हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने आज पुराने समाहरणालय भवन परिसर का औचक निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि परिसर में कई भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि कुछ भवन जर्जर अवस्था में हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से इन भवनों की वर्तमान स्थिति और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने बताया कि जो भवन अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में हैं, उन्हें कार्यालय संचालन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जिले में कई ऐसे कार्यालय हैं जहाँ कमरों की कमी है, और ऐसे कार्यालयों को आवश्यकता के अनुसार पुराने समाहरणालय परिसर में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारू बनाना है।
हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने आज पुराने समाहरणालय भवन परिसर का औचक निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि परिसर में कई भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि कुछ भवन जर्जर अवस्था में हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से इन भवनों की वर्तमान स्थिति और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने बताया कि जो भवन अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में हैं, उन्हें कार्यालय संचालन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जिले में कई ऐसे कार्यालय हैं जहाँ कमरों की कमी है, और ऐसे कार्यालयों को आवश्यकता के अनुसार पुराने समाहरणालय परिसर में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारू बनाना है।
- हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने आज पुराने समाहरणालय भवन परिसर का औचक निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि परिसर में कई भवन लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि कुछ भवन जर्जर अवस्था में हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से इन भवनों की वर्तमान स्थिति और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उपायुक्त ने बताया कि जो भवन अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में हैं, उन्हें कार्यालय संचालन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जिले में कई ऐसे कार्यालय हैं जहाँ कमरों की कमी है, और ऐसे कार्यालयों को आवश्यकता के अनुसार पुराने समाहरणालय परिसर में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारू बनाना है।1
- हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पर लगातार बढ़ रही छिनतई की घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है, जिसके कारण यह स्थान अब छिनतई के अड्डे में तब्दील होता दिख रहा है। इन वारदातों के बीच, स्थानीय लोगों और प्रभावित पक्षों द्वारा पुलिस की भूमिका पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इन घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस प्रशासन मौन क्यों है और क्यों कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।1
- हजारीबाग में तमन्ना प्रवीण और मो. रिजवान नामक दो मासूम बच्चों की दर्दनाक हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना की सूचना मिलने पर प्रदेश प्रवक्ता साजिद अली खान ने पीड़ित परिवार और आक्रोशित लोगों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को दी। इसके बाद, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने तत्काल हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती को चौबीस घंटे के भीतर दोषियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक सहयोग प्रदान करने के निर्देश भी दिए। तत्पश्चात, हजारीबाग के कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता साजिद अली खान, नगर अध्यक्ष परवेज आलम, प्रखर समाजसेवी इरफान उर्फ काजू और अन्य राजनीतिक दलों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी से मुलाकात की। सभी वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सार्थक आश्वासन मिलने के बाद, पीड़ित परिवार और क्षेत्र की जनता द्वारा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर सड़क पर किए जा रहे प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया। कांग्रेस पार्टी की तत्परता और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के निर्देशों पर, जिला प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को आर्थिक लाभ उपलब्ध कराया गया है। उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, आवास एवं राशन कार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करने, परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने और परिवार की एक बची हुई बेटी की शिक्षा के लिए प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहें और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करें। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, और न्याय की इस लड़ाई में पूरा समाज पीड़ित परिवार के साथ है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में एक अत्यंत दुखद और इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक तालाब से 13 साल की बच्ची का शव बरामद हुआ है।1
- झारखंड के हज़ारीबाग़ में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक माँ ने अपने दो मासूम बच्चों को एक साथ खो दिया है। इस दुखद घटना को केवल एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाला एक गहरा दर्द बताया गया है।1
- झारखंड में मनाया जाने वाला भगता परब एक ऐसा पर्व है जो मात्र दिल दहला देने वाला नहीं, बल्कि रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव प्रदान करता है। यह पर्व आस्था, साहस और परंपरा का एक अद्भुत संगम है, जो इसकी अनूठी पहचान है।1
- यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि न्याय के नाम पर किए जा रहे अत्याचार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। इस बात पर विशेष ज़ोर दिया गया है कि प्रत्येक नागरिक की जान और उसके सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।1