कटाव प्रभावित भूमि पर बना रिवर फ्रंट, अब बचाने में खर्च हो रहे करोड़ों कटिहार मनिहारी गंगा तट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट का काम निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसी बीच गंगा का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। कटाव की स्थिति को देखते हुए अब इसे बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग, कटिहार की ओर से एनसी (कटावरोधी) बांध और फ्लड फाइटिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने सरकारी राशि के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भूमि को वर्षों से गंगा की शिकस्त यानी कटाव प्रभावित भूमि माना जाता रहा है, वहां इतनी बड़ी परियोजना की स्वीकृति देने से पहले स्थल का तकनीकी सर्वेक्षण और कटाव की स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए था। अब निर्माणाधीन रिवर फ्रंट को बचाने के लिए अलग से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासी रंजीत गुप्ता ने कहा कि यदि शुरुआत में स्थल का सही सर्वेक्षण और तकनीकी जांच हुई होती तो अतिरिक्त राशि खर्च करने की नौबत नहीं आती। प्रीतम ओझा ने कहा कि सरकारी धन का उपयोग पारदर्शिता और दूरदर्शिता के साथ होना चाहिए। वहीं सीमा देवी ने कहा कि गंगा का जलस्तर हर वर्ष बढ़ता है और क्षेत्र कटाव प्रभावित रहा है, इसलिए योजना स्वीकृत करते समय सभी पहलुओं का आकलन जरूरी था। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और कटाव प्रभावित भूमि पर रिवर फ्रंट निर्माण की स्वीकृति के आधार को सार्वजनिक करने की मांग की है। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि रिवर फ्रंट का निर्माण विभाग की तकनीकी टीम द्वारा किए गए आकलन के आधार पर हुआ है। तकनीकी विषय पर वह टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे। कटाव की स्थिति को देखते हुए बुडको और जल संसाधन विभाग से बात की गई थी, जिसके बाद दोनों विभागों ने फ्लड फाइटिंग का कार्य कराया है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद यहां ठोस कार्य कराया जाएगा।
कटाव प्रभावित भूमि पर बना रिवर फ्रंट, अब बचाने में खर्च हो रहे करोड़ों कटिहार मनिहारी गंगा तट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट का काम निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसी बीच गंगा का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। कटाव की स्थिति को देखते हुए अब इसे बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग, कटिहार की ओर से एनसी (कटावरोधी) बांध और फ्लड फाइटिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने सरकारी राशि के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भूमि को वर्षों से गंगा की शिकस्त यानी कटाव प्रभावित भूमि माना जाता रहा है, वहां इतनी बड़ी परियोजना की स्वीकृति देने से पहले स्थल का तकनीकी सर्वेक्षण और कटाव की स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए था। अब निर्माणाधीन रिवर फ्रंट को बचाने के लिए अलग से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे
हैं। स्थानीय निवासी रंजीत गुप्ता ने कहा कि यदि शुरुआत में स्थल का सही सर्वेक्षण और तकनीकी जांच हुई होती तो अतिरिक्त राशि खर्च करने की नौबत नहीं आती। प्रीतम ओझा ने कहा कि सरकारी धन का उपयोग पारदर्शिता और दूरदर्शिता के साथ होना चाहिए। वहीं सीमा देवी ने कहा कि गंगा का जलस्तर हर वर्ष बढ़ता है और क्षेत्र कटाव प्रभावित रहा है, इसलिए योजना स्वीकृत करते समय सभी पहलुओं का आकलन जरूरी था। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और कटाव प्रभावित भूमि पर रिवर फ्रंट निर्माण की स्वीकृति के आधार को सार्वजनिक करने की मांग की है। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि रिवर फ्रंट का निर्माण विभाग की तकनीकी टीम द्वारा किए गए आकलन के आधार पर हुआ है। तकनीकी विषय पर वह टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे। कटाव की स्थिति को देखते हुए बुडको और जल संसाधन विभाग से बात की गई थी, जिसके बाद दोनों विभागों ने फ्लड फाइटिंग का कार्य कराया है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद यहां ठोस कार्य कराया जाएगा।
- कटिहार: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के विधायक पद की शपथ लेते ही समर्थकों में जश्न... कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बांटी खुशियां... बांकीपुर उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद जन सुराज खेमे में जबरदस्त उत्साह #Katihr #manshahi #dilarpur #Punjab #Bihar #manihari #Delhi1
