नेताओं के पिंडदान, मुंडन और प्रतीकात्मक शवयात्रा से जताया विरोध यूजीसी अधिनियम, एससी-एसटी अधिनियम और आरक्षण के मुद्दों पर सवर्ण नेताओं की कथित चुप्पी के खिलाफ प्रदर्शन नेताओं के पिंडदान, मुंडन और प्रतीकात्मक शवयात्रा से जताया विरोध यूजीसी अधिनियम, एससी-एसटी अधिनियम और आरक्षण के मुद्दों पर सवर्ण नेताओं की कथित चुप्पी के खिलाफ प्रदर्शन रीवा (अखंड सत्ता) रीवा के विवेकानंद पार्क में सोमवार को विभिन्न सवर्ण संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज युवा मोर्चा के जिला सचिव अनुराग मिश्रा के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में यूजीसी अधिनियम, एससी-एसटी अधिनियम तथा आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर आवाज नहीं उठाने वाले सवर्ण नेताओं के प्रति नाराजगी जताई गई। प्रदर्शन के दौरान नेताओं की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई। इसके साथ ही मुंडन, पिंडदान और प्रतीकात्मक दाह संस्कार किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे उन नेताओं के प्रति सांकेतिक विरोध बताया, जिनके बारे में उनका आरोप है कि वे समाज से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित आवाज नहीं उठा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिन जनप्रतिनिधियों को समाज ने अपने प्रतिनिधित्व के लिए चुना है, यदि वे जनता के मुद्दों को सदन और सरकार तक नहीं पहुंचाते हैं तो उनके प्रति लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं की कथित चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए। विवेकानंद पार्क में कार्यक्रम के बाद प्रदर्शनकारियों ने वहां से बिछिया नदी होते हुए बड़ी पुल तक प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। इस दौरान मुंडन, पिंडदान सहित अन्य सांकेतिक कार्यक्रम किए गए। आरक्षण और यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भी हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। सीधी और गुना में भी प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रतीकात्मक अर्थी, मुंडन और पिंडदान के माध्यम से विरोध दर्ज कराने की खबरें सामने आई हैं। रीवा में हुए प्रदर्शन के आयोजकों ने संकेत दिया कि यदि संबंधित मुद्दों पर नेताओं की ओर से आवाज नहीं उठाई गई तो आगे भी इसी तरह के सांकेतिक विरोध कार्यक्रम किए जा सकते हैं।
नेताओं के पिंडदान, मुंडन और प्रतीकात्मक शवयात्रा से जताया विरोध यूजीसी अधिनियम, एससी-एसटी अधिनियम और आरक्षण के मुद्दों पर सवर्ण नेताओं की कथित चुप्पी के खिलाफ प्रदर्शन नेताओं के पिंडदान, मुंडन और प्रतीकात्मक शवयात्रा से जताया विरोध यूजीसी अधिनियम, एससी-एसटी अधिनियम और आरक्षण के मुद्दों पर सवर्ण नेताओं की कथित चुप्पी के खिलाफ प्रदर्शन रीवा (अखंड सत्ता) रीवा के विवेकानंद पार्क में सोमवार को विभिन्न सवर्ण संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज युवा मोर्चा के जिला सचिव अनुराग मिश्रा के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में यूजीसी अधिनियम, एससी-एसटी अधिनियम तथा आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर आवाज नहीं उठाने वाले सवर्ण नेताओं के प्रति नाराजगी जताई गई। प्रदर्शन के दौरान नेताओं की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई। इसके साथ ही मुंडन, पिंडदान और प्रतीकात्मक दाह संस्कार किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे उन नेताओं के प्रति सांकेतिक विरोध बताया, जिनके बारे में उनका आरोप है कि वे समाज से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित आवाज नहीं उठा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिन जनप्रतिनिधियों को समाज ने अपने प्रतिनिधित्व के लिए चुना है, यदि वे जनता के मुद्दों को सदन और सरकार तक नहीं पहुंचाते हैं तो उनके प्रति लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं की कथित चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए। विवेकानंद पार्क में कार्यक्रम के बाद प्रदर्शनकारियों ने वहां से बिछिया नदी होते हुए बड़ी पुल तक प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। इस