टंडवा प्रखंड के टाउन हॉल में टंडवा झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इस बैठक की अध्यक्षता मीना कुमारी ने की, जबकि आंदोलनकारी नेता संतोष नायक ने मंच का संचालन किया। बैठक में विशेष अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह और विशिष्ट अतिथि जिला सचिव सुगन साव उपस्थित रहे, और टंडवा प्रखंड के सभी आंदोलनकारियों ने इसमें हिस्सा लिया। चतरा जिला आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार और विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। आंदोलनकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड राज्य के गठन में उनकी अहम भूमिका रही है, लेकिन आज भी कई आंदोलनकारी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उनके सम्मान और सुविधाओं के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, क्योंकि सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करके जल्द निर्णय लेना चाहिए। बैठक में पारित प्रस्तावों में सभी आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन देने की मांग प्रमुख थी। इसके साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा जिले के सभी आंदोलनकारियों को मान-सम्मान दिया जाए और जिला प्रशासन के माध्यम से चतरा जिले के आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए। आंदोलनकारियों को जिले में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल करने पर भी सहमति बनी। संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। इस बैठक में गोपाल पासवान, सुरेश साव, सुरेश महतो, सुरेश करमाली, वासुदेव राव, लक्ष्मी उरांव, रामनरेश राणा, अवध किशोर नायक, संजय देवी, आशा देवी, सुमित्रा देवी, रामविलास सोनी, बिहार नायक, अनिल सोनी, रामेश्वर कुमार महतो, सुखलाल नायक, राजेश राम, प्रभु यादव, आदित्य नायक, श्याम सुंदर प्रसाद, राजेंद्र राम, आनंद कुमार महतो सहित सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे। अंत में, चतरा जिले से 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव और धरना में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने पर विशेष बल दिया गया।
टंडवा प्रखंड के टाउन हॉल में टंडवा झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इस बैठक की अध्यक्षता मीना कुमारी ने की, जबकि आंदोलनकारी नेता संतोष नायक ने मंच का संचालन किया। बैठक में विशेष अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह और विशिष्ट अतिथि जिला सचिव सुगन साव उपस्थित रहे, और टंडवा प्रखंड के सभी आंदोलनकारियों ने इसमें हिस्सा लिया। चतरा जिला आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार और विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। आंदोलनकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड राज्य के गठन में उनकी अहम भूमिका रही है, लेकिन आज भी कई आंदोलनकारी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि उनके सम्मान और सुविधाओं के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, क्योंकि सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करके जल्द निर्णय लेना चाहिए। बैठक में पारित प्रस्तावों में सभी आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन देने की मांग प्रमुख थी। इसके साथ ही, यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार द्वारा जिले के सभी आंदोलनकारियों को मान-सम्मान दिया जाए और जिला प्रशासन के माध्यम से चतरा जिले के आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए। आंदोलनकारियों को जिले में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल करने पर भी सहमति बनी। संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। इस बैठक में गोपाल पासवान, सुरेश साव, सुरेश महतो, सुरेश करमाली, वासुदेव राव, लक्ष्मी उरांव, रामनरेश राणा, अवध किशोर नायक, संजय देवी, आशा देवी, सुमित्रा देवी, रामविलास सोनी, बिहार नायक, अनिल सोनी, रामेश्वर कुमार महतो, सुखलाल नायक, राजेश राम, प्रभु यादव, आदित्य नायक, श्याम सुंदर प्रसाद, राजेंद्र राम, आनंद कुमार महतो सहित सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे। अंत में, चतरा जिले से 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव और धरना में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने पर विशेष बल दिया गया।
- इस संदेश में कहा गया है कि जिस दिन स्वच्छता लोगों की आदत का हिस्सा बन जाएगी, उस दिन अपने आप ही विकसित भारत की कल्पना साकार हो उठेगी। यह बात स्पष्ट रूप से बताती है कि स्वच्छता को आदत बनाना ही विकसित राष्ट्र के निर्माण की कुंजी है।1
- हजारीबाग जिले के टाटीझरिया क्षेत्र में स्थित बिशाय जंगल की एक चट्टान पर एक अनोखी नाग के फन जैसी आकृति उभरी है, जो इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण और आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। इस अद्भुत आकृति को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं और इसे नाग देवता का स्वरूप मानकर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल में यह नाग के फन जैसी आकृति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। क्षेत्र में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएँ हो रही हैं, जहाँ कई श्रद्धालु इसे एक दिव्य संकेत और नाग देवता का आशीर्वाद मान रहे हैं। लोग आकृति के पास पूजा-पाठ कर अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ जानकारों का मानना है कि यह प्राकृतिक भूगर्भीय प्रक्रियाओं का परिणाम भी हो सकता है, जहाँ चट्टानों पर वर्षों तक मौसम, पानी, हवा और प्राकृतिक कटाव के प्रभाव से ऐसी आकृतियाँ बन जाना असामान्य नहीं है, जो कई बार किसी जीव-जंतु या वस्तु जैसी प्रतीत होती हैं और लोगों में कौतूहल पैदा करती हैं। इस नाग आकृति की चर्चा फैलने के बाद से बिशाय जंगल में लोगों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। श्रद्धालु दूर-दूर से इसके दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं और इसे आस्था का प्रतीक मान रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी वैज्ञानिक संस्था या प्रशासनिक विभाग ने इस आकृति के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या निष्कर्ष जारी नहीं किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चाहे इसे प्राकृतिक संयोग माना जाए या आस्था का प्रतीक, यह आकृति अब लोगों के बीच आकर्षण, जिज्ञासा और श्रद्धा का केंद्र बन गई है।1
- प्रस्तुत जानकारी अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन खबरों को साझा करके कमाई करने की सुविधा से संबंधित है।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले में आदिवासी जन परिषद महिला मोर्चा द्वारा एक सदस्यता अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के दौरान, सैकड़ों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की।1
- भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज ने डॉ. इरफ़ान अंसारी पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस को भी खरी-खरी सुनाई।1
- हजारीबाग में निरंजन मैथमेटिक्स के छात्रों ने एक बार फिर अपनी सफलता का परचम लहराया है। इस शानदार प्रदर्शन के बाद, संस्थान के टॉपर विद्यार्थियों को लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया।1
- हजारीबाग जिले में अवैध शराब के निर्माण और तस्करी के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत, उत्पाद विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त के निर्देशों पर हुए इस अभियान में, सदर और बड़ा बाजार थाना क्षेत्रों के पारनाला स्थित गहरे नालों के गड्ढों में छिपाकर संचालित की जा रही पाँच अवैध महुआ शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान, टीम ने मौके पर ही लगभग 1400 किलोग्राम जावा महुआ को नष्ट कर दिया। इसके अतिरिक्त, 370 लीटर अवैध चुलाई शराब भी जब्त की गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब के निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरणों को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है, ताकि ऐसी गतिविधियों को भविष्य में दोबारा संचालित न किया जा सके। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- अजय तिर्की ने गृहमंत्री के पद की भूमिका पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा है कि यह पद देश को एकजुट करने के लिए होता है, न कि समाज को बांटने के लिए।1
- झारखंड के सिंदूर स्थित एक तालाब से उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक बच्ची तमन्ना का शव बरामद किया गया है। सिंदूर पंचायत भवन के पास युवती का शव मिलने के बाद आस-पास के इलाकों में हड़कंप मच गया है।1