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राजधानी रांची में शाम के समय मेघ गर्जन के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे शहर का मौसम सुहावना और सामान्य हो गया। इस बारिश ने मौसम में बढ़ती तपिश से लोगों को काफी राहत दिलाई। बारिश के दौरान, लोगों को रास्ते में छत्रियाँ लेकर घूमते हुए और इस सुहावने मौसम का आनंद लेते हुए देखा गया। यह जानकारी रांची से ब्रजेश गोप की रिपोर्ट में दी गई है।
Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
राजधानी रांची में शाम के समय मेघ गर्जन के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे शहर का मौसम सुहावना और सामान्य हो गया। इस बारिश ने मौसम में बढ़ती तपिश से लोगों को काफी राहत दिलाई। बारिश के दौरान, लोगों को रास्ते में छत्रियाँ लेकर घूमते हुए और इस सुहावने मौसम का आनंद लेते हुए देखा गया। यह जानकारी रांची से ब्रजेश गोप की रिपोर्ट में दी गई है।
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- गुमला सदर थाना क्षेत्र के मड़ापानी के समीप सोमवार शाम एक ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया, जिसमें सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार और वासुदेव कुमार सहित चार अन्य व्यक्ति शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर कुरूमगढ़ में निर्माणाधीन अस्पताल तक ईंटें पहुँचाकर वापस लौट रहा था। मड़ापानी के पास सड़क पर अचानक एक गाय सामने आ गई। गाय को बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रैक्टर मोड़ने की कोशिश की, जिससे उसका एक पहिया सड़क किनारे गड्ढे में फंस गया। इसके बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर दो हिस्सों में टूट गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य चलाते हुए घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए भेजा। वहीं, गंभीर रूप से घायल धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार और वासुदेव कुमार को बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में सभी का उपचार जारी है।4
- एक जल मीनार पिछले छह महीनों से खराब पड़ी है। इतने लंबे समय से खराब होने के बावजूद, इसकी स्थिति का जायजा लेने या इसकी मरम्मत के लिए अभी तक कोई भी व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा है।1
- एक मुस्लिम परिवार के बेघर हो जाने के कारण गांव में चिंता और चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- शहर के एक क्षेत्र में लंबे समय से खराब और गंदगी से भरे नाले की समस्या से स्थानीय लोग परेशान थे। इस समस्या को उजागर करते हुए एक स्थानीय युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें नाले की बदहाल स्थिति और नागरिकों को हो रही कठिनाइयों को स्पष्ट रूप से दिखाया गया था। वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद, नगर पालिका प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और बिना देर किए नाले की सफाई का अभियान शुरू कराया। नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और नाले में जमा कचरे तथा गाद को हटाकर उसकी पूर्ण सफाई की। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सोशल मीडिया अब जनसमस्याओं को प्रभावी ढंग से उजागर करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। इस सफाई अभियान में "कॉकरोच जनता पार्टी" के सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग दिया, उन्होंने समस्या को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाले की सफाई से अब क्षेत्र में जलभराव, दुर्गंध और गंदगी जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और सभी सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया है। यह पूरी घटना नागरिक जागरूकता, सोशल मीडिया की शक्ति और प्रशासनिक तत्परता के सफल समन्वय का उदाहरण पेश करती है, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय समस्याओं का समाधान इस प्रकार से अपेक्षाकृत कम समय में संभव है।1
- झारखंड में आदिवासी समाज से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें आदिवासी नेत्री निशा भगत द्वारा लगाए गए जाति प्रमाणपत्र संबंधी आरोपों पर जोशना कर्केट्टा ने अपनी बात खुलकर रखी है। जोशना कर्केट्टा ने अपने बचाव में दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों और कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है, साथ ही विवादित दस्तावेज़ से जुड़ी वास्तविक स्थिति और इस मामले में उठाए गए अपने कदमों को भी स्पष्ट किया है। इस जाति प्रमाणपत्र विवाद ने आदिवासी राजनीति में बयानबाजी को बढ़ा दिया है और यह झारखंड की मौजूदा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। यह पूरी प्रस्तुति केवल समाचार, जनहित और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से की गई है, जिसका लक्ष्य किसी व्यक्ति, संगठन या समुदाय की छवि को धूमिल करना नहीं है। दर्शकों से आग्रह है कि वे उपलब्ध तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर अपनी राय बनाएं।1
- खुंटी उपायुक्त मोहम्मद जावेद हुसैन के निर्देशानुसार, उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार प्रकाश ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), खूंटी के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लिए चयनित अभ्यर्थी प्रियंका तोपनो को प्रखंड समन्वयक पद का नियुक्ति पत्र प्रदान किया। तोरपा निवासी प्रियंका तोपनो को यह नियुक्ति पत्र समाहरणालय स्थित उप विकास आयुक्त के कार्यालय कक्ष में सौंपा गया। इस अवसर पर, उप विकास आयुक्त ने प्रियंका तोपनो को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका लक्ष्य पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने जोर दिया कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने में प्रखंड समन्वयक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उप विकास आयुक्त ने नवनियुक्त अभ्यर्थी को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।1
- झारखंड के गुमला में भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बकाया भुगतान न मिलने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और निर्माण कार्य में लगे एक एचआर कर्मी के साथ तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई तक की नौबत आ गई। यह परियोजना कभी भूमि मुआवजे को लेकर विरोध प्रदर्शनों का गवाह बनती है तो कभी टाना भगत समुदाय द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपने को लेकर सुर्खियों में रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से जुड़ी कंपनी द्वारा काम तो कराया गया, लेकिन मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। भुगतान के लिए कई बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीण गंगा सिंह ने बताया कि वे सभी भूमि सिक्योरिटी मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से भारतमाला परियोजना में नाइट गार्ड के रूप में कार्यरत थे, लेकिन काम करने के बावजूद कई लोगों का मेहनताना अब तक बकाया है। उन्होंने विराज सिंह का 20 दिन, पंकज पांडेय का 23 दिन, महादेव महतो का 21 दिन, सूरज सिंह का 58 दिन, गणेश सिंह का 34 दिन, प्रीतम कुमार का 28 दिन, गंगा सिंह का 54 दिन, रामकुमार गुप्ता का 53 दिन, लुईस मिंज का 52 दिन तथा अमर सिंह का 20 दिन का भुगतान अब तक नहीं होने की जानकारी दी। आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।2
- लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई। समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के भड़गांव में सोमवार को आम तोड़ने के दौरान एक बच्चा पेड़ से गिरकर घायल हो गया। इस घटना के बाद एक व्यक्ति ने मानवता का परिचय देते हुए अपने निजी वाहन से घायल बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया।1