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झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। लोक सुनवाई के दौरान ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना का जोरदार विरोध करने पहुंचे। ग्रामीणों ने 'एनटीपीसी वापस जाओ', 'रैयतों का शोषण बंद करो' और 'कोल कंपनी वापस जाओ' जैसे नारे लगाए, जिसके कारण अंततः लोक सुनवाई कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी द्वारा स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे, क्योंकि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने की बात कही। ग्रामीणों की ओर से जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसलिए जनसुनवाई में पहुंचे थे ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा न किया जा सके। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी, हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही। ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।

3 hrs ago
user_Manoj dutt dev
Manoj dutt dev
Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
3 hrs ago

झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। लोक सुनवाई के दौरान ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना का जोरदार विरोध करने पहुंचे। ग्रामीणों ने 'एनटीपीसी वापस जाओ', 'रैयतों का शोषण बंद करो' और 'कोल कंपनी वापस जाओ' जैसे नारे लगाए, जिसके कारण अंततः लोक सुनवाई कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी द्वारा स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे, क्योंकि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने की बात कही। ग्रामीणों की ओर से जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसलिए जनसुनवाई में पहुंचे थे ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा न किया जा सके। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी, हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही। ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।

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  • लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई को ग्रामीणों के जोरदार विरोध के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना रद्द करने की मांग को लेकर कार्यक्रम में शामिल हुए और इसका कड़ा विरोध किया। लोक सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी ने की, जिसमें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (जेएसपीसीबी) की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी सहित एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान ग्रामीणों ने "एनटीपीसी वापस जाओ", "रैयतों का शोषण बंद करो" और "कोल कंपनी वापस जाओ" जैसे नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्तरी धाधू एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना के तहत कोल ब्लॉक विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। उनका कहना था कि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा और उनकी आजीविका व सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसके कारण वे विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे और अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया जैसे प्रभावित गांवों के अधिकांश लोगों ने परियोजना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। ग्रामीणों की बड़ी संख्या में जनसुनवाई में पहुंचने का कारण यह था कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा होने से रोकना चाहते थे। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही, हालांकि ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही है।
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    लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई को ग्रामीणों के जोरदार विरोध के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना रद्द करने की मांग को लेकर कार्यक्रम में शामिल हुए और इसका कड़ा विरोध किया।

लोक सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी ने की, जिसमें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (जेएसपीसीबी) की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी सहित एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान ग्रामीणों ने "एनटीपीसी वापस जाओ", "रैयतों का शोषण बंद करो" और "कोल कंपनी वापस जाओ" जैसे नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्तरी धाधू एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना के तहत कोल ब्लॉक विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। उनका कहना था कि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा और उनकी आजीविका व सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसके कारण वे विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे और अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया जैसे प्रभावित गांवों के अधिकांश लोगों ने परियोजना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। ग्रामीणों की बड़ी संख्या में जनसुनवाई में पहुंचने का कारण यह था कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा होने से रोकना चाहते थे।

विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही, हालांकि ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    3 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार जिले के रिचूघुट्टा गांव में रविवार को पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों, रैयतों और बेरोजगार युवकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीसी की प्रस्तावित कोल साइडिंग परियोजना तब तक शुरू नहीं करने दी जाएगी, जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 9 जून को 5 हजार ग्रामीणों की विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना है कि हिंडालको-डीवीसी की मनमानी अब नहीं चलेगी।
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    झारखंड के लातेहार जिले के रिचूघुट्टा गांव में रविवार को पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों, रैयतों और बेरोजगार युवकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीसी की प्रस्तावित कोल साइडिंग परियोजना तब तक शुरू नहीं करने दी जाएगी, जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 9 जून को 5 हजार ग्रामीणों की विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना है कि हिंडालको-डीवीसी की मनमानी अब नहीं चलेगी।
    user_Ram Kumar
    Ram Kumar
    Photographer लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    12 hrs ago
  • Post by Yuva team jharkhand
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    Post by Yuva team jharkhand
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    12 hrs ago
  • डीसी संदीप कुमार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सात ट्रेनी अफसरों को 'जन सेवा की सीख' दी है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे फील्ड की ज़मीनी हकीकत को भली-भांति समझें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी पहुँच समाज के आखिरी व्यक्ति तक हो।
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    डीसी संदीप कुमार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सात ट्रेनी अफसरों को 'जन सेवा की सीख' दी है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे फील्ड की ज़मीनी हकीकत को भली-भांति समझें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी पहुँच समाज के आखिरी व्यक्ति तक हो।
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    27 min ago
  • विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई 2026 को गारू थाना परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। गारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने तथा समाज को इनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है, जिससे कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आम लोगों को भी तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। शपथ ग्रहण के दौरान उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने स्वयं तंबाकू का सेवन न करने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने समाज को नशामुक्त और तंबाकूमुक्त बनाने के लिए निरंतर जागरूकता फैलाने का कार्य करने का भी प्रण लिया। इस अवसर पर तंबाकू निषेध से संबंधित संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया।
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    विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई 2026 को गारू थाना परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। गारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने तथा समाज को इनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है, जिससे कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आम लोगों को भी तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

