झारखंड में आदिवासी समाज से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें आदिवासी नेत्री निशा भगत द्वारा लगाए गए जाति प्रमाणपत्र संबंधी आरोपों पर जोशना कर्केट्टा ने अपनी बात खुलकर रखी है। जोशना कर्केट्टा ने अपने बचाव में दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों और कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है, साथ ही विवादित दस्तावेज़ से जुड़ी वास्तविक स्थिति और इस मामले में उठाए गए अपने कदमों को भी स्पष्ट किया है। इस जाति प्रमाणपत्र विवाद ने आदिवासी राजनीति में बयानबाजी को बढ़ा दिया है और यह झारखंड की मौजूदा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। यह पूरी प्रस्तुति केवल समाचार, जनहित और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से की गई है, जिसका लक्ष्य किसी व्यक्ति, संगठन या समुदाय की छवि को धूमिल करना नहीं है। दर्शकों से आग्रह है कि वे उपलब्ध तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर अपनी राय बनाएं।
झारखंड में आदिवासी समाज से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें आदिवासी नेत्री निशा भगत द्वारा लगाए गए जाति प्रमाणपत्र संबंधी आरोपों पर जोशना कर्केट्टा ने अपनी बात खुलकर रखी है। जोशना कर्केट्टा ने अपने बचाव में दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों और कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है, साथ ही विवादित दस्तावेज़ से जुड़ी वास्तविक स्थिति और इस मामले में उठाए गए अपने कदमों को भी स्पष्ट किया है। इस जाति प्रमाणपत्र विवाद ने आदिवासी राजनीति में बयानबाजी को बढ़ा दिया है और यह झारखंड की मौजूदा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। यह पूरी प्रस्तुति केवल समाचार, जनहित और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से की गई है, जिसका लक्ष्य किसी व्यक्ति, संगठन या समुदाय की छवि को धूमिल करना नहीं है। दर्शकों से आग्रह है कि वे उपलब्ध तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर अपनी राय बनाएं।
- झारखंड के बेड़ो में एक भव्य सांस्कृतिक महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एक 'डायमंड जुबली' समारोह का हिस्सा होगा, जिसमें शामिल होने के लिए चार राज्यों से लोग एकत्रित होंगे।1
- झारखंड के रातू प्रखंड की गुडू पंचायत में कुरमाली भाषा परिषद् ने स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय ठेबले उरांव की 68वीं पुण्यतिथि जयंती मनाई। इस अवसर पर लोगों ने स्वर्गीय उरांव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम स्थल पर पाहन द्वारा पूजा-अर्चना और ठेबले उरांव के चित्र पर माल्यार्पण के साथ सरकार की ओर से रेखांकित जगह पर एक जतरा मेले की भी शुरुआत की गई। परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने ठेबले उरांव को महात्मा गांधी का अनुयायी और भगवान बिरसा मुंडा का मार्गदर्शक बताया। उनका जन्म 1863 में राजधानी रांची से 22 किलोमीटर दूर रातू थाना क्षेत्र के गुडू गांव में हुआ था, और उनके पिता जीतू उरांव एक किसान थे। ठेबले उरांव ने 1900 ई. में छोटानागपुर उन्नति समाज का गठन किया और उसके अध्यक्ष बने। वे 1919 में कांग्रेस के सदस्य भी बने और 1928 में झारखंड के लिए अलग प्रांत की मांग रखी। इसके बाद 1931 में उन्होंने छोटानागपुर किसान सभा का गठन कर एक संगठन बनाया। स्वाधीनता के बाद वे रांची के सांसद भी रहे और बिहार सरकार में सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएँ दीं। हालांकि, इन सभी योगदानों के बावजूद, ठेबले उरांव इतिहासकारों के कारण गुमनाम रहे। अब कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने ठेबले उरांव के जीवन गाथा की खोज कर उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का स्थान दिलाने का बीड़ा उठाया है। श्री महतो ने विधानसभा में उनके चित्र लगाने और उनके पैतृक गांव गुडू में एक स्मारक समिति गठित कर आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की बात कही है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार से मिलकर रातू रोड का नाम ठेबले उरांव के नाम पर करने, रातू का विकास करने, उनके वंशजों का उत्थान करने के साथ-साथ आदमकद प्रतिमा, सांस्कृतिक भवन, कला केंद्र भवन और उनके इतिहास को प्राथमिक विद्यालय से एम.ए. तक की पढ़ाई में किताबों में शामिल करने जैसी कई मांगें रखी जाएंगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो का आदिवासी रीति-रिवाज और संस्कृति नृत्य-गीत व ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। मेले में कई गांव के खोड़हे धारी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और इस दौरान नृत्य-संगीत के साथ छऊ नृत्य का भी आयोजन किया गया। डॉ. राजाराम महतो के अलावा शिव शंकर नील कंठ, लक्ष्मण उरांव, कृष्ण भगत, जौरा उरांव, देवचरण उराँव, मुकेश कुमार, सिकंदर महतो और मुखिया अनिल उराँव सहित कई लोगों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर ठेबले उरांव के वंशज और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले के लारी में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें एक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना के विवरण के अनुसार, कार का हाल ऐसा हो गया है मानो उसे 'वैक्यूम से खींच' लिया गया हो, जो इस हादसे की भयावहता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1
