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लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई। समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।

1 hr ago
user_आलोक कुमार
आलोक कुमार
पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
1 hr ago

लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई। समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।

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  • पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को इंटेक यूनियन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी पर उन्होंने कहा है कि वे निस्वार्थ भाव से मजदूरों के हित के लिए कार्य करेंगे।
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    पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को इंटेक यूनियन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी पर उन्होंने कहा है कि वे निस्वार्थ भाव से मजदूरों के हित के लिए कार्य करेंगे।
    user_Badri Narayan Sahu
    Badri Narayan Sahu
    किसको, लोहरदगा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • Post by Tauhid Ansari
    1
    Post by Tauhid Ansari
    user_Tauhid Ansari
    Tauhid Ansari
    सिसई, गुमला, झारखंड•
    23 hrs ago
  • लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई को ग्रामीणों के जोरदार विरोध के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना रद्द करने की मांग को लेकर कार्यक्रम में शामिल हुए और इसका कड़ा विरोध किया। लोक सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी ने की, जिसमें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (जेएसपीसीबी) की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी सहित एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान ग्रामीणों ने "एनटीपीसी वापस जाओ", "रैयतों का शोषण बंद करो" और "कोल कंपनी वापस जाओ" जैसे नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्तरी धाधू एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना के तहत कोल ब्लॉक विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। उनका कहना था कि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा और उनकी आजीविका व सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसके कारण वे विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे और अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया जैसे प्रभावित गांवों के अधिकांश लोगों ने परियोजना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। ग्रामीणों की बड़ी संख्या में जनसुनवाई में पहुंचने का कारण यह था कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा होने से रोकना चाहते थे। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही, हालांकि ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही है।
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    लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई को ग्रामीणों के जोरदार विरोध के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना रद्द करने की मांग को लेकर कार्यक्रम में शामिल हुए और इसका कड़ा विरोध किया।

लोक सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी ने की, जिसमें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (जेएसपीसीबी) की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी सहित एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान ग्रामीणों ने "एनटीपीसी वापस जाओ", "रैयतों का शोषण बंद करो" और "कोल कंपनी वापस जाओ" जैसे नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्तरी धाधू एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना के तहत कोल ब्लॉक विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। उनका कहना था कि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा और उनकी आजीविका व सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसके कारण वे विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे और अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया जैसे प्रभावित गांवों के अधिकांश लोगों ने परियोजना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। ग्रामीणों की बड़ी संख्या में जनसुनवाई में पहुंचने का कारण यह था कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा होने से रोकना चाहते थे।

विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही, हालांकि ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    2 hrs ago
  • राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत हरमू बायपास रोड पर आज सदानंद चौक के समीप एक बड़ा हादसा हो गया। बालू से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक (संख्या Jh –01EB7213) अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक काफी तेज गति में था और सदानंद चौक के पास चालक ने उस पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद गाड़ी लड़खड़ाते हुए बीच सड़क पर पलट गई। ट्रक पर भारी मात्रा में बालू लदा था, जो पूरी सड़क पर बिखर गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे की चपेट में कोई अन्य वाहन या राहगीर नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ट्रक पलटने और बालू बिखरने के कारण व्यस्त हरमू बायपास रोड पर दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह ठप हो गया, और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना अरगोड़ा थाना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को सड़क के बीच से हटवाया। पुलिस ने सड़क पर बिखरी बालू को भी साफ कराने का काम शुरू किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात को सामान्य कराया जा सका। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और चालक के संबंध में जानकारी जुटा रही है, क्योंकि यह घटना रांची के हरमू बायपास रोड पर तेज रफ्तार का एक उदाहरण बनी।
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    राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत हरमू बायपास रोड पर आज सदानंद चौक के समीप एक बड़ा हादसा हो गया। बालू से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक (संख्या Jh –01EB7213) अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक काफी तेज गति में था और सदानंद चौक के पास चालक ने उस पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद गाड़ी लड़खड़ाते हुए बीच सड़क पर पलट गई। ट्रक पर भारी मात्रा में बालू लदा था, जो पूरी सड़क पर बिखर गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे की चपेट में कोई अन्य वाहन या राहगीर नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

