नए नियमों को लेकर बोले किसान मंडी में आते ही प्रक्रिया हो रही है पूरी आढ़तियों की हड़ताल का पहले दिन नहीं आया असर नजर 20 हजार क्विंटल से अधिक मंडी पहुंच चुकी है गेहूं उचाना। गेहूं के जो नए नियम बनाए है उसको लेकर अनिश्चित कालीन जो हड़ताल आढ़तियों द्वारा की गई थी उसका असर कम नजर आया। अब तक 272 के आस-पास गेट पास कट चुके थे। 20 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं मंडी लेकर किसान आ चुके थे। कपास मंडी गेट, हाइवे स्थित अतिरिक्त मंडी के गेट पर ताले जो शनिवार को लगाए थे वो नजर आए। जो टैंट अतिरिक्त मंडी गेट के पास लगाया गया था वहां भी दोपहर बाद कोई नजर नहीं आया। किसान संगठनों द्वारा गेहूं के नियमों को लेकर जरूर मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने धरना शुरू किया। किसान नेताओं ने कहा कि अगर नियम नहीं बदले तो वो गेट पास नहीं कटने देंगे। गेहूं की फसल लेकर आने वाले किसानों ने कहा कि जो नियम बनाए गए है उससे शुरूआत में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। सीजन में आगे क्या होगा इसका पता नहीं है। मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा निरंतर खरीद को लेकर जो इंतजाम किए गए है उनका जायजा लेते नजर आए। इनेलो हलकाध्यक्ष बिल्लू पेगां भी अपनी टीम के साथ मंडी का दौरा करने पहुंचे। दुर्जनपुर के किसान जिले सिंह ने कहा कि वो गेहूं की ट्राली लेकर मंडी पहुंच तो कुछ मिनट में ही उसका गेट पास कटने सहित जो नए नियम है उसकी प्रक्रिया पूरी हो गई। किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। वाहन के आगे नंबर लगाते है तो ट्रैक्टर के आगे भी नंबर लगाने के नियम से परेशानी नहीं है। किसान रतना ने कहा कि किसी तरह की परेशानी गेट पास कटने, बायो मेट्रिक सहित अन्य प्रक्रिया से नहीं हुई है। जो नियम गेहूं की खरीद को लेकर बनाए गए है उससे आगे परेशानी होगी या नहीं पता नहीं लेकिन जो गेहंू की ट्राली लेकर आए हमें तो अब कोई परेशानी नजर नहीं आई। किसान बंसी कुचराना, सुखबीर करसिंधु ने कहा कि नए नियमों से परेशानी किसानों की बढ़ी है। फसल के सीजन में ट्रैक्टरों की संख्या बढ़ेगी तो परेशानी बढ़ेगी क्योंकि प्रक्रिया में समय ज्यादा लगेगा। जो अनपढ़ किसान है उसको कागजात का पता ही नहीं है। परिवार में अगर अकेला किसान हो तो वो क्या करेगा। किसान अपनी फसल को उतार कर खेत जल्दी से जल्दी जाना चाहता है। जो नियम है उससे किसानों को परेशानी होगी। मंडी सुपरवाइजर राजबीर ने कहा कि किसान गेहूं लेकर आ रहे है। कुछ ही देर में सभी प्रक्रिया पूरी हो रही है। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। चार प्वाइंट अतिरिक्त मंडी में बनाए गए है तो तीन पुरानी मंडी में है। किसान अपनी फसल को जल्दी से जल्दी बेचना चाहता है ओर किसान की फसल आते ही मंडी में सारी प्रक्रिया पूरी करके उतर रही है। मंडी का दौरा करने पहुंचे हलकाध्यक्ष बिल्लू पेगां ने कहा कि इनेलो द्वारा हर मंडी में किसान कष्ट निवारण केंद्र खोले गए है। इनेलो किसानों के साथ है। इनेलो के दबाव के चलते ही जो सरकार ने 8 से 6 बजे तक गेट पास का नियम बनाया था उसमें बदलाव कर दिन-रात का किया। जो नियम बनाए गए है वो किसानों को परेशान करने वाले है। मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा ने कहा कि जो नए नियम बनाए है उससे किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सारी प्रक्रिया कुछ ही देर में पूरी हो रही है। सीएम नायब सिंह सैनी, विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के प्रयासों से निरंतर किसान हित के लिए कार्य हो रहे है। वो निरंतर मंडी में गेहूं के सीजन में रहेंगे ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी हो तो उसमा समाधान हो।
