झारखंड के लातेहार जिले के रिचूघुट्टा गांव में रविवार को पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों, रैयतों और बेरोजगार युवकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीसी की प्रस्तावित कोल साइडिंग परियोजना तब तक शुरू नहीं करने दी जाएगी, जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 9 जून को 5 हजार ग्रामीणों की विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना है कि हिंडालको-डीवीसी की मनमानी अब नहीं चलेगी।
झारखंड के लातेहार जिले के रिचूघुट्टा गांव में रविवार को पेशारार, देदरिया और भूसूर पंचायतों के प्रभावित ग्रामीणों, रैयतों और बेरोजगार युवकों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का नेतृत्व विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार ने किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि हिंडालको पिछले 70 वर्षों से क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीवीसी की प्रस्तावित कोल साइडिंग परियोजना तब तक शुरू नहीं करने दी जाएगी, जब तक स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित नहीं की जातीं। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। सभी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 9 जून को 5 हजार ग्रामीणों की विशाल सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कंपनी प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, क्योंकि उनका मानना है कि हिंडालको-डीवीसी की मनमानी अब नहीं चलेगी।
- एक मुस्लिम महिला को गांव के लोगों ने उसके घर से निकाल दिया है। महिला ने दावा किया है कि वह पिछले 30 सालों से उसी घर में रह रही थी, जिससे उसे बेदखल किया गया है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में घर के भीतर उपयोग के लिए लकड़ी के बजाय पत्थर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। यह पोस्ट घर में पत्थर के उपयोग को प्राथमिकता देने के अनोखे सुझाव पर आश्चर्य व्यक्त करता है।1
- झारखंड के एक अति पिछड़े क्षेत्र में असुर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इस परियोजना पर काम कर रहे मजदूरों को उनका भुगतान नहीं दिया जा रहा है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के डोका गांव में शनिवार देर शाम ट्रैक्टर चालक की घोर लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें दो वृद्ध महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। चिकित्सकों ने जांच के बाद इन महिलाओं की मृत्यु की पुष्टि की। घटना के उपरांत, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया और लापरवाह चालक को गिरफ्तार कर लोहरदगा जेल भेज दिया है।1
- झारखंड के लातेहार जिले में महुआडांड़ बस स्टैंड की स्थिति दिन-प्रतिदिन चिंताजनक होती जा रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया यात्री प्रतीक्षालय और बस पड़ाव का परिसर अब असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम ढलते ही बस स्टैंड लगभग खाली हो जाता है, जिसके बाद यहां शराबियों और नशा करने वालों का जमावड़ा लगने लगता है। परिसर में जगह-जगह बीयर और शराब की खाली बोतलें बिखरी पड़ी हैं, जिससे परिसर की स्वच्छता और गरिमा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस असुरक्षित माहौल के कारण यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड परिसर में नियमित निगरानी, पुलिस गश्ती और साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि यह स्थल यात्रियों के लिए पुनः सुरक्षित और उपयोगी बन सके। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।2
- यह संदेश अपनों के प्यार और जनता के विश्वास को अपनी सच्ची पहचान बताता है। इसमें कहा गया है कि दुनिया साथ दे या न दे, अपने हमेशा साथ रहते हैं, और अपनों के लिए जीना ही असली जिंदगी है। यह संदेश आगे ज़ोर देता है कि रिश्ते दौलत से नहीं, बल्कि साथ निभाने से मजबूत होते हैं, और अपनों का विश्वास ही उसकी वास्तविक पहचान है।1
- पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को इंटेक यूनियन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी पर उन्होंने कहा है कि वे निस्वार्थ भाव से मजदूरों के हित के लिए कार्य करेंगे।1
- एक तीखी और विवादास्पद टिप्पणी में यह दावा किया गया है कि जो व्यक्ति विदेशी धर्म अपना लेता है, उसे आदिवासी नहीं माना जा सकता है। इस बयान में ऐसे लोगों को बेहद अपमानजनक तरीके से ‘रंगवा सियार’ कहकर संबोधित किया गया है।1
- रांची स्थित सहजानंद चौक के पास एक बालू लदा वाहन बीच सड़क पर पलट गया है।1