भीलवाड़ा में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लिपिक ग्रेड-द्वितीय एवं कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। जिले के कुल 41 परीक्षा केंद्रों पर 12,720 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षार्थियों को बोर्ड के निर्देशानुसार तीन स्तरीय जांच प्रक्रिया के बाद ही प्रवेश दिया गया, जिसके कारण सुबह से ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। परीक्षा के लिए जिले में 21 राजकीय और 20 निजी सहित कुल 41 केंद्र बनाए गए हैं। पहली पारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित की गई, जबकि दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। राजकीय केंद्रों पर 6,168 और निजी केंद्रों पर 6,552 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। अभ्यर्थियों के लिए सुबह 7:30 बजे से ही प्रवेश शुरू कर दिया गया था। परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों को ई-प्रवेश पत्र, फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र, नवीनतम रंगीन फोटो और नीले रंग का पारदर्शी पेन साथ लाना अनिवार्य था। राजेंद्र मार्ग विद्यालय के केंद्राधीक्षक राजेंद्र सिंह गहलोत ने सुबह 9 बजे जानकारी देते हुए बताया कि उनके केंद्र पर 552 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तीन लेयर की सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है तथा परीक्षा का संचालन पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार हो रहा है।
भीलवाड़ा में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लिपिक ग्रेड-द्वितीय एवं कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। जिले के कुल 41 परीक्षा केंद्रों पर 12,720 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षार्थियों को बोर्ड के निर्देशानुसार तीन स्तरीय जांच प्रक्रिया के बाद ही प्रवेश दिया गया, जिसके कारण सुबह से ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। परीक्षा के लिए जिले में 21 राजकीय और 20 निजी सहित कुल 41 केंद्र बनाए गए हैं। पहली पारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित की गई, जबकि दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। राजकीय केंद्रों पर 6,168 और निजी केंद्रों पर 6,552 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। अभ्यर्थियों के लिए सुबह 7:30 बजे से ही प्रवेश शुरू कर दिया गया था। परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों को ई-प्रवेश पत्र, फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र, नवीनतम रंगीन फोटो और नीले रंग का पारदर्शी पेन साथ लाना अनिवार्य था। राजेंद्र मार्ग विद्यालय के केंद्राधीक्षक राजेंद्र सिंह गहलोत ने सुबह 9 बजे जानकारी देते हुए बताया कि उनके केंद्र पर 552 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तीन लेयर की सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है तथा परीक्षा का संचालन पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार हो रहा है।
- भीलवाड़ा शहर की सुभाष नगर थाना पुलिस को 28 साल पुराने मारपीट के एक मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए, 28 साल से फरार स्थायी वारंटी रईस मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में आरोपी से पूछताछ जारी है, जिससे और भी कई खुलासे होने की संभावना है। थानाधिकारी कैलाश चंद्र बिश्नोई ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने स्थायी वारंटी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष निर्देश दिए थे। इसी के तहत, सुभाषनगर थाने के प्रकरण में न्यायालय जेएम सं. 01 भीलवाड़ा के रे.फौ. सरकार बनाम रईस मामले में फरार रईस की शीघ्र धरपकड़ के लिए थानाधिकारी सुभाषनगर भीलवाड़ा के निर्देशन में एक टीम ने अथक प्रयास किए और उसे गिरफ्तार किया।1
- भीलवाड़ा शहर के रमा विहार सामुदायिक भवन के पास रविवार सुबह पेयजल पाइपलाइन फटने से सड़क पर बड़ी मात्रा में पानी बह गया। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण लंबे समय तक पानी व्यर्थ बहता रहा, जिससे सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, पाइपलाइन फटने के बाद काफी देर तक पानी लगातार बहता रहा, जिसके परिणामस्वरूप हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ बह गया। सड़क पर फैले पानी के कारण दोपहिया वाहन चालकों को भी आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों ने जलदाय विभाग से जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कर पानी की बर्बादी रोकने तथा इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मरम्मत नहीं की गई, तो क्षेत्र की जलापूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।1