नए नियमों को लेकर बोले किसान मंडी में आते ही प्रक्रिया हो रही है पूरी आढ़तियों की हड़ताल का पहले दिन नहीं आया असर नजर 20 हजार क्विंटल से अधिक मंडी पहुंच चुकी है गेहूं उचाना। गेहूं के जो नए नियम बनाए है उसको लेकर अनिश्चित कालीन जो हड़ताल आढ़तियों द्वारा की गई थी उसका असर कम नजर आया। अब तक 272 के आस-पास गेट पास कट चुके थे। 20 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं मंडी लेकर किसान आ चुके थे। कपास मंडी गेट, हाइवे स्थित अतिरिक्त मंडी के गेट पर ताले जो शनिवार को लगाए थे वो नजर आए। जो टैंट अतिरिक्त मंडी गेट के पास लगाया गया था वहां भी दोपहर बाद कोई नजर नहीं आया। किसान संगठनों द्वारा गेहूं के नियमों को लेकर जरूर मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने धरना शुरू किया। किसान नेताओं ने कहा कि अगर नियम नहीं बदले तो वो गेट पास नहीं कटने देंगे। गेहूं की फसल लेकर आने वाले किसानों ने कहा कि जो नियम बनाए गए है उससे शुरूआत में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। सीजन में आगे क्या होगा इसका पता नहीं है। मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा निरंतर खरीद को लेकर जो इंतजाम किए गए है उनका जायजा लेते नजर आए। इनेलो हलकाध्यक्ष बिल्लू पेगां भी अपनी टीम के साथ मंडी का दौरा करने पहुंचे। दुर्जनपुर के किसान जिले सिंह ने कहा कि वो गेहूं की ट्राली लेकर मंडी पहुंच तो कुछ मिनट में ही उसका गेट पास कटने सहित जो नए नियम है उसकी प्रक्रिया पूरी हो गई। किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। वाहन के आगे नंबर लगाते है तो ट्रैक्टर के आगे भी नंबर लगाने के नियम से परेशानी नहीं है। किसान रतना ने कहा कि किसी तरह की परेशानी गेट पास कटने, बायो मेट्रिक सहित अन्य प्रक्रिया से नहीं हुई है। जो नियम गेहूं की खरीद को लेकर बनाए गए है उससे आगे परेशानी होगी या नहीं पता नहीं लेकिन जो गेहंू की ट्राली लेकर आए हमें तो अब कोई परेशानी नजर नहीं आई। किसान बंसी कुचराना, सुखबीर करसिंधु ने कहा कि नए नियमों से परेशानी किसानों की बढ़ी है। फसल के सीजन में ट्रैक्टरों की संख्या बढ़ेगी तो परेशानी बढ़ेगी क्योंकि प्रक्रिया में समय ज्यादा लगेगा। जो अनपढ़ किसान है उसको कागजात का पता ही नहीं है। परिवार में अगर अकेला किसान हो तो वो क्या करेगा। किसान अपनी फसल को उतार कर खेत जल्दी से जल्दी जाना चाहता है। जो नियम है उससे किसानों को परेशानी होगी। मंडी सुपरवाइजर राजबीर ने कहा कि किसान गेहूं लेकर आ रहे है। कुछ ही देर में सभी प्रक्रिया पूरी हो रही है। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। चार प्वाइंट अतिरिक्त मंडी में बनाए गए है तो तीन पुरानी मंडी में है। किसान अपनी फसल को जल्दी से जल्दी बेचना चाहता है ओर किसान की फसल आते ही मंडी में सारी प्रक्रिया पूरी करके उतर रही है। मंडी का दौरा करने पहुंचे हलकाध्यक्ष बिल्लू पेगां ने कहा कि इनेलो द्वारा हर मंडी में किसान कष्ट निवारण केंद्र खोले गए है। इनेलो किसानों के साथ है। इनेलो के दबाव के चलते ही जो सरकार ने 8 से 6 बजे तक गेट पास का नियम बनाया था उसमें बदलाव कर दिन-रात का किया। जो नियम बनाए गए है वो किसानों को परेशान करने वाले है। मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा ने कहा कि जो नए नियम बनाए है उससे किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सारी प्रक्रिया कुछ ही देर में पूरी हो रही है। सीएम नायब सिंह सैनी, विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के प्रयासों से निरंतर किसान हित के लिए कार्य हो रहे है। वो निरंतर मंडी में गेहूं के सीजन में रहेंगे ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी हो तो उसमा समाधान हो।