दौरान मुंडन, पिंडदान सहित अन्य सांकेतिक कार्यक्रम किए गए। आरक्षण और यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भी हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। सीधी और गुना में भी प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रतीकात्मक अर्थी, मुंडन और पिंडदान के माध्यम से विरोध दर्ज कराने की खबरें सामने आई हैं। रीवा में हुए प्रदर्शन के आयोजकों ने संकेत दिया कि यदि संबंधित मुद्दों पर नेताओं की ओर से आवाज नहीं उठाई गई तो आगे भी इसी तरह के सांकेतिक विरोध कार्यक्रम किए जा सकते हैं।
- Rewa UGC रोलबैक को लेकर रीवा में अनोखा प्रदर्शन, सवर्ण नेताओं की निकाली प्रतीकात्मक अर्थी Rewa UGC रोलबैक को लेकर रीवा में अनोखा प्रदर्शन, सवर्ण नेताओं की निकाली प्रतीकात्मक अर्थी1
- आज जनपद पंचायत गंगेव की तिवनी, मढ़ी, सहेवा एवं बांस ग्राम पंचायतों में श्रमदान के साथ स्वच्छता अभियान चलाया गया। “हर रविवार श्रमदान, स्वच्छता बने जनअभियान” के संदेश के साथ ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।1
- *सवर्ण समाज के मुद्दों पर आवाज न उठाने वाले नेताओं का होगा पिंडदान, निकलेगी अंतिम यात्रा* रीवा। सवर्ण समाज के मुद्दों को लेकर रीवा में एक अनोखे विरोध कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज युवा मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रदेश सचिव पंडित सतीश चौबे ने कहा है कि सवर्ण समाज के जिन नेताओं ने अब तक समाज से जुड़े मुद्दों पर आवाज नहीं उठाई,उनका प्रतीकात्मक पिंडदान किया जाएगा और अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। सतीश चौबे के अनुसार यूजीसी,एससी-एसटी एक्ट, आरक्षण सहित सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर कई बार आवाज उठाने की जरूरत महसूस हुई,लेकिन समाज के राजनीतिक प्रतिनिधियों की ओर से अपेक्षित स्तर पर आवाज नहीं उठाई गई। इसी के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सवर्ण समाज के लोगों से बड़ी संख्या में विवेकानंद पार्क पहुंचने की अपील की है, जहां से प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और पिंडदान कार्यक्रम किया जाएगा। सतीश चौबे ने कहा कि जिस तरह विभिन्न समाजों के नेता अपने-अपने समाज के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, उसी तरह सवर्ण समाज के नेताओं को भी समाज की समस्याओं और मांगों को राजनीतिक एवं सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सवर्ण समाज के नेताओं को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।1
- में तेज रफ्तार ट्रैक्टर का कहर, टेंपो में मारी जोरदार टक्कर 🚨 झांसी में तेज रफ्तार ट्रैक्टर का कहर, टेंपो में मारी जोरदार टक्कर झांसी से सड़क हादसे का एक हैरान कर देने वाला CCTV वीडियो सामने आया है। वीडियो में तेज रफ्तार ट्रैक्टर सवारी बैठा रहे एक टेंपो में जोरदार टक्कर मारता नजर आ रहा है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेंपो के पास खड़ा एक युवक ट्रैक्टर की चपेट में आने के बाद सड़क पर घसीटता चला गया। हादसे में राज खान नाम के युवक के दोनों पैर टूट गए, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि राज खान पंचर की दुकान चलाता है और पंचर का सामान लेने बाजार जा रहा था। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। हैरानी की बात यह है कि घटना करीब एक सप्ताह पुरानी बताई जा रही है, लेकिन अब हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसने पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर दिया। CCTV फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने टेंपो को टक्कर मारी और देखते ही देखते युवक इसकी चपेट में आ गया। फिलहाल हादसे के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की और ट्रैक्टर चालक के खिलाफ क्या कदम उठाए गए, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है। पत्रकार पंडित विकास1
