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झारखंड में सड़कों की बदहाल स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है, जहाँ यह दावा किया गया है कि राज्य में सड़कें बनाने के बजाय केवल तालाब ही बनते हैं। पोस्ट में स्पष्ट किया गया है कि झारखंड की सड़कें गड्ढों से इतनी भरी हुई हैं कि वे किसी तालाब से कम नहीं दिखतीं। इसके साथ ही, नेताओं पर भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि जहाँ नेताओं की जेबें भरती रहती हैं, वहीं राज्य की सड़कों के गड्ढे कभी नहीं भरते।

7 hrs ago
user_Sirf such
Sirf such
Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
7 hrs ago

झारखंड में सड़कों की बदहाल स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है, जहाँ यह दावा किया गया है कि राज्य में सड़कें बनाने के बजाय केवल तालाब ही बनते हैं। पोस्ट में स्पष्ट किया गया है कि झारखंड की सड़कें गड्ढों से इतनी भरी हुई हैं कि वे किसी तालाब से कम नहीं दिखतीं। इसके साथ ही, नेताओं पर भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि जहाँ नेताओं की जेबें भरती रहती हैं, वहीं राज्य की सड़कों के गड्ढे कभी नहीं भरते।

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  • एक तीखी और विवादास्पद टिप्पणी में यह दावा किया गया है कि जो व्यक्ति विदेशी धर्म अपना लेता है, उसे आदिवासी नहीं माना जा सकता है। इस बयान में ऐसे लोगों को बेहद अपमानजनक तरीके से ‘रंगवा सियार’ कहकर संबोधित किया गया है।
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    एक तीखी और विवादास्पद टिप्पणी में यह दावा किया गया है कि जो व्यक्ति विदेशी धर्म अपना लेता है, उसे आदिवासी नहीं माना जा सकता है। इस बयान में ऐसे लोगों को बेहद अपमानजनक तरीके से ‘रंगवा सियार’ कहकर संबोधित किया गया है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। लोक सुनवाई के दौरान ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना का जोरदार विरोध करने पहुंचे। ग्रामीणों ने 'एनटीपीसी वापस जाओ', 'रैयतों का शोषण बंद करो' और 'कोल कंपनी वापस जाओ' जैसे नारे लगाए, जिसके कारण अंततः लोक सुनवाई कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी द्वारा स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे, क्योंकि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने की बात कही। ग्रामीणों की ओर से जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसलिए जनसुनवाई में पहुंचे थे ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा न किया जा सके। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी, हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही। ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
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    झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी अध्यक्ष के तौर पर, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। लोक सुनवाई के दौरान ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया सहित प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना का जोरदार विरोध करने पहुंचे।

ग्रामीणों ने 'एनटीपीसी वापस जाओ', 'रैयतों का शोषण बंद करो' और 'कोल कंपनी वापस जाओ' जैसे नारे लगाए, जिसके कारण अंततः लोक सुनवाई कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी द्वारा स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे, क्योंकि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा तथा उनकी आजीविका और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विस्थापन अस्वीकार करते हुए अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करने की बात कही।

ग्रामीणों की ओर से जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण इसलिए जनसुनवाई में पहुंचे थे ताकि किसी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा न किया जा सके। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी, हालांकि क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही। ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    2 hrs ago
  • गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र अंतर्गत लकेया गांव स्थित गौझीन डोभा में गाय के कटे हुए सिर की खोपड़ी, जबड़ा, खाल, सींग और पैर सहित अन्य अवशेष मिलने से हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सोमवार सुबह शौच के लिए डोभा के पास गए ग्रामीणों ने पानी में तैरते इन अंगों को देखा, जिसके बाद यह खबर पूरे प्रखंड क्षेत्र में तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही सिसई भरनो थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी, मुखिया, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता, तथा भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँचे। ग्रामीणों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी को हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज सेवी संजय वर्मा ने गुमला डीसी समेत कई नेता और मंत्री को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सिसई में बूचड़खाना चलाए जाने के कारण ऐसी घटनाएँ हो रही हैं। प्रशासन ने जेसीबी मशीन की सहायता से नाला बनाकर डोभा का पानी बाहर निकाला और फिर बोरे में सभी अवशेषों को उठाकर दफन करने के लिए ले गए। अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बकरीद पर्व से पूर्व सिसई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई थी, जहाँ सभी समुदाय के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से नियमों का पालन करते हुए त्योहार मनाने को कहा गया था, इसके बावजूद नियम कानून को ताक पर रखकर ऐसा कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी ने भी गहन जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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    गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र अंतर्गत लकेया गांव स्थित गौझीन डोभा में गाय के कटे हुए सिर की खोपड़ी, जबड़ा, खाल, सींग और पैर सहित अन्य अवशेष मिलने से हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सोमवार सुबह शौच के लिए डोभा के पास गए ग्रामीणों ने पानी में तैरते इन अंगों को देखा, जिसके बाद यह खबर पूरे प्रखंड क्षेत्र में तेजी से फैल गई।