- उचाना। गेहूं के जो नए नियम बनाए है उसको लेकर अनिश्चित कालीन जो हड़ताल आढ़तियों द्वारा की गई थी उसका असर कम नजर आया। अब तक 272 के आस-पास गेट पास कट चुके थे। 20 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं मंडी लेकर किसान आ चुके थे। कपास मंडी गेट, हाइवे स्थित अतिरिक्त मंडी के गेट पर ताले जो शनिवार को लगाए थे वो नजर आए। जो टैंट अतिरिक्त मंडी गेट के पास लगाया गया था वहां भी दोपहर बाद कोई नजर नहीं आया। किसान संगठनों द्वारा गेहूं के नियमों को लेकर जरूर मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने धरना शुरू किया। किसान नेताओं ने कहा कि अगर नियम नहीं बदले तो वो गेट पास नहीं कटने देंगे। गेहूं की फसल लेकर आने वाले किसानों ने कहा कि जो नियम बनाए गए है उससे शुरूआत में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। सीजन में आगे क्या होगा इसका पता नहीं है। मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा निरंतर खरीद को लेकर जो इंतजाम किए गए है उनका जायजा लेते नजर आए। इनेलो हलकाध्यक्ष बिल्लू पेगां भी अपनी टीम के साथ मंडी का दौरा करने पहुंचे। दुर्जनपुर के किसान जिले सिंह ने कहा कि वो गेहूं की ट्राली लेकर मंडी पहुंच तो कुछ मिनट में ही उसका गेट पास कटने सहित जो नए नियम है उसकी प्रक्रिया पूरी हो गई। किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। वाहन के आगे नंबर लगाते है तो ट्रैक्टर के आगे भी नंबर लगाने के नियम से परेशानी नहीं है। किसान रतना ने कहा कि किसी तरह की परेशानी गेट पास कटने, बायो मेट्रिक सहित अन्य प्रक्रिया से नहीं हुई है। जो नियम गेहूं की खरीद को लेकर बनाए गए है उससे आगे परेशानी होगी या नहीं पता नहीं लेकिन जो गेहंू की ट्राली लेकर आए हमें तो अब कोई परेशानी नजर नहीं आई। किसान बंसी कुचराना, सुखबीर करसिंधु ने कहा कि नए नियमों से परेशानी किसानों की बढ़ी है। फसल के सीजन में ट्रैक्टरों की संख्या बढ़ेगी तो परेशानी बढ़ेगी क्योंकि प्रक्रिया में समय ज्यादा लगेगा। जो अनपढ़ किसान है उसको कागजात का पता ही नहीं है। परिवार में अगर अकेला किसान हो तो वो क्या करेगा। किसान अपनी फसल को उतार कर खेत जल्दी से जल्दी जाना चाहता है। जो नियम है उससे किसानों को परेशानी होगी। मंडी सुपरवाइजर राजबीर ने कहा कि किसान गेहूं लेकर आ रहे है। कुछ ही देर में सभी प्रक्रिया पूरी हो रही है। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। चार प्वाइंट अतिरिक्त मंडी में बनाए गए है तो तीन पुरानी मंडी में है। किसान अपनी फसल को जल्दी से जल्दी बेचना चाहता है ओर किसान की फसल आते ही मंडी में सारी प्रक्रिया पूरी करके उतर रही है। मंडी का दौरा करने पहुंचे हलकाध्यक्ष बिल्लू पेगां ने कहा कि इनेलो द्वारा हर मंडी में किसान कष्ट निवारण केंद्र खोले गए है। इनेलो किसानों के साथ है। इनेलो के दबाव के चलते ही जो सरकार ने 8 से 6 बजे तक गेट पास का नियम बनाया था उसमें बदलाव कर दिन-रात का किया। जो नियम बनाए गए है वो किसानों को परेशान करने वाले है। मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा ने कहा कि जो नए नियम बनाए है उससे किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सारी प्रक्रिया कुछ ही देर में पूरी हो रही है। सीएम नायब सिंह सैनी, विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के प्रयासों से निरंतर किसान हित के लिए कार्य हो रहे है। वो निरंतर मंडी में गेहूं के सीजन में रहेंगे ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी हो तो उसमा समाधान हो।1
