'मुफ्त की रेवड़ी' से डगमगा रहा है राज्यों का आर्थिक ढांचा, सुप्रीम कोर्ट हस्तक्षेप करे: अमृतलाल पीलीभीत /नई दिल्ली: चुनावी दौर में राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले लोकलुभावन वादों और 'मुफ्त की रेवड़ी' संस्कृति पर अमृतलाल जी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले सत्ताधारी दलों द्वारा किए जाने वाले अनगिनत वादे न केवल चुनाव की निष्पक्षता को भंग करते हैं, बल्कि विपक्षी दलों के लिए समान अवसर (Level Playing Field) को भी समाप्त कर देते हैं। विकास कार्यों पर पड़ रहा है बुरा असर अमृतलाल जी ने कर्नाटक, हिमाचल, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन मुफ्त की घोषणाओं के कारण जीतने के बाद सरकारों के लिए प्रशासन चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्थिति इतनी गंभीर है कि राज्यों के पास विकास कार्यों के लिए बजट नहीं बचा है और कर्मचारियों को वेतन देने तक में परेशानी आ रही है। सुप्रीम कोर्ट से तत्काल रोक की मांग उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) से अपील की है कि: चुनाव से पूर्व राजनीतिक दलों द्वारा की जाने वाली लोकलुभावन घोषणाओं पर तत्काल संज्ञान लिया जाए। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ऐसी प्रथाओं पर कानूनी रोक लगाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि चुनावी वादों का बोझ भविष्य में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे को न बिगाड़े। "चाहे पक्ष हो या विपक्ष, किसी को इस बात की चिंता नहीं है कि इन वादों का राज्य की वित्तीय स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अब समय आ गया है कि सुप्रीम कोर्ट इस प्रथा को बंद करने के लिए कड़े कदम उठाए।" — अमृतलाल
'मुफ्त की रेवड़ी' से डगमगा रहा है राज्यों का आर्थिक ढांचा, सुप्रीम कोर्ट हस्तक्षेप करे: अमृतलाल पीलीभीत /नई दिल्ली: चुनावी दौर में राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले लोकलुभावन वादों और 'मुफ्त की रेवड़ी' संस्कृति पर अमृतलाल जी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले सत्ताधारी दलों द्वारा किए जाने वाले अनगिनत वादे न केवल चुनाव की निष्पक्षता को भंग करते हैं, बल्कि विपक्षी दलों के लिए समान अवसर (Level Playing Field) को भी समाप्त कर देते हैं। विकास कार्यों पर पड़ रहा है बुरा असर अमृतलाल जी ने कर्नाटक, हिमाचल, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन मुफ्त की घोषणाओं के कारण जीतने के बाद सरकारों के लिए प्रशासन चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्थिति इतनी गंभीर है कि राज्यों के पास विकास कार्यों के लिए बजट नहीं बचा है और कर्मचारियों को वेतन देने तक में परेशानी आ रही है। सुप्रीम कोर्ट से तत्काल रोक की मांग उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) से अपील की है कि: चुनाव से पूर्व राजनीतिक दलों द्वारा की जाने वाली लोकलुभावन घोषणाओं पर तत्काल संज्ञान लिया जाए। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ऐसी प्रथाओं पर कानूनी रोक लगाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि चुनावी वादों का बोझ भविष्य में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे को न बिगाड़े। "चाहे पक्ष हो या विपक्ष, किसी को इस बात की चिंता नहीं है कि इन वादों का राज्य की वित्तीय स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अब समय आ गया है कि सुप्रीम कोर्ट इस प्रथा को बंद करने के लिए कड़े कदम उठाए।" — अमृतलाल
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- CM योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी, मौलाना अब्दुल्ला सलीम गिरफ्तार उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने सोमवार देर शाम बिहार के पूर्णिया जिले से मौलाना अब्दुल्ला सलीम को गिरफ्तार कर लिया. मूल रूप से अररिया के रहने वाले मौलाना ने एक धार्मिक सभा में गौकशी कानूनों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गौमाता के प्रति अभद्र टिप्पणी की थी.1