- पंचायत स्तर पर पहुंचा प्रशासन, 16 पंचायतों में लगा सहयोग शिविर बिहार सरकार की अभिनव पहल ‘सहयोग शिविर’ के तहत मंगलवार को कटिहार जिले के सभी प्रखंडों की एक-एक पंचायत, कुल 16 पंचायतों में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों का पंचायत स्तर पर त्वरित एवं समयबद्ध समाधान करना है। यह पहल सरकार के ‘सरकार आपके द्वार’ की अवधारणा को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- पैरों से लिखकर पढ़ने वाली लक्ष्मी के जज्बे को सांसद तारिक अनवर ने किया सलाम1
- एनएच-81 पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा, 1.58 लाख रुपये जुर्माना वसूला जिला परिवहन विभाग, कटिहार की ओर से सोमवार को कोलासी पुलिस शिविर क्षेत्र अंतर्गत एनएच-81 पर कोलासी डिग्री कॉलेज के समीप विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की सघन जांच करते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट सहित यातायात नियमों के अनुपालन की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों से कुल 1 लाख 58 हजार रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु एवं गंभीर चोटों की घटनाओं में कमी लाने के लिए नियमित एवं प्रभावी वाहन जांच अभियान जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभागीय निर्देश के तहत विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम सप्ताह के सोमवार को हेलमेट तथा गुरुवार को सीट बेल्ट जांच अभियान, जबकि तृतीय सप्ताह के सोमवार को सीट बेल्ट और गुरुवार को हेलमेट जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी। जांच के दौरान दोपहिया वाहन चालक के साथ पिलियन राइडर के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य बताया गया। इसके अलावा सड़क पर लेन अनुशासन का पालन करने और गलत दिशा में वाहन चलाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। विभाग ने स्पष्ट किया कि रेड-Blue स्ट्रोब लाइट एवं हूटर का अनधिकृत इस्तेमाल करने वाले वाहनों के खिलाफ भी नियमानुसार जब्ती एवं जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से सुरक्षित यातायात के लिए नियमों का पालन करने और अपनी तथा अन्य राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।1
- बिठनौली पश्चिम व पूरब पंचायत में जन सहयोग शिविर, ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान1
- झोपड़ी में ब्राउन शुगर की खेप! भागलपुर पुलिस ने 5 को पकड़ा, नेटवर्क की जांच जारी1
- रसोईया पर शिक्षिका से मारपीट व अभद्र व्यवहार का आरोप, रसोईया की दबंग रवैया से स्कूल के छात्र-छात्राएं तथा अभिभावक है परेशान कटिहार के आजमनगर प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय ग्वालटोली सिंहपुर में कार्यरत रसोईया पर शिक्षिका के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। रसोईया आशा देवी के कथित अमर्यादित आचरण से परेशान शिक्षिका रीमा घोष ने मामले को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया है वहीं छात्र छात्राओं सहित ग्रामीणों ने रसोईया आशा देवी एवं प्रधानाध्यापक के तबादले की भी मांग की है। शिक्षिका के आवेदन पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अल्ताफ हुसैन ने विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के दौरान विद्यालय में उपस्थित छात्र-छात्राओं, स्थानीय ग्रामीणों एवं अन्य सहायक शिक्षकों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अल्ताफ हुसैन ने बताया कि जांच के क्रम में प्राप्त बयानों एवं तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया संपूर्ण घटना में रसोईया की गलती एवं अनुशासनहीनता स्पष्ट रूप से सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का हिंसक एवं अमर्यादित आचरण विद्यालय के शैक्षणिक माहौल, अनुशासन तथा शिक्षकों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।उन्होंने विद्यालय शिक्षा समिति को निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर आपातकालीन बैठक आयोजित कर रसोईया आशा देवी के विरुद्ध विद्यालय हित, बच्चों की सुरक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए विभागीय दिशा-निर्देश के अनुसार आवश्यक निर्णय पारित किया जाए। प्रधानाध्यापक मोहम्मद मुबाशिर आलम ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। जबकि रसोईया आशा देवी ने भी आरोपों को निराधार बताया है2
- 16 वर्षीय रेहान की 6 अगस्त को हत्या हुई, तालाब के पास लाश मिली। इस केस में आमिर कुरैशी, जोहेब खान और 3 नाबालिग लड़के पकड़े गए हैं। इन सभी ने सोशल मीडिया पर एक रील देखी थी, जिसमें बताया गया कि अंडकोष बेचकर 1.20 करोड़ रुपए कमा सकते हैं। इसी लालच में उन्होंने रेहान की हत्या कर उसके अंडकोष निकाल लिए। हालांकि वो बिक नहीं पाए और उन्हें तालाब में फेंकना पड़ा।1