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लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई। समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।
आलोक कुमार
लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई। समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।
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- Post by Tauhid Ansari1
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- राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत हरमू बायपास रोड पर आज सदानंद चौक के समीप एक बड़ा हादसा हो गया। बालू से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक (संख्या Jh –01EB7213) अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक काफी तेज गति में था और सदानंद चौक के पास चालक ने उस पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद गाड़ी लड़खड़ाते हुए बीच सड़क पर पलट गई। ट्रक पर भारी मात्रा में बालू लदा था, जो पूरी सड़क पर बिखर गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे की चपेट में कोई अन्य वाहन या राहगीर नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ट्रक पलटने और बालू बिखरने के कारण व्यस्त हरमू बायपास रोड पर दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह ठप हो गया, और देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना अरगोड़ा थाना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को सड़क के बीच से हटवाया। पुलिस ने सड़क पर बिखरी बालू को भी साफ कराने का काम शुरू किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात को सामान्य कराया जा सका। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और चालक के संबंध में जानकारी जुटा रही है, क्योंकि यह घटना रांची के हरमू बायपास रोड पर तेज रफ्तार का एक उदाहरण बनी।3
- झारखंड के लातेहार जिले के रिचूघुट्टा गांव में रविवार को पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों, रैयतों और बेरोजगार युवकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीसी की प्रस्तावित कोल साइडिंग परियोजना तब तक शुरू नहीं करने दी जाएगी, जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 9 जून को 5 हजार ग्रामीणों की विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना है कि हिंडालको-डीवीसी की मनमानी अब नहीं चलेगी।1
- Post by Yuva team jharkhand1
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- झारखंड के लातेहार में कोयला खदानों के कारण ग्रामीण विकास के बजाय विनाश का सामना कर रहे हैं। खदानों से उड़ती धूल, जगह-जगह टूटी सड़कें और व्यापक प्रदूषण ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। इसके बावजूद, आज तक कई प्रभावित परिवारों को उनका अपेक्षित मुआवज़ा नहीं मिल पाया है। यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर कब जनता की आवाज़ सुनी जाएगी और उनकी पीड़ा का समाधान होगा। प्रभावित ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह पीड़ा अब हर मंच तक पहुँचाई जाएगी, क्योंकि जनता का दर्द ही उनकी राजनीति का आधार है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि उन्हें तत्काल मुआवज़ा दिया जाए और प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए।1
- झारखंड के खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत जरियागढ़ पंचायत के मुरुचकेल गांव में एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचाया है। हाथी ने जरियागढ़ थाना क्षेत्र के इस गांव में एक किसान के बागान में घुसकर कई आम के पेड़ों की डालियां तोड़ दीं, जिससे फसलों को भी काफी नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने बताया है कि क्षेत्र में हाथियों द्वारा लगातार उत्पात मचाया जा रहा है, जिसके कारण किसान और स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को गांवों और खेतों वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।1