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एक यूट्यूबर ने अपने हालिया वीडियो के संबंध में कहा है कि यह सभी दर्शकों को अच्छा नहीं लग सकता है। उन्होंने बताया कि उनका यूट्यूब चैनल 'dharmes vilogs khunti' नाम से है, और उन्होंने लोगों से एक बार उनके चैनल को देखने का आग्रह किया है। यूट्यूबर ने अपने दर्शकों से चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक करने, कमेंट करने और शेयर करने की भी अपील की है।
Birsa Bhagwan Aryan Raj
एक यूट्यूबर ने अपने हालिया वीडियो के संबंध में कहा है कि यह सभी दर्शकों को अच्छा नहीं लग सकता है। उन्होंने बताया कि उनका यूट्यूब चैनल 'dharmes vilogs khunti' नाम से है, और उन्होंने लोगों से एक बार उनके चैनल को देखने का आग्रह किया है। यूट्यूबर ने अपने दर्शकों से चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक करने, कमेंट करने और शेयर करने की भी अपील की है।
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- एक यूट्यूबर ने अपने हालिया वीडियो के संबंध में कहा है कि यह सभी दर्शकों को अच्छा नहीं लग सकता है। उन्होंने बताया कि उनका यूट्यूब चैनल 'dharmes vilogs khunti' नाम से है, और उन्होंने लोगों से एक बार उनके चैनल को देखने का आग्रह किया है। यूट्यूबर ने अपने दर्शकों से चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक करने, कमेंट करने और शेयर करने की भी अपील की है।2
- खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत राजागढ़ स्थित छाता सरना मैदान में 'कॉम्पाट मुंडा 12 मौजा धनवार बाबा किलि पड़हा जतरा' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवा और पारंपरिक नृत्य दल शामिल हुए, जिससे पूरा सरना मैदान पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। जतरा समारोह में शनिचाराय भेंगरा बतौर मुख्य अतिथि और अमृता मुंडा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों, खोड़हा मंडलियों और आदिवासी मूलवासी भाई-बहनों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, मांदर की थाप और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पड़हा व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। जतरा का मुख्य उद्देश्य पड़हा संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा। इस आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई तथा आयोजन स्थल पर शराब की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रखी गई। समिति की ओर से विभिन्न गांवों से पहुंचे नृत्य दलों को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में एदेल संगा पड़हा महारानी अमृता मुंडा, सचिव विरेन्द्र धान, देवान दुबिया मुंडा, हेरेंज पड़हा कार्यवाही राजा हरीनाथ हेरेंज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सचिव फ्रेंकलिन धान, छाता पंचायत मुखिया सुखराम मुंडा, आलोक मुंडा, विश्वनाथ मुंडा, विलियम धान, दीपक धान, गंदुर भगत, फागु धान, बिरसी धान, मरियम धान, चांदू धान, लुदू धान, सनिका धान, सुकरा धान, मंगल धान एवं मार्शल धान समेत अन्य सदस्यों एवं ग्रामीणों की मुख्य भूमिका रही।1
- राजधानी रांची में शाम के समय मेघ गर्जन के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे शहर का मौसम सुहावना और सामान्य हो गया। इस बारिश ने मौसम में बढ़ती तपिश से लोगों को काफी राहत दिलाई। बारिश के दौरान, लोगों को रास्ते में छत्रियाँ लेकर घूमते हुए और इस सुहावने मौसम का आनंद लेते हुए देखा गया। यह जानकारी रांची से ब्रजेश गोप की रिपोर्ट में दी गई है।1
- झारखंड में आदिवासी समाज से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें आदिवासी नेत्री निशा भगत द्वारा लगाए गए जाति प्रमाणपत्र संबंधी आरोपों पर जोशना कर्केट्टा ने अपनी बात खुलकर रखी है। जोशना कर्केट्टा ने अपने बचाव में दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों और कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है, साथ ही विवादित दस्तावेज़ से जुड़ी वास्तविक स्थिति और इस मामले में उठाए गए अपने कदमों को भी स्पष्ट किया है। इस जाति प्रमाणपत्र विवाद ने आदिवासी राजनीति में बयानबाजी को बढ़ा दिया है और यह झारखंड की मौजूदा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। यह पूरी प्रस्तुति केवल समाचार, जनहित और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से की गई है, जिसका लक्ष्य किसी व्यक्ति, संगठन या समुदाय की छवि को धूमिल करना नहीं है। दर्शकों से आग्रह है कि वे उपलब्ध तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर अपनी राय बनाएं।1
- ट्रवो ने रांची में अपने नए कॉर्पोरेट ऑफिस का उद्घाटन किया है। इस लॉन्च के साथ, कंपनी पूर्वी भारत को डिजिटल बनाने की दिशा में काम करने का लक्ष्य रखती है।1
- एक जल मीनार पिछले छह महीनों से खराब पड़ी है। इतने लंबे समय से खराब होने के बावजूद, इसकी स्थिति का जायजा लेने या इसकी मरम्मत के लिए अभी तक कोई भी व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा है।1
- Post by All Jharkhand News1
- झारखंड के खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत जरियागढ़ पंचायत के मुरुचकेल गांव में एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचाया है। हाथी ने जरियागढ़ थाना क्षेत्र के इस गांव में एक किसान के बागान में घुसकर कई आम के पेड़ों की डालियां तोड़ दीं, जिससे फसलों को भी काफी नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने बताया है कि क्षेत्र में हाथियों द्वारा लगातार उत्पात मचाया जा रहा है, जिसके कारण किसान और स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को गांवों और खेतों वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।1