शपथ ग्रहण के दौरान उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने स्वयं तंबाकू का सेवन न करने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने समाज को नशामुक्त और तंबाकूमुक्त बनाने के लिए निरंतर जागरूकता फैलाने का कार्य करने का भी प्रण लिया। इस अवसर पर तंबाकू निषेध से संबंधित संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया।
    user_निरंजन प्रसाद
    निरंजन प्रसाद
    Farmer गारू, लातेहार, झारखंड•
    8 hrs ago
  • शहर के एक क्षेत्र में लंबे समय से खराब और गंदगी से भरे नाले की समस्या से स्थानीय लोग परेशान थे। इस समस्या को उजागर करते हुए एक स्थानीय युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें नाले की बदहाल स्थिति और नागरिकों को हो रही कठिनाइयों को स्पष्ट रूप से दिखाया गया था। वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद, नगर पालिका प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और बिना देर किए नाले की सफाई का अभियान शुरू कराया। नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और नाले में जमा कचरे तथा गाद को हटाकर उसकी पूर्ण सफाई की। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सोशल मीडिया अब जनसमस्याओं को प्रभावी ढंग से उजागर करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। इस सफाई अभियान में "कॉकरोच जनता पार्टी" के सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग दिया, उन्होंने समस्या को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाले की सफाई से अब क्षेत्र में जलभराव, दुर्गंध और गंदगी जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और सभी सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया है। यह पूरी घटना नागरिक जागरूकता, सोशल मीडिया की शक्ति और प्रशासनिक तत्परता के सफल समन्वय का उदाहरण पेश करती है, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय समस्याओं का समाधान इस प्रकार से अपेक्षाकृत कम समय में संभव है।
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    शहर के एक क्षेत्र में लंबे समय से खराब और गंदगी से भरे नाले की समस्या से स्थानीय लोग परेशान थे। इस समस्या को उजागर करते हुए एक स्थानीय युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें नाले की बदहाल स्थिति और नागरिकों को हो रही कठिनाइयों को स्पष्ट रूप से दिखाया गया था। वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद, नगर पालिका प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और बिना देर किए नाले की सफाई का अभियान शुरू कराया। नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और नाले में जमा कचरे तथा गाद को हटाकर उसकी पूर्ण सफाई की।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सोशल मीडिया अब जनसमस्याओं को प्रभावी ढंग से उजागर करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। इस सफाई अभियान में "कॉकरोच जनता पार्टी" के सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग दिया, उन्होंने समस्या को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाले की सफाई से अब क्षेत्र में जलभराव, दुर्गंध और गंदगी जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और सभी सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया है।

यह पूरी घटना नागरिक जागरूकता, सोशल मीडिया की शक्ति और प्रशासनिक तत्परता के सफल समन्वय का उदाहरण पेश करती है, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय समस्याओं का समाधान इस प्रकार से अपेक्षाकृत कम समय में संभव है।
    user_Er KHAN Sir
    Er KHAN Sir
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • झारखंड में सड़कों की बदहाल स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है, जहाँ यह दावा किया गया है कि राज्य में सड़कें बनाने के बजाय केवल तालाब ही बनते हैं। पोस्ट में स्पष्ट किया गया है कि झारखंड की सड़कें गड्ढों से इतनी भरी हुई हैं कि वे किसी तालाब से कम नहीं दिखतीं। इसके साथ ही, नेताओं पर भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि जहाँ नेताओं की जेबें भरती रहती हैं, वहीं राज्य की सड़कों के गड्ढे कभी नहीं भरते।
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    झारखंड में सड़कों की बदहाल स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है, जहाँ यह दावा किया गया है कि राज्य में सड़कें बनाने के बजाय केवल तालाब ही बनते हैं। पोस्ट में स्पष्ट किया गया है कि झारखंड की सड़कें गड्ढों से इतनी भरी हुई हैं कि वे किसी तालाब से कम नहीं दिखतीं। इसके साथ ही, नेताओं पर भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि जहाँ नेताओं की जेबें भरती रहती हैं, वहीं राज्य की सड़कों के गड्ढे कभी नहीं भरते।
    user_Sirf such
    Sirf such
    Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। लोक सुनवाई के दौरान ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना का जोरदार विरोध करने पहुंचे। ग्रामीणों ने 'एनटीपीसी वापस जाओ', 'रैयतों का शोषण बंद करो' और 'कोल कंपनी वापस जाओ' जैसे नारे लगाए, जिसके कारण अंततः लोक सुनवाई कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी द्वारा स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे, क्योंकि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने की बात कही। ग्रामीणों की ओर से जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसलिए जनसुनवाई में पहुंचे थे ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा न किया जा सके। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी, हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही। ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
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    झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। लोक सुनवाई के दौरान ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना का जोरदार विरोध करने पहुंचे।

ग्रामीणों ने 'एनटीपीसी वापस जाओ', 'रैयतों का शोषण बंद करो' और 'कोल कंपनी वापस जाओ' जैसे नारे लगाए, जिसके कारण अंततः लोक सुनवाई कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी द्वारा स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे, क्योंकि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने की बात कही।

ग्रामीणों की ओर से जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसलिए जनसुनवाई में पहुंचे थे ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा न किया जा सके। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी, हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही। ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    3 hrs ago
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