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बांदे पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों के खिलाफ की गई है जिन्होंने साधु का वेश धारण कर एक घर से ₹5 लाख रुपये की चोरी की थी।

3 hrs ago
user_CG CRIME.NEWS
CG CRIME.NEWS
पत्रकार बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago

बांदे पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों के खिलाफ की गई है जिन्होंने साधु का वेश धारण कर एक घर से ₹5 लाख रुपये की चोरी की थी।

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  • राजेश मिश्रा की एक रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ने शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और संचार सहित लगभग हर क्षेत्र में अपनी उपयोगिता सिद्ध की है। हालांकि, AI के बढ़ते उपयोग के साथ एक नया पहलू सामने आ रहा है, जिस पर अब विशेषज्ञ गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं: डेटा सेंटरों में पानी की बढ़ती खपत। AI-आधारित सेवाओं को संचालित करने वाले बड़े डेटा सेंटर अत्यधिक कंप्यूटिंग क्षमता का उपयोग करते हैं। इन सर्वरों से उत्पन्न होने वाली गर्मी को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर जल-आधारित शीतलन प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे AI के विस्तार के साथ-साथ पानी और ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि भले ही एक-दो प्रश्न पूछने से पानी की बड़ी मात्रा खर्च न हो, लेकिन जब दुनिया भर में प्रतिदिन करोड़ों लोग AI का उपयोग करते हैं, तो जल संसाधनों पर इसका कुल प्रभाव महत्वपूर्ण हो सकता है। साथ ही, बड़े AI मॉडलों के प्रशिक्षण और संचालन में भी पर्याप्त मात्रा में जल संसाधनों का अप्रत्यक्ष उपयोग होता है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया पहले से ही जलवायु परिवर्तन, भूजल के लगातार दोहन, बढ़ती आबादी और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में AI जैसी आधुनिक तकनीकों का भी जिम्मेदारी और आवश्यकता के अनुसार उपयोग करना समय की मांग बन गया है। विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि AI जल संकट का सबसे बड़ा कारण नहीं है, क्योंकि कृषि, उद्योग और शहरी जल प्रबंधन का प्रभाव कहीं अधिक है। फिर भी, डिजिटल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से ऊर्जा और पानी दोनों की बचत में योगदान दिया जा सकता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार हम बिजली और पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचते हैं, उसी प्रकार AI का उपयोग भी आवश्यकता के अनुसार ही किया जाना चाहिए। अनावश्यक प्रयोगों के बजाय सोच-समझकर किया गया उपयोग भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक हो सकता है। तकनीक के लाभ उठाने के साथ-साथ, हर संसाधन की तरह AI का भी जिम्मेदारी और जरूरत के अनुसार उपयोग करना आवश्यक है, क्योंकि छोटी-छोटी सावधानियां ही भविष्य के जल संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
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    राजेश मिश्रा की एक रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ने शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और संचार सहित लगभग हर क्षेत्र में अपनी उपयोगिता सिद्ध की है। हालांकि, AI के बढ़ते उपयोग के साथ एक नया पहलू सामने आ रहा है, जिस पर अब विशेषज्ञ गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं: डेटा सेंटरों में पानी की बढ़ती खपत।

AI-आधारित सेवाओं को संचालित करने वाले बड़े डेटा सेंटर अत्यधिक कंप्यूटिंग क्षमता का उपयोग करते हैं। इन सर्वरों से उत्पन्न होने वाली गर्मी को नियंत्रित करने के लिए कई स्थानों पर जल-आधारित शीतलन प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे AI के विस्तार के साथ-साथ पानी और ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि भले ही एक-दो प्रश्न पूछने से पानी की बड़ी मात्रा खर्च न हो, लेकिन जब दुनिया भर में प्रतिदिन करोड़ों लोग AI का उपयोग करते हैं, तो जल संसाधनों पर इसका कुल प्रभाव महत्वपूर्ण हो सकता है। साथ ही, बड़े AI मॉडलों के प्रशिक्षण और संचालन में भी पर्याप्त मात्रा में जल संसाधनों का अप्रत्यक्ष उपयोग होता है।

यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया पहले से ही जलवायु परिवर्तन, भूजल के लगातार दोहन, बढ़ती आबादी और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में AI जैसी आधुनिक तकनीकों का भी जिम्मेदारी और आवश्यकता के अनुसार उपयोग करना समय की मांग बन गया है। विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि AI जल संकट का सबसे बड़ा कारण नहीं है, क्योंकि कृषि, उद्योग और शहरी जल प्रबंधन का प्रभाव कहीं अधिक है। फिर भी, डिजिटल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से ऊर्जा और पानी दोनों की बचत में योगदान दिया जा सकता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार हम बिजली और पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचते हैं, उसी प्रकार AI का उपयोग भी आवश्यकता के अनुसार ही किया जाना चाहिए। अनावश्यक प्रयोगों के बजाय सोच-समझकर किया गया उपयोग भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहायक हो सकता है। तकनीक के लाभ उठाने के साथ-साथ, हर संसाधन की तरह AI का भी जिम्मेदारी और जरूरत के अनुसार उपयोग करना आवश्यक है, क्योंकि छोटी-छोटी सावधानियां ही भविष्य के जल संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • अकलतरा-बलौदा मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना अकलतरा क्षेत्र में घटी, जहाँ एक अज्ञात ट्रेलर ने व्यक्ति को रौंद दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही जान चली गई।
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    अकलतरा-बलौदा मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना अकलतरा क्षेत्र में घटी, जहाँ एक अज्ञात ट्रेलर ने व्यक्ति को रौंद दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही जान चली गई।
    user_Bhupendra Dewangan
    Bhupendra Dewangan
    Local News Reporter चंपा, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • कोरबा जिले के कुटरा गांव में पिछले तीन महीनों से किसी ख़राबी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण गांव के लोगों में असंतोष व्याप्त है।
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    कोरबा जिले के कुटरा गांव में पिछले तीन महीनों से किसी ख़राबी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण गांव के लोगों में असंतोष व्याप्त है।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • भारत में कुछ समय पहले एक ऐतिहासिक पौराणिक कथा से संबंधित एक नाम बदला गया है।
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    भारत में कुछ समय पहले एक ऐतिहासिक पौराणिक कथा से संबंधित एक नाम बदला गया है।
    user_Dilip  kumar Yadav
    Dilip kumar Yadav
    Singer मुंगेली, मुंगेली, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित ग्राम सेलर ने एक अभिनव पहल की है, जिसके तहत पूरा गांव अब एक खुली पाठशाला में तब्दील हो गया है। यह अनोखी पहल गांव के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है।
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    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित ग्राम सेलर ने एक अभिनव पहल की है, जिसके तहत पूरा गांव अब एक खुली पाठशाला में तब्दील हो गया है। यह अनोखी पहल गांव के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    11 hrs ago
  • चकरभाठा पुलिस ने सोमवार रात एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि उन्होंने दो आरोपियों को 22 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 BM 7883 पर ग्राम सरवानी तालाब के पास से ग्राम पोड़ी की तरफ जा रहे हैं और उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल के बीच में एक प्लास्टिक की सीमेंट बोरी में शराब रखी हुई है। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम सरवानी के तालाब के पास मुख्य मार्ग पर उक्त मोटरसाइकिल को रोका और जाँच की। जाँच के दौरान प्लास्टिक की सीमेंट बोरी में कुल 22 लीटर महुआ शराब मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 4400 रुपये बताई गई है। आरोपियों की पहचान हरप्रसाद मरावी (46 वर्ष) पिता शोभाराम मरावी और दिलसिंह गोंड (22 वर्ष) पिता मांझीराम गोंड के रूप में हुई है। दोनों ग्राम पोड़ी(स), थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर के निवासी बताए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस शराब को बिक्री के उद्देश्य से ले जा रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर सोमवार को माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर पेश किया। चकरभाठा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाने या डायल 112 पर दें।
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    चकरभाठा पुलिस ने सोमवार रात एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि उन्होंने दो आरोपियों को 22 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 BM 7883 पर ग्राम सरवानी तालाब के पास से ग्राम पोड़ी की तरफ जा रहे हैं और उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल के बीच में एक प्लास्टिक की सीमेंट बोरी में शराब रखी हुई है।

पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम सरवानी के तालाब के पास मुख्य मार्ग पर उक्त मोटरसाइकिल को रोका और जाँच की। जाँच के दौरान प्लास्टिक की सीमेंट बोरी में कुल 22 लीटर महुआ शराब मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 4400 रुपये बताई गई है। आरोपियों की पहचान हरप्रसाद मरावी (46 वर्ष) पिता शोभाराम मरावी और दिलसिंह गोंड (22 वर्ष) पिता मांझीराम गोंड के रूप में हुई है। दोनों ग्राम पोड़ी(स), थाना सिरगिट्टी, जिला बिलासपुर के निवासी बताए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस शराब को बिक्री के उद्देश्य से ले जा रहे थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 47 के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर सोमवार को माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर पेश किया। चकरभाठा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों में लिप्त अपराधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाने या डायल 112 पर दें।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    11 hrs ago
  • हरियाणा स्थित एक ईंट भट्ठे में छत्तीसगढ़ के कुछ मजदूरों को बंधक बना लिया गया है। इस गंभीर स्थिति से जूझ रहे मजदूरों ने अब अपनी रिहाई के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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    हरियाणा स्थित एक ईंट भट्ठे में छत्तीसगढ़ के कुछ मजदूरों को बंधक बना लिया गया है। इस गंभीर स्थिति से जूझ रहे मजदूरों ने अब अपनी रिहाई के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रोग्रामों की प्रस्तुति के लिए अब संपर्क किया जा सकता है। इन कार्यक्रमों में 'तोर मया थोरकीनपा ज तेवर चन्दा मा कसम गंगा नहालेतेव' जैसे लोकगीत प्रस्तुत किए जाएंगे। इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी या बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर 9209052534 या 7774052534 पर संपर्क कर सकते हैं।
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    छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रोग्रामों की प्रस्तुति के लिए अब संपर्क किया जा सकता है। इन कार्यक्रमों में 'तोर मया थोरकीनपा ज तेवर चन्दा मा कसम गंगा नहालेतेव' जैसे लोकगीत प्रस्तुत किए जाएंगे। इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी या बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर 9209052534 या 7774052534 पर संपर्क कर सकते हैं।
    user_Dilip  kumar Yadav
    Dilip kumar Yadav
    Singer मुंगेली, मुंगेली, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • रायपुर के नकटी गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 से अधिक मकानों पर बुलडोजर चलाया है। इस दौरान पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल देखा गया, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन का दावा है कि यह जमीन विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए चिन्हित सरकारी भूमि है। वहीं, प्रभावित ग्रामीण वर्षों से इस भूमि पर अपना निवास होने का दावा कर रहे हैं।
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    रायपुर के नकटी गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 से अधिक मकानों पर बुलडोजर चलाया है। इस दौरान पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल देखा गया, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात रहा।

प्रशासन का दावा है कि यह जमीन विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए चिन्हित सरकारी भूमि है। वहीं, प्रभावित ग्रामीण वर्षों से इस भूमि पर अपना निवास होने का दावा कर रहे हैं।
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    7 hrs ago
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