घोषणा हुई, राशि भी मिली... फिर भी अधूरा है रामानुजगंज अस्पताल का काम घोषणा के महीनों बाद भी अधूरी सुविधाएं, तीसरे बैद्यनाथ धाम प्रवास पर स्वास्थ्य मंत्री ने दिया 2 से 4 महीने में काम पूरा करने का आश्वासन रामानुजगंज। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट और ब्लड स्टोरेज की सुविधा शुरू होने का इंतजार अब भी जारी है। इन सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के तहत 10 जून 2026 को 1 करोड़ 65 लाख 92 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर काम पूरा नहीं होने से क्षेत्रवासियों में निराशा है। स्थानीय विधायक एवं मंत्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों तथा क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद इन सुविधाओं को स्वीकृति मिली थी। प्रस्ताव में अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर सेटअप, डायलिसिस यूनिट और ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित किया जाना शामिल है। बैद्यनाथ धाम प्रवास के दौरान हुई थी घोषणा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बैद्यनाथ धाम (देवघर) प्रवास के दौरान भी रामानुजगंज में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़ी घोषणाएं की गई थीं। सरकार बनने के बाद उनके पहले बैद्यनाथ धाम प्रवास के दौरान आमंत्रण धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और नगर के अध्यक्ष की मौजूदगी में मंत्री ने दो डायलिसिस यूनिट, ब्लड बैंक सहित सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। उस समय यह घोषणा स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में रही और लोगों को उम्मीद जगी कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें दूसरे शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, घोषणा के बाद काफी समय बीत जाने के बावजूद सुविधाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो सकीं। तीसरे प्रवास पर फिर मिला आश्वासन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बैद्यनाथ धाम के तीसरे प्रवास के दौरान भी रामानुजगंज की स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा सामने आया। मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से राशि जारी कर दी गई थी, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने नगरवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आने वाले 2 से 4 महीनों के भीतर ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस और ब्लड स्टोरेज सहित प्रस्तावित स्वास्थ्य सुविधाओं का काम पूरा कर लिया जाएगा। मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत रामानुजगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही है। वर्तमान में डायलिसिस, ब्लड की उपलब्धता और कई आवश्यक उपचारों के लिए मरीजों को दूसरे बड़े शहरों और अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। यदि घोषित सुविधाएं निर्धारित समय में शुरू होती हैं तो क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर डायलिसिस मरीजों और आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए ब्लड स्टोरेज यूनिट महत्वपूर्ण साबित होगी। वहीं ऑपरेशन थिएटर के शुरू होने से अस्पताल में स्थानीय स्तर पर कई आवश्यक सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। अब देखना होगा कि 10 जून को मिली प्रशासनिक स्वीकृति और स्वास्थ्य मंत्री के 2 से 4 महीने में काम पूरा करने के आश्वासन के बाद रामानुजगंज के 100 बिस्तरीय अस्पताल में ये सुविधाएं वास्तव में कब तक शुरू होती हैं। क्षेत्रवासियों की नजर अब इस आश्वासन के अमल पर है।
घोषणा हुई, राशि भी मिली... फिर भी अधूरा है रामानुजगंज अस्पताल का काम घोषणा के महीनों बाद भी अधूरी सुविधाएं, तीसरे बैद्यनाथ धाम प्रवास पर स्वास्थ्य मंत्री ने दिया 2 से 4 महीने में काम पूरा करने का आश्वासन रामानुजगंज। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट और ब्लड स्टोरेज की सुविधा शुरू होने का इंतजार अब भी जारी है। इन सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के तहत 10 जून 2026 को 1 करोड़ 65 लाख 92 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर काम पूरा नहीं होने से क्षेत्रवासियों में निराशा है। स्थानीय विधायक एवं मंत्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों तथा क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद इन सुविधाओं को स्वीकृति मिली थी। प्रस्ताव में अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर सेटअप, डायलिसिस यूनिट और ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित किया जाना शामिल है। बैद्यनाथ धाम प्रवास के दौरान हुई थी घोषणा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बैद्यनाथ धाम (देवघर) प्रवास के दौरान भी रामानुजगंज में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़ी घोषणाएं की गई थीं। सरकार बनने के बाद उनके पहले बैद्यनाथ धाम प्रवास के दौरान आमंत्रण धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और नगर के अध्यक्ष की मौजूदगी में मंत्री ने दो डायलिसिस यूनिट, ब्लड बैंक सहित सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। उस समय यह घोषणा स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में रही और लोगों को उम्मीद जगी कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें दूसरे शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, घोषणा के बाद काफी समय बीत जाने के बावजूद सुविधाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो सकीं। तीसरे प्रवास पर फिर मिला आश्वासन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बैद्यनाथ धाम के तीसरे प्रवास के दौरान भी रामानुजगंज की स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा सामने आया। मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से राशि जारी कर दी गई थी, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने नगरवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आने वाले 2 से 4 महीनों के भीतर ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस और ब्लड स्टोरेज सहित प्रस्तावित स्वास्थ्य सुविधाओं का काम पूरा कर लिया जाएगा। मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत रामानुजगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही है। वर्तमान में डायलिसिस, ब्लड की उपलब्धता और कई आवश्यक उपचारों के लिए मरीजों को दूसरे बड़े शहरों और अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। यदि घोषित सुविधाएं निर्धारित समय में शुरू होती हैं तो क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर डायलिसिस मरीजों और आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए ब्लड स्टोरेज यूनिट महत्वपूर्ण साबित होगी। वहीं ऑपरेशन थिएटर के शुरू होने से अस्पताल में स्थानीय स्तर पर कई आवश्यक सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। अब देखना होगा कि 10 जून को मिली प्रशासनिक स्वीकृति और स्वास्थ्य मंत्री के 2 से 4 महीने में काम पूरा करने के आश्वासन के बाद रामानुजगंज के 100 बिस्तरीय अस्पताल में ये सुविधाएं वास्तव में कब तक शुरू होती हैं। क्षेत्रवासियों की नजर अब इस आश्वासन के अमल पर है।
