रसोईया पर शिक्षिका से मारपीट व अभद्र व्यवहार का आरोप, रसोईया की दबंग रवैया से स्कूल के छात्र-छात्राएं तथा अभिभावक है परेशान कटिहार के आजमनगर प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय ग्वालटोली सिंहपुर में कार्यरत रसोईया पर शिक्षिका के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। रसोईया आशा देवी के कथित अमर्यादित आचरण से परेशान शिक्षिका रीमा घोष ने मामले को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया है वहीं छात्र छात्राओं सहित ग्रामीणों ने रसोईया आशा देवी एवं प्रधानाध्यापक के तबादले की भी मांग की है। शिक्षिका के आवेदन पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अल्ताफ हुसैन ने विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के दौरान विद्यालय में उपस्थित छात्र-छात्राओं, स्थानीय ग्रामीणों एवं अन्य सहायक शिक्षकों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अल्ताफ हुसैन ने बताया कि जांच के क्रम में प्राप्त बयानों एवं तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया संपूर्ण घटना में रसोईया की गलती एवं अनुशासनहीनता स्पष्ट रूप से सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का हिंसक एवं अमर्यादित आचरण विद्यालय के शैक्षणिक माहौल, अनुशासन तथा शिक्षकों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।उन्होंने विद्यालय शिक्षा समिति को निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर आपातकालीन बैठक आयोजित कर रसोईया आशा देवी के विरुद्ध विद्यालय हित, बच्चों की सुरक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए विभागीय दिशा-निर्देश के अनुसार आवश्यक निर्णय पारित किया जाए। प्रधानाध्यापक मोहम्मद मुबाशिर आलम ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। जबकि रसोईया आशा देवी ने भी आरोपों को निराधार बताया है
रसोईया पर शिक्षिका से मारपीट व अभद्र व्यवहार का आरोप, रसोईया की दबंग रवैया से स्कूल के छात्र-छात्राएं तथा अभिभावक है परेशान कटिहार के आजमनगर प्रखंड क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय ग्वालटोली सिंहपुर में कार्यरत रसोईया पर शिक्षिका के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। रसोईया आशा देवी के कथित अमर्यादित आचरण से परेशान शिक्षिका रीमा घोष ने मामले को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया है वहीं छात्र छात्राओं सहित ग्रामीणों ने रसोईया आशा देवी एवं प्रधानाध्यापक के तबादले की भी मांग की है। शिक्षिका के आवेदन पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अल्ताफ हुसैन ने विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के दौरान विद्यालय में उपस्थित छात्र-छात्राओं, स्थानीय ग्रामीणों एवं अन्य सहायक शिक्षकों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए प्रखंड शिक्षा
पदाधिकारी अल्ताफ हुसैन ने बताया कि जांच के क्रम में प्राप्त बयानों एवं तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया संपूर्ण घटना में रसोईया की गलती एवं अनुशासनहीनता स्पष्ट रूप से सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का हिंसक एवं अमर्यादित आचरण विद्यालय के शैक्षणिक माहौल, अनुशासन तथा शिक्षकों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।उन्होंने विद्यालय शिक्षा समिति को निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर आपातकालीन बैठक आयोजित कर रसोईया आशा देवी के विरुद्ध विद्यालय हित, बच्चों की सुरक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए विभागीय दिशा-निर्देश के अनुसार आवश्यक निर्णय पारित किया जाए। प्रधानाध्यापक मोहम्मद मुबाशिर आलम ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। जबकि रसोईया आशा देवी ने भी आरोपों को निराधार बताया है
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- बेला रिकाबगंज पुल पर बाईक लूटकांड का एसएसपी डॉ शौर्य सुमन ने किया खुलासा, तीन विधि-विरुद्ध किशोर निरूद्ध1
