logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई को ग्रामीणों के जोरदार विरोध के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना रद्द करने की मांग को लेकर कार्यक्रम में शामिल हुए और इसका कड़ा विरोध किया। लोक सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी ने की, जिसमें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (जेएसपीसीबी) की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी सहित एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान ग्रामीणों ने "एनटीपीसी वापस जाओ", "रैयतों का शोषण बंद करो" और "कोल कंपनी वापस जाओ" जैसे नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्तरी धाधू एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना के तहत कोल ब्लॉक विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। उनका कहना था कि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा और उनकी आजीविका व सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसके कारण वे विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे और अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया जैसे प्रभावित गांवों के अधिकांश लोगों ने परियोजना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। ग्रामीणों की बड़ी संख्या में जनसुनवाई में पहुंचने का कारण यह था कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा होने से रोकना चाहते थे। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही, हालांकि ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही है।

2 hrs ago
user_Manoj dutt dev
Manoj dutt dev
Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
2 hrs ago

लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उत्तरी धाधू (पूर्वी भाग) एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी लोक सुनवाई को ग्रामीणों के जोरदार विरोध के कारण बीच में ही रोकना पड़ा। प्रभावित गांवों के हजारों रैयत और ग्रामीण परियोजना रद्द करने की मांग को लेकर कार्यक्रम में शामिल हुए और इसका कड़ा विरोध किया। लोक सुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता लातेहार के अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी ने की, जिसमें झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (जेएसपीसीबी) की प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी सहित एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे। इस दौरान ग्रामीणों ने "एनटीपीसी वापस जाओ", "रैयतों का शोषण बंद करो" और "कोल कंपनी वापस जाओ" जैसे नारे लगाए। ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और निर्णयों को महत्व नहीं दे रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रक्रिया से पहले कंपनी को संबंधित गांवों में जाकर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए और बिना ग्राम सभा की सहमति के परियोजना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उत्तरी धाधू एनटीपीसी कोयला खनन परियोजना के तहत कोल ब्लॉक विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, लेकिन वे अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। उनका कहना था कि कोयला खनन से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा और उनकी आजीविका व सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिसके कारण वे विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे और अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। ग्रेंजा, विशुनपुर, भैंसादोन, पिंडारकोम और मरंगलोइया जैसे प्रभावित गांवों के अधिकांश लोगों ने परियोजना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य अनीता देवी और आजसू प्रखंड अध्यक्ष सह विरोधी ग्रामीणों के नेता शंकर उरांव सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। ग्रामीणों की बड़ी संख्या में जनसुनवाई में पहुंचने का कारण यह था कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या फर्जी रिपोर्ट तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा होने से रोकना चाहते थे। विरोध प्रदर्शन के चलते प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को जनसुनवाई प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण रही, हालांकि ग्रामीणों ने भविष्य में भी अपने अधिकारों और जमीन की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही है।

More news from Jharkhand and nearby areas
  • झारखंड के लातेहार में कोयला खदानों के कारण ग्रामीण विकास के बजाय विनाश का सामना कर रहे हैं। खदानों से उड़ती धूल, जगह-जगह टूटी सड़कें और व्यापक प्रदूषण ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। इसके बावजूद, आज तक कई प्रभावित परिवारों को उनका अपेक्षित मुआवज़ा नहीं मिल पाया है। यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर कब जनता की आवाज़ सुनी जाएगी और उनकी पीड़ा का समाधान होगा। प्रभावित ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह पीड़ा अब हर मंच तक पहुँचाई जाएगी, क्योंकि जनता का दर्द ही उनकी राजनीति का आधार है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि उन्हें तत्काल मुआवज़ा दिया जाए और प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए।
    1
    झारखंड के लातेहार में कोयला खदानों के कारण ग्रामीण विकास के बजाय विनाश का सामना कर रहे हैं। खदानों से उड़ती धूल, जगह-जगह टूटी सड़कें और व्यापक प्रदूषण ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। इसके बावजूद, आज तक कई प्रभावित परिवारों को उनका अपेक्षित मुआवज़ा नहीं मिल पाया है।

यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर कब जनता की आवाज़ सुनी जाएगी और उनकी पीड़ा का समाधान होगा। प्रभावित ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह पीड़ा अब हर मंच तक पहुँचाई जाएगी, क्योंकि जनता का दर्द ही उनकी राजनीति का आधार है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि उन्हें तत्काल मुआवज़ा दिया जाए और प्रदूषण पर लगाम लगाई जाए।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    12 hrs ago
  • एक मुस्लिम महिला को गांव के लोगों ने उसके घर से निकाल दिया है। महिला ने दावा किया है कि वह पिछले 30 सालों से उसी घर में रह रही थी, जिससे उसे बेदखल किया गया है।
    1
    एक मुस्लिम महिला को गांव के लोगों ने उसके घर से निकाल दिया है। महिला ने दावा किया है कि वह पिछले 30 सालों से उसी घर में रह रही थी, जिससे उसे बेदखल किया गया है।
    user_Badri Narayan Sahu
    Badri Narayan Sahu
    किसको, लोहरदगा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • एक सोशल मीडिया पोस्ट में घर के भीतर उपयोग के लिए लकड़ी के बजाय पत्थर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। यह पोस्ट घर में पत्थर के उपयोग को प्राथमिकता देने के अनोखे सुझाव पर आश्चर्य व्यक्त करता है।
    1
    एक सोशल मीडिया पोस्ट में घर के भीतर उपयोग के लिए लकड़ी के बजाय पत्थर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। यह पोस्ट घर में पत्थर के उपयोग को प्राथमिकता देने के अनोखे सुझाव पर आश्चर्य व्यक्त करता है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई। समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।
    1
    लोहरदगा जिले के सेन्हा अंचल के उगरा पंचायत स्थित टेंगरिया ग्राम में एक विवादित मामला सामने आया है। वर्ष 2025 से आदिवासी समाज का एक परिवार समाज के अगुआ की अगुआई में धार्मिक स्थल पर बिना पहान पुजार की पूजा-अर्चना के बाद भी झंडा लगा रहा था। इस कार्रवाई को लेकर समस्त आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई।

समाज ने उस परिवार के प्रति रोष प्रकट करते हुए धार्मिक स्थल से झंडा हटा दिया। समस्त आदिवासी समाज द्वारा उस परिवार को कड़ी चेतावनी भी दी गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि धार्मिक स्थल पर झंडा लगाने को लेकर समाज को आपत्ति है।
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    1 hr ago
  • प्रस्तुत जानकारी अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन खबरों को साझा करके कमाई करने की सुविधा से संबंधित है।
    1
    प्रस्तुत जानकारी अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन खबरों को साझा करके कमाई करने की सुविधा से संबंधित है।
    user_News,hamr lawalong
    News,hamr lawalong
    Local Politician लवालांग, चतरा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • उद्रंगी गांव की उड़ान की डोगरी टोली में मुमताज अंसारी के घर से लेकर स्वर्गीय कयूम अंसारी के घर तक का नाला पूरी तरह से जाम हो गया है, जिससे गंदा पानी रास्ते पर बह रहा है। इस कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह नाला लगभग आधा किलोमीटर तक जाम है। ग्रामीणों ने मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि गर्मी के मौसम में ही ऐसी हालत है, तो बरसात में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, कुछ दिन पहले एक ग्रामीण ने बीडीओ मैडम को एक आवेदन दिया था, जिसमें नाले को खुलवाने का अनुरोध किया गया था। इस आवेदन पर मुखिया साहब ने भी हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, आवेदन दिए जाने और मुखिया के हस्ताक्षर होने के बावजूद, अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं।
    1
    उद्रंगी गांव की उड़ान की डोगरी टोली में मुमताज अंसारी के घर से लेकर स्वर्गीय कयूम अंसारी के घर तक का नाला पूरी तरह से जाम हो गया है, जिससे गंदा पानी रास्ते पर बह रहा है। इस कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह नाला लगभग आधा किलोमीटर तक जाम है।

ग्रामीणों ने मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि गर्मी के मौसम में ही ऐसी हालत है, तो बरसात में स्थिति और भी खराब होने की आशंका है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, कुछ दिन पहले एक ग्रामीण ने बीडीओ मैडम को एक आवेदन दिया था, जिसमें नाले को खुलवाने का अनुरोध किया गया था। इस आवेदन पर मुखिया साहब ने भी हस्ताक्षर किए थे।

