चैनपुर प्रखंड सभागार में शुक्रवार को प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अरुण यादव की अध्यक्षता में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदारों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जन-कल्याणकारी बनाना था, जहाँ प्रखंड के सभी पीडीएस दुकानदारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर खाद्यान्न वितरण और ई-केवाईसी की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने सभी डीलरों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि गोदाम से राशन का उठाव निर्धारित समय पर किया जाए और उठाव के बाद बिना किसी विलंब के लाभुकों के बीच इसका वितरण हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में ई-केवाईसी की धीमी प्रगति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई, जिसके बाद पदाधिकारी ने अल्टीमेटम दिया कि जिन लाभुकों का ई-केवाईसी अब तक लंबित है, उनका कार्य प्राथमिकता के आधार पर मात्र एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा करते हुए, एनएफएसए के तहत मिलने वाले गेहूं, चावल, नमक, चना दाल और धोती-साड़ी वितरण योजना पर विशेष जोर दिया गया। डीलरों को सख्त हिदायत दी गई कि इन सभी सामग्रियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी डीलर यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को राशन लेने में किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस महत्वपूर्ण बैठक की गंभीरता को दरकिनार कर अनुपस्थित रहने वाले चार जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को शो-कॉज जारी करने का सख्त निर्देश दिया गया है। बैठक में मुख्य रूप से लगवंती देवी, महेंद्र यादव, शेख हसन, मदन राम, मुन्नी देवी और राजेश लकड़ा सहित प्रखंड के सभी जन वितरण प्रणाली के दुकानदार उपस्थित रहे।
चैनपुर प्रखंड सभागार में शुक्रवार को प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अरुण यादव की अध्यक्षता में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदारों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जन-कल्याणकारी बनाना था, जहाँ प्रखंड के सभी पीडीएस दुकानदारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर खाद्यान्न वितरण और ई-केवाईसी की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने सभी डीलरों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि गोदाम से राशन का उठाव निर्धारित समय पर किया जाए और उठाव के बाद बिना किसी विलंब के लाभुकों के बीच इसका वितरण हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में ई-केवाईसी की धीमी प्रगति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई, जिसके बाद पदाधिकारी ने अल्टीमेटम दिया कि जिन लाभुकों का ई-केवाईसी अब तक लंबित है, उनका कार्य प्राथमिकता के आधार पर मात्र एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा करते हुए, एनएफएसए के तहत मिलने वाले गेहूं, चावल, नमक, चना दाल और धोती-साड़ी वितरण योजना पर विशेष जोर दिया गया। डीलरों को सख्त हिदायत दी गई कि इन सभी सामग्रियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी डीलर यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को राशन लेने में किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस महत्वपूर्ण बैठक की गंभीरता को दरकिनार कर अनुपस्थित रहने वाले चार जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को शो-कॉज जारी करने का सख्त निर्देश दिया गया है। बैठक में मुख्य रूप से लगवंती देवी, महेंद्र यादव, शेख हसन, मदन राम, मुन्नी देवी और राजेश लकड़ा सहित प्रखंड के सभी जन वितरण प्रणाली के दुकानदार उपस्थित रहे।
- चैनपुर प्रखंड सभागार में शुक्रवार को प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अरुण यादव की अध्यक्षता में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदारों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जन-कल्याणकारी बनाना था, जहाँ प्रखंड के सभी पीडीएस दुकानदारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर खाद्यान्न वितरण और ई-केवाईसी की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने सभी डीलरों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि गोदाम से राशन का उठाव निर्धारित समय पर किया जाए और उठाव के बाद बिना किसी विलंब के लाभुकों के बीच इसका वितरण हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में ई-केवाईसी की धीमी प्रगति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई, जिसके बाद पदाधिकारी ने अल्टीमेटम दिया कि जिन लाभुकों का ई-केवाईसी अब तक लंबित है, उनका कार्य प्राथमिकता के आधार पर मात्र एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा करते हुए, एनएफएसए के तहत मिलने वाले गेहूं, चावल, नमक, चना दाल और धोती-साड़ी वितरण योजना पर विशेष जोर दिया गया। डीलरों को सख्त हिदायत दी गई कि इन सभी सामग्रियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी डीलर यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को राशन लेने में किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस महत्वपूर्ण बैठक की गंभीरता को दरकिनार कर अनुपस्थित रहने वाले चार जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को शो-कॉज जारी करने का सख्त निर्देश दिया गया है। बैठक में मुख्य रूप से लगवंती देवी, महेंद्र यादव, शेख हसन, मदन राम, मुन्नी देवी और राजेश लकड़ा सहित प्रखंड के सभी जन वितरण प्रणाली के दुकानदार उपस्थित रहे।1
- चैनपुर प्रखंड के प्रेमनगर के पास सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। शुक्रवार शाम सात बजे मिली जानकारी के अनुसार, परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस ने मिलकर यह संयुक्त कार्रवाई की, जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए। इस अभियान के दौरान विशेष रूप से बिना हेलमेट गाड़ी चलाने, शराब पीकर वाहन चलाने और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों की गहनता से जांच की गई। जांच अभियान में कुल सोलह मोटरसाइकिल, तीन ट्रैक्टर और एक पिकअप वैन का चालान काटा गया, जिससे नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं नशे की हालत में गाड़ी चलाने और हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने से लोगों की जान चली जाती है। सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार ने युवाओं और बाइक चालकों से हेलमेट पहनने की अपील करते हुए बताया कि नई सड़कों के कारण वाहनों की गति बढ़ गई है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में सिर पर गंभीर चोट लगने का खतरा अधिक होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शराब पीकर वाहन चलाना कानूनन अपराध है और यह कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकता है, क्योंकि गंभीर सिर की चोट का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव नहीं होता और मरीजों को रांची रेफर करना पड़ता है। इस अभियान में मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की, सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार, थाना प्रभारी अरविंद कुमार और एसआई राजेंद्र मंडल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तथा वाहन जांच कर्मी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के कारण एक 34 वर्षीय युवक सुशील खलखो की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक सुशील खलखो और आरोपी जयलाल एक्का की पत्नी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। एक सामाजिक बैठक के बाद महिला मृतक के साथ रहने लगी थी, जिससे जयलाल एक्का और अन्य आरोपी अत्यंत नाराज थे। इसी नाराजगी के चलते 27 मई की रात जयलाल एक्का (34), जयमन एक्का (36) और एक 17 वर्षीय किशोर ने मिलकर सुशील खलखो के साथ पहले मारपीट की और फिर पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलने के बाद पत्थलगांव पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए पत्थर को भी जब्त कर लिया है। इस मामले में बीएनएस की धारा 103(1) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है, जबकि अन्य दो आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।1
- एक वायरल वीडियो के माध्यम से एक स्कूल के निर्माण या उसकी स्थिति पर गहरी हैरानी जताई गई है। वीडियो में इस बात पर जोर दिया गया है कि 'गरीब के बच्चे पढ़ेंगे, इसीलिए ऐसा बना रहा है', जिससे स्कूल के स्वरूप या गुणवत्ता पर एक प्रश्नचिन्ह लग रहा है और लोग इस पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं।1
- झारखंड के गुमला जिले में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हो गई है। यह घटना जमीन से जुड़े विवाद के परिणामस्वरूप सामने आई है, जिसमें दो अलग-अलग समूह आपस में भिड़ गए।1
- झारखंड के चैनपुर प्रखंड में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और लोगों को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रेमनगर के समीप एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। जांच प्रक्रिया के दौरान बिना हेलमेट पहने बाइक सवारों, 'ड्रिंक एंड ड्राइव' करने वालों, और बिना नंबर प्लेट के चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में कुल 16 मोटरसाइकिल, तीन ट्रैक्टर और एक पिकअप वैन, यानी कुल 20 वाहनों का चालान काटा गया। समाचार लिखे जाने तक वाहन जांच और चालान की यह प्रक्रिया जारी थी।1