- सीएसपी संचालकों की सुरक्षा को लेकर थाना में बैठक जलालगढ़, एक संवाददाता। जलालगढ़ थाना में सीएसपी संचालकों की सुरक्षा को लेकर अवर निरीक्षक शिवम कुमार के साथ बैठक हुई। संचालकों ने आए दिन होने वाली घटनाओं का हवाला देते हुए बैंक से रकम लाने और सीएसपी केंद्र तक पहुंचाने के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांग की। अवर निरीक्षक शिवम कुमार ने कहा कि मोटी रकम लाने या ले जाने की स्थिति में पुलिस को सूचना दें। थाना से वाहन के साथ पुलिसकर्मी उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में शशि सुमन, कुतुबुद्दीन, कामेश्वर जमादार, नागेंद्र चौहान, भारत कुमार, शंकर वर्मा, नूर हुसैन, कृष्णानंद विश्वास, दिलीप कुमार यादव, जफर परवेज समेत अन्य सीएसपी संचालक मौजूद थे। सीएसपी संचालकों की सुरक्षा को लेकर थाना में बैठक जलालगढ़, एक संवाददाता। जलालगढ़ थाना में सीएसपी संचालकों की सुरक्षा को लेकर अवर निरीक्षक शिवम कुमार के साथ बैठक हुई। संचालकों ने आए दिन होने वाली घटनाओं का हवाला देते हुए बैंक से रकम लाने और सीएसपी केंद्र तक पहुंचाने के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांग की। अवर निरीक्षक शिवम कुमार ने कहा कि मोटी रकम लाने या ले जाने की स्थिति में पुलिस को सूचना दें। थाना से वाहन के साथ पुलिसकर्मी उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में शशि सुमन, कुतुबुद्दीन, कामेश्वर जमादार, नागेंद्र चौहान, भारत कुमार, शंकर वर्मा, नूर हुसैन, कृष्णानंद विश्वास, दिलीप कुमार यादव, जफर परवेज समेत अन्य सीएसपी संचालक मौजूद थे।1
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- रांची। कल तक जिन युवाओं के हाथों में सचिवालय के प्रोजेक्ट भवन की फाइलें थीं, वे मंगलवार को उसी भवन के मुख्य गेट के बाहर खड़े नजर आए। JSSC-CGL 2023 के माध्यम से चयनित 1975 कर्मियों की नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले के बाद मंगलवार को स्थिति अचानक बदल गई। सोमवार को सरकार की ओर से नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी होने के अगले ही दिन चयनित कर्मियों को प्रोजेक्ट भवन में प्रवेश करने से रोक दिया गया।कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए कानूनी रास्ता अपनाएंगे।।1
- कटाव प्रभावित भूमि पर बना रिवर फ्रंट, अब बचाने में खर्च हो रहे करोड़ों कटिहार मनिहारी गंगा तट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट का काम निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसी बीच गंगा का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है। कटाव की स्थिति को देखते हुए अब इसे बचाने के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग, कटिहार की ओर से एनसी (कटावरोधी) बांध और फ्लड फाइटिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने सरकारी राशि के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भूमि को वर्षों से गंगा की शिकस्त यानी कटाव प्रभावित भूमि माना जाता रहा है, वहां इतनी बड़ी परियोजना की स्वीकृति देने से पहले स्थल का तकनीकी सर्वेक्षण और कटाव की स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए था। अब निर्माणाधीन रिवर फ्रंट को बचाने के लिए अलग से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासी रंजीत गुप्ता ने कहा कि यदि शुरुआत में स्थल का सही सर्वेक्षण और तकनीकी जांच हुई होती तो अतिरिक्त राशि खर्च करने की नौबत नहीं आती। प्रीतम ओझा ने कहा कि सरकारी धन का उपयोग पारदर्शिता और दूरदर्शिता के साथ होना चाहिए। वहीं सीमा देवी ने कहा कि गंगा का जलस्तर हर वर्ष बढ़ता है और क्षेत्र कटाव प्रभावित रहा है, इसलिए योजना स्वीकृत करते समय सभी पहलुओं का आकलन जरूरी था। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और कटाव प्रभावित भूमि पर रिवर फ्रंट निर्माण की स्वीकृति के आधार को सार्वजनिक करने की मांग की है। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि रिवर फ्रंट का निर्माण विभाग की तकनीकी टीम द्वारा किए गए आकलन के आधार पर हुआ है। तकनीकी विषय पर वह टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे। कटाव की स्थिति को देखते हुए बुडको और जल संसाधन विभाग से बात की गई थी, जिसके बाद दोनों विभागों ने फ्लड फाइटिंग का कार्य कराया है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद यहां ठोस कार्य कराया जाएगा।2
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