सूचना मिलते ही सिसई भरनो थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी, मुखिया, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता, तथा भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँचे। ग्रामीणों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी को हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज सेवी संजय वर्मा ने गुमला डीसी समेत कई नेता और मंत्री को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सिसई में बूचड़खाना चलाए जाने के कारण ऐसी घटनाएँ हो रही हैं।

प्रशासन ने जेसीबी मशीन की सहायता से नाला बनाकर डोभा का पानी बाहर निकाला और फिर बोरे में सभी अवशेषों को उठाकर दफन करने के लिए ले गए। अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बकरीद पर्व से पूर्व सिसई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई थी, जहाँ सभी समुदाय के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से नियमों का पालन करते हुए त्योहार मनाने को कहा गया था, इसके बावजूद नियम कानून को ताक पर रखकर ऐसा कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी ने भी गहन जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    3 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार जिले के रिचूघुट्टा गांव में रविवार को पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों, रैयतों और बेरोजगार युवकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीसी की प्रस्तावित कोल साइडिंग परियोजना तब तक शुरू नहीं करने दी जाएगी, जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 9 जून को 5 हजार ग्रामीणों की विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना है कि हिंडालको-डीवीसी की मनमानी अब नहीं चलेगी।
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    झारखंड के लातेहार जिले के रिचूघुट्टा गांव में रविवार को पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों, रैयतों और बेरोजगार युवकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीसी की प्रस्तावित कोल साइडिंग परियोजना तब तक शुरू नहीं करने दी जाएगी, जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 9 जून को 5 हजार ग्रामीणों की विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना है कि हिंडालको-डीवीसी की मनमानी अब नहीं चलेगी।
    user_Ram Kumar
    Ram Kumar
    Photographer लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    11 hrs ago
  • Post by Yuva team jharkhand
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    Post by Yuva team jharkhand
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    11 hrs ago
  • Post by Tauhid Ansari
    1
    Post by Tauhid Ansari
    user_Tauhid Ansari
    Tauhid Ansari
    सिसई, गुमला, झारखंड•
    23 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार में कोयला खदानों के कारण ग्रामीण विकास के बजाय विनाश का सामना कर रहे हैं। खदानों से उड़ती धूल, जगह-जगह टूटी सड़कें और व्यापक प्रदूषण ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। इसके बावजूद, आज तक कई प्रभावित परिवारों को उनका अपेक्षित मुआवज़ा नहीं मिल पाया है। यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर कब जनता की आवाज़ सुनी जाएगी और उनकी पीड़ा का समाधान होगा। प्रभावित ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह पीड़ा अब हर मंच तक पहुँचाई जाएगी, क्योंकि जनता का दर्द ही उनकी राजनीति का आधार है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि उन्हें तत्काल मुआवज़ा दिया जाए और प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए।
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    झारखंड के लातेहार में कोयला खदानों के कारण ग्रामीण विकास के बजाय विनाश का सामना कर रहे हैं। खदानों से उड़ती धूल, जगह-जगह टूटी सड़कें और व्यापक प्रदूषण ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। इसके बावजूद, आज तक कई प्रभावित परिवारों को उनका अपेक्षित मुआवज़ा नहीं मिल पाया है।

यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर कब जनता की आवाज़ सुनी जाएगी और उनकी पीड़ा का समाधान होगा। प्रभावित ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह पीड़ा अब हर मंच तक पहुँचाई जाएगी, क्योंकि जनता का दर्द ही उनकी राजनीति का आधार है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि उन्हें तत्काल मुआवज़ा दिया जाए और प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    12 hrs ago
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े निर्देशों के बाद, रांची नगर निगम ने शहर के जलस्रोतों, नदी-नालों, तालाबों और डैम से अतिक्रमण व अवैध कब्जे हटाने के अभियान में तेजी लाई है। इसी क्रम में, सोमवार को नगर निगम की टीम ने पंडरा-पंचशील नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान, टीम ने अवैध निर्माण और कब्जा स्थलों की गहन जांच की, जिसके उपरांत वार्ड 23 में 23 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई शहर के जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में निगम के प्रयासों का हिस्सा है।
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    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े निर्देशों के बाद, रांची नगर निगम ने शहर के जलस्रोतों, नदी-नालों, तालाबों और डैम से अतिक्रमण व अवैध कब्जे हटाने के अभियान में तेजी लाई है। इसी क्रम में, सोमवार को नगर निगम की टीम ने पंडरा-पंचशील नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान, टीम ने अवैध निर्माण और कब्जा स्थलों की गहन जांच की, जिसके उपरांत वार्ड 23 में 23 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई शहर के जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में निगम के प्रयासों का हिस्सा है।
    user_Sanjay kumar
    Sanjay kumar
    Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
    4 hrs ago
  • रांची स्थित सहजानंद चौक के पास एक बालू लदा वाहन बीच सड़क पर पलट गया है।
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    रांची स्थित सहजानंद चौक के पास एक बालू लदा वाहन बीच सड़क पर पलट गया है।
    user_Amit Kr Chiku Objectionnews
    Amit Kr Chiku Objectionnews
    Local News Reporter बुरमू, रांची, झारखंड•
    8 hrs ago
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