हालांकि, आवेदन दिए जाने और मुखिया के हस्ताक्षर होने के बावजूद, अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं।
    user_Dharmbir lohra
    Dharmbir lohra
    Farmer भंडरा, लोहरदगा, झारखंड•
    1 hr ago
  • पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को इंटेक यूनियन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी पर उन्होंने कहा है कि वे निस्वार्थ भाव से मजदूरों के हित के लिए कार्य करेंगे।
    1
    पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को इंटेक यूनियन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी पर उन्होंने कहा है कि वे निस्वार्थ भाव से मजदूरों के हित के लिए कार्य करेंगे।
    user_Badri Narayan Sahu
    Badri Narayan Sahu
    किसको, लोहरदगा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • एक तीखी और विवादास्पद टिप्पणी में यह दावा किया गया है कि जो व्यक्ति विदेशी धर्म अपना लेता है, उसे आदिवासी नहीं माना जा सकता है। इस बयान में ऐसे लोगों को बेहद अपमानजनक तरीके से ‘रंगवा सियार’ कहकर संबोधित किया गया है।
    1
    एक तीखी और विवादास्पद टिप्पणी में यह दावा किया गया है कि जो व्यक्ति विदेशी धर्म अपना लेता है, उसे आदिवासी नहीं माना जा सकता है। इस बयान में ऐसे लोगों को बेहद अपमानजनक तरीके से ‘रंगवा सियार’ कहकर संबोधित किया गया है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • टंडवा प्रखंड के टाउन हॉल में टंडवा झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इस बैठक की अध्यक्षता मीना कुमारी ने की, जबकि आंदोलनकारी नेता संतोष नायक ने मंच का संचालन किया। बैठक में विशेष अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह और विशिष्ट अतिथि जिला सचिव सुगन साव उपस्थित रहे, और टंडवा प्रखंड के सभी आंदोलनकारियों ने इसमें हिस्सा लिया। चतरा जिला आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार और विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। आंदोलनकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड राज्य के गठन में उनकी अहम भूमिका रही है, लेकिन आज भी कई आंदोलनकारी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उनके सम्मान और सुविधाओं के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, क्योंकि सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करके जल्द निर्णय लेना चाहिए। बैठक में पारित प्रस्तावों में सभी आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन देने की मांग प्रमुख थी। इसके साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा जिले के सभी आंदोलनकारियों को मान-सम्मान दिया जाए और जिला प्रशासन के माध्यम से चतरा जिले के आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए। आंदोलनकारियों को जिले में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल करने पर भी सहमति बनी। संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। इस बैठक में गोपाल पासवान, सुरेश साव, सुरेश महतो, सुरेश करमाली, वासुदेव राव, लक्ष्मी उरांव, रामनरेश राणा, अवध किशोर नायक, संजय देवी, आशा देवी, सुमित्रा देवी, रामविलास सोनी, बिहार नायक, अनिल सोनी, रामेश्वर कुमार महतो, सुखलाल नायक, राजेश राम, प्रभु यादव, आदित्य नायक, श्याम सुंदर प्रसाद, राजेंद्र राम, आनंद कुमार महतो सहित सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे। अंत में, चतरा जिले से 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव और धरना में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने पर विशेष बल दिया गया।
    1
    टंडवा प्रखंड के टाउन हॉल में टंडवा झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इस बैठक की अध्यक्षता मीना कुमारी ने की, जबकि आंदोलनकारी नेता संतोष नायक ने मंच का संचालन किया। बैठक में विशेष अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह और विशिष्ट अतिथि जिला सचिव सुगन साव उपस्थित रहे, और टंडवा प्रखंड के सभी आंदोलनकारियों ने इसमें हिस्सा लिया।

चतरा जिला आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार और विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। आंदोलनकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड राज्य के गठन में उनकी अहम भूमिका रही है, लेकिन आज भी कई आंदोलनकारी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उनके सम्मान और सुविधाओं के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, क्योंकि सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करके जल्द निर्णय लेना चाहिए।

बैठक में पारित प्रस्तावों में सभी आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन देने की मांग प्रमुख थी। इसके साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा जिले के सभी आंदोलनकारियों को मान-सम्मान दिया जाए और जिला प्रशासन के माध्यम से चतरा जिले के आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए। आंदोलनकारियों को जिले में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल करने पर भी सहमति बनी। संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। इस बैठक में गोपाल पासवान, सुरेश साव, सुरेश महतो, सुरेश करमाली, वासुदेव राव, लक्ष्मी उरांव, रामनरेश राणा, अवध किशोर नायक, संजय देवी, आशा देवी, सुमित्रा देवी, रामविलास सोनी, बिहार नायक, अनिल सोनी, रामेश्वर कुमार महतो, सुखलाल नायक, राजेश राम, प्रभु यादव, आदित्य नायक, श्याम सुंदर प्रसाद, राजेंद्र राम, आनंद कुमार महतो सहित सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे। अंत में, चतरा जिले से 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव और धरना में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने पर विशेष बल दिया गया।
    user_Aakash Kumar paswan
    Aakash Kumar paswan
    Artist तांडवा, चतरा, झारखंड•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.