बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी रियान बड़ी क्षेत्र की लूणी नदी में कथित अवैध बजरी खनन का मुद्दा अब भय और दबाव की राजनीति तक पहुंच गया है। अवैध बजरी परिवहन से परेशान होकर पुलिस को शिकायत करना एक छोटे दुकानदार को इतना भारी पड़ गया कि अब उसे खुलेआम जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मेड़ता सिटी मार्ग पर स्थित चावड़िया गांव का है, जहां किराना व्यापारी रामप्रकाश ने कुछ दिन पहले नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई थी। रामप्रकाश का आरोप है कि उसके घर और दुकान के सामने से रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर बजरी भरकर गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें टूट चुकी हैं और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। दुकानदारों और राहगीरों का जीना मुश्किल हो गया है। रामप्रकाश ने बताया कि शिकायत के कुछ ही दिनों बाद दिलीप चौधरी जिटिया निवासी और रामकिशोर बराड़ दासावास निवासी उसकी दुकान पर पहुंचे और कथित रूप से धमकी देते हुए कहा, “पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत कैसे हुई, अब तुझे जान से मार देंगे।” धमकी के बाद भयभीत दुकानदार ने पादूकलां थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी और अपनी सुरक्षा की मांग की। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शिकायतकर्ताओं की जानकारी आरोपियों तक पहुंची कैसे? जबकि पुलिस प्रशासन लगातार यह दावा करता है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की गोपनीय व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। इस मामले में नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है। यदि किसी ने धमकी दी है तो मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों की शिकायत करने वालों को ही धमकियां मिलने लगें तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति पुलिस तक सूचना पहुंचाने की हिम्मत नहीं करेगा। “आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय” का नारा अब उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी रियान बड़ी क्षेत्र की लूणी नदी में कथित अवैध बजरी खनन का मुद्दा अब भय और दबाव की राजनीति तक पहुंच गया है। अवैध बजरी परिवहन से परेशान होकर पुलिस को शिकायत करना एक छोटे दुकानदार को इतना भारी पड़ गया कि अब उसे खुलेआम जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मेड़ता सिटी मार्ग पर स्थित चावड़िया गांव का है, जहां किराना व्यापारी रामप्रकाश ने कुछ दिन पहले नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई थी। रामप्रकाश का आरोप है कि उसके घर और दुकान के सामने से रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर बजरी भरकर गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें टूट चुकी हैं और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। दुकानदारों और राहगीरों का जीना मुश्किल हो गया है। रामप्रकाश ने बताया कि शिकायत के कुछ ही दिनों बाद दिलीप चौधरी जिटिया निवासी और रामकिशोर बराड़ दासावास निवासी उसकी दुकान पर पहुंचे और कथित रूप से धमकी देते हुए कहा, “पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत कैसे हुई, अब तुझे जान से मार देंगे।” धमकी के बाद भयभीत दुकानदार ने पादूकलां थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी और अपनी सुरक्षा की मांग की। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शिकायतकर्ताओं की जानकारी आरोपियों तक पहुंची कैसे? जबकि पुलिस प्रशासन लगातार यह दावा करता है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की गोपनीय व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। इस मामले में नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है। यदि किसी ने धमकी दी है तो मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों की शिकायत करने वालों को ही धमकियां मिलने लगें तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति पुलिस तक सूचना पहुंचाने की हिम्मत नहीं करेगा। “आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय” का नारा अब उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
- बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी बजरी माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिकायतकर्ता दुकानदार को मिली जान से मारने की धमकी रियान बड़ी क्षेत्र की लूणी नदी में कथित अवैध बजरी खनन का मुद्दा अब भय और दबाव की राजनीति तक पहुंच गया है। अवैध बजरी परिवहन से परेशान होकर पुलिस को शिकायत करना एक छोटे दुकानदार को इतना भारी पड़ गया कि अब उसे खुलेआम जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मेड़ता सिटी मार्ग पर स्थित चावड़िया गांव का है, जहां किराना व्यापारी रामप्रकाश ने कुछ दिन पहले नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई थी। रामप्रकाश का आरोप है कि उसके घर और दुकान के सामने से रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर बजरी भरकर गुजरते हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़कें टूट चुकी हैं और तेज रफ्तार ट्रैक्टरों से हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। दुकानदारों और राहगीरों का जीना मुश्किल हो गया है। रामप्रकाश ने बताया कि शिकायत के कुछ ही दिनों बाद दिलीप चौधरी जिटिया निवासी और रामकिशोर बराड़ दासावास निवासी उसकी दुकान पर पहुंचे और कथित रूप से धमकी देते हुए कहा, “पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत कैसे हुई, अब तुझे जान से मार देंगे।” धमकी के बाद भयभीत दुकानदार ने पादूकलां थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी और अपनी सुरक्षा की मांग की। