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पैरों से लिखकर पढ़ने वाली लक्ष्मी के जज्बे को सांसद तारिक अनवर ने किया सलाम
Mukesh Kumar
पैरों से लिखकर पढ़ने वाली लक्ष्मी के जज्बे को सांसद तारिक अनवर ने किया सलाम
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- कटाव प्रभावित भूमि पर बना रिवर फ्रंट, अब बचाने में खर्च हो रहे करोड़ों कटिहार मनिहारी गंगा तट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट का काम निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसी बीच गंगा का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। कटाव की स्थिति को देखते हुए अब इसे बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग, कटिहार की ओर से एनसी (कटावरोधी) बांध और फ्लड फाइटिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने सरकारी राशि के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भूमि को वर्षों से गंगा की शिकस्त यानी कटाव प्रभावित भूमि माना जाता रहा है, वहां इतनी बड़ी परियोजना की स्वीकृति देने से पहले स्थल का तकनीकी सर्वेक्षण और कटाव की स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए था। अब निर्माणाधीन रिवर फ्रंट को बचाने के लिए अलग से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासी रंजीत गुप्ता ने कहा कि यदि शुरुआत में स्थल का सही सर्वेक्षण और तकनीकी जांच हुई होती तो अतिरिक्त राशि खर्च करने की नौबत नहीं आती। प्रीतम ओझा ने कहा कि सरकारी धन का उपयोग पारदर्शिता और दूरदर्शिता के साथ होना चाहिए। वहीं सीमा देवी ने कहा कि गंगा का जलस्तर हर वर्ष बढ़ता है और क्षेत्र कटाव प्रभावित रहा है, इसलिए योजना स्वीकृत करते समय सभी पहलुओं का आकलन जरूरी था। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और कटाव प्रभावित भूमि पर रिवर फ्रंट निर्माण की स्वीकृति के आधार को सार्वजनिक करने की मांग की है। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि रिवर फ्रंट का निर्माण विभाग की तकनीकी टीम द्वारा किए गए आकलन के आधार पर हुआ है। तकनीकी विषय पर वह टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे। कटाव की स्थिति को देखते हुए बुडको और जल संसाधन विभाग से बात की गई थी, जिसके बाद दोनों विभागों ने फ्लड फाइटिंग का कार्य कराया है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद यहां ठोस कार्य कराया जाएगा।2
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