रेस क्लब में एक राज्यस्तरीय बैठक के बाद युवा आदिवासी नेता शशि पन्ना ने परिसीमन को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि झारखंड में परिसीमन के परिणामस्वरूप अनुसूचित जनजाति (ST) की एक भी सीट कम की जाती है, तो आदिवासी समाज इसके विरोध में आंदोलन करेगा। शशि पन्ना ने दावा किया कि 2007-08 के परिसीमन के दौरान भी आदिवासी सीटों में कटौती का प्रयास किया गया था और इस बार भी आदिवासी समाज पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आदिवासी समाज, बुद्धिजीवी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठन इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर एकजुट हैं। आगामी गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए, उन्होंने बताया कि 17 जून को एक सर्वदलीय बैठक, 22 जून को जनसंगठनों की बैठक आयोजित की जाएगी, और 2 अगस्त को एक बड़ी आदिवासी महजुटान रैली प्रस्तावित है।1
- रांची के बुढ़मू के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ये सभी घायल लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जिन्हें बुढ़मू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है। घायलों की पहचान आदित्य यादव, जीतेंद्र यादव और संजय यादव के रूप में हुई है, जिनकी आयु लगभग 30 वर्ष बताई जा रही है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम तीनों रामगढ़ से काम से लौटकर बाइकों पर सवार होकर बुढ़मू होते हुए लातेहार जा रहे थे। इसी दौरान नाउज के समीप एक अज्ञात चारपहिया बोलेरो वाहन ने पीछे से उनकी बाइक को टक्कर मार दी और चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। इस दुर्घटना में तीनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए।1
- यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि न्याय के नाम पर किए जा रहे अत्याचार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया है कि प्रत्येक नागरिक की जान और उसके सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।1