- राजसमंद जिले के जोर गांव निवासी 40 वर्षीय गंगाराम खारोल पिछले 13 वर्षों से अंधेरे और संघर्ष भरी जिंदगी जी रहे हैं। आंखों की रोशनी जाने के बाद उन्होंने कई बड़े नेत्र चिकित्सालयों में इलाज और ऑपरेशन करवाए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी दृष्टि वापस नहीं लौट सकी। इस मुश्किल घड़ी में कुदरत ने उनकी और परीक्षा ली। कोरोना काल में गंगाराम के बड़े भाई का निधन हो गया, और परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि करीब तीन वर्ष पहले उनके छोटे भाई की भी मौत हो गई। इसके लगभग एक वर्ष पूर्व उनके पिता घाशीराम खारोल का भी निधन हो गया, जिससे लगातार तीन पारिवारिक मौतों ने पूरे परिवार की कमर तोड़ दी है। आज गंगाराम के घर में केवल उनकी बुजुर्ग मां, दोनों दिवंगत भाइयों के परिवार और उनकी पत्नी हैं। स्वयं दृष्टिबाधित होने के कारण परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है। आर्थिक तंगी के चलते यह परिवार आज भी एक कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। गंगाराम का कहना है कि उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, और वे अपनी पत्नी के लिए भी विकलांग पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है। ऐसे में गंगाराम और उनका परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि सरकार और प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेंगे और उन्हें सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराएंगे। इस संबंध में, ग्राम विकास अधिकारी देवीलाल पोसवाल ने बताया है कि पीड़ित परिवार को पात्रता के अनुसार सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। 13 वर्षों से अंधेरे में जी रहे गंगाराम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती केवल अपनी जिंदगी जीना नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सहारा बनना है, और यह परिवार आज भी सरकारी मदद की उम्मीद लगाए हुए है।2
- मांडल विधानसभा क्षेत्र की करेड़ा तहसील में स्थित बेमाली ग्रिड की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। बताया गया है कि पूरे गर्मी के मौसम में भी ग्रिड का यही हाल रहा, जिसमें कोई सुधार नहीं हुआ। अब बारिश के मौसम में भी यह समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को बिना बिजली के अंधेरे में रहना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते क्षेत्र के लोग जीव-जंतुओं से भी परेशान हैं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में दिनभर की प्रमुख खबरों में राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में अंशिका धाकड़ द्वारा 5 स्वर्ण पदक जीतना शामिल रहा। इसी क्रम में, सीए शगुन आगाल को सम्मानित किया गया और राष्ट्रीय युवा संसद में ऋषभ चतुर्वेदी ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति दी। जिले के आंवलहेड़ा में खेड़ादेव पूजा का आयोजन किया गया, जबकि इनर व्हील क्लब ने गौ-सेवा का कार्य किया। राजनीतिक मोर्चे पर, कांग्रेस एससी विभाग ने बूथ स्तर की बैठकों की तैयारी शुरू की। वहीं, चौपाटी मार्केट से जुड़ा विवाद गरमा गया। अग्निवीर नीरज मीना का भव्य सम्मान किया गया और निंबाहेड़ा में लगातार स्नेक रेस्क्यू अभियान जारी रहा। यह चित्तौड़गढ़ जिले की दिनभर की सभी बड़ी खबरें रहीं।1
- शनिवार रात भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मेनाल झरने में एक दर्दनाक घटना सामने आई। पुरातत्व विभाग के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी, बाबूलाल, ने कथित तौर पर लगभग 150 फीट गहरे झरने में छलांग लगा दी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बेंगू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत एक रेस्क्यू अभियान चलाया गया और काफी मशक्कत के बाद शव को झरने से बाहर निकाला जा सका। इसके उपरांत, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाबूलाल घर में हुई मामूली कहासुनी के बाद घर से निकल गए थे। इसी के कुछ समय बाद उनके मेनाल झरने में कूदने की जानकारी मिली। हालांकि, इस घटना के वास्तविक कारणों का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और मृतक के परिजनों समेत अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है।1
- नेशनल हाईवे 758 पर विनायक विद्यापीठ के पास रविवार दोपहर करीब 1 बजे एक चलती कार में अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि कार पूरी तरह जलकर राख हो गई। अच्छी बात यह रही कि कार के इंजन से धुआं उठते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत गाड़ी रोककर बाहर कूद गया, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। प्रारंभिक जांच में कार के भीतर शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा की ओर से आ रही यह कार जैसे ही विनायक विद्यापीठ के पास पहुँची, तभी अचानक उसके इंजन से तेज धुआं निकलने लगा। चालक ने समय रहते गाड़ी को सड़क किनारे रोका और तुरंत बाहर निकल आया। उसके बाहर आते ही कुछ ही सेकंड में कार ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों से घिर गया। हाईवे पर धू-धू कर जलती कार को देख वहाँ से गुजर रहे राहगीरों और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।1