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कोंच के तजपुरा सानी गाँव के किसानों ने ओलावृष्टि मुआवजा वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि लेखपाल द्वारा मुआवजे के वितरण में रिश्वतखोरी और भेदभाव किया जा रहा है। इस संबंध में, पीड़ित किसानों ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
Vivek Dwivedi public news
कोंच के तजपुरा सानी गाँव के किसानों ने ओलावृष्टि मुआवजा वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि लेखपाल द्वारा मुआवजे के वितरण में रिश्वतखोरी और भेदभाव किया जा रहा है। इस संबंध में, पीड़ित किसानों ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जालौन जिले के प्रतापपुरा गांव में प्रशासन ने ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटा दिया। इस दौरान मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहा।1
- जालौन के उरई रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट बनवाने के दौरान यात्रियों के बीच तीखी बहस हो गई। यह विवाद लाइन में आगे-पीछे होने को लेकर शुरू हुआ और कुछ देर तक चलता रहा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में, वहाँ मौजूद लोगों और रेलवे कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। तत्काल टिकट के समय स्टेशन पर भारी भीड़ के कारण यात्रियों को अक्सर काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के मद्देनज़र, यात्रियों ने टिकट व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने की मांग की है।4
- जालौन जिले की ग्राम पंचायत सिरसा दोगड़ी के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में कथित व्यापक वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से इन आरोपों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों के भुगतान एक ही व्यक्ति के खाते में विभिन्न मदों जैसे समाचार-पत्र विज्ञापन, सफाई कार्य, ठेकेदारी, मजदूरी, पुलिया व सड़क निर्माण तथा रंगाई-पुताई के नाम पर किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को कुल लगभग ₹7,16,189/- का भुगतान किया गया है, जो प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता प्रतीत होती है। इसके साथ ही, मनरेगा योजना के तहत संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर जॉब कार्ड जारी कर उन्हें मजदूरी भी दी गई है, जिसे नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत की कूड़ा गाड़ियां और अन्य सरकारी वाहन निजी उपयोग में रखे जा रहे हैं, और हाल ही में प्राप्त सामाजिक कैमरे तथा वाटर कूलर, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया जाना था, कथित तौर पर निजी परिसरों में लगा दिए गए हैं। प्रार्थना पत्र में सूचना का अधिकार अधिनियम, उत्तरप्रदेश पंचायत राज अधिनियम, मनरेगा अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सामान्य वित्तीय नियमों का हवाला देते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से ग्राम पंचायत के पिछले 5 वर्षों के आय-व्यय का ऑडिट, विकास कार्यों व भुगतान अभिलेखों की जांच, मनरेगा जॉब कार्ड व मजदूरी भुगतान की समग्र जांच, सरकारी संपत्ति के निजी उपयोग की जांच और दोषी पाए जाने पर वैधानिक व दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है। प्रार्थीगण ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही की अपेक्षा जताई है।1
- ओडिशा के भुवनेश्वर-कटक मार्ग पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ साइड देने को लेकर हुए विवाद के बाद एक हाइवा ट्रक ने एक कार को लगभग 200 मीटर तक घसीट दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जाँच शुरू कर दी है।1