- *सवर्ण समाज के मुद्दों पर आवाज न उठाने वाले नेताओं का होगा पिंडदान, निकलेगी अंतिम यात्रा* रीवा। सवर्ण समाज के मुद्दों को लेकर रीवा में एक अनोखे विरोध कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज युवा मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रदेश सचिव पंडित सतीश चौबे ने कहा है कि सवर्ण समाज के जिन नेताओं ने अब तक समाज से जुड़े मुद्दों पर आवाज नहीं उठाई,उनका प्रतीकात्मक पिंडदान किया जाएगा और अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। सतीश चौबे के अनुसार यूजीसी,एससी-एसटी एक्ट, आरक्षण सहित सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर कई बार आवाज उठाने की जरूरत महसूस हुई,लेकिन समाज के राजनीतिक प्रतिनिधियों की ओर से अपेक्षित स्तर पर आवाज नहीं उठाई गई। इसी के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सवर्ण समाज के लोगों से बड़ी संख्या में विवेकानंद पार्क पहुंचने की अपील की है, जहां से प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और पिंडदान कार्यक्रम किया जाएगा। सतीश चौबे ने कहा कि जिस तरह विभिन्न समाजों के नेता अपने-अपने समाज के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, उसी तरह सवर्ण समाज के नेताओं को भी समाज की समस्याओं और मांगों को राजनीतिक एवं सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सवर्ण समाज के नेताओं को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।1
- *रीवा में सवर्ण संगठनों का अनोखा विरोध, मौन नेताओं का किया प्रतीकात्मक दाह संस्कार और पिंडदान* *♦️रीवा : समाचार अपडेट* रीवा शहर के विवेकानंद पार्क में आज विरोध का ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी है। विभिन्न सवर्ण संगठनों से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पार्क में एकत्रित हुए और UGC के नए नियमों, SC-ST एक्ट के दुरुपयोग तथा आरक्षण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चुप्पी साधे रहने वाले जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ अनोखे अंदाज में अपना आक्रोश व्यक्त किया।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब लगातार सवर्ण समाज अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दे रहा है, सड़कों पर उतर रहा है, तब भी क्षेत्र के सांसद, विधायक और बड़े नेता संसद और विधानसभा में इस मुद्दे पर आवाज उठाने से बच रहे हैं। इसी मौन के विरोध में उन्होंने व्यंग्यात्मक तरीके से नेताओं को राजनीतिक रूप से मृत मानते हुए उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। कार्यकर्ताओं ने साफ संदेश दिया कि जब नेता जनता की आवाज नहीं सुनेंगे तो जनता भी उन्हें राजनीतिक रूप से स्वर्गवासी मानने में देर नहीं करेगी। *विवेकानंद पार्क से बिछिया नदी तक निकली शवयात्रा, मुंडन कर किया पिंडदान* विरोध प्रदर्शन की शुरुआत विवेकानंद पार्क में सभा के साथ हुई जिसके बाद वहां से बिछिया नदी होते हुए बड़ी पुल तक प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई। शवयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुंडन संस्कार किया, नदी किनारे पिंडदान किया और फिर प्रतीकात्मक दाह संस्कार कर अपना विरोध दर्ज कराया। पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था भंग नहीं हुई और प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।आयोजकों ने कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष या जाति के खिलाफ नहीं बल्कि व्यवस्था की खामोशी के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आने वाले समय में भी जनप्रतिनिधियों ने इन मुद्दों पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी तो यह पिंडदान और सद्बुद्धि यज्ञ जैसे कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। *✍️ उमेश पाठक1
- जिग्नहट नदी में एक महिला के डूबने की खबर। पुलिस बल तैनात। जिग्नहट नदी में एक महिला के डूबने की खबर। पुलिस बल तैनात।1
- छत्तीसगढ़ के उदन्ति सीतानगर टाइगर रिज़र्व (बम्हनी झोला ग्राम) के वन रक्षक टी के देवांगन द्वारा अपने कमेरे से लिया गया ये शॉट। क्या आपने कभी उड़ती हुई गिलहरी देखी है ? *Flying Squirrel* छत्तीसगढ़ के उदन्ति सीतानगर टाइगर रिज़र्व (बम्हनी झोला ग्राम) के वन रक्षक टी के देवांगन द्वारा अपने कमेरे से लिया गया ये शॉट।1