- झारखंड की राजधानी रांची में छात्र और युवा प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी सीबीआई (CBI) या न्यायिक जांच और परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। मुख्य कारण (Main Reasons) परीक्षाओं में गड़बड़ी: छात्र 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और अन्य भर्ती परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगा रहे हैं। [1, 2] सीबीआई जांच की मांग: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राज्य की सीआईडी (CID) जांच के बजाय पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच सीबीआई या ईडी (ED) द्वारा की जाए। [1] भ्रष्टाचार और पेपर लीक: नौकरियों की खरीद-फरोख्त और पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई और ओएमआर (OMR) शीट सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है। अनशन और आंदोलन: रांची के स्टेडियम में छात्र पिछले कई दिनों से लगातार धरना और आमरण अनशन पर बैठे हैं।1
- Garhwa DC सर देखिए इन बच्चों को और मदद कीजिए आप से कई उम्मीदें है गढ़वा DC सर, इन मासूम बच्चों की स्थिति पर एक बार जरूर ध्यान दीजिए। इन बच्चों को आपसे और जिला प्रशासन से मदद की कई उम्मीदें हैं। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द पहल कर इन्हें जरूरी सहायता और बेहतर भविष्य का सहारा देगा।1
- अमित शाह को लेकर दिए गए बयान से सियासी माहौल गरम, विपक्ष निशाने पर 🚨 सियासत में फिर गरमाया माहौल! "नारे उठाना और हंगामा मचाना विपक्ष की आदत बन गई है।" यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही यह भी कहा गया कि आतंकवादी और अतिरेकी भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम से डरते हैं तथा उनके हर सख्त फैसले का असर दिखाई देता है। आपकी इस मुद्दे पर क्या राय है? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में जरूर बताएं। #AmitShah #Politics #Opposition #IndianPolitics #BreakingNews #NewsUpdate #FacebookPost #PradeshKhabar1
- पहले जमीन में बैठिये vc साहब तब बात करेंगे आपसे छात्र धरना प्रदर्शन पहले जमीन में बैठिये vc साहब तब बात करेंगे आपसे छात्र धरना प्रदर्शन1
- "जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे" — विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसानों का उग्र प्रदर्शन, सरकार पर शोषण का आरोप : संदीप मिश्रा,सोनभद्र। घोरावल विधानसभा क्षेत्र के बनौरा गांव में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने का संकल्प दोहराया। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने किया। उन्होंने सरकार पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन छीनी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम किसानों का संरक्षण करना है, लेकिन आज किसानों का केवल शोषण किया जा रहा है। किसान अपनी पुश्तैनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। किसानों ने कहा कि यदि विंध्य एक्सप्रेस-वे का निर्माण वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार हुआ तो बड़ी संख्या में किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी। किसान बबलू कुमार ने कहा, "जान भले चली जाए, लेकिन अपनी पुश्तैनी जमीन नहीं देंगे। एक्सप्रेस-वे बनने से किसानों को भारी नुकसान होगा और हम अंतिम दम तक इसका विरोध करेंगे।" किसान रुपेश दूबे ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पुश्तैनी जमीन ही किसानों की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बचाने के लिए आंदोलन लगातार जारी रहेगा। किसान रामसिंह पटेल तथा पूर्व प्रधान शकील अहमद ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। उनका कहना था कि विकास के नाम पर किसानों की जमीन लेना न्यायसंगत नहीं है और सरकार को किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। सभा को संबोधित करते हुए संदीप मिश्रा ने हुंकार भरते हुए कहा कि "जब तक किसानों की जमीनी और अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। सरकार किसानों की आवाज दबाने की बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करे। किसान झुकने वाले नहीं हैं और अपने हक की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लगातार लड़ेंगे।" प्रदर्शन के अंत में किसानों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो विंध्य एक्सप्रेस-वे के विरोध में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा आज के कार्यक्रम बबलू प्रधान रामसिंह पटेल प्रधान जी शकील अहमद सुरेश मौर्य दिनेश चेरो आकाश चौहान विजय चौहान व सैकड़ों किसान उपस्थित रहे1
- भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ: ओम बिरला ने महात्मा गांधी को किया याद 🇮🇳 भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का संदेश 9 अगस्त 1942 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देशवासियों को 'करो या मरो' का मंत्र देकर स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन भारत की एकता, अदम्य साहस, सत्य और अहिंसा पर आधारित संघर्ष का अमर प्रतीक है। यह दिन हमें राष्ट्रहित, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की सेवा के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। 🇮🇳 जय हिंद! #QuitIndiaMovement #भारतछोड़ोआंदोलन #OmBirla #LokSabha #Parliament #MahatmaGandhi #India #Democracy #FreedomStruggle #NewsUpdate1
- झारखंड के राजधानी रांची प्रोटेस्ट में बच्चों से लेकर युवा तक युवा से लेकर नेता तक और बच्चों के द्वारा मांगे पुरी मांग पूरी करने के बाद की जा रहे हैं1