- एक यूट्यूबर ने अपने हालिया वीडियो के संबंध में कहा है कि यह सभी दर्शकों को अच्छा नहीं लग सकता है। उन्होंने बताया कि उनका यूट्यूब चैनल 'dharmes vilogs khunti' नाम से है, और उन्होंने लोगों से एक बार उनके चैनल को देखने का आग्रह किया है। यूट्यूबर ने अपने दर्शकों से चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक करने, कमेंट करने और शेयर करने की भी अपील की है।2
- खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत राजागढ़ स्थित छाता सरना मैदान में 'कॉम्पाट मुंडा 12 मौजा धनवार बाबा किलि पड़हा जतरा' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवा और पारंपरिक नृत्य दल शामिल हुए, जिससे पूरा सरना मैदान पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। जतरा समारोह में शनिचाराय भेंगरा बतौर मुख्य अतिथि और अमृता मुंडा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों, खोड़हा मंडलियों और आदिवासी मूलवासी भाई-बहनों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, मांदर की थाप और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पड़हा व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। जतरा का मुख्य उद्देश्य पड़हा संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा। इस आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई तथा आयोजन स्थल पर शराब की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रखी गई। समिति की ओर से विभिन्न गांवों से पहुंचे नृत्य दलों को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में एदेल संगा पड़हा महारानी अमृता मुंडा, सचिव विरेन्द्र धान, देवान दुबिया मुंडा, हेरेंज पड़हा कार्यवाही राजा हरीनाथ हेरेंज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सचिव फ्रेंकलिन धान, छाता पंचायत मुखिया सुखराम मुंडा, आलोक मुंडा, विश्वनाथ मुंडा, विलियम धान, दीपक धान, गंदुर भगत, फागु धान, बिरसी धान, मरियम धान, चांदू धान, लुदू धान, सनिका धान, सुकरा धान, मंगल धान एवं मार्शल धान समेत अन्य सदस्यों एवं ग्रामीणों की मुख्य भूमिका रही।1
- दामोदर पासवान ने हजारीबाग जिले के बड़कागांव अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी को अपनी निजी भूमि पर जबरन कब्जे को रोकने और सरकारी मापी कराकर अतिक्रमण की गई भूमि को खाली कराकर वापस सौंपने के संबंध में आवेदन दिया है। उन्होंने अपनी निजी भूमि की सुरक्षा के लिए अधिकारी की शरण ली है। आवेदक के अनुसार, उनकी निजी भूमि ग्राम गोसाई बलिया, अंचल बरकागांव के अंतर्गत खाता संख्या 108, प्लॉट संख्या 783 पर स्थित है। इस भूमि की सरकारी मापी के लिए पूर्व में ही आवेदन दिया जा चुका है, जिसकी जांच और स्वीकृति अंचल अधिकारी द्वारा हो चुकी है। राजस्व उपनिरीक्षक (हल्का कर्मचारी) द्वारा भी इसकी तंत्र पाली जा चुकी है, लेकिन वर्तमान में मापी का यह मामला अंचल निरीक्षक (सीआई) स्तर पर लंबित है। आवेदक ने शिकायत की है कि मापी की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही स्थानीय दबंगों और असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी निजी भूमि की व्यापक सीमा के अंदर घुसकर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, और वे उनकी जमीन दबा रहे हैं। रोकने पर ये लोग लड़ाई-झगड़े और मारपीट पर उतर आते हैं। इस अवैध कब्जे के प्रयास के कारण उनका पूरा परिवार अत्यंत भयभीत और मानसिक तनाव में है, और उन्हें अपनी ही भूमि से बेदखल होने का पूरा डर सता रहा है। अतः, दामोदर पासवान ने अनुमंडल पदाधिकारी से करबद्ध प्रार्थना की है कि उनकी संवेदनशीलता को देखते हुए उपयुक्त भूमि का नक्शा करवाकर उन्हें सौंपा जाए, ताकि निजी भूमि से जबरन कब्जा रोका जा सके और सरकारी मापी द्वारा उनकी भूमि खाली कराकर उन्हें वापस मिल सके।1
- रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 159 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मादक पदार्थ के अलावा मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की है। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज ने डॉ. इरफ़ान अंसारी पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस को भी खरी-खरी सुनाई।1
- रांची में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया है। इस निरीक्षण के बाद, ट्रैफिक व्यवस्था के नियमों का पालन कड़ा कर दिया गया है।1