ट्रक पलटने और बालू बिखरने के कारण व्यस्त हरमू बायपास रोड पर दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह ठप हो गया, और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना अरगोड़ा थाना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को सड़क के बीच से हटवाया। पुलिस ने सड़क पर बिखरी बालू को भी साफ कराने का काम शुरू किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात को सामान्य कराया जा सका। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और चालक के संबंध में जानकारी जुटा रही है, क्योंकि यह घटना रांची के हरमू बायपास रोड पर तेज रफ्तार का एक उदाहरण बनी।
    user_Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Insurance Agent लापुंग, रांची, झारखंड•
    9 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार जिले के रिचूघुट्टा गांव में रविवार को पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों, रैयतों और बेरोजगार युवकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीसी की प्रस्तावित कोल साइडिंग परियोजना तब तक शुरू नहीं करने दी जाएगी, जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 9 जून को 5 हजार ग्रामीणों की विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना है कि हिंडालको-डीवीसी की मनमानी अब नहीं चलेगी।
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    झारखंड के लातेहार जिले के रिचूघुट्टा गांव में रविवार को पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों, रैयतों और बेरोजगार युवकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीसी की प्रस्तावित कोल साइडिंग परियोजना तब तक शुरू नहीं करने दी जाएगी, जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 9 जून को 5 हजार ग्रामीणों की विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना है कि हिंडालको-डीवीसी की मनमानी अब नहीं चलेगी।
    user_Ram Kumar
    Ram Kumar
    Photographer लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    11 hrs ago
  • Post by Yuva team jharkhand
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    Post by Yuva team jharkhand
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    11 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। लोक सुनवाई के दौरान ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना का जोरदार विरोध करने पहुंचे। ग्रामीणों ने 'एनटीपीसी वापस जाओ', 'रैयतों का शोषण बंद करो' और 'कोल कंपनी वापस जाओ' जैसे नारे लगाए, जिसके कारण अंततः लोक सुनवाई कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी द्वारा स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे, क्योंकि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने की बात कही। ग्रामीणों की ओर से जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसलिए जनसुनवाई में पहुंचे थे ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा न किया जा सके। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी, हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही। ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
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    झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। लोक सुनवाई के दौरान ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना का जोरदार विरोध करने पहुंचे।

ग्रामीणों ने 'एनटीपीसी वापस जाओ', 'रैयतों का शोषण बंद करो' और 'कोल कंपनी वापस जाओ' जैसे नारे लगाए, जिसके कारण अंततः लोक सुनवाई कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी द्वारा स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे, क्योंकि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने की बात कही।

ग्रामीणों की ओर से जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसलिए जनसुनवाई में पहुंचे थे ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा न किया जा सके। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी, हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही। ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    2 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार में कोयला खदानों के कारण ग्रामीण विकास के बजाय विनाश का सामना कर रहे हैं। खदानों से उड़ती धूल, जगह-जगह टूटी सड़कें और व्यापक प्रदूषण ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। इसके बावजूद, आज तक कई प्रभावित परिवारों को उनका अपेक्षित मुआवज़ा नहीं मिल पाया है। यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर कब जनता की आवाज़ सुनी जाएगी और उनकी पीड़ा का समाधान होगा। प्रभावित ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह पीड़ा अब हर मंच तक पहुँचाई जाएगी, क्योंकि जनता का दर्द ही उनकी राजनीति का आधार है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि उन्हें तत्काल मुआवज़ा दिया जाए और प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए।
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    झारखंड के लातेहार में कोयला खदानों के कारण ग्रामीण विकास के बजाय विनाश का सामना कर रहे हैं। खदानों से उड़ती धूल, जगह-जगह टूटी सड़कें और व्यापक प्रदूषण ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। इसके बावजूद, आज तक कई प्रभावित परिवारों को उनका अपेक्षित मुआवज़ा नहीं मिल पाया है।

यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर कब जनता की आवाज़ सुनी जाएगी और उनकी पीड़ा का समाधान होगा। प्रभावित ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह पीड़ा अब हर मंच तक पहुँचाई जाएगी, क्योंकि जनता का दर्द ही उनकी राजनीति का आधार है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि उन्हें तत्काल मुआवज़ा दिया जाए और प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    12 hrs ago
  • झारखंड के खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत जरियागढ़ पंचायत के मुरुचकेल गांव में एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचाया है। हाथी ने जरियागढ़ थाना क्षेत्र के इस गांव में एक किसान के बागान में घुसकर कई आम के पेड़ों की डालियां तोड़ दीं, जिससे फसलों को भी काफी नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने बताया है कि क्षेत्र में हाथियों द्वारा लगातार उत्पात मचाया जा रहा है, जिसके कारण किसान और स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को गांवों और खेतों वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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    झारखंड के खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत जरियागढ़ पंचायत के मुरुचकेल गांव में एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचाया है। हाथी ने जरियागढ़ थाना क्षेत्र के इस गांव में एक किसान के बागान में घुसकर कई आम के पेड़ों की डालियां तोड़ दीं, जिससे फसलों को भी काफी नुकसान हुआ।

ग्रामीणों ने बताया है कि क्षेत्र में हाथियों द्वारा लगातार उत्पात मचाया जा रहा है, जिसके कारण किसान और स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को गांवों और खेतों वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
    user_Durga Baraik
    Durga Baraik
    Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
    38 min ago
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