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शिकायतकर्ताओं की जानकारी आरोपियों तक पहुंची कैसे? जबकि पुलिस प्रशासन लगातार यह दावा करता है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की गोपनीय व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। इस मामले में नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है। यदि किसी ने धमकी दी है तो मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध गतिविधियों की शिकायत करने वालों को ही धमकियां मिलने लगें तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति पुलिस तक सूचना पहुंचाने की हिम्मत नहीं करेगा। “आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय” का नारा अब उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- शिव विधानसभा क्षेत्र के गिरल लिग्नाइट माइंस पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी 5-6 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनके इस लगातार प्रदर्शन से राजस्थान सरकार पर मांगों को लेकर दबाव बढ़ रहा है।1
- नागौर पुलिस ने बिना नंबर प्लेट और काले शीशे वाले 6 वाहनों को जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 75 अन्य वाहनों के चालान भी काटे गए। पुलिस का यह अभियान जिले में सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया है।1
- परशुराम से ना जयपुर संभाग की बैठक आयोजित निर्णय हुए पारित आज दिनांक 10 5.2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रताप नगर कुंभा मार्ग जयपुर में परशुराम सेना जयपुर संभाग जिला अध्यक्ष के मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष परशुराम सेना मित गौतम प्रदेश कार्यक्रम एवं आयोजन समिति परशुराम सेनाअध्यक्ष महावीर प्रसाद गौतम प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयपुर संभाग प्रभारी जितेंद्र जी मिश्रा जयपुर शहर जिला अध्यक्ष सुरेंद्र जी मिश्रा जयपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष पंडित धर्मेंद्र शास्त्री दोसा जिला अध्यक्ष राजेश जी गौड प्रदेश प्रचार मंत्री दिनेश जी सेहाणा जयपुर संभाग मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा एवं बृजवासी गौसेना प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश जी शर्मा एवं जयपुर शहर जिला उपाध्यक्ष की उपस्थिति रही सभी ने एक स्वर में संगठन विस्तार के बारे में व्यापक चर्चा की एवं समाज हित में समाज पर होने वाले राजनीति भेदभाव के लिए मुखर होकर आवाज उठाने का प्रण लिया चाहे वह एससी एसटी कानून यूजीसी कानून या प्रमोशन में आरक्षण जैसे कानून जिससे स्वर्ण समाज के बच्चों को नुकसान हो रहा है ऐसे कानून को खत्म करने के लिए एक स्वर में सरकार को ज्ञापन दिया जाएगा एवं सरकार को चेतावनी दी जाएगी की अति शीघ्र यूजीसी एक्ट एससी एसटी एक्ट को खत्म किया जाए प्रमोशन में आरक्षण में ऐसे प्रावधान किया जाए जिससे ब्राह्मण समाज के बच्चों को नुकसान ना हो एवं अनेक मुद्दों पर चर्चा की गई साथ ही संगठन विस्तार पर जोर देते हुए हर ब्राह्मण घर से एक परशुराम सैनिक तैयार करने पर जोर दिया गया एवं हर 3 महीने में जयपुर संभाग जिला अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी की मीटिंग का आयोजन किया जाएगा ऐसा निर्णय लिया गया जय परशुराम1
- नारी जन जागृति संस्थान द्वारा ब्यावर में की गई जल सेवा - *कब और कहाँ*: 10 मई मदर्स डे पर, ब्यावर रेलवे स्टेशन पर - *क्या किया*: भीषण गर्मी को देखते हुए यात्रियों के लिए जल सेवा की। केक काटकर विमेंस डे भी मनाया - *सहयोग*: एकम आसरा चैरिटेबल ट्रस्ट पिछले 2 महीने से रेलवे स्टेशन पर जल सेवा चला रहा है। नारी जन जागृति संस्थान ने उसमें सहयोग किया - *मौजूद सदस्य*: अध्यक्ष ममता गुप्ता, सचिव सावित्री देवड़ा, शशि शर्मा, ममता जालवाल, उर्मिला जालवाल, दीपा वासनदानी, पवन कंवर, कुसुम कुमावत, आशा मूंदड़ा, प्रिया कुमावत, निर्मला चौहान - *एकम आसरा से*: रेणु सोनी, रौनक श्री माल निर्मला चौहान कैलाश फुलवारी संजय सेन गोपाल जी शर्मा सुमन सहित शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे1
- पीसांगन में 35 लाख की चोरी का खुलासा करने वाली पीसांगन पुलिस टीम का ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत1
- मदर्स डे के अवसर पर महावीर इंटरनेशनल परिवार ने रायपुर के राजकीय अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्हें पोषण आहार और बेबी किट वितरित कर मातृत्व का सम्मान किया गया, साथ ही पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान पर भी चर्चा हुई और भविष्य में ऐसे जनसेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया गया।1
- नागौर के आलनियावास गाँव में रविवार सुबह से सड़क किनारे एक मृत सांड पड़ा है, जिसे प्रशासन ने अब तक नहीं हटाया है। इससे क्षेत्र में बदबू फैलने लगी है और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई न होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।1