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अनूपपुर जिले के पडौर गाँव में लाखों की नल-जल योजना बंद पड़ी है और इकलौता हैंडपंप भी खराब है। इससे ग्रामीण भीषण गर्मी में 3 किलोमीटर दूर केवई नदी से पानी लाने को मजबूर हैं। शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
Rajesh Shukla
अनूपपुर जिले के पडौर गाँव में लाखों की नल-जल योजना बंद पड़ी है और इकलौता हैंडपंप भी खराब है। इससे ग्रामीण भीषण गर्मी में 3 किलोमीटर दूर केवई नदी से पानी लाने को मजबूर हैं। शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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- शहडोल में ओवरलोड रेत वाहनों से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सड़कें जर्जर हो गई हैं। ग्रामीणों ने अवैध रेत परिवहन पर रोक और सड़कों की मरम्मत की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।1
- शहडोल के अमेज़न डिलीवरी बॉयज़ ने अपनी परेशानियों को उजागर किया है। उनका कहना है कि उन्हें न तो पेट्रोल भत्ता मिलता है और न ही ई-पीएफ का लाभ, जबकि वे वेंडर के माध्यम से कंपनी के लिए काम करते हैं।1
- मध्य प्रदेश के गोहपारू में बकाया बिजली बिल वसूलने गई टीम पर उपभोक्ताओं ने हमला कर दिया। मलमाथर गांव में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विभागीय कर्मचारी अब आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।2
- चलती मालगाड़ी में लगी आग, बिरसिंहपुर स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन चलती मालगाड़ी में लगी आग, बिरसिंहपुर स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) जिले के बिरसिंहपुर रेलवे स्टेशन में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहडोल की तरफ से आ रही कोयला लोड मालगाड़ी के तीन डब्बों में अचानक आग लग गई। चलते ट्रेन से धुआं और आग की लपटें उठती देख रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि मालगाड़ी कोयला लेकर आगे की ओर जा रही थी। इसी दौरान ट्रेन के बीच वाले डब्बों से धुआं निकलता दिखाई दिया। लोको पायलट और गार्ड ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत रेलवे कंट्रोल को सूचना दी और मालगाड़ी को बिरसिंहपुर रेलवे स्टेशन पर रोक दिया। समय रहते ट्रेन रोक दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। मामले की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन और स्टेशन कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल लिया। स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और लोगों को डब्बों से दूर किया गया। वहीं नगरपालिका की दमकल गाड़ी को मौके पर बुलाया गया। दमकल टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद डब्बों से तेज धुआं उठ रहा था, जिसे देखकर आसपास मौजूद लोग भी दहशत में आ गए। राहत की बात यह रही कि आग अन्य डब्बों तक नहीं पहुंची। यदि समय रहते आग नहीं बुझाई जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण कोयले में गर्मी या घर्षण बताया जा रहा है, हालांकि रेलवे विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। स्थानीय लोगों ने लोको पायलट, गार्ड और दमकल टीम की तत्परता की सराहना की है। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा रेल हादसा टल गया।4
- डिंडोरी जिले के बिंझौरी गांव में छत बनाते समय अचानक गिर जाने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।2
- डिंडोरी जिला मुख्यालय में बिहार से आए एक विशेष समूह ने अपने पारंपरिक हुनर और मंत्रों के माध्यम से मधुमक्खियों के छत्ते सुरक्षित तरीके से हटाकर शहद संग्रहण का काम शुरू किया है। वे वर्षों के अनुभव से मधुमक्खियों को शांत रखते हैं और जनहानि से बचते हैं। यह पुश्तैनी व्यवसाय आत्मनिर्भरता और प्रकृति संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- डिंडोरी जिले में पिछले छह माह से चल रहा 'मैया अभियान' अब केवल स्वच्छता कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी की मिसाल बन गया है। कलेक्टर की अगुवाई में वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आमजन नर्मदा घाटों पर श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं। इस अभियान ने जिले में स्वच्छता के प्रति एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है।1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय के पुल घाट में खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने 'आरोह ग्रीष्मकालीन समर कैंप' का आयोजन किया। इसमें सैकड़ों बच्चों ने एरोबिक जुम्बा, योगा और स्वास्थ्य गतिविधियों में भाग लिया। यह कैंप बच्चों को सेहत, आत्मसुरक्षा और नर्मदा संरक्षण के प्रति जागरूक करेगा, जो 5 मई से 5 जून तक चलेगा।1