- *पीलीभीत शूटिंग प्रतियोगिता में एक ही परिवार का दबदबा, माता-पिता और बेटे ने जीते पदक* पीलीभीत: जनपद में आयोजित शूटिंग प्रतियोगिता में एक ही परिवार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। PWD विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर पवन कुमार सिंह ने ऑफिसर्स कैटेगरी में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं उनकी पत्नी संगीता सिंह ने 12 बोर ट्रैप शूटिंग की महिला वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। परिवार की इस उपलब्धि को और खास बनाते हुए उनके पुत्र अर्नव सिंह ने 12 बोर ट्रैप शूटिंग जूनियर कैटेगरी में प्रथम स्थान हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों द्वारा अलग-अलग वर्गों में पदक जीतना प्रतियोगिता का प्रमुख आकर्षण रहा। पवन कुमार सिंह ने बताया कि उनका पूरा परिवार आउटडोर खेलों में सक्रिय रहता है। उनका मानना है कि मोबाइल का कम इस्तेमाल और खेलों में नियमित भागीदारी ही उनकी सफलता का राज है।1
- Post by यूपी समाचार1
- पीलीभीत बहेड़ी संसदीय क्षेत्र की जनता के लिए पांचो विधानसभा क्षेत्र बहेड़ी पीलीभीत पूरनपुर बरखेड़ा बीसलपुर में दर्जनों सड़कों की स्वीकृत कराकर धन भी जारी कराने का बड़ा कार्य पीलीभीत के जनप्रिय सांसद एवं भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री आदरणीय श्री जितिन प्रसाद जी के द्वारा कराया गया है विकास की बड़ी सौगात देने के लिए हम सब आदरणीय श्री जितिन प्रसाद जी का आभार व्यक्त करते हैं4
- ग्राम पचपेडापुखा के प्राथमिक विधालय में बार्षिकोत्सव एव विदाई समारोह का आयोजन किया गया वही कक्षा 5 पास छात्र छात्राओं को विधालय से विदाई दी गई वही स्कूली छात्र छात्राओ ने सबसे पहले दीप प्रज्वलित कर माता सरस्वती की वंदना की वही प्राथमिक विधालय जनपद पीलीभीत के ग्राम पचपेडापुखा में कक्षा 5पास उत्तीर्ण छात्र छात्राओं का विदाई समारोह का आयोजन किया गया इस शुभ अबसर पर ग्राम प्रधान पूरन लाल. एस एम सी अध्यक्ष मुकेश कुमार और विधालय के प्रधानाध्यापक रतनलाल. सहायक. अध्यापक जय प्रकाश वर्मा. अध्यापक दिनेश कुमार. राधेश्याम और सेवा राम आंगनबाड़ी कार्यकत्री गीता देवी . आंगनवाड़ी सीमा देवी . और हेमवती एव अभिभावको मे सरस्वती देवी और सभी ग्राम वासी आदि मौजूद रहे वही कक्षा 5पास उत्तीर्ण छात्र छात्राओं. जिसमे अर्चना. हिमाशी. प्रिया. सतेंद्रकुमार. योगेंद्र पाल. पवन. अंकित आदि छात्र छात्रऐ उपस्थित रहे वही छोटे छोटे स्कूली बच्चों ने सस्कृति प्रोग्राम में भी भाग लिया वही ग्राम प्रधान पूरनलाल और प्रधानाध्यापक रतनलाल ने छात्र छात्राओं को पुरस्कार दे कर समानित किया और पाँच पास छात्र छात्राओं को विधालय से विदाई दी और उज्जवल भविष्य की कामना की पढ़ी-लिखी बिटिया घर की रोशनी1
- पीलीभीत जिले में स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली और तकनीकी खामियों को लेकर व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। मंगलवार को युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और इस समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। "बिना तैयारी के थोपे गए मीटर": अफरोज जिलानी प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख व्यापारी नेता अफरोज जिलानी ने विद्युत विभाग की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा: "प्रशासन और विद्युत विभाग ने बिना किसी पूर्व तैयारी या जन-जागरूकता के जनता पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर थोप दिए हैं। न तो आम जनता को रिचार्ज की प्रक्रिया पता है और न ही तकनीकी खराबी आने पर किससे संपर्क करना है, इसकी जानकारी दी गई है।" व्यापारियों की मुख्य शिकायतें और मांगें व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा, जिनमें मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: तेज रीडिंग का आरोप: व्यापारियों का दावा है कि नए स्मार्ट मीटर पुराने डिजिटल मीटरों की तुलना में काफी तेज चल रहे हैं, जिससे बिजली बिलों में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है। सर्वर की समस्या: रिचार्ज खत्म होते ही बिजली तुरंत काट दी जाती है, लेकिन सर्वर डाउन होने की वजह से पैसा कटने के बाद भी घंटों तक बिजली बहाल नहीं होती। इससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों का काम ठप हो जाता है। जबरन बदलाव पर रोक: मांग की गई है कि जो पुराने मीटर सही तरीके से काम कर रहे हैं, उन्हें उपभोक्ताओं की सहमति के बिना न बदला जाए। बफर टाइम की मांग: संगठन ने मांग की है कि जब तक विभाग पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं करता, तब तक रिचार्ज खत्म होने पर कनेक्शन काटने के लिए कम से कम एक महीने का समय दिया जाए। निष्पक्ष जांच: व्यापारियों ने स्मार्ट मीटरों की तकनीकी शुद्धता की जांच किसी निष्पक्ष कमेटी से कराने की मांग भी उठाई है। प्रशासन का आश्वासन व्यापारियों की समस्याओं को सुनने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों और शिकायतों को शासन के साथ-साथ बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाएगा।1