- cal Shyam 9:57 Se lekar 10:00 baje ke bich mein ola barsat Hui Aandhi ke sath कल रात 9:30 बजे खराब गांव में आंधी और भारी बरसात के साथ ओला बारिश भी हूं1
- bahut mehnat karke video Banakar like follow karna1
- पूर्व चेयरमैन Randhir Singh व सरपंच पवन बाड़ों पट्टी पहुंचे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Mohan Lal Badoli का हुआ जोरदार स्वागत Munish Goyal Barwala Parveen Saini Khera Barwala Ranbir Singh Gangwa Bharatiya Janata Party (BJP)1
- Post by Sanjeev Singla1
- जुलाना क्षेत्र के ब्राह्मणवास गांव के पास रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब अचानक एक इलेक्ट्रिक कार में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी कार आग की लपटों में घिर गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि चालक बाहर बैठा था जिससे उसकी जान बच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मदीना गांव निवासी जितेंद्र किसी निजी कार्य से ब्राह्मणवास गांव स्थित दुर्गा नर्सरी के पास आया हुआ था। इसी दौरान वहां मौजूद राहगीरों ने उसे सूचना दी कि उसकी कार से धुआं निकल रहा है। जब वह तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को समझने की कोशिश की, तभी अचानक कार में तेज आग भड़क उठी। आग लगने की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।1
- ये महिला शसक्तीकरण कहा हो रहा है....??? बताया जा रहा है दोनो अपने प्रेमी से मिलने गई थी घर वालो ने पकड़1
- गेहूं खरीद को लेकर बेशक सीएम नायब सिंह सैनी ने नियमों में बदलाव कर 24 घंटे मंडी खुली रहने के आदेश दिए हो लेकिन किसानों, आढ़तियों को जो नए नियम बने है उसको लेकर गुस्सा कम नहीं हो रहा है। कपास मंडी में आढ़ती एकत्रित हुए। यहां पर जो नए नियम गेहूं की खरीद को लेकर बनाए गए है उस पर विरोध प्रकट करते हुए रोष जाहिर किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर नए नियमों को तुरंत प्रभाव से रदद करने की मांग की गई। पूर्व मंडी प्रधान बलराज श्योकंद ने कहा कि सरकार जो गेहूं खरीद को लेकर कानून लेकर आई है उससे गेहूं उन कानूनों पर बिक नहीं सकती है। छह महीने की फसल जब किसान एक सप्ताह में बेचता है तो ये बिक नहीं सकता। किसान बार-बार मंडी आ सकता। किसान ट्रैक्टर-ट्राली को खेत से भेज देता है। ट्रैक्टर वाला गेट पास कटवा कर आढ़ती को दे देता है। साइट बंद हो गई तो काफी समय लग जाएगा। हर चक्कर में किसान को आना होगा। पहले किसान का ट्रैक्टर नंबर, फोटो चाहिए। उसके बाद में फिर गेहूं उतरने के बाद अंगूठा बायो मेट्रिक मशीन पर लगेगा। जब गेहूं का सीजन शुरू होगा तो एक नहीं बल्कि हजारों ट्राली गेहूं की आएगी। किसान खेत में गेहूं कटने के बाद तूड़ा बनाने लग जाता है किसान के पास सीजन में समय नहीं होता। पहले जो नियम था वो सही था किसान भी अपनी गेहंू बेच कर आराम से चला जाता था। नए नियम से जाम लग जाएगा जिससे हाइवे सहित सभी मार्ग बंद हो जाएंगे। सरकार गेट पर खड़ी होकर देखे तो पता चल जाएगा जो नियम बनाया है वो सही है गलत है ये पता चल जाएगा। मंडी प्रधान विकास पंघाल ने कहा कि सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया है जो गेहूं की खरीद को लेकर जो नया नियम सरकार लेकर आई है उसको लेकर किसानों, आढ़तियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। गेट पास कटते समय किसान का साथ होना जरूरी है जिसकी फसल है चार-चार घंटे में एक-एक गेट पास कट रहा है। नंबर प्लेट जरूरी कर दी। इस हिसाब से तो छह महीने तक गेहूं का सीजन चलेगा। एक गेट पास दो घंटे में कट रहा है। साइट नहीं चलती नेट बंद रहता है। 20 लाख गेहूं के बैग मंडी में आएंगे जिससे सीजन 6 महीने चलेगा।1